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                <title>भारत - Loktej</title>
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                <title>अब 10 हजार से अधिक के ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पर लगेगा 1 घंटे का ‘होल्ड’, सुरक्षित बैंकिंग के लिए नया नियम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 10 अप्रैल (वेब वार्ता)। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ऑनलाइन और डिजिटल धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए एक क्रांतिकारी प्रस्ताव पेश किया है।</p>
<p>आरबीआई द्वारा जारी डिस्कशन पेपर के अनुसार, अब ₹10,000 से अधिक के डिजिटल भुगतान पर एक घंटे का ‘कूलिंग पीरियड’ अनिवार्य किया जा सकता है।</p>
<p>यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि साल 2025 में ही लगभग 28 लाख डिजिटल फ्रॉड के मामले दर्ज किए गए, जिनमें आम जनता को ₹22,900 करोड़ से अधिक की चपत लगी।</p>
<p>चूंकि यूपीआई (UPI) और आईएमपीएस (IMPS) जैसी प्रणालियों में पैसा तुरंत ट्रांसफर हो जाता है, इसलिए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146517/now-hold-of-1-hour-will-be-imposed-on-online"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-04/4787_rbi-logo-bank-india1.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 10 अप्रैल (वेब वार्ता)। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ऑनलाइन और डिजिटल धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए एक क्रांतिकारी प्रस्ताव पेश किया है।</p>
<p>आरबीआई द्वारा जारी डिस्कशन पेपर के अनुसार, अब ₹10,000 से अधिक के डिजिटल भुगतान पर एक घंटे का ‘कूलिंग पीरियड’ अनिवार्य किया जा सकता है।</p>
<p>यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि साल 2025 में ही लगभग 28 लाख डिजिटल फ्रॉड के मामले दर्ज किए गए, जिनमें आम जनता को ₹22,900 करोड़ से अधिक की चपत लगी।</p>
<p>चूंकि यूपीआई (UPI) और आईएमपीएस (IMPS) जैसी प्रणालियों में पैसा तुरंत ट्रांसफर हो जाता है, इसलिए पीड़ित के पास शिकायत करने और ट्रांजेक्शन रोकने का समय नहीं बचता है।</p>
<p>प्रस्तावित नियमों के तहत, यदि कोई व्यक्ति किसी नए खाते में ₹10,000 से अधिक की राशि भेजता है, तो वह पैसा तुरंत क्रेडिट नहीं होगा बल्कि एक घंटे तक ‘प्रोविजनली डेबिट’ (होल्ड) रहेगा। इस बीच, यदि यूजर को महसूस होता है कि उसके साथ कोई धोखाधड़ी हुई है, तो वह उस भुगतान को रद्द कर सकेगा।</p>
<p>हालांकि, आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए छोटे भुगतानों और नियमित मर्चेंट पेमेंट्स को इस नियम से बाहर रखा गया है। इससे आम जनता को बड़ी असुविधा नहीं होगी, जबकि बड़े फ्रॉड के मामलों में रिकवरी की संभावना काफी बढ़ जाएगी।</p>
<p>आरबीआई ने वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए और भी सख्त सुरक्षा मानकों का सुझाव दिया है। 70 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों द्वारा ₹50,000 से अधिक के पेमेंट पर ‘सेकेंडरी को-ऑथेंटिकेशन’ का नियम प्रस्तावित है, जिसके तहत किसी भरोसेमंद व्यक्ति की मंजूरी अनिवार्य हो सकती है।</p>
<p>इसके अलावा, एक ‘किल स्विच’ का भी विचार है, जिससे ग्राहक आपात स्थिति में अपने खाते के सभी डिजिटल चैनलों को तुरंत ब्लॉक कर सकेंगे। रिजर्व बैंक ने इन प्रस्तावों पर आम जनता और बैंकिंग विशेषज्ञों से 8 मई 2026 तक सुझाव मांगे हैं, जिसके बाद ही अंतिम गाइडलाइंस जारी की जाएंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 16:01:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मोदी ने विधानसभा चुनावों में बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 09 अप्रैल (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने असम, केरल और पुड्डुचेरी के मतदाताओं से विधानसभा चुनावों में बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने गुरुवार को एक्स पर तीनों राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनाओं के लिए अलग-अलग संदेश में लोगों से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की।</p>
<p>असम के लिए उन्होंने लिखा,  असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान शुरू होने के साथ ही, मैं असम की जनता से अपील करता हूं कि वे बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग करें। मुझे उम्मीद है कि राज्य के युवा और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146501/modi-appealed-to-vote-in-large-numbers-in-the-assembly"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-09/5265_narendra-modi.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 09 अप्रैल (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने असम, केरल और पुड्डुचेरी के मतदाताओं से विधानसभा चुनावों में बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने गुरुवार को एक्स पर तीनों राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनाओं के लिए अलग-अलग संदेश में लोगों से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की।</p>
<p>असम के लिए उन्होंने लिखा,  असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान शुरू होने के साथ ही, मैं असम की जनता से अपील करता हूं कि वे बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग करें। मुझे उम्मीद है कि राज्य के युवा और महिला मतदाता उत्साहपूर्वक भाग लेंगे और इस चुनाव को लोकतंत्र एवं जन कर्तव्य का उत्सव बनाएंगे। </p>
<p>उन्होंने पुडुचेरी के लिए लिखा, “पुडुचेरी विधानसभा चुनाव शुरू होने के उपलक्ष्य में, मैं सभी मतदाताओं से भारी संख्या में मतदान करने का आग्रह करता हूं।</p>
<p>मैं विशेष रूप से हमारे युवाओं और महिला मतदाताओं से लोकतंत्र की प्रक्रिया को मजबूत करने की अपील करता हूं। पुडुचेरी के भविष्य को आकार देने में हर वोट मायने रखता है।</p>
<p>मोदी ने केरल के लिए लिखा, “केरल की जनता से 2026 के विधानसभा चुनावों में बड़ी संख्या में मतदान करने का आह्वान करता हूं। रिकॉर्ड तोड़ भागीदारी केरल की लोकतांत्रिक भावना को और ज्यादा सशक्त बनाएगी।</p>
<p>मैं विशेष रूप से राज्य के युवाओं एवं महिलाओं से आगे आकर बड़ी संख्या में मतदान करने का अनुरोध करता हूं। उल्लेखनीय है कि असम, पुड्डुचेरी और केरल विधानसभाओं के लिए आज सुबह सात बजे मतदान शुरू हो चुका है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 17:09:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आरबीआई ने पेश की वित्त वर्ष 2026-27 की पहली मौद्रिक नीति</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई, 08 अप्रैल (वेब वार्ता)। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को चालू वित्त वर्ष की पहली मौद्रिक नीति समीक्षा पेश करते हुए नीतिगत रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करने का निर्णय लिया है।</p>
