<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.loktej.com/category/7116/world" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Loktej RSS Feed Generator</generator>
                <title>विश्व - Loktej</title>
                <link>https://www.loktej.com/category/7116/rss</link>
                <description>विश्व RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पीएम मोदी को इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जकार्ता, 07 जुलाई (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिंटांग आदिपूर्णा ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’ से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो द्वारा दिए गए इस सम्मान को पीएम मोदी ने 140 करोड़ भारतीयों और दोनों देशों के बीच के सदियों पुराने संबंधों को समर्पित किया है।</p>
<p>इस दौरान राष्ट्रपति प्रबोवो का एयरपोर्ट पहुंचकर स्वयं स्वागत करना दोनों देशों के बीच की विशेष आत्मीयता को दर्शाता है, जिससे द्विपक्षीय संबंधों में एक नए और सुनहरे अध्याय की शुरुआत हुई है।</p>
<p>रक्षा और समुद्री सुरक्षा पर रणनीतिक सहमति</p>
<p>राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ हुई गहन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/148172/indonesia-s-highest-civilian-honor-given-to-pm-modi"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-07/file31.jpg" alt=""></a><br /><p>जकार्ता, 07 जुलाई (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिंटांग आदिपूर्णा ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’ से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो द्वारा दिए गए इस सम्मान को पीएम मोदी ने 140 करोड़ भारतीयों और दोनों देशों के बीच के सदियों पुराने संबंधों को समर्पित किया है।</p>
<p>इस दौरान राष्ट्रपति प्रबोवो का एयरपोर्ट पहुंचकर स्वयं स्वागत करना दोनों देशों के बीच की विशेष आत्मीयता को दर्शाता है, जिससे द्विपक्षीय संबंधों में एक नए और सुनहरे अध्याय की शुरुआत हुई है।</p>
<p>रक्षा और समुद्री सुरक्षा पर रणनीतिक सहमति</p>
<p>राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ हुई गहन वार्ता में रक्षा, समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर व्यापक चर्चा हुई। दोनों देशों ने हिंद महासागर में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोस्ट गार्ड के बीच आपसी तालमेल बढ़ाने और रक्षा आदान-प्रदान को नई गति देने पर सहमति जताई है।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि इस साझेदारी से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक पकड़ और अधिक मजबूत होगी, जो क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।</p>
<p>सांस्कृतिक और स्वास्थ्य सहयोग की पहल</p>
<p>आर्थिक और सामरिक वार्ताओं के साथ-साथ स्वास्थ्य और संस्कृति पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। भारत इंडोनेशिया को सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं निर्यात करेगा और वहां के स्वास्थ्य कर्मियों के क्षमता निर्माण में मदद करेगा।</p>
<p>साथ ही, दोनों नेता ऐतिहासिक प्रम्बानन मंदिर परिसर का दौरा करेंगे और वहां के संरक्षण तथा जीर्णोद्धार के लिए एक बड़ी पहल की घोषणा करेंगे। यह कदम दोनों देशों के बीच प्राचीन सभ्यतागत और सांस्कृतिक सेतु को और अधिक प्रगाढ़ बनाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/148172/indonesia-s-highest-civilian-honor-given-to-pm-modi</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/148172/indonesia-s-highest-civilian-honor-given-to-pm-modi</guid>
                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 15:38:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2026-07/file31.jpg"                         length="106505"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मिडिल ईस्ट में बड़े बदलाव की आहट! कतर पहुंचे एस. जयशंकर, पीएम अल-थानी के साथ इन मुद्दों पर हुई चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 06 जुलाई (वेब वार्ता)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर अपनी खाड़ी देशों की यात्रा के पहले पड़ाव में रविवार को कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल-थानी से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए कतर एक प्रमुख मध्यस्थ के रूप में उभर रहा है।</p>
<p>रणनीतिक साझेदारी पर जोर</p>
<p>बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत और कतर के बीच द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर बात की। एस.जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/148147/sound-of-big-change-in-the-middle-east"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-07/file21.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 06 जुलाई (वेब वार्ता)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर अपनी खाड़ी देशों की यात्रा के पहले पड़ाव में रविवार को कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल-थानी से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए कतर एक प्रमुख मध्यस्थ के रूप में उभर रहा है।</p>
<p>रणनीतिक साझेदारी पर जोर</p>
<p>बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत और कतर के बीच द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर बात की। एस.जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि चर्चा के मुख्य केंद्र ऊर्जा, व्यापार, निवेश, संपर्क और सुरक्षा रहे।</p>
<p>दोनों देशों ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत करने के नए अवसरों को तलाशने पर सहमति जताई है। आपको बता दें कि ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में कतर भारत का एक विश्वसनीय भागीदार रहा है।</p>
<p>बैठक में मुख्य मुद्दा क्या रहा?</p>
<p>बैठक का एक बड़ा हिस्सा मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और उसके संभावित प्रभावों पर केंद्रित रहा। जयशंकर और अल-थानी ने इस क्षेत्र की स्थिरता और शांति बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।</p>
