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                <title>भारत - Loktej</title>
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                            <item>
                <title>समान नागरिक संहिता से आदिवासी समुदाय को कोई नुकसान नहीं : शाह</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 25 मई (वेब वार्ता)। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आदिवासी समुदाय के लोगों से समान नागरिक संहिता (यूसीसी) नहीं डरने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें इससे कोई नुकसान नहीं होगा।</p>
<p>अमित शाह ने यहां के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में ‘तू- मैं एक रक्त, वनवासी-ग्रामवासी-नगरवासी, हम सब भारतवासी’ नाम से आयोजित जनजातीय सांस्कृतिक समागम को संबोधित करते हुए कहा, “यह समागम आने वाले वर्षों तक जनजातियों के ‘महाकुंभ’ के रूप में जाना जाएगा।</p>
<p>आप देश के दूर-दराज के इलाकों से, पारंपरिक वेशभूषा में, अपने वाद्य यंत्रों के साथ और अपनी संस्कृति के गीत गाते हुए यहाँ आए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147294/there-is-no-harm-to-the-tribal-community-from-the"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/1103_amitshah.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 25 मई (वेब वार्ता)। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आदिवासी समुदाय के लोगों से समान नागरिक संहिता (यूसीसी) नहीं डरने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें इससे कोई नुकसान नहीं होगा।</p>
<p>अमित शाह ने यहां के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में ‘तू- मैं एक रक्त, वनवासी-ग्रामवासी-नगरवासी, हम सब भारतवासी’ नाम से आयोजित जनजातीय सांस्कृतिक समागम को संबोधित करते हुए कहा, “यह समागम आने वाले वर्षों तक जनजातियों के ‘महाकुंभ’ के रूप में जाना जाएगा।</p>
<p>आप देश के दूर-दराज के इलाकों से, पारंपरिक वेशभूषा में, अपने वाद्य यंत्रों के साथ और अपनी संस्कृति के गीत गाते हुए यहाँ आए हैं, तो मैं पूरे यकीन के साथ कह सकता हूँ कि मैंने अपने जीवन में कभी भगवान बिरसा मुंडा को नहीं देखा, लेकिन आज भगवान बिरसा मुंडा साक्षात मेरे सामने प्रकट हुए हैं। मैं आप सभी को नमन करता हूँ। ”</p>
<p>उन्होंने कहा, “हमारे संविधान निर्माताओं ने हर व्यक्ति को अपने मूल धर्म में आत्म-सम्मान के साथ जीने का अधिकार दिया है। लोगों को लालच देकर किसी का धर्म बदलने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा।</p>
<p>अब हमें दिल्ली की इस धरती से अपने धर्म की रक्षा करने की शपथ लेनी चाहिए और यह हमें हमारी संस्कृति और हमारे देश से जोड़े रखेगी।”</p>
<p>केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा, “मैं मध्य प्रदेश और गुजरात से आए अपने सभी भाइयों और बहनों का, मध्य प्रदेश और गुजरात के भील और मुंडा समुदायों का, छत्तीसगढ़ के गोंड और कोलाम समुदायों का, झारखंड और ओडिशा के संथाल और उरांव समुदायों का, पूर्वोत्तर के बोडो, कार्बी, दिमासा, खासी, गारो और चकमा समुदायों का, और आंध्र प्रदेश के चेंचु समुदायों का तहे दिल से स्वागत करता हूँ।</p>
<p>मैं दोनों संगठनों का गहरा आभार व्यक्त करना चाहता हूँ कि उन्होंने मुझे अपने जीवनकाल में इस अद्भुत आयोजन का साक्षी बनने का यह अवसर दिया।”</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस वर्ष भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती मनाई जा रही है। यह जल, यह वन और ये पहाड़ हमारे आदिवासी भाइयों की आजीविका का स्रोत हैं और एक अभेद्य दुर्ग हैं जो उनकी पहचान और संस्कृति की रक्षा करते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, “आज यदि दुनिया में कोई ऐसा मॉडल है जो सबसे अधिक टिकाऊ है, तो वह हमारे जनजातीय समुदायों द्वारा बनाया गया मॉडल है और हम इसकी रक्षा के लिए आगे आए हैं। सभी जनजातियों ने बिना किसी लिखित नियम के ‘अनेकता में एकता’ और ‘एकता में अनेकता’ के मंत्र को साकार करने का काम किया है।” </p>
<p>शाह ने कहा, “हज़ारों साल पहले त्रेता युग में भगवान राम ने शबरी के जूठे बेर खाकर हमें बहुत साफ़ तौर पर यह समझाया था कि हम सब एक हैं। जो लोग हमें बाँटना चाहते हैं, वे यह नहीं जानते कि जब निषाद राज ने मदद का हाथ बढ़ाया, तो भगवान श्री राम ने उन्हें अपना परम मित्र बनाकर वनवासियों का सम्मान किया था।</p>
<p>आज का यह सम्मेलन और यहाँ मौजूद लाखों आदिवासी लोग उन लोगों के लिए एक बड़ा संदेश हैं, जो फूट डालने का काम कर रहे हैं।”</p>
<p>उन्होंने ” समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर एक साजिश शुरू हुई है कि इसके जरिये आदिवासी लोगों को उनकी संस्कृति, उनकी परंपराओं, उनके रीति-रिवाजों और उनके जीने के अधिकार से वंचित कर देगा।</p>
<p>आज, नरेन्द्र मोदी सरकार के गृह मंत्री के तौर पर मैं इस मंच से यह साफ़ कर देना चाहता हूँ कि यूसीसी की कोई भी पाबंदी आदिवासी समुदाय या आदिवासी व्यक्तियों पर नहीं लगाई जाएगी।</p>
<p>यूसीसी किसी भी आदिवासी अधिकार का उल्लंघन नहीं करेगा। हमने दो राज्यों में यूसीसी लागू किया है, जहाँ भारतीय जनता पार्टी सत्ता में है विशेषकर गुजरात और उत्तराखंड विशेष प्रावधान करके नरेन्द्र मोदी सरकार ने सभी आदिवासी समुदायों को यूसीसी से बाहर रखा है।</p>
<p>इस संदेश के साथ अपने गाँवों, पहाड़ों, जंगलों में जाएँ और सभी आदिवासी समुदायों को जागरूक करें कि यूसीसी से डरने की कोई ज़रूरत नहीं है।” आयोजकों ने इस आयोजन को आदिवासी पहचान और ‘राष्ट्रीय एकता’ की सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के रूप</p>
<p>में पेश किया है, जिसका नारा है ‘तू मैं एक रक्त, वनवासी-ग्रामवासी-नगरवासी, हम सब भारतवासी.’ जेएसएम के एक पदाधिकारी ने बताया कि प्रतिभागियों से देश के विभिन्न हिस्सों से पारंपरिक परिधानों में आने की उम्मीद है, जबकि दिल्ली में स्वयंसेवकों ने 20 अलग-अलग समितियों के माध्यम से आवास, भोजन, परिवहन और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की है.</p>
