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                <title>विश्व - Loktej</title>
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                <title>स्वीडन में पीएम मोदी ने यूरोपीय उद्योगपतियों को दिया भारत में निवेश का न्योता</title>
                                    <description><![CDATA[<p>गोथेनबर्ग, 18 मई (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वीडन के प्रमुख औद्योगिक केंद्र गोथेनबर्ग में आयोजित ‘यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री’ (ERT) के एक विशेष और हाई-प्रोफाइल सत्र को संबोधित करते हुए यूरोप की शीर्ष बहुराष्ट्रीय कंपनियों से भारत के विकास पथ में भागीदार बनने और बड़े पैमाने पर निवेश करने की कूटनीतिक अपील की है।</p>
<p>स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन की संयुक्त मेजबानी में आयोजित इस शिखर बैठक में वोडाफोन, एरिक्सन, नोकिया, शेल, वोल्वो, एयरबस और नेस्ले जैसी दुनिया की 55 सबसे प्रभावशाली कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEOs)</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147176/pm-modi-in-sweden-invites-european-industrialists-to-invest-in"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-10/9726_modi1.jpg" alt=""></a><br /><p>गोथेनबर्ग, 18 मई (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वीडन के प्रमुख औद्योगिक केंद्र गोथेनबर्ग में आयोजित ‘यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री’ (ERT) के एक विशेष और हाई-प्रोफाइल सत्र को संबोधित करते हुए यूरोप की शीर्ष बहुराष्ट्रीय कंपनियों से भारत के विकास पथ में भागीदार बनने और बड़े पैमाने पर निवेश करने की कूटनीतिक अपील की है।</p>
<p>स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन की संयुक्त मेजबानी में आयोजित इस शिखर बैठक में वोडाफोन, एरिक्सन, नोकिया, शेल, वोल्वो, एयरबस और नेस्ले जैसी दुनिया की 55 सबसे प्रभावशाली कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEOs) और चेयरपर्सन ने हिस्सा लिया।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी नेवैश्विक व्यापारिक समुदाय के सामने भारत-यूरोप के बीच गहरे औद्योगिक और रणनीतिक सहयोग को बढ़ाने के लिए एक विशेष पांच-स्तरीय कूटनीतिक ढांचे की रूपरेखा प्रस्तुत की और हर कंपनी से अगले पांच वर्षों में भारत के लिए एक नया निवेश संकल्प लेने का आह्वान किया।</p>
<p>डिजिटल मीडिया को साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री ने दोनों क्षेत्रों के बीच कूटनीतिक और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए पांच प्रमुख सेक्टर्स की पहचान की है, जिनमें टेलीकॉम और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) व सेमीकंडक्टर, ग्रीन ट्रांजिशन व क्लीन एनर्जी, इंफ्रास्ट्रक्चर व मोबिलिटी, और हेल्थकेयर व लाइफ साइंसेज शामिल हैं।</p>
<p>इन क्षेत्रों में सहयोग को गति देने के लिए पीएम मोदी ने कई महत्वपूर्ण कूटनीतिक और संस्थागत तंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव रखा, जिसमें सालाना भारत-यूरोप सीईओ राउंडटेबल का आयोजन, सेक्टर-विशिष्ट वर्किंग ग्रुप्स का गठन और भारत में काम करने वाली यूरोपीय कंपनियों की मदद के लिए एक समर्पित ‘ERT इंडिया डेस्क’ या ‘इंडिया एक्शन ग्रुप’ की स्थापना शामिल है।</p>
<p>उन्होंने हाल ही में संपन्न हुए भारत- यूरोपीय संघ (EU) मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की सराहना करते हुए इसे व्यापार विस्तार की ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ करार दिया।</p>
<p>वैश्विक निवेशकों को आश्वस्त करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की मजबूत आर्थिक प्रगति और पिछले बारह वर्षों में किए गए युगांतरकारी नीतिगत सुधारों का विशेष रूप से उल्लेख किया, जिसमें माल एवं सेवा कर (GST) का सफल क्रियान्वयन, इन्सॉल्वेंसी रिफॉर्म्स, कॉर्पोरेट टैक्स में ऐतिहासिक कटौती, प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम्स और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) का उदारीकरण शामिल हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि 1.4 बिलियन उपभोक्ताओं के बाजार और दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम के साथ भारत आज वैश्विक अर्थव्यवस्था का सबसे चमकता सितारा है।</p>
<p>सरकार इन कूटनीतिक प्रयासों के माध्यम से पहचाने गए प्रत्येक बड़े और फ्लैगशिप प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के लिए पूर्ण संस्थागत और प्रशासनिक सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे दोनों अर्थव्यवस्थाओं को आने वाले समय में एक नई कूटनीतिक मजबूती मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 15:05:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नीदरलैंड में द्विपक्षीय संबंधों की महत्वाकांक्षी रूपरेखा पर सहमति के बाद मोदी स्वीडन रवाना</title>
                                    <description><![CDATA[<p>दे हेग17 मई (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि उनकी नीदरलैंड यात्रा से दोनों देशों के संबंधों को नई गति मिली है और संबंधों को रणनीतिक साझेदारी तक ले जाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।</p>
<p>पांच देशों की यात्रा के दूसरे चरण में दो दिन की नीदरलैंड यात्रा संपन्न होने के बाद श्री मोदी ने रविवार को कहा कि नीदरलैंड के प्रधानमंत्री के साथ बातचीत से दोनों देशों ने भविष्य के लिए एक महत्वाकांक्षी रूपरेखा तैयार की है।</p>
<p>नीदरलैंड की यात्रा के बाद श्री मोदी यात्रा के तीसरे पड़ाव स्वीडन के लिए रवाना हो गये। श्री मोदी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147170/modi-leaves-for-sweden-after-agreeing-on-an-ambitious-roadmap"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/5077_modi.jpg" alt=""></a><br /><p>दे हेग17 मई (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि उनकी नीदरलैंड यात्रा से दोनों देशों के संबंधों को नई गति मिली है और संबंधों को रणनीतिक साझेदारी तक ले जाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।</p>
