आपकी आत्मा को छू लेगा अधूरे अधूरे : शक्ति अरोड़ा


छोटे पर्दे का जाना-माना नाम शक्ति अरोड़ा और जानी-मानी मॉडल चांदनी शर्मा नज़र आएंगी।
Photo/EMS

इन्दौर/मुम्बई । जल्द रिलीज़‌ किए जानेवाले बेहद सुरीले गाने अधूरे अधूरे की शूटिंग आज मुम्बई के मालाड स्थित अथर्व कॉलेज में की गयी। इस बेहद अलग तरह के गाने में छोटे पर्दे का जाना-माना नाम शक्ति अरोड़ा और जानी-मानी मॉडल चांदनी शर्मा नज़र आएंगी। इस वीडियो को डायरेक्ट किया है अभिनेता से निर्देशक बने अस्लम खान ने जो नई पड़ोसन, वेलकम बैक, कांटें जैसे कई फ़िल्मों में अपने अभिनय का जलवा दिखा चुके हैं। इस गाने को गाया है संगीतकार श्री. डी. ने, जिन्होने इस गाने की रचना भी की है। ये एक प्रेमी जोडे की कहानी है जो लिविंग रिलेशनशिप में रहता है, मगर अपने-अपने अहंभाव के चलते दोनों एक-दूसरे से अलग हो जाते हैं। दोनों को जल्द ही इस बात का एहसास हो जाता है कि उनका अधुरापन उनको पुरा करता हैं।

निर्देशक अस्लम खान कहते हैं, “अगर आप इस म्यूज़िक वीडियो को देखेंगे तो आपको पता चलेगा कि ये एक फ़िल्म की तरह है, चार मिनट लम्बी फ़िल्म। इसमें एक शुरुआत है, एक मध्यबिंदू है और एक मुकम्मल अंत है, जिसमें एक अधूरेपन‌ का एहसास भी है। इसमें एक उम्दा कहानी है, मगर एक अधूरे अंत के साथ।” शक्ति अरोड़ा और चांदनी शर्मा के साथ काम करने के अपने अनुभवों को साझा करते हुए अस्लम खान ने कहा कि दोनों ने वीडियो में बेहतरीन काम किया है। अस्लम खान ने कहा, “इस गाने में शक्ति अरोड़ा और चांदनी शर्मा जैसे कलाकारों की ही ज़रूरत थी। दोनों ने वीडियो में उम्दा अभिनय किया है। मेरे लिए दोनों के साथ काम करना एक बढ़िया अनुभव रहा।”

‘मेरी आशिक़ी तुमसे ही’ और ‘सिलसिला बदलते रिश्तों’ का जैसे धारावाहिक में काम कर घर घर अपनी पहचान बना चुके शक्ति अरोड़ा ने कहा कि पहले उन्हें लगा था कि ये किसी भी अन्य गाने की तरह एक आम गाना होगा। उन्होंने कहा, “जब मैंने इस गाने को बार बार, लगातार सुना तो मुझे इस बात का एहसास हुआ कि इस गाने की बात ही कुछ और है और ये सीधे दिल को छूता है। ये एक सूफ़ी किस्म का, फ़ील गुड और लॉन्ग ड्राइव में सुना जानेवाला गाना है।” चांदनी शर्मा भी शक्ति अरोड़ा से इत्तेफ़ाक रखते हुए कहती हैं, “ये आत्मा को छूनेवाला गाना है! इसे सुनने‌ के बाद आप इससे ख़ुद को बेहद जुड़ा हुआ पाएंगे। इस गाने में एक किस्म की मासूमियत है, मगर ये गाना बचकाना किस्म का नहीं है।”

अधूरे अधूरे के ज़रिए अस्लम खान ने 25वीं बार निर्देशन के क्षेत्र में कदम रखा है। जब उनसे पूछा गया कि कैमरे के पीछे और आगे काम करने में उन्हें क्या फ़र्क महसूस हुआ तो उन्होंने कहा, “दोनों तरह से काम करने का अपना ही मज़ा है, मगर दोनों में ख़ासा फ़र्क है। ये मैंने इसलिए महसूस किया क्योंकि अब मैं कैमरे के पीछे काम कर रहा हूं। मैं एक अभिनेता भी रह चुका हूं और इसलिए मुझे पता है एक निर्देशक को कौन-सी छोटी बातों का ख़्याल रखना चाहिए।”

आख़िर में अस्लम खान ने कहा, ” एक कहावत है कि ‘अंत भला तो सब भला’। मुझे इस बात की ख़ुशी है मैं जिस तरह का गाना चाहता था, ये गाना ठीक उसी तरह का एक बेहतरीन गाना बना है।

– ईएमएस