मंदिर की परंपराओं हस्तक्षेप उचित नहीं : रजनीकांत


सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर जारी विवाद पर सुपरस्टार रजनीकांत ने कहा है कि लंबे समय से चली अा रही परंपराओं में ‘हस्तक्षेप' नहीं होना चाहिए।

नई दिल्ली (ईएमएस)। सबरीमाला में भगवान अयप्पा मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर जारी विवाद पर मशहूर अभिनेता रजनीकांत ने कहा है कि लंबे समय से पालन की जा रही मंदिर की परंपराओं में‘हस्तक्षेप’ नहीं होना चाहिए।

सबरीमाला मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश की अनुमति देने वाले सुप्रीम कोर्ट के आदेश और उसके बाद से जारी प्रदर्शनों पर उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में महिलाओं की बराबरी को लेकर कोई दूसरा मत नहीं है।

रजनीकांत ने कहा, ‘जब आप किसी मंदिर के बारे में बात करते हैं तो प्रत्येक मंदिर के कुछ रीति-रिवाज एवं परंपराएं होती हैं जिनका लंबे समय से पालन हो रहा है। मेरी विनम्र राय यह है कि किसी को भी उसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत के फैसले का सम्मान होना चाहिए हालांकि इस ओर भी इशारा किया कि बात जब धर्म एवं संबंधित रिति-रिवाजों की हो तो एहतियात बरतना चाहिए।