<p>गौर करने वाली बात यह है कि ईरान के सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार की रस्मों के बाद, दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता जारी है, जिसमें कतर और ओमान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं।</p>
<p>भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात</p>
<p>अपनी इस यात्रा के दौरान विदेश मंत्री ने कतर में रहने वाले विशाल भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। उन्होंने भारतीय प्रवासियों के अनुभवों और सुझावों की सराहना की और इसे भारत-कतर साझेदारी को मजबूत करने वाला बताया।</p>
<p>जयशंकर ने विशेष रूप से भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए कतर सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी कतर के समाज के प्रति भारतीयों की प्रतिबद्धता वास्तव में सराहनीय है।</p>
<p>13 जुलाई को रवाना होंगे न्यूयॉर्क</p>
<p>कतर के बाद विदेश मंत्री जयशंकर बहरीन, कुवैत और ओमान के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। खाड़ी के इन चार देशों की यात्रा पूरी करने के बाद जयशंकर 13 जुलाई को न्यूयॉर्क के लिए रवाना होंगे।</p>
<p>वहां वे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 2028-29 के कार्यकाल के लिए भारत के आधिकारिक अभियान की शुरुआत करेंगे। इसके तत्काल बाद, 14-15 जुलाई को वे ब्रसेल्स में भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद की बैठक में भी हिस्सा लेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/148147/sound-of-big-change-in-the-middle-east</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/148147/sound-of-big-change-in-the-middle-east</guid>
                <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 15:36:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2026-07/file21.jpg"                         length="88461"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका ईरान के बीच अगले दौर की वार्ता पाकिस्तान में 11 जुलाई को: रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>रियाद, 05 जुलाई (वेब वार्ता)। अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली वार्ता का अगला दौर 11 जुलाई को पाकिस्तान की मेज़बानी में होगा। अल-अरेबिया न्यूज़ की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।</p>
<p>रिपोर्ट में शनिवार को कहा गया कि वार्ता के आगामी दौर में ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों, ईरान की जब्त संपत्तियों और ईरानी परमाणु मसले पर बातचीत होगी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल का फैसला ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई के रियासती जनाज़े के समापन के बाद होगा।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि ईरान और अमेरिका ने सभी मोर्चों पर जंग</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>रियाद, 05 जुलाई (वेब वार्ता)। अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली वार्ता का अगला दौर 11 जुलाई को पाकिस्तान की मेज़बानी में होगा। अल-अरेबिया न्यूज़ की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।</p>
<p>रिपोर्ट में शनिवार को कहा गया कि वार्ता के आगामी दौर में ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों, ईरान की जब्त संपत्तियों और ईरानी परमाणु मसले पर बातचीत होगी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल का फैसला ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई के रियासती जनाज़े के समापन के बाद होगा।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि ईरान और अमेरिका ने सभी मोर्चों पर जंग रोकने के लिए 18 जून को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये थे। इसमें लेबनान में युद्धविराम भी शामिल था।</p>
<p>ईरान और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडलों के बीच 21 जून को पाकिस्तान एवं कतर की मध्यस्थता में उच्च स्तरीय विचार-विमर्श हुआ, जिसके बाद 22 जून को दोनों देशों के बीच स्विट्जरलैंड में तकनीकी वार्ता हुई थी।</p>
<p>कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल अंसारी ने बुधवार को बताया कि कतरी एवं पाकिस्तानी मध्यस्थता के जरिए अमेरिका-ईरान की एक अप्रत्यक्ष वार्ता हुई है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने आने वाले समय में बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/148130/next-round-of-us-iran-talks-to-be-held-in-pakistan-on-july-11--report</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/148130/next-round-of-us-iran-talks-to-be-held-in-pakistan-on-july-11--report</guid>
                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 18:54:43 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान की अमेरिका को चेतावनी, होर्मुज स्ट्रेट में दखल दिया तो मिलेगा करारा जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[<p>तेहरान, 03 जुलाई (वेब वार्ता)। ईरान की मुख्य सैन्य कमान खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने गुरुवार को चेतावनी दी कि अगर अमेरिका होर्मुज स्‍ट्रेट में किसी भी तरह का हस्तक्षेप करता है, तो ईरानी सशस्त्र बल ‘तेज और निर्णायक’ जवाबी कार्रवाई करेंगे।</p>
<p>सि‍न्हुआ न्‍यूज एजेंसी की र‍िपोर्ट के अनुसार, जारी बयान में कहा गया कि होर्मुज स्‍ट्रेट अमेरिका के लिए कोई ‘मनमर्जी करने की जगह’ नहीं है, बल्कि यह ईरान की ‘निर्विवाद संप्रभुता’ वाला क्षेत्र है।</p>
<p>बयान में कहा गया कि इस जलमार्ग की सुरक्षा और स्थिरता ईरानी सेना के लिए एक लाल रेखा है, जिसे किसी भी कीमत पर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/148069/iran-s-warning-to-america--if-it-interferes-in-the-strait-of-hormuz--it-will-get-a-befitting-reply"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-03/iran-usa-war.jpg" alt=""></a><br /><p>तेहरान, 03 जुलाई (वेब वार्ता)। ईरान की मुख्य सैन्य कमान खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने गुरुवार को चेतावनी दी कि अगर अमेरिका होर्मुज स्‍ट्रेट में किसी भी तरह का हस्तक्षेप करता है, तो ईरानी सशस्त्र बल ‘तेज और निर्णायक’ जवाबी कार्रवाई करेंगे।</p>
<p>सि‍न्हुआ न्‍यूज एजेंसी की र‍िपोर्ट के अनुसार, जारी बयान में कहा गया कि होर्मुज स्‍ट्रेट अमेरिका के लिए कोई ‘मनमर्जी करने की जगह’ नहीं है, बल्कि यह ईरान की ‘निर्विवाद संप्रभुता’ वाला क्षेत्र है।</p>