<p>भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष पर आयोजित इस कार्यक्रम में पारंपरिक वेशभूषा में देश के कोने-कोने से जनजाति समाज के लोग राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे और लोक संस्कृति के साथ शोभा यात्रा निकाली।</p>
<p>इस समागम का आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े ‘वनवासी कल्याण आश्रम’ ने किया था, जिसमें कई संवेदनशील मुद्दे उठाये गये। इस समागम का सबसे बड़ा मुद्दा धर्मांतरण का रहा।</p>
<p>समागम में आये जनजातीय समाज के लोगों का कहना था कि धर्म परिवर्तन के बाद भी कुछ लोग आदिवासी आरक्षण का लाभ ले रहे हैं, जिससे मूल जनजातीय समाज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।</p>
<p>इसके अलावा फर्जी अनुसूचित जनजाति (एसटी) प्रमाण पत्र, आदिवासियों की जमीनों पर कब्जा और तथाकथित ‘लव जिहाद’ और ‘लैंड जिहाद’ जैसे मुद्दे उठाये।</p>
<p>समागम के आयोजकों का कहना था कि कुछ विदेशी ताकतें और मिशनरी संगठन आदिवासियों को उनकी सांस्कृतिक पहचान से अलग करने की कोशिश कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 15:52:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेट्रोल-डीजल के दाम फिर बढ़े, पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे महंगा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 23 मई (वेब वार्ता)। तेल विपणन कंपनियों ने शनिवार से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर वृद्धि की है।</p>
<p>देश की सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज से पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है।</p>
<p>दूसरे शहरों में भी इसी अनुपात में वृद्धि की गई है। चार-चार दिन के अंतराल पर दोनों जीवाश्म ईंधनों के दाम लगातार तीसरी बार बढ़ाये गये हैं।</p>
<p>दिल्ली में आज से एक लीटर पेट्रोल 99.51 रुपये का और डीजल 98.64 रुपये का हो गया है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147271/petrol-and-diesel-prices-increased-again-petrol-became-costlier-by"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-04/petrol-diesel-petrol-pump1.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 23 मई (वेब वार्ता)। तेल विपणन कंपनियों ने शनिवार से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर वृद्धि की है।</p>
<p>देश की सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज से पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है।</p>
<p>दूसरे शहरों में भी इसी अनुपात में वृद्धि की गई है। चार-चार दिन के अंतराल पर दोनों जीवाश्म ईंधनों के दाम लगातार तीसरी बार बढ़ाये गये हैं।</p>
<p>दिल्ली में आज से एक लीटर पेट्रोल 99.51 रुपये का और डीजल 98.64 रुपये का हो गया है। पहले इनकी कीमत क्रमशः 98.64 रुपये और 91.58 रुपये प्रति लीटर थी।</p>
<p>इससे पहले 15 मई को पेट्रोल- डीजील के दाम दिल्ली में तीन-तीन रुपये बढ़े थे। इसके बाद 19 मई को भी पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ था।</p>
<p>कोलकाता में आज से पेट्रोल की कीमत 94 पैसे बढ़कर 110.64 रुपये और डीजल की 95 पैसे बढ़कर 97.02 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई है।<br />चेन्नई में पेट्रोल 82 पैसे और डीजल 87 पैसे महंगा हुआ है। आज से वहां एक लीटर पेट्रोल 105.31 रुपये का और एक लीटर डीजल 96.98 रुपये का हो गया है।</p>
<p>पश्चिम एशिया में जारी संकट और आपूर्ति में बाधा के कारण अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और डॉलर की तुलना में रुपये में जारी गिरावट से तेल विपणन कंपनियों की लागत बढ़ रही है। यही कारण है कि वे पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा रही हैं।</p>
<p>इंडियन ऑयल ने अपने प्रीमियम पेट्रोल एक्सपी95 की कीमत 87 पैसे बढ़ाकर 106.63 रुपये और प्रीमियम डीजल एक्सजी की कीमत 91 पैसे बढ़ाकर 97.81 रुपये प्रति लीटर कर दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 May 2026 15:17:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीबीएसई की 9वीं कक्षा के छात्रों के लिए त्रि-भाषा नीति के खिलाफ याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">23 मई (वेब वार्ता)। उच्चतम न्यायालय केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 9वीं कक्षा के छात्रों के लिए तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य करने की नई नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई करेगा। यह याचिका नई दिल्ली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गुड़गांव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नोएडा और चेन्नई के अभिभावकों तथा शिक्षकों द्वारा दायर की गई है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने इस मामले का उल्लेख किया। उन्होंने दलील दी कि इस नियम को अचानक लागू करने से 10वीं कक्षा की बोर्ड</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147264/6a116a1af0d27"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-09/supreme-court.