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                <title>प्रादेशिक - Loktej</title>
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                            <item>
                <title>राम मंदिर दान विवाद में बड़ा प्रशासनिक एक्शन; गड़बड़ी के आरोप में 40 कर्मचारी हटाए गए</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अयोध्या, 22 जून (वेब वार्ता)। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती में कथित हेराफेरी को लेकर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। ट्रस्ट ने दान की गणना में लगे लगभग 40 कर्मचारियों को उनके पदों से हटा दिया है।</p>
<p>इन पुराने कर्मचारियों के स्थान पर अब बैंक और ट्रस्ट द्वारा नई टीम की नियुक्ति की गई है, ताकि दान प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।</p>
<p>उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने इस मामले में 100 से अधिक लोगों से पूछताछ की है। टीम ने दान के रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>अयोध्या, 22 जून (वेब वार्ता)। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती में कथित हेराफेरी को लेकर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। ट्रस्ट ने दान की गणना में लगे लगभग 40 कर्मचारियों को उनके पदों से हटा दिया है।</p>
<p>इन पुराने कर्मचारियों के स्थान पर अब बैंक और ट्रस्ट द्वारा नई टीम की नियुक्ति की गई है, ताकि दान प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।</p>
<p>उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने इस मामले में 100 से अधिक लोगों से पूछताछ की है। टीम ने दान के रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और नकदी प्रबंधन की बारीकी से जांच की है।</p>
<p>अधिकारियों ने जांच के दायरे में आए सभी संबंधित व्यक्तियों को जांच पूरी होने तक अयोध्या न छोड़ने के सख्त निर्देश दिए हैं, ताकि प्रक्रिया निर्बाध रहे।</p>
<p>जांच का दायरा और विशेष फोकस<br />जांच केवल दान राशि तक सीमित नहीं है, बल्कि मंदिर निर्माण सामग्री की खरीद और ट्रस्ट की अन्य प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की जा रही है।</p>
<p>विशेष रूप से वर्ष 2025 के प्रयागराज महाकुंभ के दौरान हुए वित्तीय रिकॉर्ड पर SIT का विशेष ध्यान है।</p>
<p>चंपत राय के करीबी सहयोगी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू से भी लंबी पूछताछ की गई है, और रिपोर्ट जल्द मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147781/big-administrative-action-in-ram-temple-donation-dispute-40-employees</link>
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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 15:24:06 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नीट परीक्षा से पहले एनटीए की बड़ी लापरवाही, नागपुर के छात्र को मिला अबूधाबी में केंद्र; डीजी ने दी सफाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नागपुर, 20 जून (वेब वार्ता)। नीट-यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा से ठीक पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) एक नए विवाद में फंस गई है।</p>
<p>नागपुर के एक छात्र अब्दुल्लाह को उसके गृह नगर के बजाय परीक्षा केंद्र के रूप में अबूधाबी (यूएई) आवंटित कर दिया गया, जबकि उसने नागपुर को ही प्राथमिकता दी थी।</p>
<p>इस गड़बड़ी के कारण छात्र और उसका परिवार भारी तनाव में आ गया था, क्योंकि उनके पास विदेश यात्रा के लिए समय और संसाधन उपलब्ध नहीं थे।</p>
<p>मामले के तूल पकड़ने और पूर्व शिक्षा मंत्री द्वारा आलोचना किए जाने के बाद एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>नागपुर, 20 जून (वेब वार्ता)। नीट-यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा से ठीक पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) एक नए विवाद में फंस गई है।</p>
<p>नागपुर के एक छात्र अब्दुल्लाह को उसके गृह नगर के बजाय परीक्षा केंद्र के रूप में अबूधाबी (यूएई) आवंटित कर दिया गया, जबकि उसने नागपुर को ही प्राथमिकता दी थी।</p>
<p>इस गड़बड़ी के कारण छात्र और उसका परिवार भारी तनाव में आ गया था, क्योंकि उनके पास विदेश यात्रा के लिए समय और संसाधन उपलब्ध नहीं थे।</p>
<p>मामले के तूल पकड़ने और पूर्व शिक्षा मंत्री द्वारा आलोचना किए जाने के बाद एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने बताया कि यह तकनीकी त्रुटि थी जिसे अब सुलझा लिया गया है और छात्र को नागपुर में ही परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया है।</p>
<p>एजेंसी ने आश्वासन दिया है कि छात्र को संशोधित एडमिट कार्ड जारी कर दिया गया है ताकि वह बिना किसी बाधा के परीक्षा दे सके।</p>
<p>परीक्षा के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम<br />रविवार, 21 जून को होने वाली इस परीक्षा के लिए एनटीए ने सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए हैं। 22.79 लाख से अधिक छात्रों के लिए देश-विदेश के केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, जीपीएस युक्त वाहनों से सामग्री का परिवहन और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन जैसे सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं।</p>
<p>छात्रों को दोपहर 1:30 बजे तक केंद्रों पर अनिवार्य रूप से पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके बाद प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147742/nagpur-student-found-guilty-of-ntas-major-negligence-before-neet</link>