<p>पांच देशों की यात्रा के दूसरे चरण में दो दिन की नीदरलैंड यात्रा संपन्न होने के बाद श्री मोदी ने रविवार को कहा कि नीदरलैंड के प्रधानमंत्री के साथ बातचीत से दोनों देशों ने भविष्य के लिए एक महत्वाकांक्षी रूपरेखा तैयार की है।</p>
<p>नीदरलैंड की यात्रा के बाद श्री मोदी यात्रा के तीसरे पड़ाव स्वीडन के लिए रवाना हो गये। श्री मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा ,” मेरी नीदरलैंड यात्रा ने भारत-नीदरलैंड संबंधों को नई गति प्रदान की है।</p>
<p>हमारे संबंधों को एक रणनीतिक साझेदारी तक उन्नत करने से लेकर जल संसाधनों, सेमीकंडक्टर, नवाचार, रक्षा, स्थिरता और गतिशीलता में सहयोग के विस्तार तक, हमने भविष्य के लिए एक महत्वाकांक्षी रूपरेखा तैयार की है। मैं प्रधानमंत्री रॉब जेटन के प्रति उनकी गर्मजोशी भरी मेहमाननवाज़ी और व्यक्तिगत रूप से हवाई अड्डे पर आकर विदाई देने के लिए अपना आभार व्यक्त करता हूँ।</p>
<p>मुझे विश्वास है कि भारत और नीदरलैंड के बीच मित्रता आने वाले वर्षों में और अधिक मजबूत होती रहेगी।” इससे पहले श्री मोदी ने प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ नीदरलैंड की प्रतिष्ठित जल प्रबंधन संरचना, अफस्लुइटडिज्क का भ्रमण किया।</p>
<p>इस यात्रा ने नवोन्मेषी जल प्रबंधन समाधान, जलवायु सहनशीलता तथा सतत अवसंरचना के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। यह 32 किलोमीटर लंबा अफस्लुइटडिज्क बांध और उससे बना पुल बाढ़ नियंत्रण और भूमि सुधार के क्षेत्र में एक वैश्विक मिसाल है।</p>
<p>यह बांध नीदरलैंड के बड़े हिस्से को उत्तरी सागर से बचाता है और साथ ही मीठे पानी के भंडारण को भी संभव बनाता है। बांध के भ्रमण के दौरारन गुजरात राज्य में अफस्लुइटडिज्क और भारत की महत्वाकांक्षी कल्पसर परियोजना के बीच समानताओं पर प्रकाश डाला गया।</p>
<p>कल्पसर परियोजना का उद्देश्य खंभात की खाड़ी में एक मीठे पानी का जलाशय बनाना है, जो ज्वारीय बिजली उत्पादन, सिंचाई और परिवहन बुनियादी ढांचे को एकीकृत करता है।</p>
<p>इस संबंध में, दोनों पक्षों ने कल्पसर परियोजना पर तकनीकी सहयोग के लिए भारत के जल शक्ति मंत्रालय और नीदरलैंड के बुनियादी ढांचा और जल प्रबंधन मंत्रालय के बीच आशय पत्र पर हस्ताक्षर करने का स्वागत किया।</p>
<p>दोनों नेताओं ने इस बात पर बल दिया कि जल अभियांत्रिकी में नीदरलैंड की विशेषज्ञता और भारत की व्यापक कार्यान्वयन क्षमता परस्पर लाभकारी साझेदारियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करती हैं।</p>
<p>यह यात्रा जल क्षेत्र में भारत-नीदरलैंड सामरिक साझेदारी की पुनर्पुष्टि करती है तथा नवाचार और सतत विकास के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 20:57:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चीन से लौटते ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा: शी जिनपिंग भी नहीं चाहते ईरान के पास हो परमाणु हथियार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><br />वॉशिंगटन, 16 मई (वेब वार्ता)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन की अपनी तीन दिवसीय आधिकारिक राजकीय यात्रा से लौटते ही एक बड़ा और चौंकाने वाला दावा किया है।</p>
<p>एयरफोर्स वन विमान में पत्रकारों से विशेष बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और चीन इस बात पर पूरी तरह सहमत हैं कि ईरान के पास किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार (न्यूक्लियर वेपन) नहीं होने चाहिए।</p>
<p>ट्रंप के मुताबिक, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने द्विपक्षीय मुलाकात के दौरान बेहद कड़े शब्दों में कहा कि वे ईरान को परमाणु संपन्न राष्ट्र बनते नहीं देखना चाहते और होर्मुज स्ट्रेट (जलडमरूमध्य)</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147148/us-president-donald-trumps-big-claim-after-returning-from-china"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p><br />वॉशिंगटन, 16 मई (वेब वार्ता)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन की अपनी तीन दिवसीय आधिकारिक राजकीय यात्रा से लौटते ही एक बड़ा और चौंकाने वाला दावा किया है।</p>
<p>एयरफोर्स वन विमान में पत्रकारों से विशेष बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और चीन इस बात पर पूरी तरह सहमत हैं कि ईरान के पास किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार (न्यूक्लियर वेपन) नहीं होने चाहिए।</p>
<p>ट्रंप के मुताबिक, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने द्विपक्षीय मुलाकात के दौरान बेहद कड़े शब्दों में कहा कि वे ईरान को परमाणु संपन्न राष्ट्र बनते नहीं देखना चाहते और होर्मुज स्ट्रेट (जलडमरूमध्य) के रणनीतिक समुद्री रास्ते को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए तुरंत खोला जाना चाहिए।</p>
<p>ट्रंप ने यह भी दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट पर इस समय अमेरिकी नौसेना का पूरा नियंत्रण है और अमेरिका की सख्त नाकाबंदी के चलते पिछले ढाई हफ्तों से ईरान को रोजाना 500 मिलियन डॉलर का भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।</p>
<p>बीजिंग में हुई इस उच्च स्तरीय मुलाकात के दौरान दोनों महाशक्तियों के राष्ट्रध्यक्षों के बीच ताइवान के संवेदनशील मुद्दे पर भी बेहद विस्तार से चर्चा हुई।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने खुलासा किया कि शी जिनपिंग ताइवान में किसी भी तरह की आजादी की जंग या सैन्य विद्रोह नहीं देखना चाहते हैं, क्योंकि इससे वैश्विक स्तर पर एक बहुत बड़ा और विनाशकारी सैन्य टकराव पैदा हो सकता है।</p>
<p>ट्रंप ने कहा कि चीनी राष्ट्रपति ताइवान में चल रही वर्तमान गतिविधियों के सख्त खिलाफ हैं। हालांकि, ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने ताइवान की संप्रभुता और सुरक्षा को लेकर जिनपिंग की बातों को बेहद ध्यान से सुना, लेकिन उस समय उस पर कोई सीधी टिप्पणी या आधिकारिक वादा करने से पूरी तरह परहेज किया।</p>