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">23 मई (वेब वार्ता)। उच्चतम न्यायालय केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 9वीं कक्षा के छात्रों के लिए तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य करने की नई नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई करेगा। यह याचिका नई दिल्ली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गुड़गांव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नोएडा और चेन्नई के अभिभावकों तथा शिक्षकों द्वारा दायर की गई है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने इस मामले का उल्लेख किया। उन्होंने दलील दी कि इस नियम को अचानक लागू करने से 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के लिए छात्रों की तैयारी प्रभावित होगी और उन पर अनुचित शैक्षणिक बोझ पड़ेगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">वरिष्ठ अधिवक्ता रोहतगी ने तर्क दिया कि जो छात्र अब तक केवल दो भाषाएं पढ़ रहे थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें अब अचानक 9वीं कक्षा के स्तर पर एक अतिरिक्त भाषा सीखनी होगी और 10वीं कक्षा में उसकी परीक्षा देनी होगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे छात्रों के बीच भ्रम और शैक्षणिक अराजकता की स्थिति पैदा होगी। दलीलों पर संज्ञान लेते हुए पीठ ने कहा कि इस मामले को अगले सप्ताह सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह चुनौती सीबीएसई द्वारा 15 मई को जारी एक परिपत्र (सर्कुलर) से जुड़ी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके माध्यम से </span><span lang="hi" style="font-family:'Times New Roman', serif;" xml:lang="hi">“</span><span lang="hi" xml:lang="hi">अध्ययन योजना</span><span lang="hi" style="font-family:'Times New Roman', serif;" xml:lang="hi">”</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (एनसीएफ-एसई) 2023 के अनुरूप लाया गया है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">संशोधित ढांचे के तहत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">1 जुलाई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">2026 से 9वीं कक्षा में प्रवेश करने वाले छात्रों के लिए तीन भाषाओं का अध्ययन करना अनिवार्य होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनमें से कम से कम दो भारतीय भाषाएं होनी चाहिए। विदेशी भाषा का विकल्प केवल तभी चुना जा सकता है जब शेष दो भाषाएं भारतीय हों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अथवा इसे एक अतिरिक्त चौथे विषय के रूप में लिया जा सकता है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">याचिकाकर्ताओं के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह नीति सीबीएसई की इससे पहले 9 अप्रैल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">2026 को जारी अधिसूचना से बिल्कुल अलग है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें 9वीं कक्षा के स्तर पर तीसरी भाषा की अनिवार्यता को शैक्षणिक सत्र 2029-30 तक के लिए टाल दिया गया था।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">याचिका में दावा किया गया है कि इस नीति को अचानक लागू करने से उन छात्रों पर अतिरिक्त शैक्षणिक बोझ पड़ेगा जो पहले से ही बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि स्कूलों में बुनियादी ढांचे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रशिक्षित शिक्षकों और पर्याप्त अध्ययन सामग्री की कमी है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसमें आरोप लगाया गया है कि 9वीं कक्षा के छात्रों को अतिरिक्त भाषा सीखने के लिए छठी कक्षा के स्तर की पाठ्यपुस्तकों पर निर्भर रहने का निर्देश देना शिक्षण पद्धतियों की अपर्याप्तता को दर्शाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">न कि किसी सार्थक भाषा ज्ञान को। याचिका में गैर-हिंदी भाषी राज्यों के छात्रों पर इस नीति के असमान प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई गई है और नई शुरू की गई तीसरी भाषा के लिए एक स्पष्ट मूल्यांकन ढांचे की अनुपस्थिति की ओर इशारा किया गया है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 May 2026 14:20:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एसबीआई अलर्ट: कल से 6 दिनों तक बैंक रहेंगे बंद, जरूरी बैंकिंग कार्य आज ही निपटा लें</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हैदराबाद, 22 मई (वेब वार्ता)। यदि आपका भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में खाता है और कोई जरूरी ऑफलाइन काम बाकी है, तो उसे आज ही पूरा कर लें।</p>
<p>23 मई से 28 मई तक बैंकों में लगातार 6 दिनों की बंदी रहने की संभावना है। इसका मुख्य कारण चौथे शनिवार और रविवार का वीकेंड, कर्मचारी संघों द्वारा प्रस्तावित दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल और बकरीद (ईद-उल-अज़हा) का त्योहार है, जिसके चलते शाखाओं में कामकाज ठप रह सकता है।</p>
<p>बैंकों की इस लंबी बंदी के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं। 23 और 24 मई को साप्ताहिक अवकाश रहेगा, वहीं ‘ऑल इंडिया स्टेट</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147250/sbi-alert-banks-will-remain-closed-for-6-days-from"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-04/business-payment-cash-loan-banking.jpg" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद, 22 मई (वेब वार्ता)। यदि आपका भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में खाता है और कोई जरूरी ऑफलाइन काम बाकी है, तो उसे आज ही पूरा कर लें।</p>
<p>23 मई से 28 मई तक बैंकों में लगातार 6 दिनों की बंदी रहने की संभावना है। इसका मुख्य कारण चौथे शनिवार और रविवार का वीकेंड, कर्मचारी संघों द्वारा प्रस्तावित दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल और बकरीद (ईद-उल-अज़हा) का त्योहार है, जिसके चलते शाखाओं में कामकाज ठप रह सकता है।</p>
<p>बैंकों की इस लंबी बंदी के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं। 23 और 24 मई को साप्ताहिक अवकाश रहेगा, वहीं ‘ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन’ (एआईएसबीआईएसएफ़) ने 25 और 26 मई को अपनी मांगों के समर्थन में देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है।</p>
<p>हड़ताल का मुख्य उद्देश्य नौकरियों की आउटसोर्सिंग का विरोध करना और नई भर्ती की मांग करना है। इसके बाद, 27 और 28 मई को त्योहार के चलते कुछ राज्यों में बैंकों में अवकाश रहेगा।</p>