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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 15:51:10 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रो. डॉ. सी.ए. शंकर अंदानी ने एक दिन में 106 पुस्तकों का विमोचन कर बनाया विश्व रिकॉर्ड</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 18 जून: दुनिया भर में साहित्य की उत्कृष्टता को नए सिरे से परिभाषित करने वाली एक ऐतिहासिक उपलब्धि में, मशहूर लेखक, समाज सुधारक और साहित्य के दूरदर्शी विचारक सी.ए. (डॉ.) शंकर घनश्यामदास अंदानी ने एक दिन में 106 खुद की लिखी किताबें प्रकाशित करके एक असाधारण मुकाम हासिल किया है।</p>
<p>इस कारनामे को कई अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड संस्थाओं से मान्यता मिली है, जिनमें लंदन बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स, OMG बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स और इंडिया प्राउड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स शामिल हैं।</p>
<p>30 मई 2026 को पुणे में आयोजित यह ऐतिहासिक प्रकाशन समारोह समकालीन भारतीय साहित्य के इतिहास की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147735/prof-dr-ca-shankar-andani-created-a-world-record-by"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/b20062026-03.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 18 जून: दुनिया भर में साहित्य की उत्कृष्टता को नए सिरे से परिभाषित करने वाली एक ऐतिहासिक उपलब्धि में, मशहूर लेखक, समाज सुधारक और साहित्य के दूरदर्शी विचारक सी.ए. (डॉ.) शंकर घनश्यामदास अंदानी ने एक दिन में 106 खुद की लिखी किताबें प्रकाशित करके एक असाधारण मुकाम हासिल किया है।</p>
<p>इस कारनामे को कई अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड संस्थाओं से मान्यता मिली है, जिनमें लंदन बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स, OMG बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स और इंडिया प्राउड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स शामिल हैं।</p>
<p>30 मई 2026 को पुणे में आयोजित यह ऐतिहासिक प्रकाशन समारोह समकालीन भारतीय साहित्य के इतिहास की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियों में से एक है और यह डॉ. अंदानी की उस प्रतिष्ठा को और मजबूत करता है जिसके तहत उन्हें अपनी पीढ़ी के सबसे ज़्यादा लिखने वाले साहित्यकारों में से एक माना जाता है।</p>
<p>जहाँ लेखक अक्सर कुछ किताबें प्रकाशित करने में ही सालों लगा देते हैं, वहीं डॉ. शंकर घनश्यामदास अंदाणी ने एक साथ 106 मौलिक रचनाएँ पाठकों के सामने लाकर साहित्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व उत्पादकता और समर्पण का उदाहरण पेश किया है।</p>
<p>यह उपलब्धि न केवल एक व्यक्तिगत मील का पत्थर है, बल्कि साहित्य, भाषा, संस्कृति और निरंतर बौद्धिक योगदान की शक्ति का जश्न भी है।</p>
<p>हजारों कविताओं और सैकड़ों सम्मानों से भरी साहित्यिक यात्रा<br />यह नया रिकॉर्ड उनकी पहले से ही असाधारण रही यात्रा में एक और शानदार अध्याय जोड़ता है। सालों से, डॉ. अंदाणी ने पारिवारिक मूल्यों, मातृत्व, पितृत्व, भाई-बहन के रिश्तों, संस्कृति, आध्यात्मिकता, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रीय विकास जैसे कई विषयों पर साहित्यिक रचनाएँ लिखी और संकलित की हैं।</p>
<p>उनका साहित्यिक योगदान 12,100 से अधिक कविताओं के अद्भुत संग्रह में झलकता है, जो उन्हें देश के सबसे ज़्यादा रचनाएँ करने वाले साहित्यकारों में से एक बनाता है।</p>
<p>उनके काम की खासियत न केवल इसकी विशाल मात्रा है, बल्कि इसकी भावनात्मक गहराई और सामाजिक प्रासंगिकता भी है। उनकी रचनाएँ हमेशा मानवीय मूल्यों को संजोने, सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करती हैं।</p>
<p>मातृत्व पर दुनिया के सबसे बड़े कविता संग्रह के रचयिता<br />उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है "माँ की ममता – माँ अनेकता की शक्ति" का प्रकाशन, जो एक बहुत बड़ा साहित्यिक काम है और इसमें मातृत्व को समर्पित 5,121 कविताएँ शामिल हैं।</p>
<p>इस संग्रह में पूरे भारत के कवियों की रचनाएँ शामिल थीं और इसे माँ के प्यार, त्याग और देखभाल करने की भावना पर अब तक के सबसे बड़े साहित्यिक संकलनों में से एक माना जाता है।</p>
<p>इस प्रोजेक्ट ने अपने बड़े पैमाने और भावनात्मक महत्व के कारण राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया। इसने डॉ. अंदानी की उस क्षमता को उजागर किया जिसके ज़रिए वे साहित्य को एक ऐसे आंदोलन में बदल सकते हैं जो लोगों को साझा मानवीय अनुभवों से जोड़ता है।</p>
<p>साहित्य के माध्यम से पारिवारिक मूल्यों को संजोना<br />मातृत्व के अलावा, डॉ. अंदानी ने उन विषयों को भी बढ़ावा दिया है जो आधुनिक समाज में तेज़ी से महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं।<br />उनकी मराठी साहित्यिक पहल "बाबा – अबोल जीवनाचे कोडे" ने पूरे महाराष्ट्र के कवियों द्वारा लिखी गई 1,161 कविताओं के संग्रह के माध्यम से पिताओं के अक्सर अनकहे त्याग और भावनात्मक शक्ति को उजागर किया।</p>
<p>इसी तरह, भाई-बहनों के रिश्ते को समर्पित उनकी किताब "बहीण माझी प्रिया ताई" ने भाई-बहनों के बीच भावनात्मक मज़बूती, सहयोग और जीवन भर के जुड़ाव का जश्न मनाया।</p>
<p>इन प्रोजेक्ट्स की पारिवारिक मूल्यों और भावनात्मक रिश्तों को संजोने के लिए व्यापक रूप से सराहना की गई है, खासकर ऐसे समय में जब तेज़ी से हो रहा आधुनिकीकरण अक्सर पारंपरिक सामाजिक रिश्तों को पीछे छोड़ देता है।</p>
<p>भावनात्मक साहित्य से राष्ट्रीय दृष्टिकोण तक<br />डॉ. अंदानी का साहित्यिक काम केवल व्यक्तिगत रिश्तों तक ही सीमित नहीं रहा है।<br />उनकी हाल ही में घोषित किताब "विकसित भारत 2047 – शिक्षा से ही" एक व्यापक राष्ट्रीय दृष्टिकोण को दर्शाती है। यह 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र के रूप में आकार देने में शिक्षा की भूमिका पर ज़ोर देती है।</p>
<p>यह किताब युवा सशक्तिकरण, नवाचार, मूल्यों पर आधारित शिक्षा, नेतृत्व और राष्ट्र-निर्माण जैसे विषयों पर बात करती है। यह साहित्य को व्यापक सामाजिक और विकासात्मक आकांक्षाओं से जोड़ने की उनकी क्षमता को दिखाती है।</p>
