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                <title>अहमदाबाद - Loktej</title>
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                <description>अहमदाबाद RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अहमदाबाद : AACA का “मीडिया एडवांटेज 2026” टॉक शो आयोजित, मीडिया की ताकत पर गहन चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अहमदाबाद। अहमदाबाद में Ahmedabad Advertising Welfare Circle Association (AACA) द्वारा 35वें एडवरटाइजिंग फेस्टिवल के तहत “मीडिया एडवांटेज 2026” टॉक शो का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मीडिया की बदलती भूमिका और ब्रांड ग्रोथ में उसकी अहमियत पर विस्तार से चर्चा की गई।</p>
<p>कार्यक्रम में देश के जाने-माने मीडिया विशेषज्ञों ने विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म्स की ताकत और उनके प्रभावी उपयोग पर अपने विचार साझा किए। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि एक मजबूत इंटीग्रेटेड मीडिया स्ट्रेटेजी ही ब्रांड के लिए वास्तविक प्रभाव और पहचान बना सकती है।</p>
<p>बसंत राठौड़ (जागरण ग्रुप) ने कहा कि प्रिंट मीडिया आज भी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146586/ahmedabad-aacas-%E2%80%9Cmedia-advantage-2026%E2%80%9D-talk-show-organized-in-depth-discussion"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-04/b14042026-07.jpg" alt=""></a><br /><p>अहमदाबाद। अहमदाबाद में Ahmedabad Advertising Welfare Circle Association (AACA) द्वारा 35वें एडवरटाइजिंग फेस्टिवल के तहत “मीडिया एडवांटेज 2026” टॉक शो का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मीडिया की बदलती भूमिका और ब्रांड ग्रोथ में उसकी अहमियत पर विस्तार से चर्चा की गई।</p>
<p>कार्यक्रम में देश के जाने-माने मीडिया विशेषज्ञों ने विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म्स की ताकत और उनके प्रभावी उपयोग पर अपने विचार साझा किए। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि एक मजबूत इंटीग्रेटेड मीडिया स्ट्रेटेजी ही ब्रांड के लिए वास्तविक प्रभाव और पहचान बना सकती है।</p>
<p>बसंत राठौड़ (जागरण ग्रुप) ने कहा कि प्रिंट मीडिया आज भी ब्रांड की विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा बनाने में सबसे प्रभावशाली माध्यम है। वहीं यतीश महर्षि (रेडियो मिर्ची) ने बताया कि मौजूदा मल्टी-मीडिया वातावरण में संतुलन बनाए रखने में रेडियो की अहम भूमिका है।</p>
<p>मनोज जग्यासी (भारत 24 न्यूज़) ने कहा कि पारंपरिक और डिजिटल मीडिया एक-दूसरे के पूरक हैं, जबकि टेलीविजन आज भी भारत में सबसे व्यापक पहुंच वाला माध्यम है।</p>
<p>वहीं जयेश याग्निक (मॉम्स आउटडोर) ने आउटडोर मीडिया को एक शुद्ध विज्ञापन माध्यम बताते हुए डिजिटल आउटडोर को अधिक इनोवेटिव और प्रभावशाली बताया।</p>
<p>कॉमर्स-यूके के डॉ. कुशल संघवी ने कहा कि डिजिटल मीडिया अब केवल जागरूकता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कनेक्टेड कॉमर्स में बदल चुका है, जहां हर टचपॉइंट संभावित ट्रांजैक्शन बन सकता है।</p>
<p>पूरे सत्र का संचालन मीका इंस्टीट्यूट  के डॉ. संतोष पात्रा । उन्होंने कहा कि हर मीडिया प्लेटफॉर्म की अपनी अलग ताकत होती है और मीडिया प्लानर्स व एडवरटाइजिंग एजेंसियों की भूमिका इन सभी माध्यमों के तालमेल से ब्रांड के लिए मांग पैदा करना है।</p>
<p>इस अवसर पर AACA के अध्यक्ष श्री मनीष गांधी ने AACA की 35 साल की यात्रा और गुजरात के एडवरटाइजिंग सेक्टर की प्रगति को दर्शाने वाली कॉफी टेबल बुक की घोषणा भी की। कार्यक्रम में गुजरात के प्रमुख विज्ञापनदाता और एजेंसियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही और आयोजन को उत्साहजनक प्रतिसाद मिला।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अहमदाबाद</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/146586/ahmedabad-aacas-%E2%80%9Cmedia-advantage-2026%E2%80%9D-talk-show-organized-in-depth-discussion</link>
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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 19:36:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अहमदाबाद-रतलाम रेल मंडलों के लिए 398.36 करोड़ की ओएफसी बैकबोन परियोजना को मंज़ूरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span>,<span lang="hi" xml:lang="hi"> 04 अप्रैल (वेब वार्ता)। रेलवे ने पश्चिमी रेल में संचार अवसंरचना को मज़बूत करने के लिए 398.36 करोड़ की ऑप्टिकल फाइबर केबल बैकबोन परियोजना को मंजूरी प्रदान की है। रेलवे ने शनिवार को बताया कि इस परियोजना तहत अहमदाबाद और रतलाम मंडलों में 4</span>×<span lang="hi" xml:lang="hi">48 ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) बैकबोन लगाने की मंज़ूरी प्रदान की गई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिस पर कुल 398.36 करोड़ रुपये की लागत आएगी। रेलवे के अनुसार इस परियोजना को </span><span lang="hi" style="font-family:'Times New Roman', serif;" xml:lang="hi">“</span><span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय रेलवे के बाकी बचे मार्गों पर दीर्घकालिक विकास (एलटीई ) के संचार बैकबोन के साथ ‘कवच’ की व्यवस्था (अम्ब्रेला वर्क 2024–25)</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span>,<span lang="hi" xml:lang="hi"> 04 अप्रैल (वेब वार्ता)। रेलवे ने पश्चिमी रेल में संचार अवसंरचना को मज़बूत करने के लिए 398.36 करोड़ की ऑप्टिकल फाइबर केबल बैकबोन परियोजना को मंजूरी प्रदान की है। रेलवे ने शनिवार को बताया कि इस परियोजना तहत अहमदाबाद और रतलाम मंडलों में 4</span>×<span lang="hi" xml:lang="hi">48 ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) बैकबोन लगाने की मंज़ूरी प्रदान की गई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिस पर कुल 398.36 करोड़ रुपये की लागत आएगी। रेलवे के अनुसार इस परियोजना को </span><span lang="hi" style="font-family:'Times New Roman', serif;" xml:lang="hi">“</span><span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय रेलवे के बाकी बचे मार्गों पर दीर्घकालिक विकास (एलटीई ) के संचार बैकबोन के साथ ‘कवच’ की व्यवस्था (अम्ब्रेला वर्क 2024–25)</span><span lang="hi" style="font-family:'Times New Roman', serif;" xml:lang="hi">”</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> नाम के अम्ब्रेला वर्क के तहत मंज़ूर किया गया है। इस अम्ब्रेला वर्क के लिए ‘कार्य कार्यक्रम 2024–25 (पीएच-33)’ के तहत कुल 27,693 करोड़ रुपये की लागत से मंज़ूर की गई है। पश्चिमी रेलवे के लिए भी 2,800 करोड़ रुपये की लागत से एक सब-अम्ब्रेला वर्क मंज़ूर किया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके तहत इस परियोजना शुरू की गई है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">रेलवे ने बताया कि इस परियोजना के तहत पश्चिमी रेलवे में 1929 रूट किलोमीटर (आरकेएम) के दायरे में 2</span>×<span lang="hi" xml:lang="hi">48 फाइबर वाली ओएफसी केबल बिछाई जाएंगी। इसमें अहमदाबाद मंडल में 1456 आरकेएम और रतलाम मंडल में 473 आरकेएम शामिल है। रेलवे ने बताया कि संचार बैकबोन में इस अहम बढ़ोतरी से रेलवे संचार प्रणालियों की क्षमता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विश्वसनीयता और कार्यकुशलता बढ़ेगी। यह आधुनिक सिग्नलिंग प्रणालियों को भी मदद देगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें ‘कवच’ को लागू करना भी शामिल है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे पूरे नेटवर्क में डेटा का बिना किसी रुकावट के ट्रांसमिशन हो सकेगा। रेलवे के अनुसार यह पहल भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा बढ़ाने और डिजिटल बदलाव की दिशा में एक और कदम है। इससे यात्रियों और माल ढुलाई के कामों में बेहतर परिचालन क्षमता और बेहतर सेवा वितरण सुनिश्चित होगा।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अहमदाबाद</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/146423/ofc-backbone-project-worth-rs-39836-crore-approved-for-ahmedabad-ratlam</link>