<p>शाखाओं के बंद रहने से कैश लेनदेन, पासबुक अपडेट और चेक क्लीयरेंस जैसे इन-पर्सन कार्य बाधित हो सकते हैं। हालांकि, बैंक प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि ग्राहकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि इंटरनेट बैंकिंग, योनो (वाईओएनओ) ऐप, यूपीआई (यूपीआई) और एटीएम (एटीएम) सेवाएं 24×7 सामान्य रूप से चालू रहेंगी।</p>
<p>ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे असुविधा से बचने के लिए अधिक से अधिक डिजिटल बैंकिंग साधनों का उपयोग करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 15:26:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईपीएफ़ओ की नई व्हाट्सएप सेवा: करोड़ों पीएफ खाताधारकों को घर बैठे मिलेगी बैलेंस और क्लेम की जानकारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हैदराबाद, 21 मई (वेब वार्ता)। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने करोड़ों अंशधारकों के लिए 24 घंटे सक्रिय रहने वाली व्हाट्सएप हेल्पलाइन सेवा शुरू की है।</p>
<p>इस नई सुविधा के माध्यम से खाताधारक केवल ‘Hello’ लिखकर अपने पीएफ बैलेंस की जानकारी, पिछले 5 ट्रांजैक्शन का विवरण और अपने क्लेम स्टेटस को रियल-टाइम में ट्रैक कर सकेंगे। ईपीएफओ ने स्पष्ट किया है कि यह सेवा सुरक्षित है और सदस्य अपनी क्षेत्रीय भाषाओं में भी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।</p>
<p>संगठन ने उपयोगकर्ताओं को फ्रॉड से सचेत रहने की सलाह दी है। सदस्यों को केवल ‘ग्रीन टिक’ वाले ईपीएफओ के आधिकारिक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147233/epfos-new-whatsapp-service-will-help-crores-of-pf-account"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-06/9459_epfo-employees-provident-fund-organization.jpg" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद, 21 मई (वेब वार्ता)। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने करोड़ों अंशधारकों के लिए 24 घंटे सक्रिय रहने वाली व्हाट्सएप हेल्पलाइन सेवा शुरू की है।</p>
<p>इस नई सुविधा के माध्यम से खाताधारक केवल ‘Hello’ लिखकर अपने पीएफ बैलेंस की जानकारी, पिछले 5 ट्रांजैक्शन का विवरण और अपने क्लेम स्टेटस को रियल-टाइम में ट्रैक कर सकेंगे। ईपीएफओ ने स्पष्ट किया है कि यह सेवा सुरक्षित है और सदस्य अपनी क्षेत्रीय भाषाओं में भी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।</p>
<p>संगठन ने उपयोगकर्ताओं को फ्रॉड से सचेत रहने की सलाह दी है। सदस्यों को केवल ‘ग्रीन टिक’ वाले ईपीएफओ के आधिकारिक बिजनेस अकाउंट पर ही संपर्क करना चाहिए।</p>
<p>ईपीएफओ ने साफ कहा है कि वह कभी भी व्हाट्सएप के माध्यम से किसी भी सदस्य से उनका पासवर्ड, [Aadhaar Redacted] लिंक संबंधी निजी जानकारी, यूएएन (UAN) पिन या ओटीपी (OTP) नहीं मांगेगा। सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखते हुए यह सेवा डिजाइन की गई है।</p>
<p>व्हाट्सएप सेवा के साथ-साथ ईपीएफओ ने लंबित शिकायतों और कानूनी मुकदमों के निपटारे में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, ईपीएफओ के लंबित मामलों की संख्या अब तक के सबसे निचले स्तर पर है।</p>
<p>पिछले एक वर्ष में अदालती मामलों में रिकॉर्ड कमी दर्ज की गई है, और 10 साल से पुराने गंभीर विवादों में लगभग 45 प्रतिशत तक का सुधार हुआ है, जिससे अंशधारकों का अनुभव बेहतर हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 15:30:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नीदरलैंड ने औपचारिक रूप से सदियों पुराने अनैमंगलम ताम्रपत्र भारत को लौटाए</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 18 मई (वेब वार्ता)। भारत की सांस्कृतिक विरासत को लेकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। नीदरलैंड ने औपचारिक रूप से सदियों पुरानी अनैमंगलम ताम्रपत्र भारत को सौंप दिए हैं।</p>
<p>चोल काल से जुड़े इन दुर्लभ तांबे के शिलालेखों की वापसी को औपनिवेशिक काल में बाहर ले जाई गई भारतीय धरोहरों की पुनर्प्राप्ति की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह ऐतिहासिक वापसी पीएम मोदी की पांच देशों की यात्रा के दौरान नीदरलैंड दौरे में हुई।</p>
<p>मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नीदरलैंड में ‘लीडेन प्लेट्स’ के नाम से प्रसिद्ध ये ताम्रपत्र लंबे समय से लीडेन यूनिवर्सिटी में सुरक्षित रखे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147182/netherlands-formally-returns-centuries-old-anaimangalam-copper-plates-to-india"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-06/narendra-modi.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 18 मई (वेब वार्ता)। भारत की सांस्कृतिक विरासत को लेकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। नीदरलैंड ने औपचारिक रूप से सदियों पुरानी अनैमंगलम ताम्रपत्र भारत को सौंप दिए हैं।</p>
<p>चोल काल से जुड़े इन दुर्लभ तांबे के शिलालेखों की वापसी को औपनिवेशिक काल में बाहर ले जाई गई भारतीय धरोहरों की पुनर्प्राप्ति की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह ऐतिहासिक वापसी पीएम मोदी की पांच देशों की यात्रा के दौरान नीदरलैंड दौरे में हुई।</p>
<p>मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नीदरलैंड में ‘लीडेन प्लेट्स’ के नाम से प्रसिद्ध ये ताम्रपत्र लंबे समय से लीडेन यूनिवर्सिटी में सुरक्षित रखे गए थे। माना जाता है कि ये शिलालेख 985 से 1014 ईस्वी के बीच चोल सम्राट के शासनकाल से जुड़े हैं।</p>
<p>इतिहासकार इन्हें तमिल सभ्यता और चोल प्रशासनिक व्यवस्था का एक अहम दस्तावेज मानते हैं। इन अभिलेखों में नागापट्टिनम स्थित बौद्ध मठ ‘चूड़ामणि विहार’ को दिए गए भूमि अनुदान, कर व्यवस्था और राजस्व संबंधी जानकारियां दर्ज हैं। यह मठ श्रीविजय साम्राज्य के शासक श्री मार विजयोतुंग वर्मन द्वारा बनवाया गया था।</p>
