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                <title>कारोबार - Loktej</title>
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                            <item>
                <title>वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद अप्रैल से 14 जून तक निर्यात 15 फीसदी बढ़ा : गोयल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 21 जून (वेब वार्ता)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद चालू वित्त वर्ष 2026-27 में अप्रैल से 14 जून तक देश के माल निर्यात में लगभग 15 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है।</p>
<p>मई में भारत का निर्यात 18 फीसदी बढ़कर 45.2 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया, जो छह महीने का उच्चतम स्तर है।</p>
<p>केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने मुंबई में योग दिवस के अवसर पर ‘चार्टर्ड अकाउंटेंट्स’ के साथ संवाद के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि 50 फीसदी अमेरिका शुल्क लगाए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>नई दिल्ली, 21 जून (वेब वार्ता)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद चालू वित्त वर्ष 2026-27 में अप्रैल से 14 जून तक देश के माल निर्यात में लगभग 15 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है।</p>
<p>मई में भारत का निर्यात 18 फीसदी बढ़कर 45.2 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया, जो छह महीने का उच्चतम स्तर है।</p>
<p>केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने मुंबई में योग दिवस के अवसर पर ‘चार्टर्ड अकाउंटेंट्स’ के साथ संवाद के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि 50 फीसदी अमेरिका शुल्क लगाए जाने के बावजूद पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में भारत के निर्यात में मजबूत वृद्धि हुई है।</p>
<p>अगर हम अप्रैल और मई के पूरे महीनों के साथ ही जून के 14 दिन के उपलब्ध आंकड़ों की बात करें, तो इसमें निर्यात में 15 फीसदी की वृद्धि रही है। इसी अवधि में व्यापार घाटा बढ़कर 28.21 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। गोयल ने संबोधन के दौरान ‘चार्टर्ड अकाउंटेंट्स’ से विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।</p>
<p>वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि भारत और 27 सदस्यीय यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर दिसंबर तक हस्ताक्षर किए जाएंगे और इसके अगले वर्ष फरवरी-मार्च के दौरान लागू होने की संभावना है। इस वर्ष 27 जनवरी को भारत और यूरोपीय संघ ने वार्ताओं के समापन की घोषणा की थी।</p>
<p>वाणिज्य मंत्रालय जून माह के निर्यात-आयात संबंधी आधिकारिक आंकड़े 15 जुलाई को जारी करेगा। मंत्रालय के जारी आंकड़ों में अप्रैल-मई 2026-27 के दौरान देश का निर्यात 16.09 फीसदी बढ़कर 88.91 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जबकि आयात 15.14 फीसदी की वृद्धि के साथ 145.35 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इस अवधि में व्यापार घाटा 56.44 अरब डॉलर दर्ज किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147757/despite-global-uncertainties-exports-increased-by-15-percent-from-april</link>
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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 19:03:03 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>वेदांता एल्यूमीनियम ने जामखानी और घोघरपल्ली के ग्रीष्मकालीन शिविरों में 600+ छात्रों को जोड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भुवनेश्वर (ओडिशा), 19 जून:  भारत के सबसे बड़े एल्यूमीनियम निर्माता वेदांता एल्यूमीनियम ने ओडिशा के जामखानी और घोगरपल्ली क्षेत्रों में 12 सरकारी स्कूलों में ग्रीष्मकालीन शिविर आयोजित किए हैं, जिससे गर्मियों की छुट्टियों के दौरान शिक्षा, जागरूकता और मनोरंजक गतिविधियों के मिश्रण में 600 से अधिक छात्र लाभान्वित हुए हैं।</p>
<p>बच्चों के बीच समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए तैयार किए गए इस शिविर में भूविज्ञान, करियर परामर्श और खेल के साथ-साथ कला और शिल्प, कहानी कहने, प्रश्नोत्तरी और बुद्धि के खेल पर जानकारी शामिल था। छात्रों ने वृक्षारोपण अभियान, 500 से अधिक पौधे लगाने, कक्षा के बाहर सीखने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147734/vedanta-aluminum-engages-600-students-in-summer-camps-at-jamkhani"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/b20062026-02.jpg" alt=""></a><br /><p>भुवनेश्वर (ओडिशा), 19 जून:  भारत के सबसे बड़े एल्यूमीनियम निर्माता वेदांता एल्यूमीनियम ने ओडिशा के जामखानी और घोगरपल्ली क्षेत्रों में 12 सरकारी स्कूलों में ग्रीष्मकालीन शिविर आयोजित किए हैं, जिससे गर्मियों की छुट्टियों के दौरान शिक्षा, जागरूकता और मनोरंजक गतिविधियों के मिश्रण में 600 से अधिक छात्र लाभान्वित हुए हैं।</p>