<p>पारिवारिक विषयों से राष्ट्रीय परिवर्तन की ओर यह बदलाव उनके साहित्यिक दृष्टिकोण और बौद्धिक योगदान के विस्तार को उजागर करता है।<br />साहित्य से परे एक रिकॉर्ड-तोड़ने वाली विरासत</p>
<p>एक ही दिन में 106 किताबें प्रकाशित करना डॉ. अंदाणी के शानदार सफ़र का सिर्फ़ एक पहलू है।<br />उनकी उपलब्धियों में शामिल हैं:<br />    3,180 से ज़्यादा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार<br />    115 से ज़्यादा वर्ल्ड रिकॉर्ड<br />    150 मानद डॉक्टरेट<br />    12,100 से ज़्यादा प्रकाशित कविताएँ<br />    दर्जनों बड़े साहित्यिक प्रयासों के लेखक और सहयोगी<br />    शैक्षिक और सामाजिक पहलों के ज़रिए लाखों लोगों के लिए मार्गदर्शक और सलाहकार<br />ये उपलब्धियाँ उन्हें उन चुनिंदा लोगों की श्रेणी में रखती हैं जिनका प्रभाव साहित्य, शिक्षा, समाज सेवा और सांस्कृतिक संरक्षण जैसे क्षेत्रों में फैला हुआ है।</p>
<p>लिखे हुए शब्दों से परे समाज की सेवा<br />अपनी साहित्यिक उपलब्धियों के अलावा, डॉ. शंकर घनश्यामदास अंदानी अपनी व्यापक समाज सेवा और पेशेवर योगदान के लिए भी जाने जाते हैं।<br />पेशे से एक प्रतिष्ठित चार्टर्ड अकाउंटेंट होने के नाते, उन्होंने कई धार्मिक, धर्मार्थ और सामाजिक संगठनों के लिए टैक्स कंसल्टेंट और सलाहकार के तौर पर काम किया है।</p>
<p>उनके योगदान से पूरे भारत में मंदिरों, मस्जिदों, चर्चों, शिक्षण संस्थानों और गैर-लाभकारी संगठनों को फ़ायदा पहुँचा है।<br />जनसेवा के प्रति उनके समर्पण ने बार-बार यह साबित किया है कि सच्ची लीडरशिप पेशेवर सफलता से कहीं आगे बढ़कर समाज पर सार्थक प्रभाव डालने के बारे में है।</p>
<p>असाधारण योगदान के लिए अंतर्राष्ट्रीय पहचान<br />लंदन बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स, OMG बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स और इंडिया प्राउड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स जैसे संस्थानों से मिली पहचान डॉ. अंदानी की उपलब्धियों के वैश्विक महत्व को और पुख्ता करती है।</p>
<p>ये रिकॉर्ड न केवल उनके साहित्यिक काम के बड़े पैमाने को मान्यता देते हैं, बल्कि इतने बड़े स्तर का काम करने के लिए ज़रूरी समर्पण, अनुशासन और विज़न को भी सराहते हैं।</p>
<p>साहित्यिक विशेषज्ञों और जानकारों का मानना है कि एक ही दिन में खुद लिखी हुई 106 किताबें प्रकाशित करना सिर्फ़ एक रिकॉर्ड नहीं है—यह रचनात्मकता, समर्पण और मकसद-आधारित काम की असीमित संभावनाओं का एक उदाहरण है।</p>
<p>आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा<br />ऐसे समय में जब लोगों का ध्यान केंद्रित करने का समय कम होता जा रहा है और डिजिटल चीज़ों की वजह से साहित्य से जुड़ने में अक्सर रुकावटें आती हैं, डॉ. शंकर घनश्यामदास अंदानी की उपलब्धियाँ साहित्य के सदाबहार महत्व की एक ज़बरदस्त मिसाल हैं।</p>
<p>एक लेखक से रिकॉर्ड-होल्डर और सांस्कृतिक समर्थक से लेकर साहित्य के क्षेत्र में दूरदर्शी सोच रखने वाले व्यक्ति तक का उनका सफ़र, भारत और उसके बाहर भी लेखकों, शिक्षकों, छात्रों और पाठकों को प्रेरित करता रहता है।</p>
<p>एक ही दिन में 106 किताबें लॉन्च करने और कई वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम करने के साथ, डॉ. शंकर घनश्यामदास अंदानी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि साहित्य का मतलब सिर्फ़ किताबें लिखना नहीं है—बल्कि यह संस्कृति को संजोने, समाज को आकार देने और ऐसी विरासत बनाने के बारे में है जो पीढ़ियों तक बनी रहती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 15:04:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली मंत्रिमंडल की बैठक में ईवी नीति 2.0 को मिल सकती है मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 19 जून (वेब वार्ता)। दिल्ली की इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति 2.0 को अगले सप्ताह मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी के लिए रखा जा सकता है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नयी नीति का मसौदा अप्रैल में हितधारकों की प्रतिक्रिया के लिए सार्वजनिक किया गया था। नीति के तहत हाइब्रिड वाहनों को बढ़ावा देने के मुद्दे पर प्राधिकारियों को अभी अंतिम फैसला लेना हैं।</p>
<p>अधिकारी ने कहा, ‘‘सरकार इस नीति के तहत सब्सिडी योजना में हाइब्रिड वाहनों को भी शामिल करना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>नयी दिल्ली, 19 जून (वेब वार्ता)। दिल्ली की इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति 2.0 को अगले सप्ताह मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी के लिए रखा जा सकता है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नयी नीति का मसौदा अप्रैल में हितधारकों की प्रतिक्रिया के लिए सार्वजनिक किया गया था। नीति के तहत हाइब्रिड वाहनों को बढ़ावा देने के मुद्दे पर प्राधिकारियों को अभी अंतिम फैसला लेना हैं।</p>
<p>अधिकारी ने कहा, ‘‘सरकार इस नीति के तहत सब्सिडी योजना में हाइब्रिड वाहनों को भी शामिल करना चाहती है, लेकिन कुछ जगहों से इसका विरोध हो रहा है। हालांकि, यह देखा गया है कि हाइब्रिड वाहन पर सब्सिडी देने से इलेक्ट्रिक गाड़ियों को तेज़ी से अपनाने में मदद मिली है।’’</p>
<p>नीति के मसौदे में 30 लाख रुपये तक कीमत वाले हाइब्रिड वाहनों के लिए पथकर में 50 प्रतिशत की छूट देने की सिफारिश की गई है।<br />हाइब्रिड वाहन परंपरागत इंजन और एक या अधिक इलेक्ट्रिक मोटर से संचालित होते हैं। इनमें लगी बैटरी स्वयं चार्ज होती है।</p>
<p>दिल्ली की मौजूदा ईवी नीति की अवधि 30 जून तक बढ़ाई गई है।<br />अधिकारी ने कहा, “मौजूदा नीति को आगे भी बढ़ाए जाने की संभावना है, इसलिए नयी ईवी नीति 2.0 को मंजूरी मिलना आवश्यक है।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147723/ev-policy-20-may-get-approval-in-delhi-cabinet-meeting</link>