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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 12:07:30 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात के गांधीनगर में एएनटीएफ की बड़ी कार्रवाई, 12 किलो गांजा के साथ 2 तस्कर गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">गांधीनगर</span><span lang="hi" xml:lang="hi">। गुजरात के गांधीनगर के मोटा चिलोडा इलाके में गुजरात सीआईडी (क्राइम) की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) द्वारा चलाए गए एक विशेष अभियान के दौरान लगभग 12 किलोग्राम नशीले पदार्थ (गांजा) के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नियमित गश्त के दौरान मिली खास जानकारी पर कार्रवाई करते हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एएनटीएफ के गांधीनगर जोन की एक टीम ने चिलोडा सर्कल पर एक सरकारी बस को रोका और दो संदिग्धों को पकड़ लिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिन पर गांजा की तस्करी में शामिल होने का आरोप है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">आरोपियों की पहचान डाभोडा के मोती भागोर</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">गांधीनगर</span><span lang="hi" xml:lang="hi">। गुजरात के गांधीनगर के मोटा चिलोडा इलाके में गुजरात सीआईडी (क्राइम) की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) द्वारा चलाए गए एक विशेष अभियान के दौरान लगभग 12 किलोग्राम नशीले पदार्थ (गांजा) के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नियमित गश्त के दौरान मिली खास जानकारी पर कार्रवाई करते हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एएनटीएफ के गांधीनगर जोन की एक टीम ने चिलोडा सर्कल पर एक सरकारी बस को रोका और दो संदिग्धों को पकड़ लिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिन पर गांजा की तस्करी में शामिल होने का आरोप है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">आरोपियों की पहचान डाभोडा के मोती भागोर का रहने वाला विराज सोलंकी (26) और गांधीनगर के चाणक्यपुरी का रहने वाला आदित्य उर्फ आदि बराइया (22) के रूप में हुई।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">अधिकारियों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस कार्रवाई के दौरान कुल 11.94 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसकी कीमत 5.97 लाख रुपए है। इसके साथ ही 10 हजार रुपए के दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे बरामद सामान की कुल कीमत 6.07 लाख रुपए हो गई।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">अधिकारियों ने बताया कि यह ऑपरेशन इंस्पेक्टर एनआर पटेल के नेतृत्व वाली एक टीम ने किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें केएम वडनगारा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पीएस जाला और पीएम चावड़ा जैसे अधिकारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अन्य कर्मचारी और एक तकनीकी विशेषज्ञ शामिल थे।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेस (एनडीपीएस) एक्ट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">1985 की धारा 8(सी)</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">20(बी)(2)(बी) और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है। आगे की जांच चिलोडा पुलिस स्टेशन को सौंप दी गई है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह जब्ती गुजरात और अन्य जगहों पर नशीले पदार्थों के खिलाफ हाल ही में की गई कड़ी कार्रवाइयों की कड़ी में एक और कदम है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इससे पहले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फरवरी में अधिकारियों ने भावनगर जिले में नशीले पदार्थों की एक बड़ी अवैध खेती का पता लगाया और 10.9 करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत के नशीले पदार्थ जब्त किए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनमें गांजा और अफीम शामिल थे। यह राज्य में अब तक की सबसे बड़ी जब्तियों में से एक थी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इससे पहले मार्च में कानून लागू करने वाली एजेंसियों ने नशीले पदार्थों के वितरण के एक बड़े शहरी नेटवर्क का भी पता लगाया और एक किराए के अपार्टमेंट से 26 लाख रुपए से ज्यादा कीमत का हाइब्रिड गांजा बरामद किया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">हाल ही में की गई एक और कार्रवाई में एएनटीएफ ने साबरकांठा जिले के प्रांतिज इलाके में 5.177 किलोग्राम गांजा जब्त किया और एक आरोपी को गिरफ्तार किया। साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस सप्लाई से जुड़े बड़े नेटवर्क का पता लगाने के लिए आगे की जांच शुरू कर दी गई है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                            <category>अहमदाबाद</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/146406/major-action-by-antf-in-gandhinagar-gujarat-2-smugglers-arrested</link>
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                <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 12:16:47 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके, अफगानिस्तान बॉर्डर रहा केंद्र</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">उत्तर भारत के कई हिस्सों में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। दिल्ली-NCR, जम्मू-कश्मीर और चंडीगढ़ समेत कई इलाकों में लोगों ने कंपन महसूस किया। भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान बॉर्डर क्षेत्र में बताया गया है, जहां इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.9 दर्ज की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">भूकंप के झटकों से जम्मू-कश्मीर के कई इलाके कांप उठे, जहां लोगों ने लगातार दो झटके महसूस किए। इससे लोगों में घबराहट फैल गई और वे घरों से बाहर निकल आए। इसी तरह दिल्ली-NCR के नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में भी दफ्तरों और रिहायशी इलाकों से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146405/strong-earthquake-tremors-in-north-india-including-delhi-ncr-afghanistan-border"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-02/bhukamp.