<p>बयान में कहा गया कि इस जलमार्ग की सुरक्षा और स्थिरता ईरानी सेना के लिए एक लाल रेखा है, जिसे किसी भी कीमत पर पार नहीं होने दिया जाएगा।</p>
<p>बयान में कहा गया कि इस होर्मुज स्‍ट्रेट से गुजरने वाले सभी तेल टैंकरों और व्यापारिक जहाजों को ईरान की ओर से तय किए गए समुद्री रास्तों का ही इस्तेमाल करना होगा। अगर कोई जहाज इन नियमों का पालन नहीं करता या दूसरे रास्तों का इस्तेमाल करता है, तो ईरानी सेना तुरंत और सख्त कार्रवाई करेगी। साथ ही, ऐसे जहाजों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।</p>
<p>मुख्यालय ने कहा कि अगर अमेरिका इस होर्मुज स्‍ट्रेट की सुरक्षा व्यवस्था में दखल देने या वहां किसी तरह की बाधा पैदा करने की कोशिश करता है, तो ईरान इसे अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानेगा और उसका तुरंत व निर्णायक जवाब देगा।</p>
<p>बयान में कहा गया कि इस जलमार्ग के ऊपर अमेरिकी लड़ाकू विमान और ड्रोन की लगातार मौजूदगी से क्षेत्र में असुरक्षा बढ़ती है। ईरान ने कहा कि अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए वह अमेरिका और उसके समर्थकों की किसी भी ‘आक्रामक कार्रवाई को कुचलने’ के लिए जरूरी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।</p>
<p>इसी बीच, गुरुवार को ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्‍स पर एक पोस्ट में कहा कि होर्मुज स्‍ट्रेट ‘अमेरिकी सेंट्रल कमांड के नहीं, बल्कि ईरान के नियंत्रण में है।’</p>
<p>उनका यह बयान एक दिन बाद आया, जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बहरीन में 12 देशों के सैन्य अधिकारियों के साथ एक ‘सुरक्षा संवाद’ आयोजित किया। इस बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, रक्षा सहयोग बढ़ाने और होर्मुज स्‍ट्रेट से व्यापारिक जहाजों की बिना रुकावट आवाजाही सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/148069/iran-s-warning-to-america--if-it-interferes-in-the-strait-of-hormuz--it-will-get-a-befitting-reply</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/148069/iran-s-warning-to-america--if-it-interferes-in-the-strait-of-hormuz--it-will-get-a-befitting-reply</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 14:48:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2026-03/iran-usa-war.jpg"                         length="55048"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>37 साल बाद नए एयर फोर्स वन की पहली उड़ान, राष्ट्रपति ट्रंप बोले- यह शानदार विमान है</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वाशिंगटन, 02 जुलाई (वेब वार्ता)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नॉर्थ डकोटा दौरे के दौरान बड़ा दावा करते हुए कहा कि उनकी यह यात्रा सिर्फ एक ऐतिहासिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह 37 साल बाद नए सिरे से तैयार किए गए एयर फोर्स वन विमान की पहली आधिकारिक उड़ान भी थी।</p>
<p>ट्रंप ने विमान की तारीफ करते हुए कहा कि यह ‘शानदार विमान’ है और इस उड़ान ने उनके दौरे को और भी खास बना दिया।</p>
<p>ट्रंप ने बुधवार (स्थानीय समय) को नॉर्थ डकोटा के मेडोरा में समर्थकों को संबोधित करते हुए सबसे पहले एयर फोर्स वन का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/148047/first-flight-of-the-new-air-force-one-after-37-years--president-trump-said---this-is-a-great-plane"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-07/file4.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन, 02 जुलाई (वेब वार्ता)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नॉर्थ डकोटा दौरे के दौरान बड़ा दावा करते हुए कहा कि उनकी यह यात्रा सिर्फ एक ऐतिहासिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह 37 साल बाद नए सिरे से तैयार किए गए एयर फोर्स वन विमान की पहली आधिकारिक उड़ान भी थी।</p>
<p>ट्रंप ने विमान की तारीफ करते हुए कहा कि यह ‘शानदार विमान’ है और इस उड़ान ने उनके दौरे को और भी खास बना दिया।</p>
<p>ट्रंप ने बुधवार (स्थानीय समय) को नॉर्थ डकोटा के मेडोरा में समर्थकों को संबोधित करते हुए सबसे पहले एयर फोर्स वन का जिक्र किया और फिर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट को याद करते हुए उनके योगदान की सराहना की।</p>
<p>राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “37 साल बाद एयर फोर्स वन नाम के इस विमान की यह पहली आधिकारिक उड़ान थी। यह एक बेहतरीन विमान है। डग बर्गम और बाकी सभी लोगों के साथ यात्रा काफी अच्छी रही। इस दौरान हमने थियोडोर रूजवेल्ट के बारे में भी काफी चर्चा की, क्योंकि वह वास्तव में बेहद खास व्यक्ति थे।”</p>
<p>राष्ट्रपति ने कहा कि यह दौरा उनके लिए इसलिए भी खास था, क्योंकि वह ऐसे अमेरिकी नेता को सम्मान देने पहुंचे थे, जिन्हें वह लंबे समय से अपना आदर्श मानते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, “मैं थियोडोर रूजवेल्ट को सम्मानित कर रहा हूं। मैं लंबे समय से उनकी प्रशंसा करता रहा हूं। सच कहूं तो मैं बहुत कम लोगों की प्रशंसा करता हूं, लेकिन वह उनमें से एक हैं।”</p>
<p>डोनाल्ड ट्रंप थियोडोर रूजवेल्ट प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए मेडोरा पहुंचे थे। इसके साथ ही वह इस लाइब्रेरी के उद्घाटन में हिस्सा लेने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति भी बन गए।</p>
<p>इस दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस के रूजवेल्ट रूम से थियोडोर रूजवेल्ट का कांग्रेसनल ‘मेडल ऑफ ऑनर’ निकालकर लाइब्रेरी को भेंट किया। इसे समारोह का सबसे भावुक और ऐतिहासिक पल माना गया।</p>
<p>कार्यक्रम की मेजबानी कर रहे अमेरिका के आंतरिक मंत्री डग बर्गम ने ट्रंप की मौजूदगी को ‘ऐतिहासिक क्षण’ बताया। उन्होंने कहा कि जब यह लाइब्रेरी आधिकारिक रूप से आम लोगों के लिए खुलेगी, तब वहां आने वाले आगंतुक राष्ट्रपति ट्रंप की आवाज में थियोडोर रूजवेल्ट के प्रसिद्ध भाषण ‘मैन इन द एरीना’ का रिकॉर्ड किया गया अंश भी सुन सकेंगे।</p>
<p>डग बर्गम ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप ही आज के दौर के ‘मैन इन द एरीना’ हैं और यह हमारे लिए गर्व की बात है कि वह इस प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी के उद्घाटन में शामिल हुए।”</p>