<p>मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय बैठक के बाद सर्वसम्मति से रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखने का फैसला किया गया। गवर्नर ने बताया कि एमपीसी ने अपना रुख ‘तटस्थ’ बनाए रखा है, जिसका अर्थ है कि स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) 5.00 प्रतिशत और बैंक<br />रेट 5.50 प्रतिशत पर बरकरार रहेंगे। यह फैसला ऐसे समय में आया है</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146483/rbi-presented-the-first-monetary-policy-for-the-financial-year"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-04/4787_rbi-logo-bank-india1.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई, 08 अप्रैल (वेब वार्ता)। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को चालू वित्त वर्ष की पहली मौद्रिक नीति समीक्षा पेश करते हुए नीतिगत रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करने का निर्णय लिया है।</p>
<p>मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय बैठक के बाद सर्वसम्मति से रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखने का फैसला किया गया। गवर्नर ने बताया कि एमपीसी ने अपना रुख ‘तटस्थ’ बनाए रखा है, जिसका अर्थ है कि स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) 5.00 प्रतिशत और बैंक<br />रेट 5.50 प्रतिशत पर बरकरार रहेंगे। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितताएं और भू-राजनीतिक तनाव चरम पर हैं।</p>
<p>गवर्नर ने अपने संबोधन में विशेष रूप से पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष (इजरायल-ईरान-अमेरिका) का जिक्र किया, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन और कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ा है।</p>
<p>उन्होंने स्वीकार किया कि मार्च के बाद से वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है, लेकिन भारत की आर्थिक बुनियाद अन्य देशों की तुलना में काफी मजबूत है।</p>
<p>रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए देश की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 7 प्रतिशत और महंगाई दर का अनुमान 4.5 प्रतिशत रखा है। आरबीआई का मुख्य लक्ष्य मुद्रास्फीति को टिकाऊ आधार पर 4 प्रतिशत के स्तर तक लाना है, जिसके लिए बैंक पूरी तरह सतर्क है।</p>
<p>रेपो रेट में बदलाव न होने से आम आदमी को राहत मिली है क्योंकि अब होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ईएमआई (EMI) में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं होगी।</p>
<p>हालांकि, जो लोग ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कर रहे थे, उन्हें अभी और इंतजार करना होगा क्योंकि बैंक ने दरों को घटाने के संकेत नहीं दिए हैं। फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) करने वाले निवेशकों के लिए भी ब्याज दरें मौजूदा स्तर पर ही बनी रहेंगी।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक संकट और महंगाई को देखते हुए आरबीआई का यह ‘रुको और देखो’ वाला दृष्टिकोण बाजार में स्थिरता बनाए रखने में मददगार साबित होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 15:18:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत के पहले 500 मेगावाट के पीएफबीआर ने कलपक्कम में क्रिटिकैलिटी हासिल की: मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>चेन्नई, 07 अप्रैल (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रात घोषणा करते हुए कहा कि भारत के द्वितीय पीढ़ी के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को गति देने वाली एक ऐतिहासिक घटना में कलपक्कम में स्थित स्वदेशी 500 मेगावाट के प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पीएफबीआर) ने क्रिटिकैलिटी हासिल कर ली। क्रिटिकैलिटी क्षमता से तात्पर्य रिएक्टर की नियंत्रित श्रृंखला अभिक्रिया से है।</p>
<p>मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा: “आज, भारत ने अपने नागरिक परमाणु यात्रा में एक निर्णायक कदम उठाया है, अपने परमाणु कार्यक्रम के दूसरे चरण को आगे बढ़ाया है। स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित कलपक्कम स्थित पीएफबीआर ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146464/indias-first-500-mw-pfbr-achieves-criticality-in-kalpakkam-modi"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-09/5265_narendra-modi.jpg" alt=""></a><br /><p>चेन्नई, 07 अप्रैल (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रात घोषणा करते हुए कहा कि भारत के द्वितीय पीढ़ी के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को गति देने वाली एक ऐतिहासिक घटना में कलपक्कम में स्थित स्वदेशी 500 मेगावाट के प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पीएफबीआर) ने क्रिटिकैलिटी हासिल कर ली। क्रिटिकैलिटी क्षमता से तात्पर्य रिएक्टर की नियंत्रित श्रृंखला अभिक्रिया से है।</p>
<p>मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा: “आज, भारत ने अपने नागरिक परमाणु यात्रा में एक निर्णायक कदम उठाया है, अपने परमाणु कार्यक्रम के दूसरे चरण को आगे बढ़ाया है। स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित कलपक्कम स्थित पीएफबीआर ने क्रिटिकैलिटी हासिल कर ली है।”</p>
<p>उन्हाेंने कहा कि स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने कलपक्कम में क्रिटिकैलिटी हासिल कर ली है। यह उन्नत रिएक्टर, अब खपत से अधिक ईंधन उत्पादन करने में सक्षम है जो हमारी वैज्ञानिक क्षमता की गहराई और इंजीनियरिंग कौशल की ताकत को दर्शाता है।</p>
<p>यह कार्यक्रम के तीसरे चरण में हमारे विशाल थोरियम भंडार का दोहन करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।</p>
<p>भारत के लिए यह एक गौरवपूर्ण क्षण है। हमारे वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/146464/indias-first-500-mw-pfbr-achieves-criticality-in-kalpakkam-modi</link>
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                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 15:16:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>1000 किलोग्राम के 600 एरियल बम की खरीद करेगी भारतीय वायुसेना</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">04 अप्रैल (वेब वार्ता)। स्वदेशी हथियारों के निर्माण और उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार नए इकोसिस्टम के विकास में जुटी है। अधिकांश रक्षा खरीद अब स्वदेशी कंपनियों से की जा रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और इसी दिशा में विशेष जोर दिया जा रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">सेना अपनी आवश्यकताओं की जानकारी देश की हथियार निर्माण कंपनियों को देती है। इसी क्रम में भारतीय वायुसेना ने 1000 किलोग्राम के एरियल बम के लिए स्वदेशी कंपनियों से जानकारी मांगी है। खास बात यह है कि वायुसेना को अमेरिकी एमके-84 जैसा शक्तिशाली एरियल बम चाहिए।