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">उत्तर भारत के कई हिस्सों में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। दिल्ली-NCR, जम्मू-कश्मीर और चंडीगढ़ समेत कई इलाकों में लोगों ने कंपन महसूस किया। भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान बॉर्डर क्षेत्र में बताया गया है, जहां इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.9 दर्ज की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">भूकंप के झटकों से जम्मू-कश्मीर के कई इलाके कांप उठे, जहां लोगों ने लगातार दो झटके महसूस किए। इससे लोगों में घबराहट फैल गई और वे घरों से बाहर निकल आए। इसी तरह दिल्ली-NCR के नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में भी दफ्तरों और रिहायशी इलाकों से लोग एहतियातन बाहर निकलते देखे गए।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब के अमृतसर, लुधियाना और चंडीगढ़ में भी झटके महसूस किए गए। वहीं, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भी इसका असर देखा गया। हालांकि, राहत की बात यह है कि अब तक किसी भी क्षेत्र से जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों से बचने की अपील की है।</p>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों के अनुसार, पृथ्वी की सतह कई टेक्टोनिक प्लेटों से बनी होती है। इन प्लेटों की आपसी टक्कर या खिसकने से ऊर्जा बाहर निकलती है, जिसे भूकंप के रूप में महसूस किया जाता है। इसे टेक्टोनिक प्लेट सिद्धांत के तहत समझा जाता है। भूकंप का केंद्र सतह के जितना करीब होता है, उसका प्रभाव उतना ही अधिक होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">रिक्टर स्केल पर 5 से 5.9 की तीव्रता वाले भूकंप में फर्नीचर और पंखे हिलने लगते हैं। 6 या उससे अधिक तीव्रता होने पर इमारतों को नुकसान पहुंच सकता है, जबकि 7 से ऊपर की तीव्रता बड़े स्तर पर तबाही ला सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अहमदाबाद</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/146405/strong-earthquake-tremors-in-north-india-including-delhi-ncr-afghanistan-border</link>
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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 22:24:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Dharmendra Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वर्ल्ड कप ट्रॉफी लेकर पैदल हनुमान मंदिर पहुंची टीम इंडिया, जश्न में डूबा पूरा देश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अहमदाबाद, 09 मार्च (वेब वार्ता)। टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने के कुछ ही घंटों बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव, कोच गौतम गंभीर और आईसीसी चेयरमैन जय शाह ट्रॉफी लेकर अहमदाबाद के हनुमान टेकरी मंदिर पहुंचे।</p>
<p>आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीतने और अहमदाबाद में इतिहास रचने के कुछ ही घंटों बाद भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव, मुख्य कोच गौतम गंभीर और आईसीसी चेयरमैन जय शाह ट्रॉफी लेकर हनुमान मंदिर पहुंचे।</p>
<p>यहां उन्होंने हनुमान जी के दर्शन कर टीम की ऐतिहासिक जीत के लिए आशीर्वाद लिया। इस दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145924/team-india-reached-hanuman-temple-on-foot-with-the-world"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/4619_t20-world-cup-2022-trophy1.jpg" alt=""></a><br /><p>अहमदाबाद, 09 मार्च (वेब वार्ता)। टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने के कुछ ही घंटों बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव, कोच गौतम गंभीर और आईसीसी चेयरमैन जय शाह ट्रॉफी लेकर अहमदाबाद के हनुमान टेकरी मंदिर पहुंचे।</p>
<p>आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीतने और अहमदाबाद में इतिहास रचने के कुछ ही घंटों बाद भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव, मुख्य कोच गौतम गंभीर और आईसीसी चेयरमैन जय शाह ट्रॉफी लेकर हनुमान मंदिर पहुंचे।</p>
<p>यहां उन्होंने हनुमान जी के दर्शन कर टीम की ऐतिहासिक जीत के लिए आशीर्वाद लिया। इस दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।</p>
<p>भारतीय टीम ने रविवार, 8 मार्च को खेले गए फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड को 96 रन के बड़े अंतर से हराकर खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत ने न केवल अपना खिताब बरकरार रखा, बल्कि मेजबान देश के तौर पर टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाला पहला देश भी बन गया।</p>
<p>पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवर में 255 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं पाई और पूरी टीम 159 रन पर सिमट गई। इस तरह भारत ने मुकाबला 96 रन से जीत लिया।</p>
<p>पैदल ही मंदिर पहुंचे खिलाड़ी मैच खत्म होने के बाद प्रसारण और प्रेस से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बाद भारतीय टीम के कुछ सदस्य ट्रॉफी लेकर पैदल ही नरेंद्र मोदी स्टेडियम के पास स्थित हनुमान टेकरी मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।</p>
<p>यह जीत भारतीय क्रिकेट के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है। 2024 से 2026 के बीच यह भारत का लगातार तीसरा आईसीसी खिताब है, जिससे टीम इस दौर की सबसे सफल अंतरराष्ट्रीय टीमों में शामिल हो गई है।</p>
<p>जीत पर क्या बोले सूर्या?<br />कप्तान सूर्यकुमार यादव ने जीत के पीछे के सबसे बड़े कारण का खुलासा करते हुए कहा कि एक लीडर के तौर पर यह समझना सबसे जरूरी होता है कि आपके खिलाड़ी क्या करने में सक्षम हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, “मुझे पता था कि मेरी टीम के हर खिलाड़ी में मैच जिताने की अद्भुत क्षमता है। संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा पर मुझे शुरू से भरोसा था। वे बेहतरीन खिलाड़ी हैं और मुझे पूरा यकीन था कि वे फाइनल जैसे बड़े मंच पर कुछ खास जरूर करेंगे।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अहमदाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 15:38:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारतीय टीम के चैंपियन बनने की उम्मीद: नयन मोंगिया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 08 मार्च (वेब वार्ता)। भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 विश्व कप 2026 का फाइनल मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार को शाम 7 बजे से खेला जाना है। देश में भारतीय टीम की जीत के लिए दुआएं की जा रही हैं।</p>