<p>ट्रंप ने नई लाइब्रेरी की भी तारीफ की। उन्होंने इसे ‘बेहतरीन संग्रहालय, शानदार लाइब्रेरी और उत्कृष्ट केंद्र’ बताया और कहा कि यह आने वाले समय में एक बेहद खास स्थान बनेगा।</p>
<p>उन्होंने कहा, “मुझे पूरा भरोसा है कि यह जगह बहुत सफल होगी। यह अमेरिका का वह हिस्सा है, जिससे मुझे बेहद लगाव है।”</p>
<p>इस मौके पर राष्ट्रपति ट्रंप ने नेशनल एंडोमेंट फॉर द ह्यूमैनिटीज के माध्यम से लाइब्रेरी की शुरुआती प्रदर्शनियों के लिए 7.5 लाख डॉलर (750,000 डॉलर) की संघीय सहायता देने का भी ऐलान किया।</p>
<p>हालांकि, व्हाइट हाउस ने उस नए एयर फोर्स वन विमान के बारे में कोई अतिरिक्त तकनीकी जानकारी साझा नहीं की है, जिसका जिक्र ट्रंप ने अपने भाषण में किया। इसके बावजूद ट्रंप ने साफ किया कि यह उड़ान भी इस दौरे की सबसे अहम उपलब्धियों में शामिल रही।</p>
<p>बता दें कि एयर फोर्स वन कोई विमान का नाम नहीं, बल्कि वह आधिकारिक एयर ट्रैफिक कंट्रोल कॉल साइन है, जिसका इस्तेमाल उस समय किया जाता है जब अमेरिकी वायुसेना का कोई विमान राष्ट्रपति को लेकर उड़ान भर रहा हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/148047/first-flight-of-the-new-air-force-one-after-37-years--president-trump-said---this-is-a-great-plane</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/148047/first-flight-of-the-new-air-force-one-after-37-years--president-trump-said---this-is-a-great-plane</guid>
                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 15:21:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2026-07/file4.jpg"                         length="105494"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जन्मजात नागरिकता के खिलाफ काम करे संसद, मेरा पूरा समर्थन : ट्रंप</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वाशिंगटन, 01 जुलाई (वेब वार्ता)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि 'जन्म के आधार पर नागरिकता' उनके देश के लिए अच्छी नहीं है और वह इसके खिलाफ जल्द ही संसद में कानून देखना चाहेंगे।</p>
<p>  ट्रंप ने मंगलवार रात ट्रुथ सोशल पर लिखे एक पोस्ट में कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने जन्मजात नागरिकता को बरकरार रखा है, जो हमारे देश के लिए बहुत बुरा है।</p>
<p>हम राष्ट्रपति के समर्थन से संसद में कानून लाकर इसमें बदलाव कर सकते हैं। इस प्रक्रिया के दौरान अब यह तय हो गया है। अब किसी लंबे और बोझल संवैधानिक संशोधन की जरूरत नहीं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>वाशिंगटन, 01 जुलाई (वेब वार्ता)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि 'जन्म के आधार पर नागरिकता' उनके देश के लिए अच्छी नहीं है और वह इसके खिलाफ जल्द ही संसद में कानून देखना चाहेंगे।</p>
<p> ट्रंप ने मंगलवार रात ट्रुथ सोशल पर लिखे एक पोस्ट में कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने जन्मजात नागरिकता को बरकरार रखा है, जो हमारे देश के लिए बहुत बुरा है।</p>
<p>हम राष्ट्रपति के समर्थन से संसद में कानून लाकर इसमें बदलाव कर सकते हैं। इस प्रक्रिया के दौरान अब यह तय हो गया है। अब किसी लंबे और बोझल संवैधानिक संशोधन की जरूरत नहीं है।"</p>
<p>उल्लेखनीय है कि अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ट्रंप के उस प्रयास को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने एक कार्यकारी आदेश के जरिये अमेरिका में जन्मजात नागरिकता को खत्म करने की कोशिश की थी।</p>
<p>कोर्ट ने एक सदी से भी अधिक पुराने कानूनी मिसाल और राष्ट्रीय परंपरा को बरकरार रखते हुए साफ किया कि अमेरिकी धरती पर पैदा होने वाले बच्चे स्वाभाविक रूप से अमेरिका के नागरिक हैं।</p>
<p>सुप्रीम कोर्ट का यह 6-3 से आया फैसला श्री ट्रंप के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। श्री ट्रंप ने इस कार्यकारी आदेश को बरकरार रखने के लिए अदालत से लगातार पैरवी की थी।</p>
<p>वह इस मामले की मौखिक बहस में भी शामिल हुए थे। वह इस तरह की कानूनी बहस में हिस्सा लेने वाले अमेरिका के पहले मौजूदा राष्ट्रपति बने थे। अब वह संसद के जरिए इस बदलाव को मूर्त रूप देना चाहते हैं।</p>
<p>ट्रंप ने लिखा, "संसद को आज ही जन्मजात नागरिकता खत्म करने की ओर काम शुरू करना चाहिये, जो हमारे देश के लिए बहुत महंगा और अनुचित है। उन्हें मेरा संपूर्ण समर्थन प्राप्त होगा।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/148015/parliament-should-work-against-birthright-citizenship--my-full-support--trump</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/148015/parliament-should-work-against-birthright-citizenship--my-full-support--trump</guid>
                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 15:45:01 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप पीएम मोदी को अच्छा मित्र मानते हैं, भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध: राजदूत गोर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वाशिंगटन, 30 जून (वेब वार्ता)। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना मित्र मानते हैं और भारत के साथ संबंध मजबूत करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। उन्होंने दोनों नेताओं के बीच निजी तालमेल को द्विपक्षीय संबंध को आगे बढ़ाने में एक जरूरी चीज बताया।</p>
<p>अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी फोरम (यूएसआईएसपीएफ) लीडरशिप समिट में राजदूत गोर ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप भारत को बहुत सम्मान देते हैं और अक्सर देश में अपने अनुभवों के बारे में बात करते हैं।</p>
<p>गोर ने कहा, “अमेरिका भारत के साथ मिलकर काम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>वाशिंगटन, 30 जून (वेब वार्ता)। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना मित्र मानते हैं और भारत के साथ संबंध मजबूत करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। उन्होंने दोनों नेताओं के बीच निजी तालमेल को द्विपक्षीय संबंध को आगे बढ़ाने में एक जरूरी चीज बताया।</p>
<p>अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी फोरम (यूएसआईएसपीएफ) लीडरशिप समिट में राजदूत गोर ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप भारत को बहुत सम्मान देते हैं और अक्सर देश में अपने अनुभवों के बारे में बात करते हैं।</p>
