`एयरलिफ्ट’ अधूरी फिल्म


नई दिल्ली। १९९० में कुवैत से बड़ी संख्या में भारतीयों को बचाने के घटनाक्रम पर आधारित हालिया रिलीज फिल्म एयरलिफ्ट को विदेश मंत्रालय ने अधूरी फिल्म करार दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा, `यह एक फिल्म है और फिल्मों में अकसर वास्तविक घटनाक्रमों, तथ्यों के मामले में आजादी ली जाती है। इस फिल्म विशेष में भी १९९० में कुवैत में वास्तव में जो हुआ, उसके घटनाक्रम को चित्रित करने में कलात्मक स्वतंत्रता ली गयी है। जिन्हें १९९० का यह घटनाक्रम याद होगा, उन्हें विदेश मंत्रालय की अग्रसक्रिय भूमिका भी याद होगी। स्वरूप ने कहा कि सरकारी प्रतिनिधिमंडल को बगदाद और कुवैत भेजा गया था और नागरिक उड्डयन मंत्रालय, एयर इंडिया और कुछ अन्य सरकारी विभागों के साथ जबरदस्त समन्वय किया गया था। मैं खुद इस बात की गारंटी दे सकता हूं चूंकि मैं कुवैत से भारतीयों को बचाये जाने के मोर्चे पर अग्रणी पंक्ति में था जो सीरिया के रास्ते तुर्की में आ रहे थे। फिल्म में दिखाया गया है कि विदेश मंत्रालय की ओर से अग्रसक्रिय भूमिका की कमी रही।
उन्होंने कहा कि फिल्म के लिए इस तरह की थीम का चुना जाना ही दिखाता है कि यह कितना महत्वपूर्ण है। स्वरूप ने कहा, `विदेश मंत्रालय में हम विदेशों में भारतीय नागरिकों के संरक्षण को अपनी सर्वप्रथम जिम्मेदारी समझते हैं। हम अतीत में यह साबित कर चुके हैं और भविष्य में भी करते रहेंगे।’