<p>पत्रकारों द्वारा जब ट्रंप से साल 1982 के पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के उस ऐतिहासिक आश्वासन के बारे में पूछा गया, जिसके तहत अमेरिका ताइवान को हथियार बेचने से पहले चीन से कोई सलाह नहीं करने के लिए प्रतिबद्ध था, तो ट्रंप ने व्यावहारिक रुख अपनाया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि 1982 की बातें अब बहुत पुरानी हो चुकी हैं और वे किसी पुराने समझौते की आड़ लेकर चीनी राष्ट्रपति से इस गंभीर विषय पर बात करने से मना नहीं कर सकते थे।</p>
<p>ट्रंप ने स्वीकार किया कि दोनों नेताओं के बीच ताइवान को अमेरिकी हथियारों की आपूर्ति पर भी गहन चर्चा हुई है, जिस पर वे जल्द ही कोई अंतिम फैसला लेंगे।</p>
<p>उन्होंने अंत में जोर देकर कहा कि इस समय अमेरिका को अपने देश से 9,500 मील दूर किसी भी नए युद्ध या सैन्य मोर्चे की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 14:19:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प.एशिया में शांति के लिए भारत हर संभव सहयोग देने को तैयार : प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई में कहा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अबू धाबी, 15 मई (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ शुक्रवार को बातचीत की और इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत पश्चिम एशिया में शांति लाने के लिए हर संभव सहयोग देने को तैयार है।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी और अल नाहयान की मुलाकात मोदी के पांच देशों के दौरे के पहले चरण में यूएई पहुंचने के तत्काल बाद हुई।</p>
<p>संयुक्त अरब अमीरात के नेता के साथ बैठक की शुरुआत में मोदी ने कहा कि हमने संयुक्त अरब अमीरात पर हुए हमलों की निंदा की।</p>
<p>संयुक्त अरब अमीरात</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147127/india-is-ready-to-provide-all-possible-support-for-peace"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-10/9726_modi1.jpg" alt=""></a><br /><p>अबू धाबी, 15 मई (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ शुक्रवार को बातचीत की और इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत पश्चिम एशिया में शांति लाने के लिए हर संभव सहयोग देने को तैयार है।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी और अल नाहयान की मुलाकात मोदी के पांच देशों के दौरे के पहले चरण में यूएई पहुंचने के तत्काल बाद हुई।</p>
<p>संयुक्त अरब अमीरात के नेता के साथ बैठक की शुरुआत में मोदी ने कहा कि हमने संयुक्त अरब अमीरात पर हुए हमलों की निंदा की।</p>
<p>संयुक्त अरब अमीरात ईरान के खिलाफ जारी अमेरिकी-इजरायल युद्ध के दौरान ईरानी हमलों का शिकार हुआ है। यहां अमेरिका का एक प्रमुख सैन्य अड्डा है।</p>
<p>मोदी ने कहा, ‘‘यूएई को जिस तरह से निशाना बनाया गया है, वह अस्वीकार्य है लेकिन यूएई ने जिस तरह से संयम रखते हुए मौजूदा स्थिति को संभाला है वह प्रशंसनीय है।’’</p>
<p>प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि पश्चिम एशियाई संघर्ष का प्रभाव वैश्विक स्तर पर महसूस किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत पश्चिम एशिया में शांति लाने के लिए हर संभव सहयोग करने को तैयार है।’’</p>
<p>प्रधानमंत्री का हवाई अड्डे पर यूएई के राष्ट्रपति ने स्वागत किया, जो मोदी की यात्रा को यूएई द्वारा दिए जा रहे महत्व को दर्शाता है। मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।</p>
<p>मोदी ने सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट कहा, ‘‘अबू धाबी हवाई अड्डे पर मेरा स्वागत करने के लिए मैं अपने भाई शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का आभार व्यक्त करता हूं।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘मैं ऊर्जा, निवेश, आपूर्ति श्रृंखला और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में भारत और यूएई के बीच संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से होने वाली हमारी चर्चाओं के लिए उत्सुक हूं।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 15:02:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>चीन दौरे पर डोनाल्ड ट्रंप: राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने की द्विपक्षीय वार्ता</title>
                                    <description><![CDATA[<p><br />बीजिंग, 14 मई (वेब वार्ता)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर चीन की राजधानी बीजिंग पहुंचे हैं, जहाँ ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपुल’ में उनका औपचारिक और भव्य स्वागत किया गया।</p>
<p>राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ट्रंप की अगवानी करते हुए दोस्ती का हाथ बढ़ाया है। यह यात्रा ऐसे महत्वपूर्ण समय पर हो रही है जब पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और ईरान युद्ध की स्थितियों ने वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितताएं पैदा कर दी हैं।</p>
<p>दोनों महाशक्तियों के बीच यह मुलाकात एशिया की स्थिरता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यात्रा के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147114/donald-trump-president-xi-jinping-hold-bilateral-talks-on-china"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p><br />बीजिंग, 14 मई (वेब वार्ता)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर चीन की राजधानी बीजिंग पहुंचे हैं, जहाँ ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपुल’ में उनका औपचारिक और भव्य स्वागत किया गया।</p>
<p>राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ट्रंप की अगवानी करते हुए दोस्ती का हाथ बढ़ाया है। यह यात्रा ऐसे महत्वपूर्ण समय पर हो रही है जब पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और ईरान युद्ध की स्थितियों ने वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितताएं पैदा कर दी हैं।</p>