<p>गोर ने कहा, “अमेरिका भारत के साथ मिलकर काम करना चाहता है। हम इस संबंध की परवाह करते हैं। हमारे पास एक ऐसे राष्ट्रपति हैं जो इस संबंध की बहुत परवाह करते हैं।”</p>
<p>उन्होंने कहा, “मैं वीकेंड शुरू होने से ठीक पहले यहां वाशिंगटन डीसी में उनके साथ था और मैं राष्ट्रपति के साथ लगभग दो घंटे बिता सका और मैंने भारत में जो देखा, उससे वे बहुत खुश हुए। उनके पास भारत की बहुत अच्छी यादें हैं। पिछली बार उनका दौरा, उनके सबसे खास दौरों में से एक था जिसके बारे में वे बात करते रहते हैं। वे भारत को बहुत प्यार करते हैं।”</p>
<p>अमेरिकी राजदूत ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि राष्ट्रपति ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल में भारत वापस आएंगे। उन्होंने कहा, “मैं उम्मीद करता हूं कि किसी समय राष्ट्रपति भारत में हमसे मिलने आएंगे।”</p>
<p>दोनों नेताओं के बीच करीबी व्यक्तिगत संबंध को हाइलाइट करते हुए, गोर ने मियामी में हाल ही में हुए अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप (यूएफसी) इवेंट की एक घटना को याद किया और कहा, “मैं कुछ महीने पहले मियामी में यूएफसी में राष्ट्रपति के साथ था और हम बैकस्टेज बैठे थे और उन्होंने मुझसे कहा, ‘चलो प्रधानमंत्री को फोन करते हैं।’ मैंने कहा, ‘सर, वहां सुबह के 6:00 बज रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘वह उठ जाएंगे। वह मेरे जैसे हैं।'”</p>
<p>हालांकि फोन अगले दिन के लिए तय हुया, लेकिन गोर ने कहा कि इस घटना से ट्रंप और पीएम मोदी के बीच संबंध की प्रकृति का पता चलता है। राष्ट्रपति सच में प्रधानमंत्री को दोस्त मानते हैं।</p>
<p>गोर ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच संबंध ट्रंप के पहले कार्यकाल से ही है और इससे बड़ी रणनीतिक साझेदारी को फायदा होता रहा है।</p>
<p>राजदूत ने कहा कि दोनों सरकारें व्यापार, निवेश, रक्षा और तकनीक में ठोस नतीजे लाने पर ध्यान दे रही हैं। अमेरिका भारत के साथ मिलकर काम करना चाहता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अगले दो साल आने वाले दशकों के लिए आपसी संबंधों को बनाने में बहुत जरूरी होंगे।</p>
<p>अमेरिकी राजदूत गोर ने कहा, “ये अगले दो साल संबंधों को कई दशकों के लिए एक रास्ते पर ले जाएंगे। इसलिए यहां जो भी इसमें हिस्सा ले रहा है, उसे इसे एक लंबे समय का प्रोजेक्ट समझना चाहिए। यह एक या दो साल का नहीं है, बल्कि हम अभी जो बो रहे हैं, वह हमें दशकों तक सहारा देगा।”</p>
<p>गोर ने कहा, “उन सभी जानकारों के लिए जो ऑनलाइन बैठकर ट्वीट करते हैं और कहते हैं कि यह रिश्ता मुश्किल में है, जब आप इस संबंध की सच्चाई देखते हैं, चाहे वह व्यापार हो, चाहे डिफेंस हो, चाहे लोगों के बीच संबंध हों, यह मजबूती से खड़ा है।”</p>
<p>उन्होंने कहा कि दोनों सरकारें लगभग हर बड़े क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्धत हैं। पिछले छह महीनों में जब मैं भारत में था, मैंने जबरदस्त क्षमता देखी है। और वह जबरदस्त क्षमता सभी क्षेत्रों में है। ऐसा कोई दिन नहीं जाता जब हमारे दोनों देशों के साथ मिलकर काम करने के लिए कोई नई चीज सामने न आए। आप किसी भी क्षेत्र का नाम लें, अमेरिका और भारत मिलकर काम कर सकते हैं और उसे बहुत ऊंचाई पर ले जा सकते हैं। तो चाहे वह एआई हो, तकनीक हो, रक्षा हो, इसमें अपार संभावनाएं है।</p>
<p>ट्रंप के पहले कार्यकाल से ही ट्रंप और पीएम मोदी के बीच करीबी कामकाजी संबंध बन गए हैं, जिसकी पहचान 2019 में ह्यूस्टन में “हाउडी मोदी” और 2020 में अहमदाबाद में “नमस्ते ट्रंप” जैसे हाई-प्रोफाइल इवेंट्स से हुई है।</p>
<p>दोनों देशों के अधिकारियों ने अक्सर अपने व्यक्तिगत तालमेल का जिक्र किया है, जिससे रक्षा, व्यापार, तकनीक और हिंद-प्रशांत सुरक्षा पर सहयोग को आगे बढ़ाने में मदद मिली है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147990/trump-considers-pm-modi-a-good-friend--committed-to-strengthening-india-us-relations--ambassador-gore</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/147990/trump-considers-pm-modi-a-good-friend--committed-to-strengthening-india-us-relations--ambassador-gore</guid>
                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 14:47:21 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका-ईरान हमले रोकने पर सहमत, कतर की राजधानी दोहा में मंगलवार को वार्ता संभव, प्रमुख न्यूज वेबसाइट का दावा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वाशिंगटन, 29 जून (वेब वार्ता)। अमेरिकी न्यूज वेबसाइट 'एक्सियोस' ने एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के हवाले से दावा किया है कि अमेरिका और ईरान एक-दूसरे पर हमले रोकने पर सहमत हो गए हैं।</p>
<p>'एक्सियोस' ने कहा कि दोनों पक्षों के मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में मिलने की उम्मीद है। दोनों पक्ष होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अपने विवाद और मतभेद को सुलझाने पर बातचीत करेंगे। होर्मुज तेल आपूर्ति का एक अहम रास्ता है।</p>
<p>'एक्सियोस' की रिपोर्ट के अनुसार, इस अधिकारी ने कहा कि इस वक्त दोनों पक्ष मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज)</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147962/america-iran-agree-to-stop-attacks--talks-possible-on-tuesday-in-qatar-s-capital-doha--claims-major-news-website"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-03/iran-usa-war.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन, 29 जून (वेब वार्ता)। अमेरिकी न्यूज वेबसाइट 'एक्सियोस' ने एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के हवाले से दावा किया है कि अमेरिका और ईरान एक-दूसरे पर हमले रोकने पर सहमत हो गए हैं।</p>
<p>'एक्सियोस' ने कहा कि दोनों पक्षों के मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में मिलने की उम्मीद है। दोनों पक्ष होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अपने विवाद और मतभेद को सुलझाने पर बातचीत करेंगे। होर्मुज तेल आपूर्ति का एक अहम रास्ता है।</p>