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसके लिए वायुसेना और रक्षा मंत्रालय</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146425/indian-air-force-will-purchase-600-aerial-bombs-of-1000"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-03/d27032024-03-army.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">04 अप्रैल (वेब वार्ता)। स्वदेशी हथियारों के निर्माण और उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार नए इकोसिस्टम के विकास में जुटी है। अधिकांश रक्षा खरीद अब स्वदेशी कंपनियों से की जा रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और इसी दिशा में विशेष जोर दिया जा रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">सेना अपनी आवश्यकताओं की जानकारी देश की हथियार निर्माण कंपनियों को देती है। इसी क्रम में भारतीय वायुसेना ने 1000 किलोग्राम के एरियल बम के लिए स्वदेशी कंपनियों से जानकारी मांगी है। खास बात यह है कि वायुसेना को अमेरिकी एमके-84 जैसा शक्तिशाली एरियल बम चाहिए।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसके लिए वायुसेना और रक्षा मंत्रालय ने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) जारी किया है। रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया 2020 के तहत 1000 किलोग्राम के एमके-84 के समान एरियल बम के स्वदेशी डिजाइन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विकास और खरीद के लिए रुचि की अभिव्यक्ति आमंत्रित की गई है। यह प्रोजेक्ट पहले मेक-</span>II (<span lang="hi" xml:lang="hi">इंडस्ट्री फंडेड) श्रेणी के तहत शुरू होगा और बाद में बाई (इंडियन-आईडीडीएम) श्रेणी के तहत इसकी खरीद की जाएगी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस परियोजना को दो चरणों में विभाजित किया जाएगा। पहले चरण में प्रोटोटाइप तैयार किए जाएंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि दूसरे चरण में स्वदेशी कंपनियों से इनकी खरीद की जाएगी। पहले चरण में कुल 6 प्रोटोटाइप बनाए जाएंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनमें वास्तविक और डमी दोनों प्रकार के बम शामिल होंगे। इसके बाद उनका परीक्षण किया जाएगा और आवश्यक तकनीकी मानकों को अंतिम रूप दिया जाएगा। इस चरण में कम से कम 50 प्रतिशत सामग्री भारत में निर्मित होना अनिवार्य होगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस बम को इस प्रकार विकसित किया जाएगा कि इसे भारतीय वायुसेना के स्वदेशी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रूसी और अन्य विदेशी विमानों पर आसानी से इस्तेमाल किया जा सके। यह बम अत्यधिक विस्फोटक क्षमता वाला होगा और दुश्मन पर अधिक प्रभाव डालने में सक्षम होगा। वर्तमान में भारतीय वायुसेना के पास इस प्रकार के एरियल बम मौजूद हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन वे विदेशों से खरीदे जाते हैं। पहले चरण के बाद दूसरे चरण में लगभग 600 बमों की खरीद की जाएगी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">ईओआई जारी होने से लेकर कॉन्ट्रैक्ट साइन होने तक लगभग 2.5 वर्ष का समय लगेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें डिजाइन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">परीक्षण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मूल्यांकन और अन्य प्रक्रियाएं शामिल होंगी। सभी परीक्षण भारत में ही वायुसेना की यूनिट्स या निर्धारित स्थानों पर किए जाएंगे। विभिन्न प्लेटफॉर्म से इन बमों का परीक्षण किया जाएगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">एमके-84 अमेरिका का एक भारी एरियल बम है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे लड़ाकू या भारी बमवर्षक विमानों से गिराया जाता है। इसका वजन लगभग 900-1000 किलोग्राम (2000 पाउंड) होता है। यह एक जनरल-पर्पस बम है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसका उपयोग विभिन्न प्रकार के लक्ष्यों पर किया जा सकता है। इसकी विस्फोटक क्षमता बहुत अधिक होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे बड़े स्तर पर नुकसान होता है। आमतौर पर इसका उपयोग दुश्मन के बंकर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इमारतों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रनवे और गोदाम जैसे मजबूत ठिकानों को नष्ट करने के लिए किया जाता है। आधुनिक प्रणालियों के साथ इसे जोड़कर इसे प्रिसिजन (सटीक) बम में भी बदला जा सकता है। यह बम वियतनाम युद्ध के दौरान विकसित किया गया था।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 12:30:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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                <title>जनरल चौहान ने नियंत्रण रेखा के निकट सैन्य तैयारियों का जायजा लिया</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span>,<span lang="hi" xml:lang="hi"> 04 अप्रैल (वेब वार्ता)। प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान ने शनिवार को श्रीनगर में चिनार कोर के अंतर्गत रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों का दौरा किया और सैन्य तैयारियों का जायजा लिया। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि प्रमुख रक्षा अध्यक्ष ने उत्तर कश्मीर में नियंत्रण रेखा के साथ सुरक्षा परिदृश्य और परिचालन स्थिति की समीक्षा की तथा उत्कृष्ट परिचालन तैयारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सैद्धांतिक सामंजस्य और दृढ़ पेशेवर क्षमता की सराहना की। बारामूला में उन्हें भविष्य में सेनाओं की प्रौद्योगिकी समावेशन पर जानकारी दी गई।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">चिनार कोर के अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि युद्ध का</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span>,<span lang="hi" xml:lang="hi"> 04 अप्रैल (वेब वार्ता)। प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान ने शनिवार को श्रीनगर में चिनार कोर के अंतर्गत रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों का दौरा किया और सैन्य तैयारियों का जायजा लिया। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि प्रमुख रक्षा अध्यक्ष ने उत्तर कश्मीर में नियंत्रण रेखा के साथ सुरक्षा परिदृश्य और परिचालन स्थिति की समीक्षा की तथा उत्कृष्ट परिचालन तैयारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सैद्धांतिक सामंजस्य और दृढ़ पेशेवर क्षमता की सराहना की। बारामूला में उन्हें भविष्य में सेनाओं की प्रौद्योगिकी समावेशन पर जानकारी दी गई।