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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 15:00:58 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>राष्ट्रपति 18 जून से मप्र के 5 दिवसीय प्रवास पर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भोपाल, 17 जून (वेब वार्ता)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 18 जून को मध्य प्रदेश के पांच दिवसीय दौरे पर आ रही हैं। वे यहां 22 जून तक बैतूल, ओंकारेश्वर और जबलपुर में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगी और श्योपुर के प्रसिद्ध कूनो नेशनल पार्का भ्रमण भी करेंगी। उनके प्रस्तावित बैतूल भ्रमण कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर आज ट्रायल लैंडिंग एवं कारकेड रिहर्सल होगी।</p>
<p>जिला प्रशासन के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 18 जून को प्रात: 9.25 बजे इंदौर एयरपोर्ट आएंगी। यहां वे प्रात: हेलिकॉप्टर द्वारा बैतूल के लिए रवाना होंगी।</p>
<p>राष्ट्रपति प्रात: 11ः10 बजे बैतूल में ब्रम्हाकुमारीज के कार्यक्रम में शामिल होंगी।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147686/president-on-5-day-visit-to-madhya-pradesh-from-june-18"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-07/7836_dropadi-murmu-president-rashtrapati.jpg" alt=""></a><br /><p>भोपाल, 17 जून (वेब वार्ता)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 18 जून को मध्य प्रदेश के पांच दिवसीय दौरे पर आ रही हैं। वे यहां 22 जून तक बैतूल, ओंकारेश्वर और जबलपुर में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगी और श्योपुर के प्रसिद्ध कूनो नेशनल पार्का भ्रमण भी करेंगी। उनके प्रस्तावित बैतूल भ्रमण कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर आज ट्रायल लैंडिंग एवं कारकेड रिहर्सल होगी।</p>
<p>जिला प्रशासन के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 18 जून को प्रात: 9.25 बजे इंदौर एयरपोर्ट आएंगी। यहां वे प्रात: हेलिकॉप्टर द्वारा बैतूल के लिए रवाना होंगी।</p>
<p>राष्ट्रपति प्रात: 11ः10 बजे बैतूल में ब्रम्हाकुमारीज के कार्यक्रम में शामिल होंगी। इसके पश्चात दोपहर 12ः20 बजे बैतूल से ओंकारेश्वर के लिए रवाना होंगी और दोपहर 1ः40 बजे ओंकारेश्वर पहुंचेंगी। वे शाम 6ः20 बजे ओंकारेश्वर मंदिर में दर्शन कर आरती में शामिल होंगी। वे रात्रि विश्राम एनएचडीसी गेस्ट हाउस ओंकारेश्वर में करेंगी।</p>
<p>निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अगले दिन 19 जून को ओंकारेश्वर में प्रात: 9.50 बजे अंतरराष्ट्रीय सिकलसेल एनीमिया दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगी। वे प्रात: 11.30 बजे ओंकारेश्वर से प्रस्थान कर दोपहर 12.15 बजे इंदौर एयरपोर्ट पहुंचेंगी। वे दोपहर 12.25 बजे इंदौर एयरपोर्ट से पश्चिम बंगाल के कलाईकुण्ड एयरपोर्ट के लिए प्रस्थान करेंगी।</p>
<p>राष्ट्रपति 20 जून को शाम 6.10 बजे वायुयान द्वारा जबलपुर एयरपोर्ट आएंगी। यहां से वे सर्किट हाउस के लिए रवाना होंगी। वे रात्रि विश्राम जबलपुर के सर्किट हाउस में ही करेंगी।</p>
<p>राष्ट्रपति अगले दिवस 21 जून को प्रात: 7ः20 बजे जबलपुर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम में शामिल होंगी। इस कार्यक्रम के पश्चात राष्ट्रपति दोपहर 11.40 बजे रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर के 36वें कान्क्लेव समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगी।</p>
<p>इसके पश्चात् वे दोपहर 1.20 बजे जबलपुर एयरपोर्ट से ग्वालियर के लिए रवाना होंगी। वे दोपहर 2ः20 बजे ग्वालियर पहुंचेंगी। यहां से वे हेलिकॉप्टर द्वारा कूनो नेशनल पार्क के लिए रवाना होंगी। वे दोपहर 3ः35 बजे कूनो गेस्ट हाउस पहुंचेंगी। राष्ट्रपति रात्रि विश्राम कूनो गेस्ट हाउस में करेंगी।</p>
<p>वे अगले दिवस 22 जून को प्रात: 6.30 वे कूनो नेशनल पार्क का भ्रमण करेंगी। राष्ट्रपति प्रात: 10.20 बजे कूनो नेशनल पार्क हेलीपेड से प्रस्थान कर प्रात: 11ः05 बजे ग्वालियर एयरपोर्ट पहुंचेंगी और ग्वालियर एयरपोर्ट से प्रात: 11ः15 बजे वे दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 15:47:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिहार की मंजू सिन्हा: 16 वर्षों से बेटियों के स्वास्थ्य और जागरूकता की मजबूत आवाज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पटना (बिहार), 15 जून: समाज में कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनका काम प्रचार से नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव से पहचाना जाता है। बिहार की मंजू सिन्हा उन्हीं व्यक्तित्वों में से एक हैं, जिन्होंने पिछले 16 वर्षों से महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता फैलाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है।</p>
<p>Manju Sinha, गुलमोहर मैत्री की सचिव के रूप में, लगातार ऐसे अभियानों से जुड़ी रही हैं जिनका उद्देश्य महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी उपलब्ध कराना और उन्हें जागरूक बनाना है। उनका मानना है कि किसी भी बीमारी के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147660/manju-sinha-of-bihar-has-been-a-strong-voice-for"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/b16062026-01.jpg" alt=""></a><br /><p>पटना (बिहार), 15 जून: समाज में कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनका काम प्रचार से नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव से पहचाना जाता है। बिहार की मंजू सिन्हा उन्हीं व्यक्तित्वों में से एक हैं, जिन्होंने पिछले 16 वर्षों से महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता फैलाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है।</p>
<p>Manju Sinha, गुलमोहर मैत्री की सचिव के रूप में, लगातार ऐसे अभियानों से जुड़ी रही हैं जिनका उद्देश्य महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी उपलब्ध कराना और उन्हें जागरूक बनाना है। उनका मानना है कि किसी भी बीमारी के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार समय पर जानकारी और बचाव है।</p>