<p>'एक्सियोस' की रिपोर्ट के अनुसार, इस अधिकारी ने कहा कि इस वक्त दोनों पक्ष मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को लेकर अपने विवाद को सुलझाने के लिए बैठक करने की योजना बना रहे हैं। दोहा वार्ता में अमेरिकी तकनीकी टीम के प्रमुख निक स्टीवर्ट के शामिल होने की उम्मीद है।</p>
<p>इस अधिकारी ने कहा, हमने सभी तरह की सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला किया है। एक दूसरे अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि दोनों पक्ष फिलहाल पीछे हटेंगे और जहाज आजादी से आ-जा सकेंगे क्योंकि तकनीकी बातचीत जारी रहेगी। दोनों अमेरिकी अधिकारियों और मामले की जानकारी रखने वाले एक तीसरे सूत्र ने मंगलवार को होने वाली बैठक की पुष्टि की।</p>
<p>शुरुआत में यह बैठक स्विट्जरलैंड में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा के लिए प्रस्तावित थी, लेकिन हालिया सैन्य टकराव के बाद इसका स्थान बदलकर कतर की राजधानी दोहा किया गया है।</p>
<p>अब बैठक का एजेंडा सीमित कर केवल होर्मुज से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित किया गया है। व्हाइट हाउस ने प्रस्तावित वार्ता पर अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि होर्मुज जलडमरूमध्य दोनों देशों के बीच हुए समझौते को लागू करने में सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। ईरान ने होर्मुज से कमर्शियल जहाजों के सुरक्षित गुजरने की सुविधा देने के लिए पूरी कोशिश करने का वादा किया था।</p>
<p>इसके बदले में अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकाबंदी हटा ली थी। पिछले सप्ताह स्विट्जरलैंड में बातचीत के दौरान दोनों पक्ष हॉटलाइन स्थापित करने पर भी राजी हुए थे।</p>
<p>अरब न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के प्रकाशन कार्यालय के सदस्य मेहदी फजाइली ने रविवार को सरकारी टीवी को बताया कि देश पर हुए हमलों और अमेरिका के साथ हुए समझौते की शर्तें पूरी न होने के कारण ईरान रविवार को होने वाली तकनीकी बातचीत में शामिल नहीं हुआ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147962/america-iran-agree-to-stop-attacks--talks-possible-on-tuesday-in-qatar-s-capital-doha--claims-major-news-website</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/147962/america-iran-agree-to-stop-attacks--talks-possible-on-tuesday-in-qatar-s-capital-doha--claims-major-news-website</guid>
                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 15:00:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2026-03/iran-usa-war.jpg"                         length="55048"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेशेल्स ने सर्वोच्च सम्मान ‘ब्लू होराइज़न के संरक्षक’ से नवाजा मोदी को</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 28 जून (वेब वार्ता)। सेशेल्स ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को रविवार को अपने सर्वाेच्च सम्मान ‘ब्लू होराइज़न के संरक्षक’ से सम्मानित किया।</p>
<p>सेशेल्स की तीन दिन की यात्रा पर गये श्री मोदी को राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद यह सम्मान प्रदान किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास में नेतृत्व के लिए यह सम्मान दिया गया है।</p>
<p>यह सम्मान सतत विकास को बढ़ावा देने और हरित दृष्टिकोण के प्रधानमंत्री मोदी के दीर्घकालिक प्रयासों को मान्यता देता है। यह सम्मान मिलने के बाद श्री मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147949/seychelles-honored-modi-with-the-highest-honor--guardian-of-the-blue-horizon"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/file26.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 28 जून (वेब वार्ता)। सेशेल्स ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को रविवार को अपने सर्वाेच्च सम्मान ‘ब्लू होराइज़न के संरक्षक’ से सम्मानित किया।</p>
<p>सेशेल्स की तीन दिन की यात्रा पर गये श्री मोदी को राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद यह सम्मान प्रदान किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास में नेतृत्व के लिए यह सम्मान दिया गया है।</p>
<p>यह सम्मान सतत विकास को बढ़ावा देने और हरित दृष्टिकोण के प्रधानमंत्री मोदी के दीर्घकालिक प्रयासों को मान्यता देता है। यह सम्मान मिलने के बाद श्री मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा ,” मैं सेशेल्स की जनता, सरकार तथा राष्ट्रपति हर्मिनी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ कि उन्होंने मुझे ‘ब्लू होराइज़न के संरक्षक’ का सम्मान दिया।</p>
<p>मैं इसे विनम्रतापूर्वक स्वीकार करता हूँ और इसे उन सभी देशों को समर्पित करता हूँ जो जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं तथा जो पर्यावरण संरक्षण को आने वाली पीढ़ियों के प्रति अपना दायित्व मानते हैं।”</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह एक अत्यंत गंभीर चुनौती है, जिसका हमें मिलकर सामना करना और समाधान करना होगा। भारत विश्व को अधिक हरित और अधिक सतत बनाने के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह प्रतिबद्धता हमारे विभिन्न घरेलू कार्यक्रमों ‘लाइफ मिशन (सतत भविष्य के लिए जीवनशैली) ‘ के मंत्र तथा अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन, आपदा-प्रतिरोधी अवसंरचना गठबंधन जैसे वैश्विक प्रयासों में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। जलवायु परिवर्तन, सतत विकास और हरित विकास के क्षेत्र में प्रधानमंत्री मोदी के कार्यों को मिली वैश्विक मान्यताओं की श्रृंखला में यह नवीनतम सम्मान है।</p>
<p>अभी पिछले महीने ही “संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन” ने खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने, कृषि क्षेत्र में परिवर्तन लाने और सतत खेती को बढ़ावा देने के लिए श्री मोदी को’ एग्रीकोला पदक’ से सम्मानित किया था।</p>
<p>इससे पहले, 2018 में उन्हें सतत आर्थिक विकास, वैश्विक सहयोग और समावेशी विकास को आगे बढ़ाने के लिए ‘सियोल शांति पुरस्कार’ प्रदान किया गया था। वर्ष 2018 में ही संयुक्त राष्ट्र ने उन्हें प्रतिष्ठित ‘पृथ्वी के चैंपियंस पुरस्कार’ से सम्मानित किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147949/seychelles-honored-modi-with-the-highest-honor--guardian-of-the-blue-horizon</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/147949/seychelles-honored-modi-with-the-highest-honor--guardian-of-the-blue-horizon</guid>
