फैशन की दिवानी दिया 


शादी के बाद वह फिर से अपने कार्यों में सक्रिय हो गयी हैं। बतौर निर्माता उनकी पिछली फिल्म `बॉबी जासूस’ कुछ खास नहीं चली थी, लेकिन अब पिछली बातों को भुला कर दीया मिर्जा अपने प्रोडक्शन की अगली फिल्म पर ध्यान कोqन्द्रत कर रही हैं। असल में वह फिल्म निर्माण में अपनी उपाqस्थति को बराबर बनाये रखना चाहती हैं। इसके लिए नए-नए निर्देशकों और लेखकों से भी मिल रही हैं दीया लाख अपने काम-काज में व्यस्त रहें, लेकिन अपने स्टाइल और जीवनशैली पर उसका कोई असर नहीं आने देतीं। इस ग्लैमरस फिल्म इंडस्ट्री में भी उनके स्टाइल में एक सादगी और सहजता साफ झलकती है, जिसकी गरिमा को उन्होंने बरसों से बनाए रखा है।
कई सौंदर्य प्रतियोगिताओं में अव्वल रहीं दीया मिर्जा का मॉडिंलग से गहरा नाता रहा है, इसलिए किसी भी परिधान की डिजाइिंनग और स्टाइल उनकी प्राथमिकता रहे हैं। यह भी एक वजह है कि वह खुद पोशावेंâ डिजाइन करने में विश्वास रखती हैं। उनके द्वारा डिजाइन की गयी ड्रेसेज से उनके वॉर्डरोब भरे पड़े हैं। इसके अलावा रितु कुमार, गौरी-नयनिका, शांतनु-निखिल, तरुण तहिलियानी, रोहित बल आदि उनके पसंदीदा पैâशन डिजाइनर हैं। दीया को भारतीय डिजाइनर्स के परिधान ज्यादा भाते हैं। चूंकि उनकी मां बंगाली हैं, इसलिए साड़ी के प्रति उनका एक खास लगाव रहा है। अपनी शादी के लिए उन्होंने दो साडियां खुद डिजाइन की थीं। इस बारे में वह बड़े उत्साह से बताती हैं, `अपनी शादी के लिए साड़ी डिजाइन करते समय मैं थोड़ी इमोशनल हो रही थी। पता नहीं लोग ऐसा करते हैं या नहीं, पर मैं पहली बार ऐसा कर रही थी। लाख चाहने पर भी मैं वेस्टर्न ड्रेसेज के प्रति खास आर्किषत नहीं हो पाती, इसलिए मेरे डिजाइंस में आपको वेस्टर्न स्टाइल की झलक न के बराबर दिखाई देगी।’ लेकिन दीया की पर्सनेलिटी का एक दूसरा पहलू ये भी है कि वह वेस्टर्न ड्रेसेज को भी काफी अच्छे से वैâरी कर लेती हैं। पैâशन के साथ-साथ वह मेकअप आदि पर भी पूरा ध्यान देती हैं। दीया के मुताबिक मेकअप उतना ही करना चाहिए, जो आपके सहज सौंदर्य को प्रभावित न करे। इसके साथ मेल खाते हुए कपड़ों और ज्वेलरी का भी खास ध्यान रखना चाहिए। वह आगे बताती हैं, `मुझे अनारकली ड्रेसेज बहुत पसंद हैं, पर मैंने उन्हें भी अपने स्टाइल से एक अलग टच दिया है। और ऐसा टच मैं अपनी हर ड्रेस को देती हूं, ताकि उसे वैâरी करने में मुझे कोई परेशानी न हो। मेरी वैâजुअल ड्रेसेज तो और भी ज्यादा िंसपल और सहज होती हैं।’