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">चिनार कोर के अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि युद्ध का स्वरूप बड़े परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके कारण क्षेत्र-केंद्रित दृष्टिकोण से बहु-क्षेत्रीय अभियानों की ओर बदलाव आवश्यक है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो एक सुदृढ़ और एकीकृत संरचना पर आधारित हो। उन्होंने संयुक्तता के महत्व पर बल देते हुए कहा कि भूमि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वायु</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समुद्री</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">साइबर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अंतरिक्ष और अन्य संबंधित क्षेत्रों में निर्बाध एकीकरण निर्णायक परिणाम प्राप्त करने के लिए अनिवार्य है। उन्होंने भविष्योन्मुख युद्ध के लिए त्वरित संयुक्त प्रशिक्षण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सिद्धांतों का सामंजस्य तथा परस्पर क्रियाशील कमान और नियंत्रण संरचनाओं के विकास का आह्वान किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि सभी क्षेत्रों में समन्वित परिणाम हासिल किए जा सकें।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">जनरल चौहान ने उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए एक सुनियोजित रोडमैप की आवश्यकता पर बल दिया—जो प्रौद्योगिकी अनुकूलन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुदृढ़ता और एकीकृत प्रयासों के माध्यम से सामूहिक तैयारी को बढ़ावा दे। उन्होंने दोहराया कि संभावित खतरों की तैयारी दूरदर्शिता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नवाचार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एकीकृत युद्धक दर्शन और पूरे राष्ट्र के प्रयास पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने बदलती सुरक्षा चुनौतियों के बीच परिचालन तत्परता और लचीलेपन के महत्व को रेखांकित किया। प्रमुख रक्षा अध्यक्ष ने सभी रैंकों से परिचालन उत्कृष्टता बनाए रखने</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संयुक्त भाव को जीवन का हिस्सा बनाने और भविष्य के संघर्ष के पूरे दायरे में प्रभुत्व के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। उन्होंने बारामूला में नागरिक प्रशासन के प्रतिनिधियों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रमुख व्यक्तियों और अधिकारियों के साथ भी बातचीत की तथा राष्ट्र निर्माण के प्रयासों की समीक्षा की।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/146424/general-chauhan-took-stock-of-military-preparations-near-the-line</link>
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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 12:16:36 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सीजेआई सूर्यकांत ने ‘जनगणना 2027’ के लिए ‘स्वयं-गणना’ प्रक्रिया में हिस्सा लिया</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span>, 03 <span lang="hi" xml:lang="hi">अप्रैल (वेब वार्ता)। गृह मंत्रालय (एमएचए) के एक अधिकारी ने बताया कि भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने शुक्रवार को अपने आवास पर ‘जनगणना </span>2027’ <span lang="hi" xml:lang="hi">की स्व-गणना प्रक्रिया में भाग लिया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत की जनगणना</span>, 2027<span lang="hi" xml:lang="hi"> ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस बात की पुष्टि की और नागरिकों को खुद अपनी गिनती करने के लिए प्रोत्साहित किया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त कार्यालय के तहत जनगणना </span>2027<span lang="hi" xml:lang="hi"> ने कहा</span>, <span style="font-family:'Times New Roman', serif;">“</span><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत के मुख्य न्यायाधीश ने आज अपने आवास पर जनगणना </span>2027<span lang="hi" xml:lang="hi"> के पहले चरण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यानी हाउसलिस्टिंग और आवास जनगणना के लिए खुद</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146396/cji-surya-kant-takes-part-in-self-enumeration-process-for-census"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-04/cji-suryakant.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span>, 03 <span lang="hi" xml:lang="hi">अप्रैल (वेब वार्ता)। गृह मंत्रालय (एमएचए) के एक अधिकारी ने बताया कि भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने शुक्रवार को अपने आवास पर ‘जनगणना </span>2027’ <span lang="hi" xml:lang="hi">की स्व-गणना प्रक्रिया में भाग लिया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत की जनगणना</span>, 2027<span lang="hi" xml:lang="hi"> ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस बात की पुष्टि की और नागरिकों को खुद अपनी गिनती करने के लिए प्रोत्साहित किया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त कार्यालय के तहत जनगणना </span>2027<span lang="hi" xml:lang="hi"> ने कहा</span>, <span style="font-family:'Times New Roman', serif;">“</span><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत के मुख्य न्यायाधीश ने आज अपने आवास पर जनगणना </span>2027<span lang="hi" xml:lang="hi"> के पहले चरण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यानी हाउसलिस्टिंग और आवास जनगणना के लिए खुद अपनी गिनती का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।</span><span lang="hi" style="font-family:'Times New Roman', serif;" xml:lang="hi">”</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसमें आगे कहा गया</span>, <span style="font-family:'Times New Roman', serif;">“</span><span lang="hi" xml:lang="hi">नागरिक कर्तव्य का एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश करते हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीजेआई ने सुरक्षित सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल के जरिए अपने घर-परिवार का विवरण दर्ज किया।</span><span lang="hi" style="font-family:'Times New Roman', serif;" xml:lang="hi">”</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत की ‘जनगणना </span>2027’ <span lang="hi" xml:lang="hi">ने आगे कहा</span>, <span style="font-family:'Times New Roman', serif;">“</span><span lang="hi" xml:lang="hi">यह भारत की अब तक की पहली डिजिटल जनगणना में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो नागरिकों को डेटा इकट्ठा करने की एक सुविधाजनक और पारदर्शी प्रक्रिया के साथ सशक्त बनाती है।</span><span lang="hi" style="font-family:'Times New Roman', serif;" xml:lang="hi">”</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसमें कहा गया</span>, <span style="font-family:'Times New Roman', serif;">“</span><span lang="hi" xml:lang="hi">हम इस विशाल राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भागीदारी और समर्थन के लिए सीजेआई के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। हम सभी से जोरदार अपील करते हैं कि वे भी जनगणना के आधिकारिक वेबसाइट के जरिए खुद अपनी गिनती करें और एक मजबूत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डेटा-सशक्त ‘विकसित भारत’ के निर्माण में योगदान दें।