                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 20:43:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2026-06/file26.jpg"                         length="64836"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वेनेजुएला में भूकंप से तबाही बढ़ी, हताहतों की संख्या 1,430 पहुंची, लाखों लोग संकट में</title>
                                    <description><![CDATA[<p>काराकास (वेनेजुएला), 28 जून (वेब वार्ता)। वेनेजुएला में हाल ही में आए दो शक्तिशाली भूकंप के झटकों से लाखों लोग संकट में हैं। मृतकों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।</p>
<p>नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिग्ज ने शनिवार को देश के भूकंप प्रभावित उत्तर-मध्य इलाके के हालात का ताजा विवरण दुनिया के साथ साझा किया। उन्होंने कहा कि 24 जून को आए भूकंप से मरने वालों की आधिकारिक संख्या बढ़कर 1,430 हो गई है और 3,238 लोग घायल हुए हैं।</p>
<p>वेनेज़ुएला के स्पेनिश भाषा के समाचार पत्र द नेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, रोड्रिग्ज ने देश के नाम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147953/devastation-increased-due-to-earthquake-in-venezuela--number-of-casualties-reached-1-430--lakhs-of-people-in-crisis"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/file28.jpg" alt=""></a><br /><p>काराकास (वेनेजुएला), 28 जून (वेब वार्ता)। वेनेजुएला में हाल ही में आए दो शक्तिशाली भूकंप के झटकों से लाखों लोग संकट में हैं। मृतकों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।</p>
<p>नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिग्ज ने शनिवार को देश के भूकंप प्रभावित उत्तर-मध्य इलाके के हालात का ताजा विवरण दुनिया के साथ साझा किया। उन्होंने कहा कि 24 जून को आए भूकंप से मरने वालों की आधिकारिक संख्या बढ़कर 1,430 हो गई है और 3,238 लोग घायल हुए हैं।</p>
<p>वेनेज़ुएला के स्पेनिश भाषा के समाचार पत्र द नेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, रोड्रिग्ज ने देश के नाम संबोधन में कहा कि इस त्रासदी में 3,142 परिवार बेघर हो गए हैं और भूकंप से प्रभावित सात राज्यों में बनाए गए अस्थाई शेल्टर में उनकी देखभाल की जा रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा, हम अपने 1,430 साथी नागरिकों की मौत की जानकारी दे रहे हैं। हम इन वेनेजुएला के नागरिकों के परिवारों और उनके चाहने वालों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।</p>
<p>इसके अलावा कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने सरकारी टेलीविजन पर कहा कि 10 और देशों की बचाव टीमें जल्द ही राहत अभियान में शामिल होंगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि ला ग्वाइरा में सुरक्षा व्यवस्था और स्वच्छता कार्यों के लिए 14 हजार सैनिकों और पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। भूकंप के केंद्र मोरोन और ला ग्वाइरा के कुछ हिस्सों में अब भी बिजली आपूर्ति बाधित है।</p>
<p>बताया गया है कि वेनेजुएला के तटीय शहर ला ग्वाइरा में कम से कम 100 आवासीय बहुमंजिला इमारतें पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। स्थानीय लोगों और स्वयंसेवकों का कहना है कि भारी मशीनों की कमी और राहत कार्यों की धीमी गति के कारण बचाव अभियान प्रभावित हो रहा है।</p>
<p>सरकार का कहना है कि सैकड़ों लोग अब भी लापता हैं या मलबे में फंसे हो सकते हैं। वहीं, विपक्ष की एक वेबसाइट पर 54 हजार से अधिक लोगों को लापता होने का दावा किया गया है।</p>
<p>अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण का अनुमान है कि 7.2 और 7.5 तीव्रता के इन दोनों भूकंपों से मरने वालों की संख्या 10 हजार से अधिक हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो यह पिछले एक शताब्दी में लैटिन अमेरिका की सबसे घातक भूकंप त्रासदी हो सकती है।</p>
<p>संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, इस आपदा से करीब 70 लाख लोग प्रभावित हो सकते हैं। संगठन ने प्रत्यक्ष आर्थिक नुकसान का अनुमान लगभग 6.7 अरब डॉलर लगाया है।</p>
<p>वेनेजुएला सरकार ने बताया कि शनिवार तक विभिन्न देशों से 1,600 बचावकर्मी राहत और खोज अभियान में शामिल होने के लिए पहुंच चुके हैं। वहीं, अमेरिका से राहत सामग्री लेकर पहली सहायता उड़ानें भी काराकास पहुंच गई हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147953/devastation-increased-due-to-earthquake-in-venezuela--number-of-casualties-reached-1-430--lakhs-of-people-in-crisis</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/147953/devastation-increased-due-to-earthquake-in-venezuela--number-of-casualties-reached-1-430--lakhs-of-people-in-crisis</guid>
                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 20:40:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2026-06/file28.jpg"                         length="164732"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाकिस्तान पर कर्ज का बोझ 81.9 ट्रिलियन के पार, अर्थव्यवस्था ढहने के कगार पर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>इस्लामाबाद, 27 जून (वेब वार्ता)। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था वर्तमान में अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रही है। अप्रैल महीने में देश का कुल केंद्रीय कर्ज 1.4 ट्रिलियन रुपये की भारी वृद्धि के साथ 81.93 ट्रिलियन रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।</p>
<p>शहबाज शरीफ सरकार द्वारा आर्थिक स्थिरता के दावों के बावजूद, कर्ज का यह बढ़ता बोझ देश की वित्तीय संरचना को अंदर से खोखला कर रहा है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि राजस्व की कमी और कर्ज चुकाने के अंतहीन चक्र के कारण पाकिस्तान दिवालिया होने के गंभीर खतरे का सामना कर रहा है।</p>