<p>दोनों महाशक्तियों के बीच यह मुलाकात एशिया की स्थिरता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यात्रा के दौरान ट्रंप और जिनपिंग के बीच व्यापारिक मतभेदों को सुलझाने और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को बहाल करने पर गहन चर्चा हो रही है। बैठक में ईरान संकट के साथ-साथ</p>
<p>ताइवान के मुद्दे पर भी बातचीत हुई, जहाँ चीन ने अपना रुख बेहद कड़ा रखा है। पश्चिम एशिया के तनाव के कारण उपजे तेल संकट का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है, जिसे लेकर दोनों नेताओं ने अपनी साझा चिंताओं को साझा किया। अमेरिकी प्रशासन इस दौरे के जरिए चीन के साथ आर्थिक संतुलन साधने की कोशिश में जुटा है।</p>
<p>भारत सहित दक्षिण पूर्व एशिया के देशों की नजरें इस महत्वपूर्ण बैठक पर टिकी हुई हैं। रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप और जिनपिंग की यह मुलाकात भविष्य की वैश्विक राजनीति की दिशा तय करेगी।</p>
<p>खासकर पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी स्थितियों के बीच अमेरिका और चीन का एक मंच पर आना वैश्विक व्यापार के लिए सकारात्मक संकेत हो सकता है।</p>
<p>भारत इस बैठक के परिणामों का बारीकी से विश्लेषण कर रहा है, क्योंकि चीन और अमेरिका के संबंधों में आने वाला कोई भी बदलाव सीधे तौर पर एशियाई सुरक्षा और ऊर्जा बाजार को प्रभावित करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 14:56:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान के परमाणु कार्यक्रम को राष्ट्रपति पुतिन का समर्थन: शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए एटमी ऊर्जा के इस्तेमाल की पुष्टि</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मॉस्को, 13 मई (वेब वार्ता)। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर पश्चिमी देशों के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।</p>
<p>मॉस्को में विक्ट्री डे परेड के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए पुतिन ने कहा कि ईरान द्वारा परमाणु हथियार बनाने की कोशिश का कोई भी ठोस सबूत मौजूद नहीं है।</p>
<p>उन्होंने जोर देकर कहा कि बुशहर परमाणु संयंत्र सहित ईरान में चल रहे ऊर्जा प्रोजेक्ट्स का मुख्य फोकस शांतिपूर्ण एटम का इस्तेमाल करना है। पुतिन ने स्पष्ट किया कि रूस का काम मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों से प्रभावित नहीं है और वे भविष्य</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147094/president-putin-supports-irans-nuclear-program-confirms-use-of-atomic"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-03/5038_putin-vladimir-russia2.jpg" alt=""></a><br /><p>मॉस्को, 13 मई (वेब वार्ता)। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर पश्चिमी देशों के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।</p>
<p>मॉस्को में विक्ट्री डे परेड के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए पुतिन ने कहा कि ईरान द्वारा परमाणु हथियार बनाने की कोशिश का कोई भी ठोस सबूत मौजूद नहीं है।</p>
<p>उन्होंने जोर देकर कहा कि बुशहर परमाणु संयंत्र सहित ईरान में चल रहे ऊर्जा प्रोजेक्ट्स का मुख्य फोकस शांतिपूर्ण एटम का इस्तेमाल करना है। पुतिन ने स्पष्ट किया कि रूस का काम मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों से प्रभावित नहीं है और वे भविष्य में भी ईरान के साथ परमाणु सहयोग जारी रखने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।</p>
<p>पुतिन ने अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष को “बेहद कठिन लड़ाई” करार दिया, जिससे रूस एक जटिल स्थिति में आ गया है। उन्होंने कहा कि रूस के ईरान और फारस की खाड़ी के देशों, दोनों के साथ मजबूत संबंध हैं, इसलिए वे दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता और बातचीत का रास्ता खोलने के लिए सक्रिय हैं।</p>
<p>रूसी राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि यह तनाव जल्द ही समाप्त हो जाएगा, क्योंकि युद्ध को लंबा खींचने में किसी भी देश का हित नहीं है। उन्होंने कूटनीतिक समाधान की संभावनाओं पर जोर देते हुए कहा कि 2015 के समझौते की तरह अब भी नई संधियां संभव हैं।</p>
<p>ईरान के यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम पर उठे सवालों का जवाब देते हुए पुतिन ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।</p>
<p>उन्होंने दोहराया कि रूस का प्रस्ताव अब भी टेबल पर है, जिसके तहत यूरेनियम प्रोसेसिंग का काम संयुक्त राष्ट्र के परमाणु वॉचडॉग की सीधी देखरेख और नियंत्रण में किया जा सकता है। रूस चाहता है कि ईरान का परमाणु मटीरियल पूरी तरह सुरक्षित रहे और वैश्विक समुदाय की निगरानी में रहे।</p>
<p>पुतिन ने वाशिंगटन और तेहरान के बीच चल रहे कूटनीतिक तनाव को सुलझाने के लिए एक पारदर्शी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर आधारित ढांचे की वकालत की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 15:14:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप ने ईरान के नए शांति प्रस्ताव को बताया ‘कचरा’: सीजफायर को कहा ‘लाइफ सपोर्ट’ पर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वॉशिंगटन, 12 मई (वेब वार्ता)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान द्वारा भेजे गए हालिया शांति प्रस्ताव को ‘कचरा’ करार देते हुए पूरी तरह से खारिज कर दिया है।</p>
<p>ओवल ऑफिस में मीडिया से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्होंने इस प्रस्ताव को पूरा पढ़ा भी नहीं है क्योंकि यह बेहद ‘बेवकूफी भरा’ है। राष्ट्रपति के अनुसार, वर्तमान में सीजफायर की स्थिति ‘लाइफ सपोर्ट’ पर है और ईरान अब तक के अपने सबसे कमजोर दौर से गुजर रहा है।</p>