<p>विशेषज्ञों के मुताबिक ये ताम्रपत्र केवल प्रशासनिक अभिलेख नहीं, बल्कि उस दौर के समुद्री व्यापार, धार्मिक सह-अस्तित्व और दक्षिण भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के सांस्कृतिक संबंधों का अहम प्रमाण हैं। इनसे यह पता चलता है कि चोल शासकों ने बौद्ध संस्थानों को संरक्षण देकर धार्मिक सद्भाव की परंपरा को मजबूत किया था।</p>
<p>इतिहासकार मानते हैं कि यह काल भारतीय उपमहाद्वीप और दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच मजबूत सांस्कृतिक और व्यापारिक संपर्कों का स्वर्णिम दौर था। इन ताम्रपत्रों में 21 बड़ी और 3 छोटी तांबे की प्लेटें शामिल हैं, जिनका कुल वजन करीब 30 किलोग्राम है।</p>
<p>इन्हें एक गोलाकार तांबे की रिंग से जोड़ा गया है, जिस पर शाही चोल मुहर लगी है। हालांकि मूल अनुदान राजराज चोल प्रथम के शासनकाल में जारी हुआ था, लेकिन बाद में उनके पुत्र राजेंद्र चोल ने इन्हें स्थाई संरक्षण के लिए तांबे की प्लेटों पर खुदवाने का आदेश दिया था।</p>
<p>इतिहासकारों का मानना है कि ये ताम्रपत्र 18वीं शताब्दी में डच औपनिवेशिक शासन के दौरान यूरोप ले जाए गए थे। उस समय डच ईस्ट इंडिया कंपनी ने कोरोमंडल तट पर अपना प्रभाव बढ़ाया था और नागापट्टिनम को प्रमुख केंद्र बनाया था।</p>
<p>भारत कई सालों से इन ऐतिहासिक धरोहरों की वापसी के लिए प्रयास कर रहा था। 2022 में नीदरलैंड द्वारा औपनिवेशिक काल की कलाकृतियों की वापसी संबंधी नई नीति अपनाने के बाद इस प्रक्रिया में तेजी आई और आखिरकार अब यह अमूल्य विरासत भारत को वापस मिल गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 15:36:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नीट पेपर लीक मामले में मास्टरमाइंड समेत दो आरोपियों को 10 दिन की सीबीआई कस्टडी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 16 मई (वेब वार्ता)। नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मास्टरमाइंड समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।</p>
<p>जांच एजेंसी ने शनिवार को दोनों को अदालत में पेश किया, जहां कोर्ट ने मास्टरमाइंड समेत दोनों आरोपियों को 10 दिन की सीबीआई कस्टडी में भेज दिया। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता की अदालत ने यह आदेश दिया।</p>
<p>जानकारी के अनुसार, केमिस्ट्री के शिक्षक पीवी कुलकर्णी को नीट पेपर लीक कांड का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। सीबीआई ने उसे और उसकी सहयोगी मनीषा वाघमारे को पुणे से गिरफ्तार किया था।</p>
<p>जांच एजेंसी का कहना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147161/10-days-cbi-custody-to-two-accused-including-mastermind-in"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-05/examination.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 16 मई (वेब वार्ता)। नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मास्टरमाइंड समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।</p>
<p>जांच एजेंसी ने शनिवार को दोनों को अदालत में पेश किया, जहां कोर्ट ने मास्टरमाइंड समेत दोनों आरोपियों को 10 दिन की सीबीआई कस्टडी में भेज दिया। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता की अदालत ने यह आदेश दिया।</p>
<p>जानकारी के अनुसार, केमिस्ट्री के शिक्षक पीवी कुलकर्णी को नीट पेपर लीक कांड का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। सीबीआई ने उसे और उसकी सहयोगी मनीषा वाघमारे को पुणे से गिरफ्तार किया था।</p>
<p>जांच एजेंसी का कहना है कि दोनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और साजिश के पूरे तंत्र का खुलासा होने की संभावना है।</p>
<p>सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि मनीषा वाघमारे, धनंजय लोखंडे, पीवी कुलकर्णी और मनीषा मांधरे एक-दूसरे के संपर्क में थे। सभी इस पेपर लीक साजिश में शामिल थे।</p>
<p>केंद्रीय जांच एजेंसी ने आरोपियों की कस्टडी मांगते हुए कहा कि जांच के सिलसिले में आरोपियों को देश के अन्य हिस्सों में ले जाना है, इसलिए लंबी कस्टडी की जरूरत है।</p>
<p>मनीषा वाघमारे की ओर से पेश वकील ने सीबीआई की कस्टडी मांग का विरोध करते हुए कहा कि उनकी मुवक्किल को अवैध तरीके से हिरासत में रखा गया।</p>
<p>उन्होंने दावा किया कि पुणे पुलिस ने मनीषा को 24 घंटे से अधिक समय तक अपनी कस्टडी में रखा, साथ ही यह भी कहा कि मनीषा के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है और केवल कथित डिस्क्लोजर के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।</p>
<p>पीवी कुलकर्णी के वकील ने भी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यदि उन्होंने प्रश्नपत्र तैयार किया भी था तो उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि उनके द्वारा तैयार किए गए सवाल एनटीए द्वारा चयनित किए जाएंगे या नहीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147161/10-days-cbi-custody-to-two-accused-including-mastermind-in</link>
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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 21:13:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएम मोदी की ‘ऊर्जा बचत और नो गोल्ड’ अपील को वैज्ञानिकों का मिला बड़ा समर्थन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देहरादून, 16 मई (वेब वार्ता)। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी भारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है।</p>
<p>कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में हो रही बेतहाशा बढ़ोतरी के चलते भारतीय अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। इस संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ऊर्जा</p>