</span><span lang="hi" style="font-family:'Times New Roman', serif;" xml:lang="hi">”</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इससे पहले बुधवार को</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी खुद अपनी गिनती का काम पूरा किया था। शुक्रवार को</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी खुद अपनी गिनती की प्रक्रिया में भाग लिया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक संदेश में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा</span>, <span style="font-family:'Times New Roman', serif;">“</span><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत की ‘जनगणना-</span>2027’ <span lang="hi" xml:lang="hi">का पहला चरण शुरू हो गया है। आज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दिल्ली स्थित अपने आवास पर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मैंने खुद अपनी गिनती का पंजीकरण पूरा किया।</span><span lang="hi" style="font-family:'Times New Roman', serif;" xml:lang="hi">”</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">जनगणना </span>2027<span lang="hi" xml:lang="hi"> भारत की पहली पूरी तरह से ‘डिजिटल जनगणना’ बनने जा रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो </span>150<span lang="hi" xml:lang="hi"> से अधिक वर्षों से चली आ रही पारंपरिक कागज-आधारित प्रणाली से हटकर होगी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रक्रिया जनगणना अधिनियम</span>, 1948<span lang="hi" xml:lang="hi"> के तहत दो चरणों में आयोजित की जा रही है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">पहला चरण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे हाउस लिस्टिंग और आवास जनगणना (एचएलओ) के नाम से जाना जाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आवास की स्थितियों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">घरेलू सुविधाओं और संपत्तियों से संबंधित डेटा इकट्ठा करने पर केंद्रित है। इस चरण में नागरिकों को </span>33<span lang="hi" xml:lang="hi"> अधिसूचित प्रश्नों के उत्तर देने होंगे।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 20:53:33 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सोलह साल के कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभाव का मुद्दा लोकसभा में उठा</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">02 अप्रैल (वेब वार्ता)। कांग्रेस और भाजपा के सदस्यों ने </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">16</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> वर्ष से कम आयु के बच्चों पर सोशल मीडिया के उपयोग के नुकसानदेह प्रभाव का जिक्र करते हुए लोकसभा में बृहस्पतिवार को सरकार से इस पर देश भर में प्रतिबंध लगाने की मांग की।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">कांग्रेस सदस्य के. काव्या और भाजपा के आनंद कुमार ने शून्य काल के दौरान सदन में यह मुद्दा उठाया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">कांग्रेस सांसद ने कहा कि सोशल मीडिया के उपयोग के कारण बच्चों में तनाव और अवसाद बढ़ रहा है तथा उनमें पारिवारिक संबंधों को लेकर अंतदृष्टि और सामाजिक सहभागिता की कमी देखने को</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">02 अप्रैल (वेब वार्ता)। कांग्रेस और भाजपा के सदस्यों ने </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">16</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> वर्ष से कम आयु के बच्चों पर सोशल मीडिया के उपयोग के नुकसानदेह प्रभाव का जिक्र करते हुए लोकसभा में बृहस्पतिवार को सरकार से इस पर देश भर में प्रतिबंध लगाने की मांग की।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">कांग्रेस सदस्य के. काव्या और भाजपा के आनंद कुमार ने शून्य काल के दौरान सदन में यह मुद्दा उठाया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">कांग्रेस सांसद ने कहा कि सोशल मीडिया के उपयोग के कारण बच्चों में तनाव और अवसाद बढ़ रहा है तथा उनमें पारिवारिक संबंधों को लेकर अंतदृष्टि और सामाजिक सहभागिता की कमी देखने को मिल रही है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">काव्या ने कहा कि बच्चों के मन पर सोशल मीडिया ऐप हावी हो गए हैं जो उन्हें गलत दिशा में ले जा रहे हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, ‘‘16</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> साल से कम उम्र के दो बच्चों की मां होने के नाते मैं केंद्र सरकार से सोशल मीडिया पर देश भर में प्रतिबंध लगाने का अनुरोध करती हूं।’’</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों में ये प्रतिबंध लागू किये गए हैं</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए केंद्र सरकार इस विषय पर गौर करे। उन्होंने उल्लेख किया कि अन्य सांसदों ने भी इस तरह के सुझाव दिये हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">भाजपा के आनंद कुमार ने कहा कि आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया के अनियंत्रित और अत्यधिक उपयोग का प्रभाव विशेष रूप से </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">16</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> वर्ष से कम आयु के बच्चों पर चिंताजनक रूप से बढ़ रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, ‘‘</span><span lang="hi" xml:lang="hi">आयु में बच्चे सही-गलत के बीच भेद नहीं कर पाते</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जिस कारण वे भ्रामक सूचनाओं और डीपफेक सामग्री</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, ‘</span><span lang="hi" xml:lang="hi">साइबर बुलिंग’ और अनुचित सामग्री के प्रभाव में आ जाते हैं।’’</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">कुमार ने कहा कि </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">16</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग को विनयमित करने या उपयुक्त प्रतिबंध लगाने</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रभावी आयु सत्यापन व्यवस्था लागू करने तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश लाने पर सरकार गंभीरता से विचार करे।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/146382/the-issue-of-negative-impact-of-social-media-on-children</link>