<p>ट्रंप ने तेहरान की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि उनकी सैन्य कार्रवाई ने ईरान के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147076/trump-calls-irans-new-peace-proposal-garbage-calls-ceasefire-on"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन, 12 मई (वेब वार्ता)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान द्वारा भेजे गए हालिया शांति प्रस्ताव को ‘कचरा’ करार देते हुए पूरी तरह से खारिज कर दिया है।</p>
<p>ओवल ऑफिस में मीडिया से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्होंने इस प्रस्ताव को पूरा पढ़ा भी नहीं है क्योंकि यह बेहद ‘बेवकूफी भरा’ है। राष्ट्रपति के अनुसार, वर्तमान में सीजफायर की स्थिति ‘लाइफ सपोर्ट’ पर है और ईरान अब तक के अपने सबसे कमजोर दौर से गुजर रहा है।</p>
<p>ट्रंप ने तेहरान की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि उनकी सैन्य कार्रवाई ने ईरान के शीर्ष नेतृत्व को कई स्तरों पर भारी नुकसान पहुँचाया है।</p>
<p>ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर कड़ा प्रहार करते हुए ट्रंप ने दोहराया कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि ईरान एक अस्थिर और खतरनाक राष्ट्र है, इसलिए परमाणु शक्ति उसके हाथ में होना दुनिया के लिए खतरा है।</p>
<p>ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी हमले में ईरानी परमाणु साइट्स इतनी बुरी तरह तबाह हो गई हैं कि वहां से ‘न्यूक्लियर डस्ट’ हटाने के लिए खुद ईरान ने अमेरिका से मदद मांगी है। उन्होंने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को दुनिया के लिए एक ‘बड़ी सेवा’ बताते हुए पूर्ववर्ती प्रशासनों की ढुलमुल नीतियों की जमकर आलोचना की।</p>
<p>दूसरी ओर, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद-बाघेर गालिबफ ने पलटवार करते हुए कहा है कि अमेरिका के पास ईरान के 14-सूत्रीय प्रस्ताव को मानने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है।</p>
<p>उन्होंने चेतावनी दी कि इस मामले में देरी का आर्थिक खामियाजा अमेरिकी करदाताओं को भुगतना पड़ेगा। इस बीच, ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने स्पष्ट किया है कि यूरेनियम संवर्धन और न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी का मुद्दा किसी भी बातचीत के एजेंडे में शामिल नहीं है।</p>
<p>तेहरान का कहना है कि संभावित बातचीत का केंद्र केवल क्षेत्रीय युद्ध को समाप्त करना होना चाहिए, न कि उनके परमाणु अधिकारों पर समझौता करना।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 14:34:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिकी शुल्क चुनौती के बीच सक्रिय वार्ता से समुद्री खाद्य उत्पादों के लिए खुला यूरोपीय बाजार: गोयल</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली/मुंबई</span>, 11 <span lang="hi" xml:lang="hi">मई (वेब वार्ता)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि भारत ने यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ सक्रिय रूप से बातचीत कर समुद्री खाद्य उत्पादों के निर्यात के लिए उनका बाजार खुलवाया है। उन्होंने आगे कहा कि इससे देश को अमेरिका द्वारा लगाए गए भारी शुल्कों से उत्पन्न चुनौतियों से उबरने में मदद मिली है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">गोयल ने यहां पत्रकारों को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने रुकावटों का पहले ही अंदाजा लगा लिया था। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय निर्यातकों के लिए वैकल्पिक बाजार</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली/मुंबई</span>, 11 <span lang="hi" xml:lang="hi">मई (वेब वार्ता)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि भारत ने यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ सक्रिय रूप से बातचीत कर समुद्री खाद्य उत्पादों के निर्यात के लिए उनका बाजार खुलवाया है। उन्होंने आगे कहा कि इससे देश को अमेरिका द्वारा लगाए गए भारी शुल्कों से उत्पन्न चुनौतियों से उबरने में मदद मिली है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">गोयल ने यहां पत्रकारों को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने रुकावटों का पहले ही अंदाजा लगा लिया था। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय निर्यातकों के लिए वैकल्पिक बाजार सुरक्षित करने के लिए तेजी से कदम उठाए गए। गोयल ने बताया </span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हमारी सरकार </span>24<span lang="hi" xml:lang="hi"> घंटे काम करती है। उन्होंने बताया कि अक्सर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोई समस्या पैदा होने से पहले ही हम योजना बनाना और कार्रवाई करना शुरू कर देते हैं। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">वाणिज्य मंत्री ने कहा कि भारतीय समुद्री भोजन पर </span>50<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत टैरिफ लगाने के अमेरिका के फैसले से निर्यात को बड़ा झटका लगा है और मछुआरों में निराशा फैल गई है। गोयल ने कहा कि भारत ने समुद्री भोजन का निर्यात के लिए अपना बाजार खोलने के लिए यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ सक्रिय रूप से बातचीत की</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे देश को अमेरिका के ऊंचे टैरिफ से पैदा हुई चुनौतियों से निपटने में मदद मिली है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने आगे बताया</span>, <span style="font-family:'Times New Roman', serif;">”</span><span lang="hi" xml:lang="hi">जब अमेरिका ने भारतीय समुद्री खाद्य उत्पादों पर </span>50<span lang="hi" xml:lang="hi"> फीसदी शुल्क लगाया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो हमारे निर्यात को बड़ा नुकसान हुआ और मछुआरे बहुत परेशान थे। गोयल ने कहा कि केंद्र ने यूरोपीय संघ के साथ संपर्क कर और उन नियामक बाधाओं को दूर करके इसका जवाब दिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिन्होंने पहले भारतीय खेप को प्रतिबंधित कर दिया था।