<p>बच्चों के बीच समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए तैयार किए गए इस शिविर में भूविज्ञान, करियर परामर्श और खेल के साथ-साथ कला और शिल्प, कहानी कहने, प्रश्नोत्तरी और बुद्धि के खेल पर जानकारी शामिल था। छात्रों ने वृक्षारोपण अभियान, 500 से अधिक पौधे लगाने, कक्षा के बाहर सीखने के अनुभवों के साथ-साथ पर्यावरण जागरूकता में भी भाग लिया।</p>
<p>इस कार्यक्रम में हेमगीर खंड शिक्षा अधिकारी (बी. ई. ओ.) श्री करुणा सागर पटेल,स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्य और भाग लेने वाले स्कूलों के शिक्षक शामिल हुए।</p>
<p>ग्रीष्मकालीन शिविर ने कर्मचारियों की स्वयंसेवा का भी जश्न मनाया, जिसमें 26 कर्मचारियों ने छात्रों के लिए कार्यक्रम का आयोजन करने और शिविर चलाने के लिए 145 मानव-घंटे स्वेच्छा से दिए, जो 46 मानव-दिनों के बराबर है। उनकी सक्रिय योगदान ने सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करते हुए सार्थक सीखने के अनुभव बनाने में मदद की।</p>
<p>इस पहल की सराहना करते हुए हेमगीर खंड शिक्षा अधिकारी (बी. ई. ओ.) श्री करुणा सागर पटेल ने कहा, "मुझे यह देखकर खुशी हो रही है कि छात्रों के लिए विभिन्न प्रकार की दिलचस्प और आनंददायक शिक्षण गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इस तरह की पहल से बच्चों के समग्र विकास में मदद मिलेगी और भविष्य में भी इसी तरह के कार्यक्रमों को जारी रखा जाना चाहिए</p>
<p>अपने अनुभवों को साझा करते हुए, कर्मचारियों के स्वयंसेवकों ने बच्चों के साथ जुड़ने और समुदाय में योगदान करने की खुशी पर प्रकाश डाला, इस पहल को सार्थक और संतोषजनक दोनों बताया।</p>
<p>छताबर गवर्नमेंट हाई स्कूल की शिक्षिका निर्मला पाधन ने कहा, "शिविर ने हमारे छात्रों को दैनिक गतिविधियों के माध्यम से एक समृद्ध अनुभव दिया। इसने आत्मविश्वास, जिम्मेदारी और सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित किया, जिससे कार्यक्रम बच्चों के लिए सार्थक और प्रभावी दोनों बन गया।</p>
<p>एक कर्मचारी स्वयंसेवक पार्थ सारथी महंता ने कहा, "बच्चों के साथ समय बिताना वास्तव में एक सुंदर अनुभव था। उनके साथ आमने-सामने की बातचीत संतोषजनक थी। मैं इस अवसर के लिए आभारी हूं।</p>
<p>वेदांता एल्यूमीनियम शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, टिकाऊ आजीविका, ग्रामीण बुनियादी ढांचे और जमीनी स्तर के खेल और संस्कृति में कई पहलों के माध्यम से अपने संचालन को बदलने के लिए प्रतिबद्ध है।</p>
<p>स्थानीय अधिकारियों और सामुदायिक भागीदारों के साथ निकटता से काम करते हुए, कंपनी यह सुनिश्चित करती है कि उसके हस्तक्षेप से उसके संचालन के क्षेत्रों में ठोस सामाजिक-आर्थिक प्रगति हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 14:59:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एनएसई के ₹30,000 करोड़ के आईपीओ पर मंडराया संकट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई, 19 जून (वेब वार्ता)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के बहुप्रतीक्षित ₹30,000 करोड़ के आईपीओ के सामने कानूनी मुश्किलें खड़ी हो गई हैं।</p>
<p>बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर एक याचिका में एक्सचेंज की लिस्टिंग प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि एनएसई में विदेशी निवेश और मॉरीशस की कंपनियों की हिस्सेदारी को लेकर पारदर्शिता की कमी है, जिसकी अगली सुनवाई 24 जून, 2026 को निर्धारित की गई है।</p>
<p>याचिका में मुख्य रूप से यह मांग उठाई गई है कि सेबी को एनएसई के बड़े शेयरधारकों के असली मालिकों और उनके केवाईसी दस्तावेजों को सार्वजनिक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>मुंबई, 19 जून (वेब वार्ता)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के बहुप्रतीक्षित ₹30,000 करोड़ के आईपीओ के सामने कानूनी मुश्किलें खड़ी हो गई हैं।</p>
<p>बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर एक याचिका में एक्सचेंज की लिस्टिंग प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि एनएसई में विदेशी निवेश और मॉरीशस की कंपनियों की हिस्सेदारी को लेकर पारदर्शिता की कमी है, जिसकी अगली सुनवाई 24 जून, 2026 को निर्धारित की गई है।</p>
<p>याचिका में मुख्य रूप से यह मांग उठाई गई है कि सेबी को एनएसई के बड़े शेयरधारकों के असली मालिकों और उनके केवाईसी दस्तावेजों को सार्वजनिक करना चाहिए। याचिकाकर्ता के अनुसार, पार्टिसिपेटरी नोट्स के माध्यम से किए गए निवेश में निवेशकों की पहचान स्पष्ट नहीं है।</p>
<p>वहीं, एनएसई ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और निराधार बताते हुए अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखने का दावा किया है।</p>
<p>एनएसई ने अपने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में निवेशकों को कई अन्य संभावित जोखिमों के प्रति भी सचेत किया है। इनमें सॉफ्टवेयर पेटेंट की कमी, ट्रेडमार्क का अधूरा पंजीकरण और एनएसई के नाम से चल रहे फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स द्वारा निवेशकों के साथ धोखाधड़ी का खतरा प्रमुख हैं।</p>
