एचआईवी को लंबे समय तक नियंत्रित करने की दवा विकसित


वािंशगटन। वैज्ञानिकों ने एक नई दवा विकसित कर एचआईवी (एड्स) को लंबे समय तक नियंत्रित करने का उपाय ढूंढ लिया है। बता दें सिर्पâ एक एंटीबॉडी डोज के जरिए मरीज की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा ली जाएगी। इस नए इलाज के जरिए जहां एचआईवी संक्रमण से किसी मरीज की मौत निाqश्चत मान ली जाती थी, अब ऐसे मरीज इस बीमारी के रहते हुए भी दशकों तक जी सकते हैं। यह एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी के तहत दवाओं के एक समूह के जरिए ह्यूमन एमिनोडिफिशियंसी वायरस (एचआईवी) के वायरस के संख्या में बढ़ने की गति को धीमा कर देता है। इस दवा से संक्रमण का इलाज बदल गया है। अब इस जानलेवा मानी जाने वाली बीमारी के रहते भी मरीजों की लंबी आयु हो सकेगी। हालांकि इस इलाज का साइड अपेâक्ट भी है। इस इलाज से किडनी की समस्या, हड्डियों का क्षीण होना और तीव्र गैस की पीड़ा हो सकती है। अमेरिका के राकेटपेâलर यूनिर्विसटी और जर्मनी की कोलोन यूनिर्विसटी में अनुसंधानकर्ता एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी का प्रथम चरण का क्लीनिकल ट्रायल कर रहे हैं। रॉकपेâलर यूनिर्विसटी के टिल स्वूâफ्स ने बताया कि शोध में पक्के प्रमाण मिले हैं कि एक एंटीबॉडी डोज से मरीज की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है। मरीज का शरीर वायरस के खिलाफ नई और बेहतर एंडीबाडीज बनाने में सक्षम हो जाता है।