<p>संसाधनों का सीमित उपयोग करने और अगले एक साल तक सोना (गोल्ड) न खरीदने की विशेष अपील की है। चूंकि ईंधन और सोने दोनों का बड़े पैमाने पर आयात करना पड़ता है, जिसके लिए देश</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147153/pm-modis-energy-saving-and-no-gold-appeal-gets-huge"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-09/5265_narendra-modi.jpg" alt=""></a><br /><p>देहरादून, 16 मई (वेब वार्ता)। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी भारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है।</p>
<p>कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में हो रही बेतहाशा बढ़ोतरी के चलते भारतीय अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। इस संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ऊर्जा</p>
<p>संसाधनों का सीमित उपयोग करने और अगले एक साल तक सोना (गोल्ड) न खरीदने की विशेष अपील की है। चूंकि ईंधन और सोने दोनों का बड़े पैमाने पर आयात करना पड़ता है, जिसके लिए देश को कीमती विदेशी मुद्रा (डॉलर) खर्च करनी पड़ती है।</p>
<p>पीएम की इस मुहिम से आयात में कमी आएगी, जिससे न केवल देश का राजस्व बचेगा बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय रुपया भी मजबूत होगा।</p>
<p>वातावरण और पर्यावरण वैज्ञानिकों ने प्रधानमंत्री की इस ‘नो गोल्ड, सेव एनर्जी’ अपील का पुरजोर समर्थन किया है। वैज्ञानिकों का मानना है कि ऊर्जा संसाधनों और वाहनों के अत्यधिक उपयोग से निकलने वाले धुएं के कारण ग्लोबल वार्मिंग और क्लाइमेट चेंज (जलवायु परिवर्तन) की समस्या वैश्विक स्तर पर एक अत्यंत गंभीर चुनौती बन चुकी है।</p>
<p>यदि देश की जनता स्वेच्छा से ऊर्जा की खपत को कम करती है, तो इससे कार्बन उत्सर्जन में भारी गिरावट आएगी। यह अनुकरणीय कदम न केवल मैदानी इलाकों के पर्यावरण को शुद्ध करेगा, बल्कि बढ़ते तापमान के कारण पिघल रहे हिमालई क्षेत्रों और वहां के ग्लेशियरों के स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभकारी और रक्षा कवच साबित होगा।</p>
<p>वैज्ञानिकों ने इस संदर्भ में कोरोना काल के दौरान देश में लगे लॉकडाउन का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय मानवीय और औद्योगिक गतिविधियां थमने से पर्यावरण पूरी तरह स्वतः रीसेट (स्वस्थ) हो गया था।</p>
<p>लॉकडाउन के दौरान गंगा नदी हरिद्वार तक पूरी तरह प्रदूषण मुक्त और निर्मल हो गई थी, हवा की गुणवत्ता में ऐतिहासिक सुधार हुआ था और हिमालई क्षेत्रों में जैव विविधता को नया जीवन मिला था।</p>
<p>विशेषज्ञों का कहना है कि पीएम मोदी की इस अपील को अपनाकर हम बिना किसी पाबंदी के, स्वेच्छा से पर्यावरण को वही पुराना जीवन दे सकते हैं।</p>
<p>देश की जनता द्वारा संसाधनों की इस किफायत को अपनाने से देश की आर्थिक सेहत मजबूत होने के साथ-साथ नाजुक हिमालई तंत्र को एक नई संजीवनी मिलना तय है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147153/pm-modis-energy-saving-and-no-gold-appeal-gets-huge</link>
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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 14:56:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नीट-यूजी की पुन: परीक्षा 21 जून को होगी; अगले वर्ष से परीक्षा कंप्यूटर आधारित होगी: धर्मेंद्र प्रधान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 15 मई (वेब वार्ता)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को घोषणा की कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) की पुन: परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी।</p>
<p>साथ ही उन्होंने कहा कि अनियमितताओं के आरोपों के मद्देनजर सुधारों के तहत अगले वर्ष से मेडिकल प्रवेश परीक्षा कंप्यूटर आधारित होगी।</p>
<p>प्रधान ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की ‘‘सर्वोच्च प्राथमिकता’’ छात्र और उनका भविष्य है। उन्होंने कहा कि नीट-यूजी परीक्षा के संचालन में पाई गई अनियमितताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता छात्रों का भविष्य</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147140/neet-ug-re-examination-will-be-held-on-june-21-from-next"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-06/d14062024-01-dharmendra-pradhan.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 15 मई (वेब वार्ता)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को घोषणा की कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) की पुन: परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी।</p>
<p>साथ ही उन्होंने कहा कि अनियमितताओं के आरोपों के मद्देनजर सुधारों के तहत अगले वर्ष से मेडिकल प्रवेश परीक्षा कंप्यूटर आधारित होगी।</p>
<p>प्रधान ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की ‘‘सर्वोच्च प्राथमिकता’’ छात्र और उनका भविष्य है। उन्होंने कहा कि नीट-यूजी परीक्षा के संचालन में पाई गई अनियमितताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता छात्रों का भविष्य है। इस बार हम किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं होने देंगे। सरकार आपके साथ है।’’<br />परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोपों के बाद तीन मई को आयोजित हुई नीट-यूजी परीक्षा रद्द कर दी गई थी।</p>
<p>प्रधान ने कहा कि यह मामला उस समय सामने आया जब राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की शिकायत प्रणाली के माध्यम से ‘‘गेस पेपर’’ के प्रश्न पत्रों साथ नीट-यूजी परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों के कथित तौर पर मेल खाने को लेकर आपत्तियां प्राप्त हुईं, जिसके बाद जांच शुरू की गई।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘यह प्रक्रिया आठ मई को शुरू हुई तथा आठ, नौ, 10 और 11 मई तक जारी रही। स्पष्टता मिली और यह पुष्टि हो गई कि प्रश्न पत्र लीक हो चुके हैं, तो हमने 12 मई को छात्रों के हित में यह (परीक्षा रद्द करने का) निर्णय लिया।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘तत्काल चर्चा हुई और एनटीए तथा सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग के साथ मिलकर प्रारंभिक जांच शुरू की। इसके बाद मामला भारत सरकार की संबंधित एजेंसियों को सौंप दिया गया।’’</p>
