पाकिस्तान में ़िफल्म बैन होने का दुख है : सोनम कपूर


सोनम कपूर की हालिया रिलीज ़िफल्म ‘नीरजा’ की चर्चा हर तऱफ हो रही है और इस ़िफल्म में उनके अभिनय को भी का़फी सराहा जा रहा है। सोनम के आलोचक भी इस बार उनकी अभिनय क्षमता का लोहा मान रहे हैं और इस रोल को उनका अब तक का सबसे अच्छा रोल माना जा रहा है। नीरजा ़िफल्म की सफलता और इस ़िफल्म के महाराष्ट्र में टैक्स प्री कर दिए जाने के बाद एक ़खास बातचीत में सोनम ने इस ़िफल्म से जुड़े अपने डर हमारे सामने रखे। सोनम को ़खासा मलाल है कि ़िफल्म पाकिस्तान में रिलीज नहीं हो सकी और अपनी मायूसी बयान करते हुए वो कहती हैं, ‘इस ़िफल्म को पाकिस्तान में दिखाया जाना चाहिए। इसमें ऐसा कुछ नहीं हैं जो किसी के ़िखला़फ है। यह ़िफल्म वहां बैन हो गई है और इस बात से मैं का़फी अपसेट हूं।’
इस ़िफल्म को लेकर तारी़पेâ बटोर रही सोनम के आलोचक भी कह रहे हैं कि यह रोल उनके लिए वरदान बन कर आया है। सोनम कहती हैं, ‘देखिए मैं अपनी जज ़खुद नहीं हो सकती लेकिन हां शायद यह अभी तक का मेरा बेस्ट रोल है क्योंकि लोगो को पसंद आ रहा है।’वो आगे कहती हैं, ‘रांझना भी एक अच्छा किरदार था लेकिन मुझे लोगों ने पसंद नहीं किया क्योंकि अंत में मेरे कारण धनुष का किरदार मर जाता है।’ सोनम इस व़क्त नीरजा से मिल रही सफलता से ़खुश तो हैं लेकिन इसे अपने सिर चढ़ने नहीं देना चाहती। वो कहती हैं, ‘मैं अभी और काम करना चाहती हूं और ऐसी ही म़जबूत ाqस्क्रप्ट करना चाहती हूं क्योंकि इससे बतौर एक्टर आप और म़जबूत होते हैं।’ बॉलीवुड में हॉलीवुड जाने की होड़ के सवाल पर उन्होनें कहा कि दुनिया आज छोटी हो गई है और भारत भी हॉलीवुड के लिए एक महत्वपूर्ण बा़जार है। वो कहती हैं, ‘मैं उस दिन हॉलीवुड ़जरुर जाउंगी जब मुझे यहां मेरी पंसद का काम नहीं मिलेगा। ़िफलहाल तो मुझे यहां ही बहुत अच्छे रोल मिल रहे हैं लेकिन फिर भी किसी ाqस्क्रप्ट में अगर मेरी ़जरुरत हुई तो ़जरुर मैं उसका हिस्सा बनूंगी भले ही वो किसी भी भाषा की ़िफल्म क्यों न हो।’
फिल्म `नीरजा’ में भूमिका के लिए जहां सोनम कपूर की काफी प्रशंसा हो रही है वहीं उनका कहना है कि सर्वश्रेष्ठ भूमिका अभी करना बाकी है। सोनम कपूर ने बताया, “फिल्म `रांझना’ के दौरान भी मुझे ऐसी ही प्रतिक्रिया मिली थी। मुझे अभी बहुत दूर जाना है। मुझे अभी बहुत कुछ सीखना है। मुझे आशा है और मैं प्रार्थना करती हूं कि यह अभी तक का सर्वश्रेष्ठ न हो। मैं अपना सर्वश्रेष्ठ बहुत दिनों बाद चाहती हूं क्योंकि तब यह चरम सीमा होगी।” अभिनेत्री ने बताया कि विमान की युवा एयर होस्टेस की भूमिका निभाना एक प्रक्रार की भावनात्मक यात्रा थी, जिसमें विमान अपहरण के दौरान ३५० यात्रियों को बचाने के दौरान नीरजा की मौत हो जाती है।

लंबी दूरी तय करेंगे हर्षवर्धन
अभिनेत्री सोनम कपूर का मानना है कि उनके भाई हर्षवर्धन कपूर काम करने के अपने `आदर्शवादी’ तरीके के चलते फिल्म नगरी में खुद की पहचान बनाएंगे। गौरतलब है हषवर्धन ओमप्रकाश मेहरा की फिल्म `र्मििजया’ से अपनी अभिनय पारी शुरू कर रहे हैं। गुजरे जमाने की मशहूर अभिनेत्री उषा किरण की पोती एवं तन्वी आजमी की भतीजी अभिनेत्री सैयामी खेर इसी फिल्म से बॉलीवुड में शुरूआत कर रही हैं। सोनम ने कहा, “हर्ष जिस तरह से मेहनत कर रहे हैं वह आश्चर्यजनक है। हम सब मेहनत करते हैं, लेकिन अपने काम को लेकर वह बेहद आदर्शवादी हैं। वह बहुत होशियार और बुद्धिमान हैं। वह बहुत लंबी दूरी तय करेंगे।” उन्होंने कहा, “यह ऐसा नहीं है कि वह कोई सुपरस्टार होंगे और सिनेमा हॉल को खचाखच भरने वाले होंगे। लेकिन जब भी प्रतिभा और फिल्मों के चुनाव की बात आएगी तो उन्हें गंभीरता से लिया जाएगा।” साहिबा और मिर्जा की प्रेम कहानी से प्रेरित `र्मििजया’ में समकालीन पृष्ठभूमि को दिखाया जा रहा है। फिल्म की पटकथा गुलजार ने लिखी है। `नीरजा’ की अभिनेत्री ने कहा कि उनके परिवार में सभी को काम करने और अपने विचार रखने की आजादी है। गौरतलब है कि अभिनेत्री अपनी बात बेबाकी से रखने के लिए मशहूर हैं। अभिनेत्री ने कहा कि उन्होंने अपने वॅâरियर का पैâसला खुद लिया इस मामले में किसी ने भी यहां तक कि उनके पिता अनिल ने भी दखल नहीं दिया। एक बार अनिल कपूर ने कहा था कि उनके घर में तीनों अभिनेताओं (स्वयं अनिल, सोनम और हर्षवर्धन) के बीच मुकाबला है। अनिल की इस बात पर सोनम ने मजाक में कहा, “कोई मुकाबला नहीं है। दरअसल, यह बस मेरी मॉम का ध्यान खींचने की होड़ है।”