<p>भारत में सर्वाइकल कैंसर महिलाओं के लिए एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि एचपीवी (HPV) वैक्सीन और नियमित स्वास्थ्य जांच के माध्यम से इस बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। हालांकि, ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में जागरूकता की कमी अब भी एक बड़ी समस्या है।</p>
<p>इसी चुनौती को देखते हुए मंजू सिन्हा ने वर्षों पहले जागरूकता को अपना मिशन बनाया। उन्होंने स्कूलों, परिवारों और समुदायों के बीच जाकर किशोरियों को स्वास्थ्य, स्वच्छता और बचाव के महत्व के बारे में जानकारी दी। उनके प्रयासों का असर यह रहा कि अनेक परिवारों ने स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर खुलकर चर्चा शुरू की।</p>
<p>मंजू सिन्हा का कार्य केवल जागरूकता कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है। उन्होंने विश्वास का ऐसा रिश्ता बनाया है कि कई परिवार उन्हें एक मार्गदर्शक के रूप में देखते हैं। जिन बच्चियों ने कभी उनके कार्यक्रमों में भाग लिया था, उनमें से कई आज युवा महिलाएं बन चुकी हैं और अपने आसपास स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश पहुंचा रही हैं।</p>
<p>सामाजिक विशेषज्ञों के अनुसार, स्थायी परिवर्तन तभी संभव होता है जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक धैर्य और प्रतिबद्धता के साथ काम करे। मंजू सिन्हा का सफर इसी बात का उदाहरण है कि बदलाव एक दिन में नहीं आता, बल्कि वर्षों की मेहनत और निरंतर प्रयासों का परिणाम होता है।</p>
<p>आज बिहार में महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण की दिशा में हो रहे प्रयासों के बीच मंजू सिन्हा की भूमिका प्रेरणादायक है। उनकी कहानी बताती है कि वास्तविक नेतृत्व केवल पद या पहचान से नहीं, बल्कि समाज पर पड़े सकारात्मक प्रभाव से तय होता है।</p>
<p>उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि शायद कोई पुरस्कार या सम्मान नहीं, बल्कि वह विश्वास है जो हजारों बच्चियों और परिवारों ने उन पर जताया है। यही विश्वास उन्हें जागरूकता, सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण की एक मजबूत पहचान बनाता है।<br />https://www.linkedin.com/in/manjusinha?utm_source=share_via&amp;utm_content=profile&amp;utm_medium=member_ios</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 14:46:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नोएडा एयरपोर्ट से पहली कमर्शियल उड़ान शुरू: जमीन देने वाले 170 किसानों ने भरी ऐतिहासिक उड़ान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नोएडा, 15 जून (वेब वार्ता)। यूपी के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से आज से व्यावसायिक उड़ानों का संचालन औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। लखनऊ से पहली फ्लाइट के लैंड होते ही नोएडा एयरपोर्ट  पर यात्रियों का भव्य स्वागत किया गया।</p>
<p>इस ऐतिहासिक अवसर पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने एयरपोर्ट के विकास में योगदान देने वाले लोगों की सराहना की और इसे क्षेत्र के लिए एक बड़ा एविएशन हब बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।</p>
<p>किसानों के लिए ऐतिहासिक दिन<br />आज सुबह 8:30 बजे जेवर इलाके के उन 170 किसानों और कामगारों ने पहली उड़ान</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147649/first-commercial-flight-started-from-noida-airport-170-farmers-who"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-06/air-plane-strip-airport-flight.jpg" alt=""></a><br /><p>नोएडा, 15 जून (वेब वार्ता)। यूपी के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से आज से व्यावसायिक उड़ानों का संचालन औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। लखनऊ से पहली फ्लाइट के लैंड होते ही नोएडा एयरपोर्ट  पर यात्रियों का भव्य स्वागत किया गया।</p>
<p>इस ऐतिहासिक अवसर पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने एयरपोर्ट के विकास में योगदान देने वाले लोगों की सराहना की और इसे क्षेत्र के लिए एक बड़ा एविएशन हब बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।</p>
<p>किसानों के लिए ऐतिहासिक दिन<br />आज सुबह 8:30 बजे जेवर इलाके के उन 170 किसानों और कामगारों ने पहली उड़ान भरी, जिन्होंने इस भव्य एयरपोर्ट के निर्माण के लिए अपनी जमीन स्वेच्छा से दी थी।</p>
<p>जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में यह किसानों का दल लखनऊ के लिए रवाना हुआ है, जहाँ वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे। इन किसानों के लिए यह पहली उड़ान न केवल एक यात्रा है, बल्कि उनके त्याग और सहयोग का सम्मान भी है।</p>
<p>उत्साह और भव्य तैयारियों के साथ शुरुआत<br />पहली फ्लाइट के उतरने पर उसे ‘वाटर केनन सैल्यूट’ देकर सम्मानित किया गया और यात्रियों का स्वागत गुलाब के फूलों से किया गया। इस खास सफर में अभिनेत्री गुल पनाग भी लखनऊ से नोएडा पहुंचीं।</p>
<p>सुबह 8:05 बजे लखनऊ से जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और प्रमुख कारोबारियों को लेकर आए पहले विमान के साथ ही नोएडा एयरपोर्ट ने अपने व्यावसायिक सफर की शुरुआत कर दी है। किसान शाम को इसी फ्लाइट से वापस नोएडा लौट आएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 15:41:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोलकाता में विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर मामले में सीआईडी के सामने पेश हुए अभिषेक बनर्जी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कोलकाता, 14 जून (वेब वार्ता)। तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी रविवार को विधायक हस्ताक्षर विवाद (सिग्नेचर मिसमैच) मामले में पूछताछ के लिए एक बार फिर पश्चिम बंगाल पुलिस के सीआईडी मुख्यालय पहुंचे।</p>