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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 13:36:26 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आरबीआई ने कैपिटल मार्केट एक्सपोजर नियमों को 1 जुलाई तक के लिए टाला</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span>, 01 <span lang="hi" xml:lang="hi">अप्रैल (वेब वार्ता)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कैपिटल मार्केट एक्सपोजर से जुड़े अपने संशोधित नियमों को लागू करने की समयसीमा </span>3<span lang="hi" xml:lang="hi"> महीने बढ़ा दी है। अब ये नियम </span>1<span lang="hi" xml:lang="hi"> जुलाई </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi"> से लागू होंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि पहले इन्हें </span>1<span lang="hi" xml:lang="hi"> अप्रैल से लागू किया जाना था।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह फैसला बैंकों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कैपिटल मार्केट इंटरमीडियरी (सीएमआई) और इंडस्ट्री संगठनों से मिले फीडबैक के बाद लिया गया है। इन संस्थाओं ने नए नियमों को लागू करने में ऑपरेशनल और समझ से जुड़ी चुनौतियों की बात कही थी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">आरबीआई ने इन नियमों का ड्राफ्ट </span>13<span lang="hi" xml:lang="hi"> फरवरी </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi"> को जारी किया</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span>, 01 <span lang="hi" xml:lang="hi">अप्रैल (वेब वार्ता)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कैपिटल मार्केट एक्सपोजर से जुड़े अपने संशोधित नियमों को लागू करने की समयसीमा </span>3<span lang="hi" xml:lang="hi"> महीने बढ़ा दी है। अब ये नियम </span>1<span lang="hi" xml:lang="hi"> जुलाई </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi"> से लागू होंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि पहले इन्हें </span>1<span lang="hi" xml:lang="hi"> अप्रैल से लागू किया जाना था।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह फैसला बैंकों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कैपिटल मार्केट इंटरमीडियरी (सीएमआई) और इंडस्ट्री संगठनों से मिले फीडबैक के बाद लिया गया है। इन संस्थाओं ने नए नियमों को लागू करने में ऑपरेशनल और समझ से जुड़ी चुनौतियों की बात कही थी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">आरबीआई ने इन नियमों का ड्राफ्ट </span>13<span lang="hi" xml:lang="hi"> फरवरी </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi"> को जारी किया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके बाद सार्वजनिक परामर्श भी किया गया था।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">आरबीआई ने अधिग्रहण वित्तपोषण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वित्तीय परिसंपत्तियों के खिलाफ लोन और सीएमआई को दिए जाने वाले क्रेडिट एक्सपोजर से जुड़े मामलों में भी कुछ स्पष्टता दी है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नए नियमों के तहत अधिग्रहण फाइनेंस के दायरे को बढ़ाते हुए इसमें मर्जर और अमलगमेशन (विलय) को भी शामिल किया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे पहले की अस्पष्टता दूर हो गई है। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह फाइनेंस केवल उन मामलों में दिया जाएगा जहां किसी गैर-वित्तीय कंपनी पर नियंत्रण हासिल करना उद्देश्य हो।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">अगर लक्षित कंपनी एक होल्डिंग कंपनी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि संभावित लाभ (सिनर्जी) उसकी सभी सब्सिडियरी कंपनियों में भी दिखे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">न कि सिर्फ मुख्य कंपनी में।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नए नियमों के तहत कंपनियों को अब अधिग्रहण फाइनेंस भारतीय या विदेशी सहायक कंपनियों के जरिए लेने की अनुमति भी दी गई है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रीफाइनेंसिंग के नियमों को सख्त किया गया है। बैंक अब अधिग्रहण लोन का रीफाइनेंस तभी कर सकेंगे जब डील पूरी हो जाए और कंपनी पर नियंत्रण स्थापित हो जाए। साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह पैसा सिर्फ पुराने अधिग्रहण लोन को चुकाने के लिए ही इस्तेमाल किया जा सकेगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसके अलावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अगर अधिग्रहण फाइनेंस किसी सब्सिडियरी या स्पेशल पर्पस व्हीकल (एसपीवी) को दिया जाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो अधिग्रहण करने वाली कंपनी की कॉर्पोरेट गारंटी जरूरी होगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे बैंकों की सुरक्षा मजबूत होगी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस फैसले से बैंकों को अपने सिस्टम और प्रक्रियाओं को नए नियमों के मुताबिक ढालने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नए नियमों में स्पष्टता आने से कानूनी विवाद और जोखिम भी कम होने की उम्मीद है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">निवेश करने वाली कंपनियों के लिए यह ढांचा अधिग्रहण फाइनेंस के नए रास्ते खोलता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन साथ ही नियंत्रण आधारित निवेश और सख्त रीफाइनेंसिंग नियमों के जरिए सीमाएं भी तय करता है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">कैपिटल मार्केट इंटरमीडियरी के लिए आरबीआई ने कुछ राहत भी दी है। अब बैंक </span>100<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत नकद या नकद-जैसे कोलैटरल के बदले प्रोपरायटरी ट्रेडिंग के लिए फंडिंग दे सकेंगे। साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बाजार निर्माण गतिविधियों के लिए इस्तेमाल होने वाली सिक्योरिटीज के खिलाफ फाइनेंसिंग पर लगी पाबंदियां भी हटा दी गई हैं।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/146355/rbi-postpones-capital-market-exposure-rules-till-july-1</link>
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                <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 16:13:33 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत का 700 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार रुपए की स्थिति को संभालने के लिए पर्याप्त : रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span>, 01 <span lang="hi" xml:lang="hi">अप्रैल (वेब वार्ता)। भारत का </span>700<span lang="hi" xml:lang="hi"> अरब डॉलर से अधिक का विदेशी मुंद्रा भंडार रुपए की स्थिति को संभालने और उसमें तेज उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए पर्याप्त है। यह जानकारी मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा विदेशी मुद्रा भंडार </span>10<span lang="hi" xml:lang="hi"> महीने से अधिक के आयात के बराबर है और छोट अवधि का ऋण विदेशी मुद्रा भंडार के </span>20<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत के बराबर है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे रुपए को सहारा देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को पर्याप्त जगह मिलती है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रिसर्च फर्म</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146354/indias-700-billion-foreign-exchange-reserves-report-sufficient-to-handle"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-04/d03042024-11-economy.