<p>भारतीय टीम के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज नयन मोंगिया ने कहा कि फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय टीम का पलड़ा भारी है। टीम इंडिया ने खेल के हर क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन किया है। हालांकि, टी20 में कुछ ओवर ही मैच बदल देते हैं, इसलिए भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। हम उम्मीद करते हैं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145911/nayan-mongia-hopes-to-become-champion-of-indian-team"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/indian-cricket.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 08 मार्च (वेब वार्ता)। भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 विश्व कप 2026 का फाइनल मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार को शाम 7 बजे से खेला जाना है। देश में भारतीय टीम की जीत के लिए दुआएं की जा रही हैं।</p>
<p>भारतीय टीम के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज नयन मोंगिया ने कहा कि फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय टीम का पलड़ा भारी है। टीम इंडिया ने खेल के हर क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन किया है। हालांकि, टी20 में कुछ ओवर ही मैच बदल देते हैं, इसलिए भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। हम उम्मीद करते हैं कि भारतीय टीम चैंपियन बनेगी।</p>
<p>नासिक के क्रिकेट कोच राजू शिंदे ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाला फाइनल मुकाबला रोमांचक होगा। जीत की हार की भविष्यवाणी करना मुश्किल है।</p>
<p>भारतीय टीम का टॉप ऑर्डर पूरी तरह फॉर्म में नहीं है। हर मैच में किसी एक खिलाड़ी की बड़ी पारी और मध्यक्रम के बल्लेबाजों के सहयोग ने टीम इंडिया को जीत दिलायी है। न्यूजीलैंड आईसीसी टूर्नामेंट में हर बार भारतीय टीम को कड़ी चुनौती देती है। इसलिए भारत के लिए फाइनल मैच आसान नहीं होने वाला है।</p>
<p>रिंकू सिंह के कोच मसूद उज जफर अमीनी ने कहा कि यह बहुत बड़ा मैच है। न्यूजीलैंड की टीम बहुत अच्छी है। गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण में भारतीय टीम को कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। मुकाबला कड़ा होगा और टक्कर वाला होगा। अच्छा खेलने वाली टीम जीतेगी।</p>
<p>रांची में क्रिकेट अकादमी चलाने वाले कोच मानिक घोष ने कहा कि भारतीय टीम की स्थिति अच्छी है।</p>
<p>अभिषेक शर्मा को छोड़ दिया जाए तो बाकी बल्लेबाज फॉर्म में हैं। जसप्रीत बुमराह शानदार फॉर्म में हैं। वरुण चक्रवर्ती सेमीफाइनल में अच्छी गेंदबाजी नहीं कर पाए, लेकिन पूरी उम्मीद है कि फाइनल में वह अच्छी गेंदबाजी करेंगे।</p>
<p>टी20 में किसी भी परिणाम की भविष्यवाणी करना मुश्किल है। कब किस टीम का खिलाड़ी चल जाए और मैच अपनी तरफ मोड़ दे, कहा नहीं जा सकता। मेरे हिसाब से टॉस जीतकर किसी भी टीम को पहले बल्लेबाजी करनी चाहिए। स्कोर का पीछा करना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अहमदाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Mar 2026 18:10:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>2034-35 तक 35000 मेगावाट होगी गुजरात में बिजली डिमांड, ट्रांसमिशन नेटवर्क पर फोकस जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अहमदाबाद (गुजरात), फरवरी 27: गुजरात में आने वाले 10 साल में बिजली की डिमांड तेजी से बढ़ने वाली है। बिजली उत्‍पादन के लिए प्रदेश में पावर प्‍लांट और सोलर और विंड पार्क की चर्चा होती है, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि असली चुनौती ट्रांसमिशन सिस्टम को मजबूत करना है।</p>
<p>सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (सीईए) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य की पीक पावर डिमांड 2023-24 में करीब 20,964 मेगावाट थी, जो 2034-35 तक बढ़कर 35,000 मेगावाट से ज्यादा हो सकती है। इसी दौरान सालाना बिजली खपत 240 बिलियन यूनिट (बीयू) के पार पहुंचने का अनुमान है। यह मौजूदा खपत से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145778/electricity-demand-in-gujarat-will-be-35000-mw-by-2034-35"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-02/b27022026-01.jpg" alt=""></a><br /><p>अहमदाबाद (गुजरात), फरवरी 27: गुजरात में आने वाले 10 साल में बिजली की डिमांड तेजी से बढ़ने वाली है। बिजली उत्‍पादन के लिए प्रदेश में पावर प्‍लांट और सोलर और विंड पार्क की चर्चा होती है, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि असली चुनौती ट्रांसमिशन सिस्टम को मजबूत करना है।</p>
<p>सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (सीईए) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य की पीक पावर डिमांड 2023-24 में करीब 20,964 मेगावाट थी, जो 2034-35 तक बढ़कर 35,000 मेगावाट से ज्यादा हो सकती है। इसी दौरान सालाना बिजली खपत 240 बिलियन यूनिट (बीयू) के पार पहुंचने का अनुमान है। यह मौजूदा खपत से लगभग दोगुना है।</p>
<p>गुजरात में इंडस्ट्रियल ग्रोथ तेजी से हो रही है। नए मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, डेटा सेंटर, पोर्ट और लॉजिस्टिक्स हब बन रहे हैं। अभी राज्य की करीब आधी बिजली इंडस्ट्री इस्तेमाल करती है। आने वाले समय में यह हिस्सा और बढ़ सकता है।</p>
<p>एनर्जी एक्सपर्ट सद्दाफ आलम कहते हैं, “सिर्फ पावर जनरेशन बढ़ाना काफी नहीं है। अगर ट्रांसमिशन नेटवर्क मजबूत नहीं होगा तो बनी हुई बिजली भी सही जगह तक नहीं पहुंच पाएगी। बिना मजबूत ग्रिड के सरप्लस पावर भी बेकार हो सकती है।”</p>
<p>2034-35 तक गुजरात में सोलर और विंड एनर्जी मिलकर कुल कॉन्ट्रैक्टेड कैपेसिटी का लगभग दो-तिहाई हिस्सा बन सकती हैं। वहीं कोल पावर का हिस्सा घटेगा। लेकिन एक बड़ी चुनौती है।</p>
<p>ज्यादातर सोलर और विंड प्रोजेक्ट कच्छ और सौराष्ट्र में हैं, जबकि अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और साउथ गुजरात इंडस्ट्रियल एरिया बड़े लोड सेंटर हैं। यानी जहां बिजली बन रही है और जहां जरूरत है, उनके बीच लंबी दूरी है।</p>
<p>एक अन्य एक्सपर्ट कहते हैं, “रिन्यूएबल एनर्जी बिना मजबूत ट्रांसमिशन के अधूरी है। आप सस्ती बिजली बना सकते हैं, लेकिन अगर उसे समय पर और सही जगह नहीं पहुंचा पाए तो फायदा नहीं होगा।</p>
<p>आने वाले वर्षों में गुजरात को 10 गीगावाट से ज्यादा बैटरी स्टोरेज की जरूरत पड़ सकती है। लेकिन स्टोरेज सिस्टम भी तभी काम करेगा जब ग्रिड मजबूत हो और अलग-अलग क्षेत्रों के बीच बिजली का फ्लो आसानी से हो सके।”</p>
<p>एक्सपर्ट्स का कहना है कि ट्रांसमिशन को हाईवे, पोर्ट और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर जितना ही महत्व दिया जाना चाहिए। ट्रांसमिशन लाइन मजबूत करना, सबस्टेशन अपग्रेड करना, राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) की दिक्कत कम करना और नए हाई-कैपेसिटी कॉरिडोर बनाना समय की जरूरत है।</p>
<p>एक अन्‍य विशेषज्ञ के अनुसार, “पावर डिमांड बढ़ती रहेगी, जनरेशन सोर्स बदलते रहेंगे, लेकिन ट्रांसमिशन ही पूरा सिस्टम जोड़कर रखता है। अगर गुजरात को रिलाएबल, अफॉर्डेबल और क्लीन पावर चाहिए तो ट्रांसमिशन में निवेश बढ़ाना ही होगा।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अहमदाबाद</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/145778/electricity-demand-in-gujarat-will-be-35000-mw-by-2034-35</link>