<p>सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी को दोपहर 12 बजे तक उपस्थित होने को कहा था। हालांकि, तृणमूल सांसद निर्धारित समय से पहले ही सीआईडी कार्यालय पहुंच गए।</p>
<p>कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस मामले में राज्य पुलिस की खुफिया शाखा की जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया था। अदालत ने यह भी कहा था कि अगले दो सप्ताह तक सीआईडी उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>कोलकाता, 14 जून (वेब वार्ता)। तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी रविवार को विधायक हस्ताक्षर विवाद (सिग्नेचर मिसमैच) मामले में पूछताछ के लिए एक बार फिर पश्चिम बंगाल पुलिस के सीआईडी मुख्यालय पहुंचे।</p>
<p>सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी को दोपहर 12 बजे तक उपस्थित होने को कहा था। हालांकि, तृणमूल सांसद निर्धारित समय से पहले ही सीआईडी कार्यालय पहुंच गए।</p>
<p>कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस मामले में राज्य पुलिस की खुफिया शाखा की जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया था। अदालत ने यह भी कहा था कि अगले दो सप्ताह तक सीआईडी उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करेगी।</p>
<p>अभिषेक बनर्जी रविवार को सीआईडी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पहले रिसेप्शन पर जाकर अपना पहचान पत्र दिखाया और उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर किए। इसके बाद वह कार्यालय के अंदर गए। इस दौरान परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल और केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है।</p>
<p>इससे पहले अभिषेक बनर्जी 11 जून को भी हस्ताक्षर जालसाजी मामले में पूछताछ के लिए सीआईडी कार्यालय पहुंचे थे। उस दिन उनसे करीब साढ़े पांच घंटे तक पूछताछ की गई थी। पूछताछ के बाद वह रात में कालीघाट स्थित ममता बनर्जी के आवास गए थे।</p>
<p>सीआईडी ने उन्हें दोबारा रविवार को पेश होने के लिए कहा था। अभिषेक बनर्जी को सोमवार और मंगलवार को भी अलग-अलग मामलों में पूछताछ का सामना करना है।</p>
<p>सोमवार (15 जून) को उन्हें पश्चिम बंगाल के शिक्षक भर्ती (कैश-फॉर-स्कूल-जॉब) घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सॉल्ट लेक स्थित कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। ईडी ने उन्हें इस मामले में 3 जून को नोटिस जारी किया था।</p>
<p>वहीं, मंगलवार (16 जून) को उन्हें एक अन्य मामले में फिर सीआईडी मुख्यालय में पेश होना है। इस मामले में उन पर हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकाने और हिंसा भड़काने का आरोप है। इस संबंध में सीआईडी अधिकारियों ने उन्हें 12 जून की शाम को नोटिस दिया था।</p>
<p>हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि वह सोमवार और मंगलवार को संबंधित जांच एजेंसियों के समक्ष पेश होंगे या नहीं। फिलहाल इन दोनों मामलों में पुलिस कार्रवाई से उन्हें हाईकोर्ट की कोई राहत प्राप्त नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147636/abhishek-banerjee-appeared-before-cid-in-the-case-of-fake</link>
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                <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 19:02:34 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असम के जोरहाट में वायु सेना का विमान दुर्घटनाग्रस्त, पांच जवान बलिदान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जोरहाट (असम), 13 जून (वेब वार्ता)। भारतीय वायुसेना (आईएएफ) का एक एएन-32 परिवहन विमान शुक्रवार को असम के जोरहाट स्थित रौरिया एयरफोर्स स्टेशन पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।</p>
<p>हादसे में वायु सेना के पांच कर्मियों का सर्वोच्च बलिदान हो गया। विमान लैंडिंग के दौरान हादसे का शिकार हुआ, जिसके बाद उसमें आग लग गई।</p>
<p>भारतीय वायु सेना की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि भारतीय वायु सेना को असम के जोरहाट में एएन-32 विमान दुर्घटना में अपने पांच कर्मियों के निधन पर गहरा दुख है।</p>
<p>हादसे में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>जोरहाट (असम), 13 जून (वेब वार्ता)। भारतीय वायुसेना (आईएएफ) का एक एएन-32 परिवहन विमान शुक्रवार को असम के जोरहाट स्थित रौरिया एयरफोर्स स्टेशन पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।</p>
<p>हादसे में वायु सेना के पांच कर्मियों का सर्वोच्च बलिदान हो गया। विमान लैंडिंग के दौरान हादसे का शिकार हुआ, जिसके बाद उसमें आग लग गई।</p>
<p>भारतीय वायु सेना की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि भारतीय वायु सेना को असम के जोरहाट में एएन-32 विमान दुर्घटना में अपने पांच कर्मियों के निधन पर गहरा दुख है।</p>
<p>हादसे में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम ने कर्तव्य का पालन करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। भारतीय वायु सेना शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती है और दुख की इस घड़ी में उनके साथ मजबूती से खड़ी है।</p>
<p>वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पाेस्ट में घटना पर दुख जताते हुए कहा, असम के जोरहाट में एएन-32 विमान दुर्घटना में पांच वायु योद्धाओं की मौत से मुझे गहरा दुख हुआ है।</p>
<p>स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।</p>
<p>देश उनके साहस और सेवा को हमेशा गर्व और कृतज्ञता के साथ याद रखेगा। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। दुख की इस घड़ी में देश मजबूती से उनके साथ खड़ा है।</p>
<p>प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के बाद एयरबेस क्षेत्र में आग की ऊंची लपटें और घना धुआं देखा गया। बताया जा रहा है कि दुर्घटनाग्रस्त विमान वायुसेना की 43वीं स्क्वाड्रन से संबंधित था और नियमित सैन्य उड़ान पर था। विमान का उपयोग सैन्य सामग्री और रसद के परिवहन के लिए किया जाता है।</p>