<p>गौरतलब है कि यह आईपीओ पूरी तरह से ‘ऑफर फॉर सेल’ होगा, जिसके माध्यम से पुराने निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147724/crisis-looms-on-nses-%E2%82%B930000-crore-ipo</link>
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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 15:05:08 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एनएसई का 30,000 करोड़ का महा-IPO: भारतीय शेयर बाजार इतिहास का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 18 जून (वेब वार्ता)। भारतीय शेयर बाजार के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ पर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने अपने बहुप्रतीक्षित IPO के लिए सेबी के पास ड्राफ्ट पेपर (डीआरएचपी) जमा कर दिए हैं।</p>
<p>लगभग 30,000 करोड़ रुपये के आकार वाला यह आईपीओ हुंडई मोटर इंडिया के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए देश का अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू बनने जा रहा है। यह पूरी तरह से ‘ऑफर फॉर सेल’ (ओएफ़एस) होगा, जिसमें कंपनी नए शेयर जारी नहीं करेगी।</p>
<p>निवेशकों की हिस्सेदारी और प्रमुख शेयरधारक<br />इस आईपीओ के जरिए 23 मौजूदा शेयरधारक अपनी 6 फीसदी हिस्सेदारी बेचेंगे।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>नई दिल्ली, 18 जून (वेब वार्ता)। भारतीय शेयर बाजार के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ पर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने अपने बहुप्रतीक्षित IPO के लिए सेबी के पास ड्राफ्ट पेपर (डीआरएचपी) जमा कर दिए हैं।</p>
<p>लगभग 30,000 करोड़ रुपये के आकार वाला यह आईपीओ हुंडई मोटर इंडिया के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए देश का अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू बनने जा रहा है। यह पूरी तरह से ‘ऑफर फॉर सेल’ (ओएफ़एस) होगा, जिसमें कंपनी नए शेयर जारी नहीं करेगी।</p>
<p>निवेशकों की हिस्सेदारी और प्रमुख शेयरधारक<br />इस आईपीओ के जरिए 23 मौजूदा शेयरधारक अपनी 6 फीसदी हिस्सेदारी बेचेंगे। इसमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) सबसे बड़ी विक्रेता होगी, जो करीब 2.48 करोड़ शेयर बेचेगी। अन्य बड़े निवेशकों में कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड और बैंक ऑफ बड़ौदा शामिल हैं।</p>
<p>हालांकि, एनएसई की सबसे बड़ी शेयरधारक भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) अपनी हिस्सेदारी बरकरार रखेगी और कोई भी शेयर नहीं बेचेगी।</p>
<p>10 साल का लंबा इंतजार और वित्तीय स्थिति<br />एनएसई की लिस्टिंग का सफर काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। 2016 में पहली बार आवेदन के बाद, ‘को- लोकेशन विवाद’ के कारण यह योजना करीब एक दशक तक अटकी रही।</p>
<p>आखिरकार, 1,388 करोड़ रुपये के निपटान शुल्क के भुगतान के साथ सेबी से मंजूरी मिलने का रास्ता साफ हुआ। वित्तीय आंकड़ों की बात करें तो मार्च 2026 तिमाही में एनएसई का शुद्ध मुनाफा 8 फीसदी बढ़कर 2,871 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147703/nses-mega-ipo-of-rs-30000-crore-is-the-largest-public</link>
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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 14:51:38 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वेदांता ने रचा इतिहास; बीएसई और एनएसई पर चार स्वतंत्र कंपनियों की लिस्टिंग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई (महाराष्ट्र), 17 जून: वेदांता समूह ने आज भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपनी चार नव-डिमर्ज्ड कंपनियों को बीएसई (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) और एनएसई (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) पर लिस्ट किया।</p>
<p>इस ऐतिहासिक लिस्टिंग के साथ रणनीतिक धातुओं, क्रिटिकल मिनरल्स, एल्युमिनियम, ऑयल एवं गैस, पावर तथा आयरन एवं स्टील क्षेत्रों में केंद्रित, विश्वस्तरीय व्यवसायों का एक मजबूत पोर्टफोलियो तैयार हुआ है। ये व्यवसाय भारत की दीर्घकालिक औद्योगिक, अवसंरचनात्मक और आत्मनिर्भरता संबंधी महत्वाकांक्षाओं के केंद्र में हैं।</p>
<p>वेदांता की नई सूचीबद्ध कंपनियों की एक्सचेंजों पर मजबूत शुरुआत<br />एल्युमिनियम, ऑयल एवं गैस, पावर और आयरन एवं स्टील क्षेत्रों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147691/vedanta-created-history-by-listing-four-independent-companies-on-bse"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/b17062026-05.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई (महाराष्ट्र), 17 जून: वेदांता समूह ने आज भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपनी चार नव-डिमर्ज्ड कंपनियों को बीएसई (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) और एनएसई (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) पर लिस्ट किया।</p>