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span>, 01 <span lang="hi" xml:lang="hi">अप्रैल (वेब वार्ता)। भारत का </span>700<span lang="hi" xml:lang="hi"> अरब डॉलर से अधिक का विदेशी मुंद्रा भंडार रुपए की स्थिति को संभालने और उसमें तेज उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए पर्याप्त है। यह जानकारी मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा विदेशी मुद्रा भंडार </span>10<span lang="hi" xml:lang="hi"> महीने से अधिक के आयात के बराबर है और छोट अवधि का ऋण विदेशी मुद्रा भंडार के </span>20<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत के बराबर है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे रुपए को सहारा देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को पर्याप्त जगह मिलती है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रिसर्च फर्म ने चेतावनी दी कि अस्थिर पूंजी प्रवाह और तेल की ऊंची कीमतें निकट भविष्य के दृष्टिकोण के लिए जोखिम पैदा करती हैं और तेल विपणन कंपनियों के लिए </span>250-300<span lang="hi" xml:lang="hi"> मिलियन डॉलर की दैनिक मांग को पूरा करने के लिए एक विशेष डॉलर विंडो सहित कई नीतिगत उपायों का आग्रह किया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">रिपोर्ट में कहा गया</span>, <span style="font-family:'Times New Roman', serif;">“</span><span lang="hi" xml:lang="hi">इससे वास्तविक विदेशी मुद्रा की मांग और आपूर्ति की गतिशीलता पर बेहतर स्पष्टता प्राप्त होगी और अनावश्यक अस्थिरता को रोकने के लिए नियामक द्वारा शुरू किए गए विभिन्न उपायों की प्रभावशीलता को मापने में मदद मिलेगी।</span><span lang="hi" style="font-family:'Times New Roman', serif;" xml:lang="hi">”</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">रिपोर्ट में सुझाव दिया गया कि केवल ट्रेडिंग बुक पर </span>100<span lang="hi" xml:lang="hi"> मिलियन डॉलर की सीमा लगाई जानी चाहिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">न कि पूरे बैंक बुक स्तर पर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि इससे परिचालन संबंधी चुनौतियां उत्पन्न होती हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसमें अल्पकालिक यील्ड बढ़ाने और दीर्घकालिक यील्ड घटाने के लिए ‘ऑपरेशन ट्विस्ट’ का सुझाव दिया गया है</span>, <span style="font-family:'Times New Roman', serif;">“</span><span lang="hi" xml:lang="hi">यह सुनिश्चित करते हुए कि विभिन्न संदर्भ दरें निर्धारित सीमा के भीतर रहें और नीतिगत दर के अनुरूप हों।</span><span lang="hi" style="font-family:'Times New Roman', serif;" xml:lang="hi">”</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">केंद्रीय बैंक ने </span><span lang="hi" style="font-family:'Times New Roman', serif;" xml:lang="hi">“</span><span lang="hi" xml:lang="hi">रुपए को सहारा देने के लिए कड़े कदम उठाए हैं</span><span lang="hi" style="font-family:'Times New Roman', serif;" xml:lang="hi">”</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन फर्म ने बाहरी बाजारों से मांग वाली मुद्राओं को लाकर और वैकल्पिक तंत्रों (जैसे ओएमसी के लिए एक विशेष यूएसडी विंडो) को शामिल करके हस्तक्षेपों में तेजी लाने का आग्रह किया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि रुपए में गिरावट देश के मैक्रो फंडामेंटल्स से काफी अधिक है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 16:02:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत के पास 40 दिनों का ईंधन भंडार सुरक्षित, वैश्विक संकट के बीच घबराने की जरूरत नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">01 अप्रैल (वेब वार्ता)। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) के सचिव अंजन कुमार मिश्रा ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत के पास वर्तमान में तरल ईंधन का इतना भंडार मौजूद है जो देश की </span>20<span lang="hi" xml:lang="hi"> से </span>40<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिनों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। नई दिल्ली में आयोजित पीएचडीसीसीआई हाइड्रोकार्बन समिट </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi"> के दौरान मिश्रा ने वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">मिश्रा ने वास्तविकता को स्वीकार करते</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146345/india-has-40-days-of-fuel-reserves-no-need-to"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-04/petrol-crude-oil.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">01 अप्रैल (वेब वार्ता)। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) के सचिव अंजन कुमार मिश्रा ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत के पास वर्तमान में तरल ईंधन का इतना भंडार मौजूद है जो देश की </span>20<span lang="hi" xml:lang="hi"> से </span>40<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिनों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। नई दिल्ली में आयोजित पीएचडीसीसीआई हाइड्रोकार्बन समिट </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi"> के दौरान मिश्रा ने वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">मिश्रा ने वास्तविकता को स्वीकार करते हुए कहा कि हालांकि हम तरल ईंधन का रिजर्व रखते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन ऐसा भंडार बनाना संभव नहीं है जो छह महीने या उससे अधिक समय तक चल सके। उन्होंने कहा कि मौजूदा बैकअप </span>20<span lang="hi" xml:lang="hi"> से </span>40<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिनों की मांग के लिए उचित है। पश्चिम एशिया के संकट पर बात करते हुए उन्होंने स्वीकार किया कि इसका प्रभाव भारत पर पड़ रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन सरकार ने इससे निपटने के लिए पुख्ता योजना बनाई है। उन्होंने आश्वस्त किया कि अधिकारियों की टीम वैश्विक स्थिति पर पल-पल नजर रख रही है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">वैश्विक तनाव के कारण पैदा हुई चिंताओं को खारिज करते हुए पीएनजीआरबी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि देश में जीवाश्म ईंधन की कोई कमी नहीं है और जनता को घबराने (पैनिक करने) की कतई आवश्यकता नहीं है। भारत न केवल अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा कर रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि संकट की इस घड़ी में बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों की भी सक्रिय रूप से मदद कर रहा है।आयात पर निर्भरता के सवाल पर मिश्रा ने कहा कि घरेलू कच्चे तेल के उत्पादन को बढ़ाना एक क्रमिक प्रक्रिया है और इसे रातों-रात नहीं बदला जा सकता। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारत ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए तेल खरीद के विकल्पों का दायरा बढ़ाया है। अब भारत केवल पश्चिम एशिया पर निर्भर नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि रूस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वेनेजुएला और मोजाम्बिक जैसे नए बाजारों से भी तेल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">कीमतों में उछाल की संभावना पर उन्होंने कहा कि यदि वैश्विक संघर्ष के कारण कच्चे तेल के दाम बढ़ते भी हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यह प्रभाव केवल अस्थाई होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार इस स्थिति को संभालने में सक्षम है और अंततः कीमतें अपने पुराने स्तर पर लौट आएंगी।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 14:47:57 +0530</pubDate>