</span><span lang="hi" style="font-family:'Times New Roman', serif;" xml:lang="hi">”</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> उन्होंने कहा</span>, <span style="font-family:'Times New Roman', serif;">”</span><span lang="hi" xml:lang="hi">हमने कड़ा रुख अपनाया और गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र का इस्तेमाल किया। आज </span>125<span lang="hi" xml:lang="hi"> से भी अधिक भारतीय मत्स्य प्रतिष्ठान पंजीकृत हो चुके हैं।</span><span lang="hi" style="font-family:'Times New Roman', serif;" xml:lang="hi">”</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> उन्होंने आगे कहा कि इससे भारत को एक बड़े और स्थिर बाजार तक फिर से पहुंच बनाने में मदद मिली है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि इस रणनीतिक कदम के सकारात्मक परिणाम मिले हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद पिछले साल समुद्री खाद्य निर्यात में लगभग </span>12-14<span lang="hi" xml:lang="hi"> फीसदी तक की वृद्धि दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ के बाजार को खोलना बेहद महत्वपूर्ण था क्योंकि वहां आयात की भारी मांग है और वैश्विक व्यापार में इसका बड़ा महत्व है। बता दें कि पीयूष गोयल महाराष्ट्र के दौरे पर हैं।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>विश्व</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147065/goyal-opens-european-market-for-seafood-products-with-active-talks</link>
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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 16:22:28 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को बताया पूरी तरह ‘क्रेजी’: तेहरान की शर्तों पर भड़के अमेरिकी राष्ट्रपति</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वॉशिंगटन, 11 मई (वेब वार्ता)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान द्वारा भेजे गए शांति प्रस्ताव के जवाब पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे पूरी तरह अस्वीकार्य बताया है।</p>
<p>ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को युद्ध समाप्ति का एक मसौदा भेजा था, जिसमें प्रतिबंधों को हटाने, बंदरगाहों की नाकेबंदी खत्म करने और अमेरिकी सेना की वापसी जैसी शर्तें रखी गई थीं।</p>
<p>इन शर्तों पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट किया कि उन्हें ईरान के तथाकथित प्रतिनिधियों का जवाब बिल्कुल पसंद नहीं आया। उन्होंने ईरान के नेतृत्व को ‘क्रेजी शासन’ करार देते हुए स्पष्ट किया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147056/trump-calls-irans-peace-proposal-completely-crazy-us-president-angry"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन, 11 मई (वेब वार्ता)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान द्वारा भेजे गए शांति प्रस्ताव के जवाब पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे पूरी तरह अस्वीकार्य बताया है।</p>
<p>ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को युद्ध समाप्ति का एक मसौदा भेजा था, जिसमें प्रतिबंधों को हटाने, बंदरगाहों की नाकेबंदी खत्म करने और अमेरिकी सेना की वापसी जैसी शर्तें रखी गई थीं।</p>
<p>इन शर्तों पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट किया कि उन्हें ईरान के तथाकथित प्रतिनिधियों का जवाब बिल्कुल पसंद नहीं आया। उन्होंने ईरान के नेतृत्व को ‘क्रेजी शासन’ करार देते हुए स्पष्ट किया कि ऐसी शर्तों के साथ कोई समझौता संभव नहीं है।</p>
<p>एक हालिया साक्षात्कार में ट्रंप ने दावा किया कि ईरान सैन्य रूप से पूरी तरह हार चुका है और उसकी रक्षात्मक व आक्रामक क्षमताएं लगभग समाप्त हो चुकी हैं। ट्रंप ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि वर्तमान में तेहरान के पास न तो वायुसेना बची है और न ही प्रभावी नौसेना।</p>
<p>उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका ईरान के यूरेनियम संवर्धन केंद्रों पर पैनी नजर रख रहा है और यदि वहां कोई संदिग्ध गतिविधि दिखी, तो तुरंत बड़ी सैन्य कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>ट्रंप के अनुसार, यदि आज अमेरिकी सेना पीछे हटती है, तो भी ईरान को दोबारा खड़ा होने में कम से कम 20 साल का समय लगेगा। क्षेत्र में जारी अमेरिकी सैन्य अभियानों पर बात करते हुए राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि वॉशिंगटन का काम अभी पूरा नहीं हुआ है।</p>
<p>उन्होंने अनुमान लगाया कि अमेरिकी सेना ने अपने निर्धारित लक्ष्यों में से अब तक केवल 70 प्रतिशत को ही नष्ट किया है, जिसका अर्थ है कि आने वाले समय में और भी हमले हो सकते हैं।</p>
<p>ट्रंप ने दोहराया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दे सकता। फिलहाल, खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर है और कूटनीतिक रास्तों के बजाय सैन्य बयानबाजी ने शांति की उम्मीदों को और कम कर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 14:58:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>हंतावायरस से प्रभावित जहाज पर सवार सभी लोग ‘हाई-रिस्क’ कॉन्टैक्ट : डब्ल्यूएचओ</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जिनेवा, 10 मई (वेब वार्ता)। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि जिस क्रूज जहाज पर हंतावायरस फैलने का मामला सामने आया है, उसमें सवार सभी लोगों को “उच्च जोखिम” वाला संपर्क माना जाना चाहिए। इसलिए उन सभी की 42 दिनों तक लगातार निगरानी की जानी चाहिए।</p>
<p>डब्ल्यूएचओ में महामारी और रोकथाम विभाग की निदेशक मारिया वैन केरखोव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जहाज पर मौजूद हर व्यक्ति को हाई-रिस्क कॉन्टैक्ट माना जा रहा है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि फिलहाल जहाज पर किसी में भी बीमारी के लक्षण नहीं दिखे हैं, लेकिन फिर भी जहाज से उतरने वाले</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147037/all-people-on-board-ship-affected-by-hantavirus-high-risk-contacts"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-07/7951_who-world-health-organization-un.jpg" alt=""></a><br /><p>जिनेवा, 10 मई (वेब वार्ता)। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि जिस क्रूज जहाज पर हंतावायरस फैलने का मामला सामने आया है, उसमें सवार सभी लोगों को “उच्च जोखिम” वाला संपर्क माना जाना चाहिए। इसलिए उन सभी की 42 दिनों तक लगातार निगरानी की जानी चाहिए।</p>