<p>इस ऐतिहासिक लिस्टिंग के साथ रणनीतिक धातुओं, क्रिटिकल मिनरल्स, एल्युमिनियम, ऑयल एवं गैस, पावर तथा आयरन एवं स्टील क्षेत्रों में केंद्रित, विश्वस्तरीय व्यवसायों का एक मजबूत पोर्टफोलियो तैयार हुआ है। ये व्यवसाय भारत की दीर्घकालिक औद्योगिक, अवसंरचनात्मक और आत्मनिर्भरता संबंधी महत्वाकांक्षाओं के केंद्र में हैं।</p>
<p>वेदांता की नई सूचीबद्ध कंपनियों की एक्सचेंजों पर मजबूत शुरुआत<br />एल्युमिनियम, ऑयल एवं गैस, पावर और आयरन एवं स्टील क्षेत्रों में एक साथ सबसे अधिक स्टॉक एक्सचेंज लिस्टिंग का ऐतिहासिक रिकॉर्ड<br />नव-सूचीबद्ध कंपनियां आज से समूह की प्रमुख सूचीबद्ध इकाई वेदांता लिमिटेड के साथ बीएसई और एनएसई पर ट्रेडिंग शुरू करेंगी।</p>
<p>वेदांता एल्युमिनियम, वेदांता ऑयल एंड गैस, वेदांता आयरन एंड स्टील और वेदांता पावर की लिस्टिंग भविष्य के लिए तैयार उस परिवर्तनकारी रणनीति का परिणाम है, जिसका उद्देश्य वैल्यू अनलॉक करना, व्यवसायों पर फोकस बढ़ाना और भारत को वैश्विक आर्थिक एवं विनिर्माण शक्ति बनाने की दिशा में सेक्टर-लीडर कंपनियां तैयार करना है।</p>
<p>ये नव-सूचीबद्ध कंपनियां आज से समूह की प्रमुख सूचीबद्ध इकाई वेदांता लिमिटेड के साथ बीएसई और एनएसई पर ट्रेडिंग शुरू करेंगी। वेदांता लिमिटेड की आधारशिला हिंदुस्तान जिंक तथा क्रिटिकल मिनरल्स व्यवसायों के वैश्विक महत्व वाले पोर्टफोलियो पर आधारित है।</p>
<p>लिस्टिंग समारोह को संबोधित करते हुए वेदांता समूह के चेयरमैन श्री अनिल अग्रवाल ने कहा: “आज वेदांता के लिए एक ऐतिहासिक दिन है और मेरे लिए भावनात्मक रूप से भी बेहद खास है। 24 वर्ष पहले वेदांता लंदन स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध होने वाली पहली भारतीय कंपनी बनी थी और आगे चलकर एफटीएसई-100 कंपनी का दर्जा हासिल किया।</p>
<p>उस दिन बोया गया बीज आज एक विशाल बरगद के पेड़ में बदल चुका है और उसके संरक्षण में विकसित हुए पौधे अब प्रमुख क्षेत्रों में दिग्गज बनने तथा भारत की तेज़ आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए तैयार हैं। अभूतपूर्व विकास का अगला अध्याय अब मुंबई में शुरू हो रहा है, जो वह शहर है जहां मेरी कारोबारी यात्रा की शुरुआत हुई थी।</p>
<p>हमारी पूरी यात्रा के दौरान शेयरधारकों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता सर्वोच्च रही है। पिछले पांच वर्षों में हमने 300 प्रतिशत से अधिक का कुल शेयरधारक प्रतिफल दिया है, जो निफ्टी के रिटर्न से लगभग पांच गुना अधिक है। इसके साथ ही हमने 70 प्रतिशत से अधिक का संचयी डिविडेंड यील्ड भी प्रदान किया है।</p>
<p>आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और एनर्जी ट्रांजिशन से संचालित भविष्य की अर्थव्यवस्था में मिनरल्स, मेटल्स और ऊर्जा की मांग अत्यधिक बढ़ने वाली है।</p>
<p>वर्तमान में भारत अपनी आवश्यकताओं का लगभग 50 प्रतिशत आयात करता है, जबकि भविष्य में हमें आत्मनिर्भर बनना होगा। आज सूचीबद्ध हुई कंपनियां इन महत्वपूर्ण कच्चे माल की मांग और आपूर्ति के बीच मौजूद बड़े अंतर को कम करने में अहम भूमिका निभाएंगी।</p>
<p>इन कंपनियों का निर्माण आने वाली पीढ़ियों तक राष्ट्र की सेवा करने, शेयरधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित करने, भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूत करने और विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए किया गया है।</p>
<p>हालांकि, वेदांता की विकास यात्रा का अगला अध्याय केवल हम अकेले नहीं लिख सकते। इसके लिए हमारे शेयरधारकों का विश्वास, सरकार का सहयोग और 1.5 अरब भारतीयों की आकांक्षाओं तथा सहभागिता की आवश्यकता होगी।</p>
<p>भारत जैसा कोई देश नहीं है। और यह भारत का समय है।”</p>
<p>भारत के औद्योगिक भविष्य का नया अध्याय</p>
<p>यह लिस्टिंग ऐसे समय में हुई है जब भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक के रूप में उभर रहा है। आधुनिक अर्थव्यवस्था को गति देने वाली आवश्यक सामग्रियों, जिनमें ऑयल एवं गैस, सोना, चांदी, जिंक, एल्युमिनियम, आयरन एवं स्टील, कॉपर और कोयला शामिल हैं, की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है, क्योंकि भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।</p>
<p>ऐसे परिदृश्य में वेदांता के व्यवसाय हमारे समय के सबसे बड़े औद्योगिक विकास अवसरों के केंद्र में स्थित हैं। सामूहिक रूप से ये भारत की ऊर्जा सुरक्षा, अवसंरचना निर्माण, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटलीकरण, एआई-आधारित विकास, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ग्रीन टेक्नोलॉजी, एनर्जी ट्रांजिशन और दीर्घकालिक राष्ट्रीय विकास की महत्वाकांक्षाओं को समर्थन देंगे।</p>
<p>वेदांता एल्युमिनियम (बीएसई: 544780 एवं एनएसई: VAML) — वैश्विक एल्युमिनियम चैंपियन बनने की ओर</p>