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                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 14:17:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अहमदाबाद : वेस्ट कोस्ट किआ ने अहमदाबाद में नई किआ सेल्टोस लॉन्च की</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">  वेस्ट कोस्ट किआ ने अपने अहमदाबाद शोरूम में नई किआ सेल्टोस को लॉन्च किया। यह लॉन्च ग्राहकों को ध्यान में रखकर आयोजित किया गया था, जहाँ लॉन्च इवेंट के दौरान मेहमानों को नई सेल्टोस को नज़दीक से देखने और कार से जुड़ी विस्तृत जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला। वेस्ट कोस्ट किआ की टीम ने कार की विशेषताओं और खूबियों को सरल और स्पष्ट तरीके से प्रस्तुत किया।  यह नया मॉडल अपने डिज़ाइन और फीचर्स के मामले में पहले से कहीं अधिक उन्नत रूप में सामने आया है, जो किआ सेल्टोस की लोकप्रियता को और आगे बढ़ाता है। </p>
<p style="text-align:justify;">अब ग्राहक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145111/ahmedabad-west-coast-kia-launches-new-kia-seltos-in-ahmedabad"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-01/d13012026-08.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"> वेस्ट कोस्ट किआ ने अपने अहमदाबाद शोरूम में नई किआ सेल्टोस को लॉन्च किया। यह लॉन्च ग्राहकों को ध्यान में रखकर आयोजित किया गया था, जहाँ लॉन्च इवेंट के दौरान मेहमानों को नई सेल्टोस को नज़दीक से देखने और कार से जुड़ी विस्तृत जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला। वेस्ट कोस्ट किआ की टीम ने कार की विशेषताओं और खूबियों को सरल और स्पष्ट तरीके से प्रस्तुत किया।  यह नया मॉडल अपने डिज़ाइन और फीचर्स के मामले में पहले से कहीं अधिक उन्नत रूप में सामने आया है, जो किआ सेल्टोस की लोकप्रियता को और आगे बढ़ाता है। </p>
<p style="text-align:justify;">अब ग्राहक अंबावाड़ी, नरोडा, मोटेरा और सोलह के साथ-साथ गांधीनगर और हिमतनगर में स्थित वेस्ट कोस्ट किआ शोरूम्स पर अपडेटेड सेल्टोस का अनुभव कर सकेंगे। डिज़ाइन के लिहाज़ से, नई सेल्टोस पहले की तुलना में अधिक आधुनिक और आत्मविश्वास से भरपूर दिखाई देती है। कार के अंदर बैठते ही किए गए बदलाव तुरंत ध्यान आकर्षित करते हैं। केबिन अब अधिक साफ-सुथरा, आधुनिक और तकनीकी रूप से उन्नत महसूस होता है, जिसमें बड़ा डिजिटल डिस्प्ले, बेहतर इंफोटेनमेंट सिस्टम और अतिरिक्त सुरक्षा सुविधाएँ शामिल हैं। किआ ने इंजन और ट्रांसमिशन विकल्पों की विस्तृत रेंज को बरकरार रखा है, जो इस कार को रोज़मर्रा की शहरी ड्राइव और लंबी हाईवे यात्राओं दोनों के लिए उपयुक्त बनाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">वेस्ट कोस्ट किआ अहमदाबाद में ग्राहकों को एक सरल और भरोसेमंद खरीद अनुभव प्रदान करने पर लगातार ध्यान केंद्रित कर रही है। नई सेल्टोस की उपलब्धता के साथ, डीलरशिप को मौजूदा किआ ग्राहकों के साथ-साथ पहली बार एसयूवी खरीदने वालों से भी मजबूत प्रतिक्रिया मिलने की उम्मीद है। वेस्ट कोस्ट किआ शोरूम्स में नई किआ सेल्टोस की टेस्ट ड्राइव और बुकिंग शुरू हो चुकी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अहमदाबाद</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/145111/ahmedabad-west-coast-kia-launches-new-kia-seltos-in-ahmedabad</link>
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                <pubDate>Tue, 13 Jan 2026 21:39:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Dharmendra Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत के सनातन धर्म और संस्कृति को मिटाना आसान नहीं: शाह</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">अहमदाबाद</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, 13 </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जनवरी (वेब वार्ता)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बार-बार किए गए विनाश के प्रयासों के बावजूद सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का उदाहरण देते हुए मंगलवार को कहा कि भारत के सनातन धर्म</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">संस्कृति और लोगों की आस्था को मिटाना आसान नहीं है। शाह ने कहा कि मंदिर पर हमला करने वाले लोग अंततः मिट गए</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन मंदिर आज भी गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में समुद्र तट पर उसी स्थान पर शान से खड़ा है। गांधीनगर जिले के मानसा में </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">267</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद शाह</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145106/it-is-not-easy-to-erase-indias-sanatan-dharma-and"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-04/d17042024-02-amit-shah.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">अहमदाबाद</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, 13 </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जनवरी (वेब वार्ता)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बार-बार किए गए विनाश के प्रयासों के बावजूद सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का उदाहरण देते हुए मंगलवार को कहा कि भारत के सनातन धर्म</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">संस्कृति और लोगों की आस्था को मिटाना आसान नहीं है। शाह ने कहा कि मंदिर पर हमला करने वाले लोग अंततः मिट गए</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन मंदिर आज भी गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में समुद्र तट पर उसी स्थान पर शान से खड़ा है। गांधीनगर जिले के मानसा में </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">267</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद शाह एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मालूम हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">11</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> जनवरी को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का उद्घाटन किया था। महमूद गजनी ने </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">1,000</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> वर्ष पहले सोमनाथ मंदिर पर पहला हमला किया था। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">शाह ने कहा कि </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">1000</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> साल बाद और </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">16</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> बार नष्ट होने के बावजूद</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सोमनाथ मंदिर अभी भी खड़ा है और उसका ध्वज आसमान में लहरा रहा है। उन्होंने कहा कि वहां एक भव्य सोमनाथ कॉरिडोर का निर्माण भी किया जा रहा है। शाह ने कहा</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">यह पूरी दुनिया को संदेश है कि भारत के सनातन धर्म</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय संस्कृति और भारतीय लोगों की आस्था को मिटाना इतना आसान नहीं है। यह सूर्य और चंद्रमा की तरह शाश्वत और अमर है। यह सोमनाथ मंदिर भारत की आस्था</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">विश्वास और गौरव का प्रतीक है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पूरे एक वर्ष तक मनाया जाएगा अमित शाह ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पूरे एक वर्ष तक मनाया जाएगा। इस दौरान देशभर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जिनका उद्देश्य भारत की आत्मा को झकझोरना</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">उसकी चेतना को जागृत करना और सनातन धर्म की जड़ों को समाज के सबसे गहरे स्तर तक मजबूत करना है। उन्होंने कहा</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">लगभग एक हजार वर्ष पहले हमारे भव्य सोमनाथ मंदिर को महमूद गजनी ने ध्वस्त किया था। इसके बाद अलाउद्दीन खिलजी</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अहमद शाह</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">महमूद बेगड़ा और औरंगजेब जैसे अन्य आक्रमणकारियों ने भी इस पर बार-बार हमले किए। लेकिन हर बार इस मंदिर का पुनर्निर्माण किया गया। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">विनाश करने वालों की सोच विनाश में विश्वास रखने वाली थी</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि निर्माण करने वालों की आस्था सृजन में थी। आज एक हजार वर्ष बाद वे विनाशक इतिहास में विलुप्त हो चुके हैं</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन सोमनाथ मंदिर आज भी समुद्र के सामने गर्व से खड़ा है। -हमारी आस्था</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">हमारे धर्म और हमारे आत्मसम्मान पर प्रहार शाह ने कहा कि आजादी के बाद इस मंदिर का पुनर्निर्माण सरदार वल्लभभाई पटेल</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">केएम मुंशी</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जामनगर के महाराजा और देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के प्रयासों से किया गया। उन्होंने कहा कि इन सभी ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्स्थापन का संकल्प लिया था। केंद्रीय मंत्री ने कहा</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">उस संकल्प के पीछे भावना यह थी कि सोमनाथ पर हुआ हमला केवल मंदिर पर हमला नहीं था</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि वह हमारी आस्था</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">हमारे धर्म और हमारे आत्मसम्मान पर प्रहार था। इसका उत्तर किसी और हमले में नहीं</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि अपने आत्मसम्मान की रक्षा करने में निहित है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>अहमदाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 Jan 2026 20:23:03 +0530</pubDate>
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                <title>'जॉय ऑफ गिविंग': एफआईए (FIA) ने अहमदाबाद में दिव्यांग बच्चों को बांटी 100 व्हीलचेयर, पूरे भारत में 500 व्हीलचेयर दान करने का संकल्प</title>
                                    <description><![CDATA[<p></p>
<p></p>
<p></p>
<p class="ng-star-inserted"><strong class="ng-star-inserted"><span class="ng-star-inserted">अहमदाबाद</span></strong><span class="ng-star-inserted"> - अमेरिका के पूर्वी तट के आठ राज्यों में भारतीय समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे बड़े और प्रमुख गैर-लाभकारी संगठन, फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशंस (FIA NY-NJ-CT-NE) ने अहमदाबाद में दिव्यांग बच्चों की मदद के लिए अपना 'जॉय ऑफ गिविंग' (Joy of Giving) व्हीलचेयर दान अभियान सफलतापूर्वक संपन्न किया।</span></p>
<p></p>
<p class="ng-star-inserted"><span class="ng-star-inserted">यह मानवीय पहल सोमवार, 29 दिसंबर 2025 को गुजरात के अहमदाबाद स्थित 'अपंग मानव मंडल' में आयोजित की गई।</span></p>
<p></p>
<p class="ng-star-inserted"><span class="ng-star-inserted">इस सार्थक प्रयास के तहत, अहमदाबाद में जरूरतमंद बच्चों को 100 व्हीलचेयर दान की गईं। यह एफआईए द्वारा पूरे भारत में 500 व्हीलचेयर दान करने की व्यापक प्रतिबद्धता की शुरुआत है।</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144919/joy-of-giving-fia-distributed-100-wheelchairs-to-disabled-children"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-12/k30122025-04.jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p></p>
<p></p>
<p class="ng-star-inserted"><strong class="ng-star-inserted"><span class="ng-star-inserted">अहमदाबाद</span></strong><span class="ng-star-inserted"> - अमेरिका के पूर्वी तट के आठ राज्यों में भारतीय समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे बड़े और प्रमुख गैर-लाभकारी संगठन, फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशंस (FIA NY-NJ-CT-NE) ने अहमदाबाद में दिव्यांग बच्चों की मदद के लिए अपना 'जॉय ऑफ गिविंग' (Joy of Giving) व्हीलचेयर दान अभियान सफलतापूर्वक संपन्न किया।</span></p>
<p></p>
<p class="ng-star-inserted"><span class="ng-star-inserted">यह मानवीय पहल सोमवार, 29 दिसंबर 2025 को गुजरात के अहमदाबाद स्थित 'अपंग मानव मंडल' में आयोजित की गई।</span></p>
<p></p>
<p class="ng-star-inserted"><span class="ng-star-inserted">इस सार्थक प्रयास के तहत, अहमदाबाद में जरूरतमंद बच्चों को 100 व्हीलचेयर दान की गईं। यह एफआईए द्वारा पूरे भारत में 500 व्हीलचेयर दान करने की व्यापक प्रतिबद्धता की शुरुआत है। शेष 400 व्हीलचेयर अन्य राज्यों में वितरित की जाएंगी, जिससे देश भर में दिव्यांग बच्चों की गतिशीलता, स्वतंत्रता और सम्मान को बढ़ावा मिलेगा। इस समारोह में एफआईए के चेयरमैन अंकुर वैद्य, विशिष्ट दाताओं और संगठन के नेतृत्वकर्ता उपस्थित थे।</span></p>
<p></p>
<p class="ng-star-inserted"><span class="ng-star-inserted">20 लाख रुपये मूल्य की यह 'जॉय ऑफ गिविंग' पहल श्रीकांत अक्कापल्ली (एफआईए अध्यक्ष 2026), वैद्य परिवार और विशिष्ट दाताओं के उदार सहयोग से संभव हुई। इनमें एफआईए बोर्ड के सदस्य केनी देसाई, एफआईए बोर्ड के सदस्य अनिल बंसल, एफआईए उपाध्यक्ष प्रीति रे पटेल और एफआईए अध्यक्ष 2025 सौरिन पारिख शामिल हैं।</span></p>
<p></p>
<p class="ng-star-inserted"><span class="ng-star-inserted">'क्योंकि हर बच्चा आगे बढ़ने का हकदार है' (Because Every Child Deserves to Move Forward) के सशक्त संदेश के साथ आयोजित इस कार्यक्रम ने शारीरिक चुनौतियों का सामना कर रहे बच्चों के लिए सुगमता, समावेशन और समान अवसरों के महत्व को रेखांकित किया।</span></p>
<p class="ng-star-inserted"><span class="ng-star-inserted"><img src="https://www.loktej.com/media/2025-12/k30122025-04.jpg" alt="k30122025-04" width="1280" height="720"></img></span></p>
<p></p>
<p class="ng-star-inserted"><span class="ng-star-inserted">इस पहल पर विचार व्यक्त करते हुए, एफआईए के चेयरमैन अंकुर वैद्य ने कहा, "अपंग मानव मंडल का हमारा दौरा वास्तव में परिवर्तनकारी रहा है। इन असाधारण छात्रों के जज्बे ने हमें साहस और दृढ़ता के अमूल्य पाठ पढ़ाए हैं। एफआईए ऐसे मानवीय अभियानों को जारी रखने का संकल्प लेता है, ताकि हम एक अधिक समावेशी समाज के निर्माण में भागीदार बने रहें।"</span></p>