<p>डब्ल्यूएचओ में महामारी और रोकथाम विभाग की निदेशक मारिया वैन केरखोव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जहाज पर मौजूद हर व्यक्ति को हाई-रिस्क कॉन्टैक्ट माना जा रहा है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि फिलहाल जहाज पर किसी में भी बीमारी के लक्षण नहीं दिखे हैं, लेकिन फिर भी जहाज से उतरने वाले सभी यात्रियों और कर्मचारियों की 42 दिनों तक निगरानी और स्वास्थ्य जांच जरूरी है।</p>
<p>हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि आम लोगों और स्पेन के कैनरी आइलैंड्स के लोगों के लिए खतरा अभी कम है। यह जहाज रविवार को वहां पहुंचने वाला है।</p>
<p>शनिवार को डब्ल्यूएचओ के ‘डिजीज आउटब्रेक न्यूज़’ अपडेट के अनुसार, इस क्रूज जहाज पर 2 मई को पहली बार गंभीर सांस संबंधी बीमारी के मामले सामने आए थे। उस समय जहाज पर 147 यात्री और  कर्मचारी मौजूद थे, जबकि 34 लोग पहले ही जहाज से उतर चुके थे।</p>
<p>सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, संबंधित देशों में डब्ल्यूएचओ के सभी संपर्क बिंदुओं को सूचित कर दिया गया है। सभी देश मिलकर उन लोगों का पता लगाने और उनकी जांच करने का काम कर रहे हैं, जो संक्रमित लोगों के संपर्क में आए हो सकते हैं।</p>
<p>8 मई तक कुल आठ लोगों में बीमारी के लक्षण पाए गए हैं। इनमें तीन लोगों की मौत हो चुकी है। छह मामलों में जांच के बाद एंडीज वायरस (एएनडीवी) हंतावायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है।</p>
<p>डब्ल्यूएचओ ने संबंधित देशों से कहा है कि वे आपसी तालमेल बनाए रखें और संक्रमित लोगों की पहचान, इलाज, संक्रमण रोकने के उपाय और लोगों तक सही जानकारी पहुंचाने का काम जारी रखें।</p>
<p>डब्ल्यूएचओ के अनुसार, हंतावायरस संक्रमण के शुरुआती लक्षणों में सिरदर्द, चक्कर आना, ठंड लगना, बुखार, मांसपेशियों में दर्द और पेट संबंधी समस्याएं शामिल हैं। इनमें मतली, उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।</p>
<p>डब्ल्यूएचओ ने यह भी कहा कि पहले के कुछ मामलों में लक्षण आने से पहले भी संक्रमण फैलने की आशंका को पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता।</p>
<p>इसलिए कम जोखिम वाले लोगों को भी अपनी सेहत पर नजर रखने, जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से जांच कराने और लक्षण दिखने पर मास्क पहनने की सलाह दी गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 May 2026 18:41:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रूस यूक्रेन में 3 दिन का सीजफायर! पुतिन-जेलेंस्की की तारीफ कर ट्रंप बोले- मैंने रुकवाई जंग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>यूक्रेन, 09 मई (वेब वार्ता)। रूस और यूक्रेन के बीच चार साल से जारी भीषण जंग में 3 दिन के सीजफायर का ऐलान हुआ है। ट्रंप ने इस अहम समझौते के तहत 1000 कैदियों की रिहाई भी पक्की की है।</p>
<p>रूस और यूक्रेन के बीच पिछले चार साल से जारी भीषण जंग में अब एक बड़ा और ऐतिहासिक मोड़ आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों देशों के बीच लगातार चल रही इस खतरनाक लड़ाई में तीन दिन के सीजफायर का बड़ा ऐलान किया है।</p>
<p>यह अहम सीजफायर 9 मई से 11 मई तक लागू रहेगा जिसमें सभी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147025/russia-3-day-ceasefire-in-ukraine-trump-praised-putin-zelensky-and-said"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p>यूक्रेन, 09 मई (वेब वार्ता)। रूस और यूक्रेन के बीच चार साल से जारी भीषण जंग में 3 दिन के सीजफायर का ऐलान हुआ है। ट्रंप ने इस अहम समझौते के तहत 1000 कैदियों की रिहाई भी पक्की की है।</p>
<p>रूस और यूक्रेन के बीच पिछले चार साल से जारी भीषण जंग में अब एक बड़ा और ऐतिहासिक मोड़ आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों देशों के बीच लगातार चल रही इस खतरनाक लड़ाई में तीन दिन के सीजफायर का बड़ा ऐलान किया है।</p>
<p>यह अहम सीजफायर 9 मई से 11 मई तक लागू रहेगा जिसमें सभी प्रकार की सैन्य गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाएगी। इस फैसले से पूरी दुनिया को राहत मिली है और इसे एक लंबे और घातक युद्ध के अंत की बहुत ही सकारात्मक शुरुआत माना जा रहा है।</p>
<p>ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर एक विशेष पोस्ट करके इस बड़े और महत्वपूर्ण शांति समझौते की पूरी जानकारी दी है। उन्होंने यह ऐतिहासिक सीजफायर स्वीकार करने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की की तारीफ भी की है।</p>
<p>इस बड़े समझौते के तहत दोनों देश एक-दूसरे के एक हजार युद्धबंदियों की सुरक्षित अदला-बदली करने पर भी पूरी तरह से सहमत हो गए हैं। रूसी और यूक्रेनी अधिकारियों ने इस समझौते की पुष्टि कर दी है जिससे दूसरे विश्व युद्ध के बाद की सबसे बड़ी जंग खत्म होने की उम्मीद है।</p>
<p>ट्रम्प का सीजफायर का अहम ऐलान<br />अमेरिका के राष्ट्रपति ने इस अभूतपूर्व और महत्वपूर्ण शांति वार्ता को सफल बनाने का पूरा क्रेडिट खुद को ही दिया है। ट्रंप का कहना है कि यह विशेष अनुरोध सीधे उनकी ओर से किया गया था जिसे दोनों देशों के शीर्ष नेताओं ने खुशी-खुशी मान लिया। उन्होंने कहा कि दुनिया की इस सबसे बड़ी लड़ाई को खत्म करने के लिए बातचीत चल रही है और समाधान बहुत करीब है।</p>
<p>डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पोस्ट में यह भी बताया कि रूस में यह विशेष जश्न ऐतिहासिक विजय दिवस के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा है। यूक्रेन के लिए भी यह दिन बहुत खास है क्योंकि दूसरे विश्व युद्ध के समय वह भी इस ऐतिहासिक और बड़ी जीत का अहम हिस्सा था।</p>