<p>मंत्री ने बताया कि सरकार ने मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया है। उन्होंने जांच पर पूरा भरोसा जताया।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘सीबीआई ने बिल्कुल सही कहा है… किसी को बख्शा नहीं जाएगा। चाहे कोई एनटीए के अंदर हो या बाहर, किसी को बख्शा नहीं जाएगा।’’</p>
<p>मंत्री ने कहा, ‘‘सीबीटी (कंप्यूटर आधारित परीक्षा) का तरीका, ओएमआर पद्धति की तुलना में कहीं बेहतर है। यह कुछ हद तक सुरक्षित भी है। साइबर अपराध अपने आप में एक बड़ी दुनिया बन गया है।</p>
<p>चुनौतियां तो हैं, लेकिन हमें अपने देश की प्रणाली पर भरोसा रखना होगा।’’ यह संवाददाता सम्मेलन आज हुआ। इससे पहले बृहस्पतिवार देर शाम प्रधान के आवास पर हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में परीक्षा के नए सिरे से आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की गई थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 16:36:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच पीएम मोदी की बचत अपील: दुनिया के 40 देशों ने लागू किए सख्त नियम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 14 मई (वेब वार्ता)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और टूटती सप्लाई चेन के कारण उपजे वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल और सोना बचाने की अपील की है।</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के अनुसार, भारत से पहले दुनिया के 40 से अधिक देश ऐसे सख्त कदम उठा चुके हैं। पड़ोसी देश पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका ने ऊर्जा बचाने के लिए वर्क फ्रॉम होम कल्चर को दोबारा अपना लिया है।</p>
<p>इन देशों में पेट्रोल की राशनिंग, दफ्तरों के समय में कटौती और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने जैसे उपाय युद्ध स्तर पर लागू</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147119/pm-modis-saving-appeal-amid-global-energy-crisis-40-countries"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-09/5265_narendra-modi.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 14 मई (वेब वार्ता)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और टूटती सप्लाई चेन के कारण उपजे वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल और सोना बचाने की अपील की है।</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के अनुसार, भारत से पहले दुनिया के 40 से अधिक देश ऐसे सख्त कदम उठा चुके हैं। पड़ोसी देश पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका ने ऊर्जा बचाने के लिए वर्क फ्रॉम होम कल्चर को दोबारा अपना लिया है।</p>
<p>इन देशों में पेट्रोल की राशनिंग, दफ्तरों के समय में कटौती और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने जैसे उपाय युद्ध स्तर पर लागू किए गए हैं ताकि चरमराती अर्थव्यवस्था को संभाला जा सके।</p>
<p>ऊर्जा संकट से निपटने के लिए हर देश अपनी रणनीति बना रहा है। श्रीलंका में चार दिवसीय कार्य सप्ताह और शाम को स्ट्रीट लाइट बंद रखने का नियम है, जबकि बांग्लादेश में एसी का तापमान 25°C पर फिक्स कर दिया गया है।</p>
<p>पाकिस्तान में रात 8 बजे बाजार बंद किए जा रहे हैं और नेपाल ने सरकारी वाहनों के लिए ईंधन का कोटा तय कर दिया है। चीन अपनी निर्भरता घटाने के लिए बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक वाहनों और सौर ऊर्जा का सहारा ले रहा है।</p>
<p>जॉर्डन और इंडोनेशिया जैसे देशों ने तो गैर- जरूरी आधिकारिक विदेश यात्राओं पर अस्थाई प्रतिबंध लगा दिया है ताकि विदेशी मुद्रा भंडार सुरक्षित रहे।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी की अपील का उद्देश्य देश को आर्थिक मंदी से बचाना और घरेलू मुद्रा को मजबूत करना है। सरकार चाहती है कि नागरिक विदेश यात्राओं के बजाय देश में पर्यटन को बढ़ावा दें, जिससे पैसा भारत के व्यापारियों के पास ही रहे।</p>
<p>पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील के पीछे का तर्क यह है कि वैश्विक कीमतों में उछाल के बावजूद सरकार ने जनता पर बोझ नहीं डाला है, लेकिन इसे बनाए रखने के लिए खपत कम करना अनिवार्य है।</p>
<p>भारत में भी मंत्रियों की फ्लीट कम करने और भविष्य में ऑड-ईवन जैसे सिस्टम लागू करने पर विचार किया जा रहा है ताकि वैश्विक अनिश्चितता के दौर में देश की आर्थिक रफ्तार सुरक्षित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 15:16:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दोबारा परीक्षा का शेड्यूल 7-10 दिनों में जारी होगा, एनटीए महानिदेशक ने छात्रों को दिया पारदर्शिता और निष्पक्षता का भरोसा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 13 मई (वेब वार्ता)। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने घोषणा की है कि रद्द की गई नीट-यूजी 2026 परीक्षा के दोबारा आयोजन का पूरा शेड्यूल अगले 7 से 10 दिनों के भीतर आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया जाएगा।</p>
<p>उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पुन: परीक्षा के लिए उम्मीदवारों को न तो नए सिरे से पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) करने की आवश्यकता होगी और न ही कोई अतिरिक्त आवेदन शुल्क देना होगा।</p>