<p></p>
<p class="ng-star-inserted"><span class="ng-star-inserted">अपंग मानव मंडल के मैनेजिंग ट्रस्टी और अध्यक्ष क्षितिश मदनमोहन ने आभार व्यक्त करते हुए कहा, "इस नेक काम के लिए एफआईए के साथ जुड़कर हम अत्यंत सम्मानित महसूस कर रहे हैं। एफआईए और उसके दाताओं की उदारता हमारे बच्चों के जीवन को बदल देगी।" उन्होंने अतिथियों को पारंपरिक 'दीप प्रगट्य' समारोह के लिए आमंत्रित किया।</span></p>
<p></p>
<p class="ng-star-inserted"><span class="ng-star-inserted">अपंग मानव मंडल के महासचिव डॉ. कमल सी. शाह ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया और गहरी सराहना व्यक्त की। उन्होंने कहा, "अपंग मानव मंडल और उन बच्चों की ओर से, जिनका जीवन हमेशा के लिए बदल जाएगा, हम एफआईए, अंकुर वैद्य और उन सभी विशिष्ट दाताओं के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं जिन्होंने इस पहल को संभव बनाया।"</span></p>
<p></p>
<p class="ng-star-inserted"><span class="ng-star-inserted">यह पहल एफआईए की 2026 की थीम 'हार्मनी इन हेरिटेज' (Harmony in Heritage) के अनुरूप है, जो भारतीय प्रवासियों की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता का जश्न मनाती है। एफआईए साल भर कई कार्यक्रम आयोजित करता है, जिनमें डांस पे चांस, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस, बिहार दिवस, ओडिशा स्थापना दिवस, गुजरात-महाराष्ट्र दिवस, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, टाइम्स स्क्वायर पर ध्वजारोहण के साथ इंडिया डे परेड, सिप्रियानी वॉल स्ट्रीट पर 'भारत बियॉन्ड बॉर्डर्स ग्रैंड गाला' और दिवाली सूप किचन शामिल हैं।</span></p>
<p></p>
<p class="ng-star-inserted"><span class="ng-star-inserted">1970 में स्थापित, फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशंस (FIA) को यूनाइटेड स्टेट्स कांग्रेसनल रिकॉर्ड में आधिकारिक मान्यता प्राप्त है। इसे भारत के प्रतिष्ठित प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार से सम्मानित किया गया है और इसके नाम दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी दर्ज हैं।</span></p>
<p></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अहमदाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Dec 2025 18:15:02 +0530</pubDate>
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                <title>अहमदाबाद में होंगे 2030 राष्ट्रमंडल खेल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ग्लास्गो, 26 नवंबर (भाषा) अहमदाबाद को 2030 राष्ट्रमंडल खेलों का मेजबान चुने जाने की औपचारिक घोषणा बुधवार को यहां हो गई जिससे दो दशक बाद भारत में इन खेलों की वापसी होगी और 2036 ओलंपिक की मेजबानी की देश की आकांक्षा को भी बल मिलेगा ।</p>
<p>राष्ट्रमंडल खेलों का यह सौवां वर्ष भी होगा । पहली बार ये खेल कनाडा के हैमिल्टन में 1930 में हुए थे ।</p>
<p>पिछले महीने ‘कॉमनवेल्थ स्पोर्ट (राष्ट्रमंडल खेल)’ के कार्यकारी बोर्ड द्वारा राष्ट्रमंडल खेलों के शताब्दी वर्ष में प्रस्तावित मेजबान के रूप में अहमदाबाद की सिफारिश के बाद 74 सदस्यों की आमसभा के लिए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144276/2030-commonwealth-games-will-be-held-in-ahmedabad"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-11/b26112025-09.jpg" alt=""></a><br /><p>ग्लास्गो, 26 नवंबर (भाषा) अहमदाबाद को 2030 राष्ट्रमंडल खेलों का मेजबान चुने जाने की औपचारिक घोषणा बुधवार को यहां हो गई जिससे दो दशक बाद भारत में इन खेलों की वापसी होगी और 2036 ओलंपिक की मेजबानी की देश की आकांक्षा को भी बल मिलेगा ।</p>
<p>राष्ट्रमंडल खेलों का यह सौवां वर्ष भी होगा । पहली बार ये खेल कनाडा के हैमिल्टन में 1930 में हुए थे ।</p>
<p>पिछले महीने ‘कॉमनवेल्थ स्पोर्ट (राष्ट्रमंडल खेल)’ के कार्यकारी बोर्ड द्वारा राष्ट्रमंडल खेलों के शताब्दी वर्ष में प्रस्तावित मेजबान के रूप में अहमदाबाद की सिफारिश के बाद 74 सदस्यों की आमसभा के लिए भारत की बोली पर मुहर लगाना महज एक औपचारिकता थी। भारत ने पिछली बार 2010 में दिल्ली में इन खेलों की मेजबानी की थी।</p>
<p>राष्ट्रमंडल खेल बोर्ड ने मूल्यांकन समिति की देखरेख में एक प्रक्रिया पूरी करने के बाद भारत को मेजबानी देने की की सिफारिश की थी ।</p>
<p>इस फैसले से अहमदाबाद में 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी की भारत की इच्छा को भी बल मिलेगा । अहमदाबाद ने पिछले एक दशक में युद्धस्तर पर खेलों का अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा तैयार किया है ।</p>
<p>गुजरात के उपमुख्यमंत्री और खेलमंत्री हर्ष सांघवी ने आमसभा के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा ,‘‘ हम खेलों का विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा तैयार कर रहे हैं जिसमे सरदार वल्लभभाई पटेल खेल एंक्लेव और गुजरात पुलिस अकादमी शामिल है । यह ऐसा शहर है जहां विरासत का आकांक्षाओं से, आस्था का आधुनिकता से और इतिहास का उम्मीद से संगम होता है ।’’</p>
<p>उन्होंने कहा ,‘‘ अहमदाबाद में आधुनिक परिवहन, आवास सुविधा और मजबूत सहायता तंत्र उपलब्ध है ।’’</p>
<p>राष्ट्रमंडल खेल 2030 की मेजबानी के लिए भारत को नाइजीरिया के शहर अबुजा से कड़ी टक्कर मिल रही थी, लेकिन कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने 2034 के खेलों की मेजबानी के लिए अफ्रीका के इस शहर के नाम पर विचार करने का फैसला किया।</p>
<p>भारत ने 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेज़बानी पर लगभग 70,000 करोड़ रुपये खर्च किए थे, जो शुरुआती अनुमान 1600 करोड़ रुपये से कहीं अधिक था। इन खेलों में भ्रष्टाचार को लेकर काफी आलोचना हुई थी ।</p>
<p>पिछले कुछ अर्से में राष्ट्रमंडल खेल प्रासंगिकता बनाये रखने और मेजबान तलाशने के लिये जूझ रहे हैं ।</p>
<p>भारतीय राष्ट्रमंडल खेल संघ और भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा ने कहा, ‘‘कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने जो भरोसा दिखाया है, उससे हम बहुत सम्मानित महसूस कर रहे हैं। 2030 खेलों से हम सिर्फ राष्ट्रमंडल आंदोलन के 100 साल पूरे होने का जश्न ही नहीं मनाएंगे, बल्कि अगली सदी की नींव भी रखेंगे। ’’</p>
<p>उन्होंने कहा ,‘‘ यह राष्ट्रमंडल देशों के खिलाड़ियों, समुदायों और संस्कृतियों को प्रगति और दोस्ती के भाव से साथ लेकर आयेगा ।’’</p>
<p>दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और खेलमंत्री मनसुख मांडविया ने इसे भारत के लिये गर्व का पल बताया ।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा ,‘‘भारत को राष्ट्रमंडल खेलों के शताब्दी वर्ष 2030 खेलों की मेजबानी मिलने पर हर्षित हूं । देशवासियों और खेल तंत्र को बधाई । यह हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता और खेलभावना है जिसने भारत को वैश्विक खेल मानचित्र पर मजबूती से रखा है । हम वसुधैव कुटुम्बकम की भावना से अपार उत्साह के साथ इन ऐतिहासिक खेलों का जश्न मनायेंगे ।’’</p>