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                <title>एयर इंडिया, इंडिगो ने दुबई, अबू धाबी और खाड़ी के अन्य गंतव्यों के लिए उड़ानों को लेकर जारी की एडवाइजरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span>, 01 <span lang="hi" xml:lang="hi">अप्रैल (वेब वार्ता)। पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच आज इस तरफ आने-जाने वाली एयर इंडिया समूह की </span>30<span lang="hi" xml:lang="hi"> उड़ानें निर्धारित हैं। इसमे कुल </span>16<span lang="hi" xml:lang="hi"> उड़ानें यूएई के लिए हैं। इंडिगो ने यात्रियों से एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी उड़ान का स्टेटस चेक करने का आग्रह किया है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इंडिगो एयरलााइन ने जारी यात्रा परामर्श में कहा कि </span>1<span lang="hi" xml:lang="hi"> अप्रैल को इंडिगो एयरलाइन के निर्धारित शेड्यूल के अनुसार पश्चिम एशिया के लिए कुल </span>30<span lang="hi" xml:lang="hi"> उड़ानें संचालित की जाएंगी। एयरलाइन ने तनावपूर्ण परिस्थितियों के बीच में दुबई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अबू धाबी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रियाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुवैत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बहरीन</span>, </p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146343/air-india-indigo-issues-advisory-regarding-flights-to-dubai-abu"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/airplane-passenger-plane-flight.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span>, 01 <span lang="hi" xml:lang="hi">अप्रैल (वेब वार्ता)। पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच आज इस तरफ आने-जाने वाली एयर इंडिया समूह की </span>30<span lang="hi" xml:lang="hi"> उड़ानें निर्धारित हैं। इसमे कुल </span>16<span lang="hi" xml:lang="hi"> उड़ानें यूएई के लिए हैं। इंडिगो ने यात्रियों से एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी उड़ान का स्टेटस चेक करने का आग्रह किया है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इंडिगो एयरलााइन ने जारी यात्रा परामर्श में कहा कि </span>1<span lang="hi" xml:lang="hi"> अप्रैल को इंडिगो एयरलाइन के निर्धारित शेड्यूल के अनुसार पश्चिम एशिया के लिए कुल </span>30<span lang="hi" xml:lang="hi"> उड़ानें संचालित की जाएंगी। एयरलाइन ने तनावपूर्ण परिस्थितियों के बीच में दुबई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अबू धाबी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रियाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुवैत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बहरीन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मस्कट और दोहा के लिए उड़ानें चालू रखने की पुष्टि की है। कंपनी ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे हवाई अड्डे पर जाने से पहले इंडिगो की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर अपनी उड़ान की नवीनतम स्थिति देखें।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">एयरलाइन ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच यात्रा की स्थितियों में हो रहे बदलावों को देखते हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अपडेटेड रहना ज़रूरी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि फ़्लाइट के शेड्यूल बदल सकते हैं। इसलिए यात्रियों से अनुरोध है कि एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी फ़्लाइट के ताजा स्टेटस ज़रूर देख लें। इंडिगो ने फ़्लाइट्स को ऑपरेट करने का शेड्यूल तय किया है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसके अलावा इंडिगो ने बताया कि आपके रजिस्टर्ड संपर्क विवरणों पर अपडेट साझा किए जा रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और हमारी सहायता टीमें आपकी मदद के लिए उपलब्ध हैं। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लगातार हो रही बारिश और तूफ़ान के कारण फ़िलहाल दिल्ली में उड़ानों के संचालन में देरी हो रही है। कंपनी ने कहा कि हमारी टीमें स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रही हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि हालात बेहतर होते ही आपकी यात्रा जल्द से जल्द शुरू हो सके।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इंडिगो ने कहा कि अगर आप आज यात्रा कर रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो हम आपको सलाह देते हैं कि एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले हमारी वेबसाइट: </span>https://goindigo.in/check-flight-status.html <span lang="hi" xml:lang="hi">या ऐप पर अपनी फ़्लाइट का स्टेटस ज़रूर देख लें। कृपया यात्रा के लिए थोड़ा ज़्यादा समय लेकर चलें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि सड़कों पर ट्रैफ़िक सामान्य से धीमा हो सकता है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">एयर इंडिया ने एक बयान में कहा कि एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस पश्चिम एशिया के लिए </span>30<span lang="hi" xml:lang="hi"> उड़ानें संचालित करेंगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनमें यूएई के लिए कुल </span>16<span lang="hi" xml:lang="hi"> उड़ानें भी शामिल हैं। एयरलाइन ने कहा कि एयर इंडिया समूह जिसमें एयर इंडिया और उसकी कम लागत वाली शाखा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एयर इंडिया एक्सप्रेस शामिल हैं</span>, 1<span lang="hi" xml:lang="hi"> अप्रैल को पश्चिम एशिया क्षेत्र के लिए और वहां से कुल </span>30<span lang="hi" xml:lang="hi"> उड़ानें संचालित करेगा। इन उड़ानों में खाड़ी के कई गंतव्यों के लिए भी निर्धारित और गैर-निर्धारित</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दोनों तरह की सेवाएं शामिल हैं।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 14:19:34 +0530</pubDate>
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