<p>एनटीए वर्तमान में अपनी तकनीकी टीम के साथ मिलकर परीक्षा केंद्रों और तारीखों का निर्धारण कर रहा है ताकि प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और सुव्यवस्थित</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147100/re-examination-schedule-will-be-released-in-7-10-days-nta-director"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-04/students-college-school-board-exam.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 13 मई (वेब वार्ता)। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने घोषणा की है कि रद्द की गई नीट-यूजी 2026 परीक्षा के दोबारा आयोजन का पूरा शेड्यूल अगले 7 से 10 दिनों के भीतर आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया जाएगा।</p>
<p>उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पुन: परीक्षा के लिए उम्मीदवारों को न तो नए सिरे से पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) करने की आवश्यकता होगी और न ही कोई अतिरिक्त आवेदन शुल्क देना होगा।</p>
<p>एनटीए वर्तमान में अपनी तकनीकी टीम के साथ मिलकर परीक्षा केंद्रों और तारीखों का निर्धारण कर रहा है ताकि प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और सुव्यवस्थित रहे।</p>
<p>मीडिया से चर्चा करते हुए डीजी अभिषेक सिंह ने स्वीकार किया कि परीक्षा प्रणाली में हुई गड़बड़ी की जिम्मेदारी एजेंसी लेती है और इसीलिए सुचिता बनाए रखने के लिए परीक्षा रद्द करने का कड़ा फैसला लिया गया है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि मामले की गहन जांच का जिम्मा सीबीआई (CBI) को सौंप दिया गया है। एनटीए ने जांच एजेंसी से अपील की है कि पेपर लीक में शामिल चाहे कोई बाहरी व्यक्ति हो या विभाग के भीतर का कर्मचारी, दोषियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।</p>
<p>महानिदेशक ने 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों को आश्वस्त किया कि वर्तमान घटनाक्रम का एनटीए की भविष्य की अन्य परीक्षाओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि एजेंसी अपनी साख और छात्रों के भरोसे को बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है और दोबारा परीक्षा का आयोजन पूरी पारदर्शिता और बिना किसी त्रुटि के किया जाएगा।</p>
<p>गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित हुई इस प्रवेश परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद केंद्र सरकार ने मंगलवार को रद्द कर दिया था, जिसके बाद अब नए सिरे से तैयारी शुरू कर दी गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147100/re-examination-schedule-will-be-released-in-7-10-days-nta-director</link>
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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 15:50:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द, पेपर लीक के आरोपों के बाद एनटीए का बड़ा फैसला, अब दोबारा होगा एग्जाम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 12 मई (वेब वार्ता)। देशभर के लाखों मेडिकल उम्मीदवारों के लिए एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने 3 मई 2026 को आयोजित हुई नीट यूजी परीक्षा को आधिकारिक तौर पर रद्द करने का ऐलान किया है।</p>
<p>पेपर लीक और परीक्षा में धांधली के गंभीर आरोपों के बाद, भारत सरकार की मंजूरी से यह कड़ा फैसला लिया गया है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए अब नए सिरे से परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसकी तिथि और एडमिट कार्ड का शेड्यूल जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर जारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147081/neet-ug-2026-exam-canceled-after-allegations-of-paper-leak"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-05/examination.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 12 मई (वेब वार्ता)। देशभर के लाखों मेडिकल उम्मीदवारों के लिए एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने 3 मई 2026 को आयोजित हुई नीट यूजी परीक्षा को आधिकारिक तौर पर रद्द करने का ऐलान किया है।</p>
<p>पेपर लीक और परीक्षा में धांधली के गंभीर आरोपों के बाद, भारत सरकार की मंजूरी से यह कड़ा फैसला लिया गया है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए अब नए सिरे से परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसकी तिथि और एडमिट कार्ड का शेड्यूल जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिया जाएगा।</p>
<p>एनटीए द्वारा जारी बयान के अनुसार, परीक्षा में हुई गड़बड़ी के इनपुट मिलने के बाद मामले की स्वतंत्र जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंप दी गई है। 8 मई को प्रारंभिक जांच के लिए मामले को केंद्रीय एजेंसियों के पास भेजा गया था, जिनकी रिपोर्ट के आधार पर मौजूदा प्रक्रिया को रद्द करना जरूरी समझा गया।</p>
<p>सरकार ने साफ कर दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी ने यह भी भरोसा दिलाया है कि वह जांच प्रक्रिया में तकनीकी सहयोग और सभी आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध कराएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।</p>
<p>लाखों छात्रों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए एनटीए ने राहत भरी घोषणा की है कि दोबारा होने वाली परीक्षा के लिए छात्रों को फिर से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।</p>
<p>पिछला रजिस्ट्रेशन डेटा और उम्मीदवारों की जानकारी ही मान्य रहेगी। इसके अलावा, छात्रों से कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क भी नहीं लिया जाएगा और रिपोर्ट्स के मुताबिक पहले जमा की गई फीस वापस करने की योजना भी बनाई जा रही है।</p>
<p>एजेंसी ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147081/neet-ug-2026-exam-canceled-after-allegations-of-paper-leak</link>
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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 14:59:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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