<p>वेदांता एल्युमिनियम भारत के सबसे बड़े एल्युमिनियम उत्पादक और चीन के बाहर दुनिया के तीसरे सबसे बड़े उत्पादक के रूप में अपनी स्वतंत्र यात्रा शुरू कर रहा है। इसका आधार ओडिशा के झारसुगुड़ा स्थित दुनिया का सबसे बड़ा एल्युमिनियम स्मेल्टर है।</p>
<p>बाल्को में मात्र 1 लाख टन उत्पादन से शुरू हुई यात्रा आज 30 लाख टन प्रतिवर्ष क्षमता तक पहुंच चुकी है, जिससे वेदांता दुनिया के सबसे बड़े और सबसे कम लागत वाले एल्युमिनियम उत्पादकों में शामिल हो गया है। कंपनी अगले तीन वर्षों में अपनी क्षमता को बढ़ाकर 60 लाख टन प्रतिवर्ष करने की योजना बना रही है और उसका लक्ष्य दुनिया का सबसे बड़ा तथा सबसे कम लागत वाला पूर्णतः एकीकृत एल्युमिनियम उत्पादक बनना है।</p>
<p>प्राथमिक धातु उत्पादन से आगे बढ़ते हुए, वेदांता एल्युमिनियम हजारों डाउनस्ट्रीम उद्योगों और विनिर्माण इकाइयों के विकास को भी प्रोत्साहित करेगा, जिससे भारत के व्यापक औद्योगिकीकरण एजेंडे को मजबूती मिलेगी।</p>
<p>वेदांता ऑयल एंड गैस (बीएसई: 382914 एवं एनएसई: VOGL) — भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती</p>
<p>वेदांता ऑयल एंड गैस भारत की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की ऑयल एवं गैस उत्पादक कंपनी और देश के सबसे रणनीतिक ऊर्जा व्यवसायों में से एक के रूप में बाजार में प्रवेश कर रही है।</p>
<p>आने वाले दशक में भारत में हाइड्रोकार्बन की मांग दुनिया में सबसे तेज़ी से बढ़ने की संभावना है। ऐसे में कंपनी देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और आयात निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की स्थिति में है।</p>
<p>ऋण-मुक्त बैलेंस शीट के साथ विकास के अगले चरण में प्रवेश कर रही कंपनी वित्तीय मजबूती, परिचालन क्षमता और संसाधन संभावनाओं का अनूठा संयोजन प्रस्तुत करती है। वेदांता अगले तीन से पांच वर्षों में लगभग 5 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश कर उत्पादन को बढ़ाकर 5 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंचाने की योजना बना रही है।</p>
<p>इसके विकास पोर्टफोलियो में टाइट ऑयल, शेल गैस, शैलो-वॉटर एवं डीप-वॉटर एसेट्स, सैटेलाइट फील्ड्स तथा असम और पूर्वोत्तर भारत में महत्वपूर्ण एकरेज शामिल हैं। विविध संसाधन आधार और उन्नत वैश्विक तकनीकों तक पहुंच के कारण कंपनी भारत की भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए तैयार है।</p>
<p>वेदांता आयरन एंड स्टील (बीएसई: 544784 एवं एनएसई: VISL) — भारत के अवसंरचना विकास की मजबूत नींव</p>
<p>वेदांता आयरन एंड स्टील एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण, संसाधन-सुरक्षित और ऋण-मुक्त व्यवसाय है, जो भारत की अवसंरचना और विनिर्माण महत्वाकांक्षाओं के अनुरूप है।</p>
<p>वर्तमान में लगभग 40 लाख टन वार्षिक स्टील उत्पादन करने वाली कंपनी ने क्षमता को बढ़ाकर 1.5 करोड़ टन प्रतिवर्ष तक पहुंचाने का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है।</p>
<p>कंपनी को तीन महत्वपूर्ण इनपुट्स की उपलब्धता के रूप में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्राप्त है — गोवा, ओडिशा और कर्नाटक में लगभग 4 अरब टन आयरन ओर संसाधन, लगभग 800 केटीपीए मेटलर्जिकल कोक तथा गैस पाइपलाइन अवसंरचना तक सीधी पहुंच।</p>
<p>ये एकीकृत क्षमताएं कंपनी को भारत में तेजी से बढ़ती स्टील मांग का लाभ उठाने के लिए मजबूत स्थिति प्रदान करती हैं। व्यवसाय का फोकस ग्रीन स्टील, इलेक्ट्रिकल स्टील और स्पेशियलिटी स्टील जैसे उच्च-मूल्य वाले क्षेत्रों पर रहेगा।</p>
<p>वेदांता पावर (बीएसई: 544781 एवं एनएसई: VEDPOWER) — भारत की अगली औद्योगिक क्रांति को ऊर्जा</p>
<p>वेदांता पावर को दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था भारत की स्थिर बेसलोड बिजली आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विकसित किया जा रहा है।</p>
<p>भारत की बिजली मांग अगले दशक में लगभग 240 गीगावाट से बढ़कर 460 गीगावाट से अधिक होने का अनुमान है। ऐसे में कंपनी देश की विकास महत्वाकांक्षाओं को समर्थन देने के बड़े अवसर देख रही है।</p>
<p>4.2 गीगावाट परिचालन क्षमता, दीर्घकालिक पावर परचेज एग्रीमेंट्स और सुरक्षित कोल माइंस के आधार पर वेदांता पावर पहले से ही भारत की पांचवीं सबसे बड़ी थर्मल पावर उत्पादक कंपनी है। कंपनी की योजना क्षमता को बढ़ाकर 20 गीगावाट तक पहुंचाने और देश की अग्रणी पावर कंपनियों में शामिल होने की है।</p>
<p>विस्तार का अधिकांश हिस्सा ब्राउनफील्ड एक्सपैंशन के माध्यम से होगा। कंपनी का मानना है कि आने वाले दशकों तक भारत के ऊर्जा मिश्रण में कोयले की महत्वपूर्ण भूमिका बनी रहेगी, जो नवीकरणीय एवं स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों के साथ सह-अस्तित्व में रहेगा।</p>
<p>साथ ही, कंपनी न्यूक्लियर एनर्जी के अवसरों का भी मूल्यांकन कर रही है, जिसे वह स्वच्छ, विश्वसनीय और 24×7 बिजली स्रोत तथा भारत के एनर्जी ट्रांजिशन का प्रमुख सक्षमकर्ता मानती है।</p>
<p>वेदांता लिमिटेड: भारत का क्रिटिकल मिनरल्स चैंपियन</p>
