करिश्मा एवं संजय कपूर में तलाक


मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर और उनके पति संजय कपूर ने तलाक से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर उच्चतम न्यायालय के समक्ष परस्पर सहमति प्रदान कर दी है। दोनों के बीच बच्चों-समायरा और कियान की कस्टडी और उनके भविष्य के लिए आवश्यक धन सहित अनेक मुद्दों पर असहमति थी, लेकिन उच्चतम न्यायालय के समक्ष दोनों ने इसका तरीका ढूंढ लिया। बच्चों का संरक्षण अधिकार भले ही करिश्मा के पास होगा, लेकिन संजय जब चाहे बच्चों से मिल सकेंगे। विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त सूचना के अनुसार, संजय ने मुंबई स्थित अपना घर करिश्मा के नाम कर दिया है। साथ ही उन्होंने दोनों बच्चों के लिए १४ करोड़ रुपये का बॉन्ड खरीदा है। इस बॉन्ड के जरिये बच्चों को खर्च के लिए हर महीने १० लाख रुपये मिलेंगे। करिश्मा द्वारा संजय कपूर और सास-ससुर के खिलाफ दर्ज कराई गई प्राथमिकी भी न्यायालय ने खारिज कर दी। मालूम हो कि पिछली सुनवाई को न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई चैम्बर में करने का निर्णय लिया था, क्योंकि उस दिन अदालत कक्ष में करिश्मा की एक झलक पाने के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। उल्लेखनीय है कि करिश्मा ने २९ सितंबर, २००३ को दिल्ली के कारोबारी संजय कपूर से शादी की थी और २०१२ में दोनों अलग हो गए थे। करिश्मा, संजय की दूसरी पत्नी हैं और इस शादी से दोनों के दो बच्चे समायरा और कियान हैं। करिश्मा फिलहाल मुंबई में अपनी मां के साथ रह रही हैं। कपूर दम्पती ने २०१४ में मुंबई की परिवार अदालत में परस्पर सहमति से तलाक की अर्जी दायर की थी, लेकिन अंतिम सुनवाई से पहले कुछ मुद्दों पर दोनों में असहमति बनी। इस बीच संजय कूपर ने मामले को मुंबई से दिल्ली स्थानांतरित करने के लिए उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। संजय कपूर ने दलील दी थी कि अंडर्वल्ड डॉन रवि पुजारी ने मुंबई में घुसने पर जान से मारने की धमकी दी थी।