<p>विकास कार्यों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>इस्लामाबाद, 27 जून (वेब वार्ता)। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था वर्तमान में अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रही है। अप्रैल महीने में देश का कुल केंद्रीय कर्ज 1.4 ट्रिलियन रुपये की भारी वृद्धि के साथ 81.93 ट्रिलियन रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।</p>
<p>शहबाज शरीफ सरकार द्वारा आर्थिक स्थिरता के दावों के बावजूद, कर्ज का यह बढ़ता बोझ देश की वित्तीय संरचना को अंदर से खोखला कर रहा है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि राजस्व की कमी और कर्ज चुकाने के अंतहीन चक्र के कारण पाकिस्तान दिवालिया होने के गंभीर खतरे का सामना कर रहा है।</p>
<p>विकास कार्यों पर गहरा असर</p>
<p>चालू वित्त वर्ष के शुरुआती 10 महीनों में कर्ज में हुई 4 ट्रिलियन रुपये से अधिक की बढ़ोतरी ने सरकार की आर्थिक नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।</p>
<p>देश का अधिकांश सरकारी राजस्व केवल पुराने कर्ज और उस पर चढ़े भारी ब्याज को चुकाने में ही खर्च हो रहा है। इसके परिणामस्वरूप शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में होने वाला निवेश पूरी तरह रुक गया है। राजस्व बढ़ाने में सरकार की विफलता और बढ़ता वित्तीय घाटा देश की आर्थिक सेहत को वेंटिलेटर पर ले आया है।</p>
<p>वैश्विक चुनौतियों और सुधारों की आवश्यकता</p>
<p>पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की कीमतों में उछाल ने पाकिस्तान की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। तेल आयात की बढ़ती लागत से विदेशी मुद्रा भंडार पर भारी दबाव बना हुआ है।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि इस भंवर से निकलने का एकमात्र रास्ता कड़े संरचनात्मक सुधार, सार्वजनिक खर्चों में कटौती और राजस्व जुटाने के नए उपायों को अपनाना है। यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में पाकिस्तान को और भी भयावह वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147914/pakistan-s-debt-burden-crosses-rs-81-9-trillion--economy-on-the-verge-of-collapse</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/147914/pakistan-s-debt-burden-crosses-rs-81-9-trillion--economy-on-the-verge-of-collapse</guid>
                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 17:23:47 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्यू रिसर्च सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा: भारतीयों का डोनाल्ड ट्रंप से भरोसा घटा, व्लादिमीर पुतिन बने सबसे भरोसेमंद वैश्विक नेता</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 27 जून (वेब वार्ता)। प्यू रिसर्च सेंटर के वर्ष 2026 के ग्लोबल ओपिनियन सर्वे ने वैश्विक राजनीति में अमेरिका की बदलती छवि को उजागर किया है। सर्वे के अनुसार, पिछले 25 वर्षों में पहली बार अमेरिकी सरकार और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रति भारतीय जनता का भरोसा अपने न्यूनतम स्तर पर पहुँच गया है।</p>
<p>भारतीयों की अमेरिका के प्रति नकारात्मक राय में ऐतिहासिक वृद्धि देखी गई है, जो यह दर्शाती है कि ट्रंप की विवादास्पद टैरिफ नीतियों और कड़े निर्णयों ने वैश्विक स्तर पर उनकी साख को प्रभावित किया है।</p>
<p>पुतिन ने ट्रंप को पीछे छोड़ा</p>
<p>सर्वे के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147915/shocking-revelation-in-pew-research-survey--indians--trust-in-donald-trump-decreased--vladimir-putin-became-the-most-trusted-global-leader"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-03/5038_putin-vladimir-russia2.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 27 जून (वेब वार्ता)। प्यू रिसर्च सेंटर के वर्ष 2026 के ग्लोबल ओपिनियन सर्वे ने वैश्विक राजनीति में अमेरिका की बदलती छवि को उजागर किया है। सर्वे के अनुसार, पिछले 25 वर्षों में पहली बार अमेरिकी सरकार और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रति भारतीय जनता का भरोसा अपने न्यूनतम स्तर पर पहुँच गया है।</p>
<p>भारतीयों की अमेरिका के प्रति नकारात्मक राय में ऐतिहासिक वृद्धि देखी गई है, जो यह दर्शाती है कि ट्रंप की विवादास्पद टैरिफ नीतियों और कड़े निर्णयों ने वैश्विक स्तर पर उनकी साख को प्रभावित किया है।</p>
<p>पुतिन ने ट्रंप को पीछे छोड़ा</p>
<p>सर्वे के चौंकाने वाले आंकड़ों में 51 प्रतिशत भारतीयों ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर सर्वाधिक भरोसा जताया है। इसके विपरीत, डोनाल्ड ट्रंप को मात्र 39 प्रतिशत और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को 34 प्रतिशत लोगों का समर्थन मिला है।</p>
<p>यह बदलाव स्पष्ट करता है कि भारतीय अब ट्रंप की तुलना में पुतिन के नेतृत्व को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके अलावा, सर्वे में शामिल अन्य नेताओं जैसे इमैनुएल मैक्रों और वोलोडिमिर जेलेंस्की को भी भारतीय जनमत में तुलनात्मक रूप से कम विश्वास प्राप्त हुआ है।</p>
<p>वैश्विक स्तर पर अमेरिका की साख में गिरावट</p>
<p>सर्वेक्षण में दुनिया भर के 36 देशों में औसतन केवल 23 प्रतिशत वयस्क ही ट्रंप के नेतृत्व का समर्थन करते नजर आए। भारत सहित इंडोनेशिया और इटली जैसे देशों में भी अमेरिकी रेटिंग में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।</p>
<p>प्यू रिसर्च का यह डेटा, जो 3500 से अधिक भारतीयों के साक्षात्कार पर आधारित है, यह संकेत देता है कि वैश्विक शांति और स्थिरता के मामले में अमेरिका की भूमिका को लेकर विश्वभर में निराशा बढ़ रही है। ट्रंप की इमिग्रेशन और विदेशी नीतियों पर बढ़ती असहमति उनके गिरते जनाधार का मुख्य कारण मानी जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147915/shocking-revelation-in-pew-research-survey--indians--trust-in-donald-trump-decreased--vladimir-putin-became-the-most-trusted-global-leader</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/147915/shocking-revelation-in-pew-research-survey--indians--trust-in-donald-trump-decreased--vladimir-putin-became-the-most-trusted-global-leader</guid>
                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 17:22:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2022-03/5038_putin-vladimir-russia2.jpg"                         length="41983"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        