<p>नई सूचीबद्ध कंपनियों के साथ-साथ वेदांता लिमिटेड समूह की प्रमुख सूचीबद्ध इकाई बनी रहेगी और भारत के सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन तथा क्रिटिकल मिनरल्स व्यवसायों में से एक होगी।</p>
<p>विश्व की सबसे बड़ी एकीकृत जिंक उत्पादक और तीसरी सबसे बड़ी सिल्वर उत्पादक कंपनी हिंदुस्तान जिंक इसकी आधारशिला है। इसके अतिरिक्त कंपनी के पास जिंक, सिल्वर, कॉपर, निकेल, फेरो अलॉयज तथा अन्य रणनीतिक खनिजों का वैश्विक महत्व वाला पोर्टफोलियो है।</p>
<p>हिंदुस्तान जिंक के माध्यम से कंपनी भारत की कृषि महत्वाकांक्षाओं को समर्थन देने के लिए 15 लाख टन क्षमता का फर्टिलाइज़र प्लांट भी विकसित कर रही है।</p>
<p>वेदांता लिमिटेड भारत की एकमात्र निकेल उत्पादक कंपनी है और ऊर्जा परिवर्तन तकनीकों तथा एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए निकेल उत्पादन को बढ़ाकर 60,000 टन प्रतिवर्ष करने की योजना बना रही है।</p>
<p>कंपनी के कॉपर व्यवसाय घरेलू आपूर्ति में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, जबकि फैकोर भारत का सबसे बड़ा स्पेशल-ग्रेड फेरो क्रोम उत्पादक बनने की दिशा में अग्रसर है तथा कुछ मैंगनीज सेगमेंट्स में जल्द ही देश की एकमात्र निजी क्षेत्र की उत्पादक कंपनी बन जाएगी।</p>
<p>ये सभी व्यवसाय मिलकर वेदांता लिमिटेड को भारत की दीर्घकालिक क्रिटिकल मिनरल्स रणनीति, औद्योगिक आत्मनिर्भरता और भविष्य के विनिर्माण विकास के केंद्र में स्थापित करते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 19:45:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक महीने में 30 दिन, लेकिन वैलिडिटी 28 दिन का ही क्यों; ग्राहकों से कैसे एक्स्ट्रा पैसा कमा रही कंपनियां?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 17 जून (वेब वार्ता)। एयरटेल, जियो और वोडाफोन-आइडिया जैसी देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियां काफी चालाकी से एक महीने के रिचार्ज की वैलिडिटी को घटाकर 28 दिन कर चुकी हैं।</p>
<p>यह सवाल लगभग हर मोबाइल यूजर के मन में कभी न कभी जरूर आता है कि ऐसा क्यों? पहली नजर में यह एक सोची-समझी चालाकी या यूजर्स के साथ धोखा ही लगता है। ऐसा इसलिए की जब हम मंथली रिचार्ज कहते हैं, तो इसका मतलब 30 दिन हुआ।</p>
<p>हालांकि, इसके पीछे कंपनियों की बहुत सोच-समझी मैथेमेटिकल मॉडल काम करता हैं। आइए इसके पीछे के पूरे कैलकुलेशन और सरकार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147685/why-30-days-in-a-month-but-validity-is-only"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-03/telephone-wifi-hotspot-social-media-smart-phone-internet-mobile-sms-chat-crime1.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 17 जून (वेब वार्ता)। एयरटेल, जियो और वोडाफोन-आइडिया जैसी देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियां काफी चालाकी से एक महीने के रिचार्ज की वैलिडिटी को घटाकर 28 दिन कर चुकी हैं।</p>
<p>यह सवाल लगभग हर मोबाइल यूजर के मन में कभी न कभी जरूर आता है कि ऐसा क्यों? पहली नजर में यह एक सोची-समझी चालाकी या यूजर्स के साथ धोखा ही लगता है। ऐसा इसलिए की जब हम मंथली रिचार्ज कहते हैं, तो इसका मतलब 30 दिन हुआ।</p>
<p>हालांकि, इसके पीछे कंपनियों की बहुत सोच-समझी मैथेमेटिकल मॉडल काम करता हैं। आइए इसके पीछे के पूरे कैलकुलेशन और सरकार के इस पर किया नियम हैं, उसे आसान भाषा में समझते हैं।</p>
<p>28 दिन का फॉर्मूला कंपनियों के लिए फायदेमंद<br />औसत 30 दिन को एक महीना कहा जाता है, लेकिन जब टेलीकॉम कंपनियां ग्राहकों को 28 दिन के रिचार्ज का विकल्प दे रही हैं तो लोगों के मन में सवाल उठता है कि किया कंपनियां उन्हें धोखा रही हैं?</p>
<p>इसका जवाब है- नहीं। दरअसल, कंपनियां अपने सभी रिजार्ज प्लान पर साफ-साफ वैलिडिटी के दिन को भी लिखकर बताती है। हालांकि वे आपके मनोविज्ञान से जरूर खेलती हैं। यदि आप एक साल यानी की 365 दिन को कंपनियों के 28 दिन के साइकल से भाग करेंगे, तो गठित कुछ ऐसा बैठता है।</p>
<p>कंपनियों को एक महीने की एक्स्ट्रा कमाई<br />अगर कंपनियां 30 दिन का प्लान देंगी, तो आप साल में 12 बार रिचार्ज करेंगे। लेकिन 28 दिन का प्लान होने की वजह से हर महीने के 2 या 3 दिन बच जाते हैं। ये बचे हुए दिन साल के आखिर तक जुड़कर पूरे 28 दिन यानी एक पूरे एक्स्ट्रा महीने का रिचार्ज बनादेते हैं।</p>
<p>आप साल में 12 की जगह 13 बार रिचार्ज करते हैं। कंपनियों को बैठे-बिठाए हर ग्राहक से एक एक्स्ट्रा महीने की कमाई हो जाती है।</p>
<p>28 दिन के फॉर्मूले पर कंपनियों की दलील<br />जब इस मुद्दे पर कंपनियों से सवाल किया गया, तो उनका तर्क थोड़ा तकनीकी था। टेलीकॉम कंपनियों का कहना है कि कैलेंडर के सभी महीने बराबर नहीं होते।</p>
<p>कोई महीना 31 दिन का होता है, कोई 30 का, तो फरवरी 28 या 29 दिन की होती है। प्रीपेड सिस्टम को ऑटोमैटिक और फिक्स रखने के लिए उन्होंने 28 दिन का एक ऐसा स्टैंडर्ड साइकिल चुना, जो हर महीने बिना किसी बदलाव के फिट बैठ सके।</p>