<p>सूत्रों के मुताबिक, विमान निर्धारित रनवे पर सुरक्षित लैंडिंग नहीं कर सका और एयरबेस के घास एवं उबड़-खाबड़ हिस्से में उतर गया। लैंडिंग के दौरान जोरदार धमाका होने के बाद विमान में आग लग गई और वह दो हिस्सों में बंट गया।</p>
<p>हादसे के तुरंत बाद एयरबेस पर मौजूद फायर ब्रिगेड और आपातकालीन बचाव दल मौके पर पहुंचे तथा आग पर काबू पा लिया। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया है।</p>
<p>भारतीय वायुसेना ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा है कि जोरहाट में एक एएन-32 विमान दुर्घटना का शिकार हुआ है। वायुसेना ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और विस्तृत जानकारी उपलब्ध होने पर साझा की जाएगी।</p>
<p>दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। गौरतलब है कि, जोरहाट स्थित रौरैया एयरफोर्स स्टेशन पूर्वोत्तर भारत में भारतीय वायुसेना का एक महत्वपूर्ण सैन्य अड्डा है, जो क्षेत्र में वायु अभियानों, सैन्य रसद आपूर्ति और रणनीतिक गतिविधियों के संचालन में अहम भूमिका निभाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 19:01:12 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फिरोजाबाद में शताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव, मोहन भागवत के कोच पर फेंके गए पत्थर! बाल-बाल बचे RSS प्रमुख</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 12 जून (वेब वार्ता)। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से बड़ी खबर सामने आ रही है। फिरोजाबाद रेलवे स्टेशन के पास शताब्दी एक्सप्रेस पर पत्थर फेंके जाने की घटना सामने आई है।</p>
<p>बताया जा रहा है कि शताब्दी एक्सप्रेस (12003) पर कुछ अज्ञात हमलावरों ने पथराव किया, जिससे एग्जीक्यूटिव क्लास के E-1 कोच की खिड़की को नुकसान पहुंचा।</p>
<p>राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत इसी कोच में यात्रा कर रहे थे। वे कानपुर से दिल्ली जा रहे थे। पुलिस CCTV फुटेज की जांच कर रही है और घटना की छानबीन कर रही है।</p>
<p>कैसे हुई घटना?<br />यह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147602/stone-pelting-on-shatabdi-express-in-firozabad-rss-chief-narrowly"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-04/3843_mohan-bhagwat-rss.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 12 जून (वेब वार्ता)। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से बड़ी खबर सामने आ रही है। फिरोजाबाद रेलवे स्टेशन के पास शताब्दी एक्सप्रेस पर पत्थर फेंके जाने की घटना सामने आई है।</p>
<p>बताया जा रहा है कि शताब्दी एक्सप्रेस (12003) पर कुछ अज्ञात हमलावरों ने पथराव किया, जिससे एग्जीक्यूटिव क्लास के E-1 कोच की खिड़की को नुकसान पहुंचा।</p>
<p>राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत इसी कोच में यात्रा कर रहे थे। वे कानपुर से दिल्ली जा रहे थे। पुलिस CCTV फुटेज की जांच कर रही है और घटना की छानबीन कर रही है।</p>
<p>कैसे हुई घटना?<br />यह घटना गुरुवार रात करीब 8 बजे फिरोजाबाद के बाहरी इलाके में हुई। शताब्दी एक्सप्रेस के कोच E1 पर एक पत्थर गिरा, जिसमें संघ प्रमुख मोहन भागवत यात्रा कर रहे थे।</p>
<p>ऐसा लग रहा था जैसे संघ प्रमुख को ले जा रही ट्रेन को जानबूझकर निशाना बनाया गया था। मोहन भागवत वहां एक समारोह में शामिल होने के बाद 12003 लखनऊ शताब्दी एक्सप्रेस से कानपुर से दिल्ली जा रहे थे। इसी यात्रा के दौरान फिरोजाबाद के पास पत्थर उस कोच से टकराया जिसमें वह थे।</p>
<p>इस पथराव में किसी के हताहत होने की खबर सामने नहीं आई है। आगरा के ADG एस.के. भगत का ने बताया कि, “किसी को चोट नहीं आई है। AC कोच में कांच की दो परतें होती हैं, और सिर्फ बाहरी शीशा ही टूटा है।”</p>
<p>कोच में मची अफरा-तफरी<br />इस घटना के बाद कोच में बैठे यात्रियों में अफरा-तफरी मच हई। पथराव होने के कारण ट्रेन को टूंडला से पहले ही आउटर में रोक दिया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जांच की, जिसके बाद ट्रेन को दिल्ली के लिए रवाना किया गया।</p>
<p>अभी तक इस बात की जानकारी नहीं मिली है कि पत्थर किसने फेंके। पुलिस अधिकारी इस मामले की जांच में जुटे हुई है और पता लगा रही है कि इस घटना के लिए कौन जिम्मेदार है।</p>
<p>घटना के बाद पुलिस जांच होते ही शताब्दी एक्सप्रेस ने दिल्ली की ओर अपनी यात्रा फिर से शुरू की और रात करीब 10.13 बजे दिल्ली अपने गंतव्य स्थान तक पहुंची। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद पूरी जानकारी सामने आएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 15:06:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मशहूर सिंगर गुरु रंधावा के जिम के बाहर ताबड़तोड़ फायरिंग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 11 जून (वेब वार्ता)। देश की राजधानी दिल्ली में कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है। मशहूर पंजाबी सिंगर गुरु रंधावा के मालिकाना हक वाले एक फिटनेस जिम के बाहर अज्ञात बदमाशों द्वारा ताबड़तोड़ फायरिंग की गई है।</p>
<p>इस अचानक हुए हमले के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया है।</p>
<p>इस बीच, इस सनसनीखेज फायरिंग की जिम्मेदारी कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147587/heavy-firing-outside-famous-singer-guru-randhawas-gym"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-02/gun-firing-murder-crime-shooting-criminal2.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 11 जून (वेब वार्ता)। देश की राजधानी दिल्ली में कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है। मशहूर पंजाबी सिंगर गुरु रंधावा के मालिकाना हक वाले एक फिटनेस जिम के बाहर अज्ञात बदमाशों द्वारा ताबड़तोड़ फायरिंग की गई है।</p>
