प्रतिभा के बल पर ही लंबे समय तक टिक सकते हैं : कास्टिंग निर्देशक


मुंबई| कास्टिंग निर्देशक दिनेश सुदर्शन सोई ने कहा कि भले ही शोबिज की दुनिया में कई बॉलीवुड सेलेब्रेटी के बच्चे कदम रखने जा रहे हैं, लेकिन लंबे समय तक चलने के लिए सबसे पहले प्रतिभा का होना जरूरी है।

यह पूछे जाने पर कि एक कास्टिंग निर्देशक होने के नाते वह किसे तरजीह देते हैं- अभनेता/अभिनेत्री के बच्चों को या सिर्फ प्रतिभा को।

उन्होंने कहा,

दोनों, दर्शक स्टार के बच्चों का स्वागत करते हैं क्योंकि वह देखना चाहते हैं कि उनके फेवरेट स्टार के बच्चे कैमरा के सामने कैसा परफार्म करते हैं। इसलिए निर्माता इससे दर्शकों के साथ कनेक्ट करते हैं और फिल्मी माहौल में पले-बढे और इंडस्ट्री की कार्यविधि से वाकिफ बच्चों से उन्हें लाभ मिलता है।”

सोई ने ईमेल साक्षात्कार में आईएएनएस से कहा, “लेकिन आज की तारीख में, मैं हमेशा सच्ची प्रतिभा के पक्ष में रहता हूं, चाहे वह अभिनेता/अभिनेत्री के बच्चे हों या इंडस्ट्री से संबंध नहीं रखने वाले कोई अभिनेता, क्योंकि यह प्रतिभा ही है जो लंबे समय तक दर्शकों को उनसे जोड़ कर रखेगा।”

उन्होंने कहा, “मैंने अपने स्कूली दिनों से ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेना शुरू कर दिया था। जब मैं 2002 में स्नातक में था, मैंने कलाकारों का अच्छा सर्किल विकसित कर लिया था, जिन्हें मैं विभिन्न परियोजनाओं के लिए विभिन्न निर्देशकों के पास भेजता था। मुझे हमेशा योग्य कलाकारों को काम दिलाकर बहुत संतुष्टि होती है।”

उन्होंने कहा, “और शूट के बाद निर्देशक/निर्माता मेरे कास्टिंग को जब सराहते हैं तब मुझे बहुत खुशी होती है।”

उन्होंने कहा कि पहले कास्टिंग डायरेक्टर को उतना महत्व नहीं मिलता था जितना आज मिलने लगा है और उसकी वजह यह है कि अगर आप सही कास्टिंग कर लेते हैं तो इसका मतलब यह हुआ कि आधी लड़ाई जीत ली।

अभी हाल ही में उन्होंने छोटे शहर पर केंद्रित फिल्म ‘ फैमिली आफ ठाकुरगंज’ की कास्टिंग की है। इसमें कुल 116 कलाकार हैं जिसमें केवल 14 को मुंबई से कास्ट किया गया है। बाकी कलाकारों का चयन उत्तर प्रदेश से किया गया है।

–आईएएनएस