<p>क्या इस पर अब तक कोई एक्शन हुआ?<br />ग्राहकों की इसी नाराजगी को देखते हुए देश के टेलीकॉम रेगुलेटर भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाया है।</p>
<p>टेलीकॉम रेग्युलेटर के आदेश के मुताबिक, अब सभी टेलीकॉम कंपनियों जैसे कि जियो, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया के लिए अपने पोर्टफोलियो में कम से कम एक प्लान ऐसा रखना जरूरी है, जिसकी वैलिडिटी पूरे 30 दिनों की हो।</p>
<p>इसके साथ ही एक कैलेंडर मंथ प्लान भी देना होता है, जो हर महीने की उसी सेम तारीख को रिन्यू होता है (जैसे अगर 15 तारीख को रिचार्ज किया, तो अगला रिचार्ज अगली 15 को ही होगा, चाहे महीना 31 का हो या 28 का)।</p>
<p>सरकार भी लगातार कंपनियों पर दबाव बना रही है कि वे इन 30 दिन वाले प्लान्स को फ्रंट पर प्रमोट करें ताकि ग्राहकों को सही जानकारी और विकल्प मिल सके। बावजूद इसके कंपनियां आज भी 28 दिन वाले प्लान सबसे ज्यादा बेचती हैं, क्योंकि वे सस्ते दिखते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 15:38:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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                <title>ऐतिहासिक शांति समझौता: अमेरिका-ईरान तनाव खत्म होने से क्रूड ऑयल की कीमतों में बड़ी गिरावट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वाशिंगटन, 15 जून (वेब वार्ता)। अमेरिका और ईरान के बीच 107 दिनों से जारी तनाव के बाद शांति समझौते की घोषणा ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को पूरी तरह बदल दिया है।</p>
<p>इस ऐतिहासिक समझौते के प्रभाव से कच्चे तेल की कीमतों में 4 प्रतिशत से अधिक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड गिरकर 81.15 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जबकि ब्रेंट क्रूड भी 84 डॉलर के स्तर से नीचे फिसल गया है।</p>
<p>आपूर्ति में सुधार और वैश्विक राहत</p>
<p>इस शांति पहल के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए बिना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147648/historic-peace-agreement-huge-fall-in-crude-oil-prices-due"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-04/petrol-crude-oil.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन, 15 जून (वेब वार्ता)। अमेरिका और ईरान के बीच 107 दिनों से जारी तनाव के बाद शांति समझौते की घोषणा ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को पूरी तरह बदल दिया है।</p>
<p>इस ऐतिहासिक समझौते के प्रभाव से कच्चे तेल की कीमतों में 4 प्रतिशत से अधिक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड गिरकर 81.15 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जबकि ब्रेंट क्रूड भी 84 डॉलर के स्तर से नीचे फिसल गया है।</p>
<p>आपूर्ति में सुधार और वैश्विक राहत</p>
<p>इस शांति पहल के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए बिना किसी शुल्क के खोलने और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने का निर्णय लिया गया है।</p>
<p>तेल आपूर्ति ठप होने की अटकलों पर विराम लगने से न केवल अंतरराष्ट्रीय बाजारों को राहत मिली है, बल्कि एशियाई शेयर बाजारों में भी निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। इस सुधार से उम्मीद जताई जा रही है कि वैश्विक स्तर पर महंगाई के दबाव में कमी आएगी और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।</p>
<p>भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर प्रभाव<br />तेल की कीमतों में आई इस वैश्विक गिरावट के बाद भारत में पेट्रोल और डीजल की दरों में कमी की उम्मीदें तेज हो गई हैं। हालांकि, भारतीय बाजार पर इसका सीधा असर सरकारी नीति और आयात लागत पर निर्भर करेगा।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस समझौते को वैश्विक सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम बताया है। यदि यह शांति बनी रहती है, तो भारत सहित कई देशों को कच्चे तेल के सस्ते आयात से बड़ी राहत मिल सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 15:34:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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                <title>महंगाई के आंकड़ों, फेडरल रिजर्व के ब्याज दर पर निर्णय से तय होगी स्थानीय शेयर बाजार की दिशा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 13 जून (वेब वार्ता)। स्थानीय शेयर बाजार की दिशा इस सप्ताह मुख्य रूप से महंगाई के आंकड़ों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर संबंधी घोषणा और कच्चे तेल की कीमतों के रुख से तय होगी। विश्लेषकों ने यह राय जताई है।</p>
<p>विश्लेषकों का कहना है कि रविवार को संभावित अमेरिका-ईरान समझौते की स्थिति, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और वैश्विक बाजारों के रुझान भी घरेलू शेयर बाजार की धारणा को प्रभावित करेंगे।</p>