<p>इस अचानक हुए हमले के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया है।</p>
<p>इस बीच, इस सनसनीखेज फायरिंग की जिम्मेदारी कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक कथित पोस्ट और ऑडियो क्लिप के जरिए इस बात का दावा किया गया है।</p>
<p>वायरल ऑडियो में कथित तौर पर गैंग के एक सदस्य को साफ तौर पर यह कहते सुना जा सकता है कि गुरु रंधावा के बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के साथ काफी करीबी रिश्ते हैं, और इसी वजह से उन्हें निशाने पर लिया गया है।</p>
<p>इस धमकी भरे ऑडियो में इस हमले को महज एक ट्रेलर बताया गया है, जिससे आने वाले समय में खतरा और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।</p>
<p>घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस टीमों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जिम के आसपास के विजुअल्स और सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके।</p>
<p>पुलिस इस बात की भी गहराई से तफ्तीश कर रही है कि क्या यह वाकई लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ही हरकत है या फिर किसी अन्य असामाजिक तत्व ने इलाके में केवल दहशत और खौफ फैलाने के लिए इस कुख्यात गैंग के नाम का इस्तेमाल किया है।</p>
<p>दिल्ली पुलिस के मुताबिक, फिलहाल सोशल मीडिया पोस्ट और वायरल ऑडियो की प्रामाणिकता की जांच की जा रही है, जिसके बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 15:35:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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                <title>भाषा की बाधाओं को तोड़ते हुए: फिजिक्सवाला ने JEE में सफल हिंदी माध्यम के छात्रों का किया सम्मान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नोएडा (उत्तर प्रदेश), 10 जून: फिजिक्सवाला (PW) ने हाल ही में नोएडा में एक सम्मान समारोह आयोजित कर JEE में सफलता हासिल करने वाले हिंदी माध्यम के छात्रों का सम्मान किया।</p>
<p>इस अवसर पर PW के संस्थापक एवं CEO आलख पांडे ने छात्रों और उनके परिवारों से मुलाकात की तथा उनकी संघर्षपूर्ण और प्रेरणादायक सफलता की कहानियों को साझा किया।</p>
<p>समारोह को संबोधित करते हुए आलख पांडे ने कहा, "किसी छात्र की प्रतिभा उसकी भाषा से नहीं, बल्कि उसकी मेहनत और लगन से तय होती है। इन छात्रों ने साबित कर दिया है कि सही मार्गदर्शन और दृढ़ संकल्प के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147578/breaking-the-language-barriers-physicswala-honored-hindi-medium-students-who"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/b10062026-06.jpg" alt=""></a><br /><p>नोएडा (उत्तर प्रदेश), 10 जून: फिजिक्सवाला (PW) ने हाल ही में नोएडा में एक सम्मान समारोह आयोजित कर JEE में सफलता हासिल करने वाले हिंदी माध्यम के छात्रों का सम्मान किया।</p>
<p>इस अवसर पर PW के संस्थापक एवं CEO आलख पांडे ने छात्रों और उनके परिवारों से मुलाकात की तथा उनकी संघर्षपूर्ण और प्रेरणादायक सफलता की कहानियों को साझा किया।</p>
<p>समारोह को संबोधित करते हुए आलख पांडे ने कहा, "किसी छात्र की प्रतिभा उसकी भाषा से नहीं, बल्कि उसकी मेहनत और लगन से तय होती है। इन छात्रों ने साबित कर दिया है कि सही मार्गदर्शन और दृढ़ संकल्प के साथ कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है।"</p>
<p>सम्मानित छात्रों में आर्यन साहू, तनिष्क नरवाडे, लक्की जाटव और सागर शामिल रहे, जिनकी कहानियां देशभर के लाखों हिंदी माध्यम छात्रों को प्रेरित करती हैं। सम्मानित छात्रों में से कई ने अपनी JEE तैयारी की शुरुआत कक्षा 11 में PW के अर्जुना JEE हिंदी बैच से की थी और बाद में लक्ष्‍य तथा प्रयास जैसे बैचों के माध्यम से अपनी तैयारी को आगे बढ़ाया।</p>
<p>लखनऊ के आर्यन ने सब्जी विक्रेता पिता के संघर्षों से प्रेरणा लेकर आर्थिक चुनौतियों के बावजूद JEE Advanced में सफलता हासिल की। तनिष्क, जिन्होंने कम उम्र में अपने माता-पिता को खो दिया था, ने कई उतार-चढ़ावों और निराशाओं का सामना करने के बाद JEE Advanced को अपनी 'आखिरी लड़ाई' मानते हुए सफलता प्राप्त की।</p>
<p>मुजफ्फरनगर के लक्की जाटव, जिनके पिता मजदूर हैं और मां घरों में सफाई का काम करती हैं, ने कक्षा 12 की पढ़ाई के साथ-साथ पूरी 11वीं का पाठ्यक्रम पूरा कर JEE Advanced क्वालिफाई किया।</p>
<p>वहीं सागर ने सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद अपनी NMMS छात्रवृत्ति से पढ़ाई का खर्च उठाया और JEE Advanced में सफलता हासिल की। समारोह के दौरान आलख सर ने तनिष्क नरवाडे को ₹5 लाख की स्कॉलरशिप और लक्की जाटव की कॉलेज फीस में सहायता प्रदान करने की घोषणा की।</p>
<p>इन छात्रों की उपलब्धि ऐसे समय में सामने आई है जब प्रतियोगी परीक्षाओं में मातृभाषा और क्षेत्रीय भाषाओं का महत्व लगातार बढ़ रहा है। JEE Main परीक्षा हिंदी सहित 13 भाषाओं में आयोजित की जाती है, जिससे हिंदी भाषी छात्रों को अपनी भाषा में परीक्षा देने का अवसर मिलता है।</p>
<p>PW उन चुनिंदा शैक्षणिक संस्थानों में शामिल है जो हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए JEE की विशेष तैयारी, अध्ययन सामग्री, मेंटरशिप और डाउट-रिजॉल्यूशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं। इसी दिशा में PW ने कक्षा 12 के छात्रों के लिए Lakshya JEE Hindi 2027 तथा ड्रॉपर्स के लिए Prayas JEE Hindi 2027 जैसे कार्यक्रम शुरू किए हैं।</p>
<p>यह समारोह केवल परीक्षा परिणामों का उत्सव नहीं था, बल्कि उन संघर्षों, त्याग और सपनों का भी सम्मान था जिन्होंने इन छात्रों की सफलता की नींव रखी। ऐसी कहानियों के माध्यम से PW गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को देश के हर छात्र तक पहुंचाने के अपने लक्ष्य को आगे बढ़ा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 20:24:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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