<p>इसी महत्वपूर्ण दिन को ध्यान में रखते हुए इस तीन दिवसीय सीजफायर को लागू करने का यह बेहद खास और रणनीतिक फैसला लिया गया है।</p>
<p>युद्धबंदियों की दोनों देश करेंगे होगी रिहाई<br />शांति प्रयासों की इस कड़ी में सबसे बड़ी खबर यह है कि दोनों देश अपने एक हजार कैदियों की अदला- बदली के लिए मान गए हैं। क्रेमलिन ने स्पष्ट किया है कि रूस ने इस प्रस्तावित सीजफायर और कैदियों की अदला-बदली के ट्रंप के प्रस्ताव पर सहमति दे दी है।</p>
<p>वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भी ट्रंप के इस बयान की पुष्टि करते हुए कैदियों की रिहाई के इस महत्वपूर्ण कदम का स्वागत किया है।</p>
<p>शांति की ओर बढ़ते कदम<br />फरवरी 2022 से लगातार चल रही इस भीषण लड़ाई में लाखों लोगों ने अपनी जान गंवाई है और भारी तबाही का मंजर देखा गया है। अब इस तीन दिन के संघर्ष विराम को एक बहुत बड़े कूटनीतिक समाधान की दिशा में पहला सबसे मजबूत और सकारात्मक कदम माना जा रहा है।</p>
<p>दुनिया भर के तमाम नेता अब यह उम्मीद कर रहे हैं कि यह छोटा सीजफायर जल्द ही एक स्थाई और पूर्ण शांति समझौते में बदल जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 May 2026 15:15:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान पर अमेरिका का प्रहार: केशम और बंदर अब्बास में मची तबाही, ट्रंप ने हमले को बताया ‘लव टैप’</title>
                                    <description><![CDATA[<p>तेहरान, 08 मई (वेब वार्ता)। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्धविराम के बावजूद दोनों देशों में तनाव एक बार फिर से बहुत ज्यादा बढ़ गया है। होर्मुज स्ट्रेट में हुए ईरानी हमलों के तुरंत बाद अमेरिका ने ईरान के केशम और बंदर अब्बास पर जवाबी कार्रवाई की है।</p>
<p>फॉक्स न्यूज की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी सेना ने ईरान के कई अहम सैन्य ठिकानों और नियंत्रण केंद्रों को पूरी तरह निशाना बनाया है। यह बड़ा हमला सात मई की उस खतरनाक घटना के बाद हुआ है जब ईरान ने अमेरिकी डिस्ट्रॉयर पर कई मिसाइलें दागी थीं।</p>
<p>इस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146997/americas-attack-on-iran-caused-devastation-in-qeshm-and-bandar"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p>तेहरान, 08 मई (वेब वार्ता)। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्धविराम के बावजूद दोनों देशों में तनाव एक बार फिर से बहुत ज्यादा बढ़ गया है। होर्मुज स्ट्रेट में हुए ईरानी हमलों के तुरंत बाद अमेरिका ने ईरान के केशम और बंदर अब्बास पर जवाबी कार्रवाई की है।</p>
<p>फॉक्स न्यूज की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी सेना ने ईरान के कई अहम सैन्य ठिकानों और नियंत्रण केंद्रों को पूरी तरह निशाना बनाया है। यह बड़ा हमला सात मई की उस खतरनाक घटना के बाद हुआ है जब ईरान ने अमेरिकी डिस्ट्रॉयर पर कई मिसाइलें दागी थीं।</p>
<p>इस पूरे तनावपूर्ण और युद्ध जैसे माहौल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बड़ी जवाबी कार्रवाई को सिर्फ एक लव टैप बताया है। सेंट्रल कमांड के अनुसार अमेरिकी नौसेना के गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर जहाज सात मई को ओमान की खाड़ी की ओर जा रहे थे।</p>
<p>ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग से गुजर रहे इन शांतिपूर्ण जहाजों पर अचानक कई ड्रोन और मिसाइलों से एक बहुत बड़ा हमला कर दिया था। इसके बाद अमेरिकी सेना ने सतर्कता दिखाते हुए उन सभी ठिकानों को नष्ट कर दिया जहां से ये खतरनाक हमले किए गए थे।</p>
<p>ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव</p>
<p>इन जोरदार अमेरिकी हमलों के तुरंत बाद ईरान ने चौकन्ना होते हुए राजधानी तेहरान में अपना आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह से एक्टिवेट कर दिया है।</p>
<p>समाचार एजेंसी मेहर के मुताबिक होर्मोजगन प्रांत के सिरिक और मीनाब शहर में भी कई तेज और भयानक धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। ईरान की सेना ने कड़ा ऐतराज जताते हुए आरोप लगाया है कि अमेरिका ने सीजफायर का घोर उल्लंघन करते हुए आम नागरिकों के इलाकोंपर बड़ा हमला किया है।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर पोस्ट कर यह अहम दावा किया है कि उनके तीन डिस्ट्रॉयर जहाज सुरक्षित गुजर चुके हैं।</p>
<p>उन्होंने गर्व के साथ कहा कि ईरानी ड्रोन को हवा में ही जला दिया गया और वे एक मरती हुई तितली की तरह अपनी कब्र की ओर गिरते साफ दिखाई दिए। ट्रंप ने यह भी बताया कि ईरान की छोटी नावों को भी समुद्र में डुबो दिया गया है और अमेरिकी जहाजों को किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है।</p>
<p>ईरान ने जवाबी कार्रवाई की दी धमकी</p>
<p>ईरान के शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने अमेरिका के इस अचानक हुए हमले का बहुत ही कड़ा और मुंहतोड़ जवाब देने की खुली चेतावनी दी है। ईरानी अधिकारियों का यह भी बहुत बड़ा दावा है कि उनके जवाबी हवाई हमलों में 228 अमेरिकी सैन्य सुविधाएं पूरी तरह से तबाह हो गई हैं।</p>
<p>ईरान की एक सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार उनके एयर डिफेंस ने केशम में दुश्मन के दो छोटे ड्रोन भी सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर मार गिराए हैं।</p>
<p>इस तेजी से बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पश्चिम एशिया के लिए 25.8 अरब डॉलर के विशाल हथियार पैकेज को मंजूरी दी है।</p>
<p>इसके साथ ही अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने यूएसएस जॉर्ज ए डब्ल्यू बुश से सुरक्षित उड़ान भरते एक विमान की तस्वीर भी जारी कर अपनी ताकत दिखाई है।</p>
<p>ईरानी विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उनके सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई इस पूरी गंभीर स्थिति की लगातार करीब से निगरानी कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 15:05:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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