<p>वही मांडविया ने कहा ,‘‘राष्ट्रमंडल खेलों के सौवे साल में इन खेलों का आयोजन भारत में होना हमारे लिये गौरव की बात है । यह दर्शा रहा है कि यह देश बड़े टूर्नामेंटों के आयोजन के लिये तैयार है ।’’</p>
<p>उन्होंने कहा ,‘‘आने वाले दस साल के लिये हमने दीर्घकालिन नीति तैयार की है जिसके तहत काम चल रहा है । मुझे यकीन है कि भारत अगले दस साल में शीर्ष दस खेल देशों में स्थान हासिल करेगा और 2047 में जब देश आजादी का शताब्दी वर्ष मनायेगा ,तब हम दुनिया के शीर्ष पांच खेल देशों में होंगे ।’’</p>
<p>कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने यह भी कहा कि 2030 खेलों में 15 से 17 खेल होंगे ।</p>
<p>इसने कहा ,‘‘ अहमदाबाद 2030 टीम कॉमनवेल्थ स्पोर्ट और अंतरराष्ट्रीय महासंघ समुदाय के साथ मिलकर काम करेगी ताकि ऐसा आधुनिक और रोमांचक खेल कार्यक्रम बनाया जा सके जिसमे वैश्विक अपील के साथ मजबूत स्थानीय पकड़ हो ।’’</p>
<p>एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स, तैराकी और पैरा तैराकी, टेबल टेनिस और पैरा टेबल टेनिस, बाउल और पैरा बाउल, भारोत्तोलन और पैरा पावरलिफ्टिंग , कलात्मक जिम्नास्टिक , नेटबॉल और मुक्केबाजी के इन खेलों का हिस्सा होने की पुष्टि हो चुकी है ।</p>
<p>बयान में कहा गया ,‘‘ बाकी खेलों को तय करने की प्रक्रिया अगले महीने शुरू हो गई और पूरा कार्यक्रम अगले साल घोषित होगा ।’’</p>
<p>इसमें कहा गया ,‘‘ तीरंदाजी, बैडमिंटन, तीन गुणा तीन बास्केटबॉल और व्हीलचेयर बास्केटबॉल, बीच वॉलीबॉल, क्रिकेट टी20, साइकिलिंग, गोताखोरी, हॉकी, जूडो, लयबद्ध जिम्नास्टिक, रग्बी सेवंस, निशानेबाजी, स्क्वाश, ट्रायथलन और पैरा ट्रायथलन और कुश्ती इसमे शामिल होने की दौड़ में है ।’’</p>
<p>इसमें कहा गया ,‘‘ मेजबान दो नये या पारंपरिक खेलों का प्रस्ताव भी रख सकता है ।’’</p>
<p>ग्लास्गो में 2026 में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों का बजट बहुत कम कर दिया गया है। यह शहर पूरे आयोजन को आठ मील (लगभग 12 किमी) के दायरे में आयोजित करना चाहता है। उसने इन खेलों का बजट 114 मिलियन पाउंड (लगभग 1300 करोड़ रुपये) रखा है।</p>
<p>इस कारण कुश्ती, निशानेबाजी, बैडमिंटन और हॉकी जैसे कुछ प्रमुख खेलों को बाहर कर दिया गया। भारत इसका कड़ा विरोध कर रहा था क्योंकि इससे उसकी पदक जीतने की क्षमता पर गहरा असर पड़ा।</p>
<p>अहमदाबाद ने हाल के महीनों में राष्ट्रमंडल भारोत्तोलन चैंपियनशिप, एशियाई एक्वाटिक्स चैंपियनशिप और फुटबॉल के एएफसी अंडर-17 एशियाई कप 2026 क्वालीफायर की मेजबानी की।</p>
<p>यह शहर अगले साल एशियाई भारोत्तोलन चैंपियनशिप और एशिया पैरा-तीरंदाजी कप की मेजबानी करेगा। इसके अलावा 2029 में विश्व पुलिस और अग्निशमन खेल अहमदाबाद, गांधीनगर और एकता नगर में आयोजित किए जाएंगे।</p>
<p>सरदार वल्लभभाई पटेल खेल परिसर उन प्रमुख स्थलों में से एक है, जिसको इन खेलों के लिए तैयार किया जा रहा है। इनमें एक लाख से अधिक दर्शकों की क्षमता वाला नरेन्द्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम भी शामिल है। इसके अलावा इस परिसर में एक जलक्रीड़ा केंद्र और एक फुटबॉल स्टेडियम के साथ-साथ इनडोर खेलों के लिए दो मैदान भी होंगे।</p>
<p>इस परिसर के अंदर 3,000 लोगों के रहने की क्षमता वाला खेल गांव भी बनाया जाएगा। गुजरात सरकार को 2028 तक वेन्यू तैयार होने की उम्मीद है ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अहमदाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Nov 2025 21:18:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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                <title>गुजरात के मुख्यमंत्री ने लड़की की शादी की वजह से अपना कार्यक्रम स्थल बदला</title>
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<p>अहमदाबाद, 23 नवंबर (भाषा) गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने जामनगर में अपने निर्धारित सार्वजनिक कार्यक्रम के स्थल में अंतिम समय में बदलाव का निर्देश दिया ताकि एक परिवार अपनी बेटी की शादी बिना किसी व्यवधान के संपन्न कर सके। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>अधिकारियों के मुताबिक, जामनगर में रहने वाले एक परिवार ने 23 नवंबर को संजना परमार की शादी के लिए ‘सिटी टाउन हॉल’ बुक किया था।</p>
<p>उन्होंने बताया कि समारोह की तैयारियां पहले से ही जारी थीं और उन्हें पता चला कि मुख्यमंत्री 24 नवंबर को शहर का दौरा करने वाले हैं और उसी</p></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144214/gujarat-chief-minister-changed-the-venue-of-his-event-due"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-01/d20012023-08.jpg" alt=""></a><br /><div class="content-profession">
<p>अहमदाबाद, 23 नवंबर (भाषा) गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने जामनगर में अपने निर्धारित सार्वजनिक कार्यक्रम के स्थल में अंतिम समय में बदलाव का निर्देश दिया ताकि एक परिवार अपनी बेटी की शादी बिना किसी व्यवधान के संपन्न कर सके। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>अधिकारियों के मुताबिक, जामनगर में रहने वाले एक परिवार ने 23 नवंबर को संजना परमार की शादी के लिए ‘सिटी टाउन हॉल’ बुक किया था।</p>
<p>उन्होंने बताया कि समारोह की तैयारियां पहले से ही जारी थीं और उन्हें पता चला कि मुख्यमंत्री 24 नवंबर को शहर का दौरा करने वाले हैं और उसी स्थल पर एक सार्वजनिक कार्यक्रम करेंगे।</p>
<p>सरकारी विज्ञप्ति के मुताबिक, मुख्यमंत्री के दौरे के लिए सुरक्षा व्यवस्था पहले ही शुरू कर दी गई थी, जिससे परिवार में चिंता पैदा हो गई कि ‘टाउन हॉल’ के आसपास प्रतिबंधित पहुंच, पुलिस की तैनाती और कार्यक्रम से संबंधित गतिविधियों के कारण शादी समारोह प्रभावित हो सकता है।</p>
<p>परिवार के अनुसार, उनकी चिंताओं से मुख्यमंत्री कार्यालय को अवगत कराया गया, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने तुरंत प्रतिक्रिया दी।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री पटेल ने अपनी टीम को तुरंत कार्यक्रम किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने का निर्देश दिया और कहा कि परिवार की चिंता को “हमारी अपनी चिंता माना जाना चाहिए”।</p>
<p>दुल्हन के चाचा बृजेश परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से परिवार से संपर्क किया।</p>
<p>परमार ने कहा, “उन्होंने (भूपेंद्र पटेल ने) हमसे कहा, ‘‘बिल्कुल चिंता मत करिये। टाउन हॉल में तय कार्यक्रम के अनुसार शादी करो। हम अपने कार्यक्रम का स्थान बदल देंगे। उनका आश्वासन हमारे लिए बहुत मायने रखता है।”</p>
<p>उन्होंने कहा कि शादियों के व्यस्त दिनों में नया स्थान ढूंढ़ना ‘‘लगभग असंभव’’ होता और मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से परिवार का ‘बहुत बड़ा बोझ हल्का’ हो गया। परमार ने कहा, “उनका (मुख्यमंत्री का) फोन आने के बाद हम आखिरकार चैन की नींद सो पाए।”</p>
<p>स्थानीय अधिकारियों ने मुख्यमंत्री का कार्यक्रम बिना किसी देरी के स्थानांतरित करने की पुष्टि की और शादी तय कार्यक्रम के अनुसार संपन्न हुई।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अहमदाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 23 Nov 2025 20:11:14 +0530</pubDate>
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