<p>रिलायंस ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष-शोध प्रमुख अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘घरेलू मोर्चे पर निवेशकों की नजर मई माह के थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति के आंकड़ों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147634/inflation-data-and-federal-reserves-decision-on-interest-rates-will"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-04/stock-market-share-bazar-nse-bse-exchange1.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 13 जून (वेब वार्ता)। स्थानीय शेयर बाजार की दिशा इस सप्ताह मुख्य रूप से महंगाई के आंकड़ों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर संबंधी घोषणा और कच्चे तेल की कीमतों के रुख से तय होगी। विश्लेषकों ने यह राय जताई है।</p>
<p>विश्लेषकों का कहना है कि रविवार को संभावित अमेरिका-ईरान समझौते की स्थिति, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और वैश्विक बाजारों के रुझान भी घरेलू शेयर बाजार की धारणा को प्रभावित करेंगे।</p>
<p>रिलायंस ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष-शोध प्रमुख अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘घरेलू मोर्चे पर निवेशकों की नजर मई माह के थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर रहेगी।’’</p>
<p>उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक और उसका निर्णय सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम होगा।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए एक समझौते पर रविवार को हस्ताक्षर किए जाएंगे और इसके बाद रणनीतिक महत्व वाले होर्मुज जलडमरूमध्य को सभी के लिए तुरंत खोल दिया जाएगा।</p>
<p>हालांकि, ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि यदि समझौता अपेक्षित रूप से सफल नहीं हुआ तो नए हमलों की संभावना बनी रहेगी।</p>
<p>ऑनलाइन ट्रेडिंग और संपदा प्रौद्योगिकी कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पोनमुडी आर. ने कहा कि बाजार अमेरिका-ईरान समझौते से जुड़े हर घटनाक्रम पर बेहद संवेदनशील बना रहेगा।</p>
<p>इस बीच, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) जून के पहले पखवाड़े में भारतीय शेयरों से 62,853 करोड़ रुपये से अधिक की निकासी कर चुके हैं।</p>
<p>नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) के आंकड़ों के अनुसार, 2026 में अब तक एफपीआई भारतीय शेयर बाजार से कुल 2.87 लाख करोड़ रुपये निकाल चुके हैं। यह पूरे 2025 में निकाले गए 1.66 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक है।</p>
<p>स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट के वरिष्ठ तकनीकी विश्लेषक प्रवेश गौड़ ने कहा कि घरेलू मोर्चे पर निवेशकों की निगाह मानसून की प्रगति और महंगाई की स्थिति पर रहेगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि 16-17 जून को होने वाली फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की बैठक पर भी निवेशकों की नजर है। बाजार भागीदार फेडरल रिजर्व की टिप्पणियों, महंगाई के दृष्टिकोण, आर्थिक वृद्धि के अनुमान और भविष्य में ब्याज दरों में कटौती के संकेतों पर करीबी नजर रखेंगे।</p>
<p>पिछले सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,284.61 अंक यानी 1.73 प्रतिशत चढ़ा, जबकि एनएसई निफ्टी 256.20 अंक यानी एक प्रतिशत मजबूत हुआ।</p>
<p>जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की उम्मीदों से ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए यह एक अत्यंत सकारात्मक संकेत है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 18:53:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एलन मस्क बने दुनिया के पहले ‘ट्रिलियनेयर’: स्पेसएक्स के ऐतिहासिक आईपीओ से दौलत 1.1 ट्रिलियन डॉलर पार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>न्यूयॉर्क, 13 जून (वेब वार्ता)। मशहूर उद्यमी एलन मस्क ने एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए दुनिया के पहले ‘ट्रिलियनेयर’ बनने का गौरव हासिल किया है।</p>
<p>उनकी कंपनी ‘स्पेसएक्स’ के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होते ही इसमें भारी उछाल आया, जिससे मस्क की कुल संपत्ति बढ़कर 1.1 ट्रिलियन डॉलर (करीब 92 लाख करोड़ रुपये) हो गई। निवेशकों की भारी मांग के चलते कंपनी के शेयरों में एक ही दिन में 23 फीसदी की जबरदस्त तेजी दर्ज की गई।</p>
<p>टूटे सभी पुराने रिकॉर्ड<br />स्पेसएक्स ने इस आईपीओ के जरिए 75 बिलियन डॉलर जुटाकर ‘सऊदी अरामको’ के वैश्विक रिकॉर्ड को ध्वस्त कर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147617/elon-musk-becomes-the-worlds-first-trillionaire-wealth-crosses-11"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-10/elon-musk-e1610524224983.jpg" alt=""></a><br /><p>न्यूयॉर्क, 13 जून (वेब वार्ता)। मशहूर उद्यमी एलन मस्क ने एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए दुनिया के पहले ‘ट्रिलियनेयर’ बनने का गौरव हासिल किया है।</p>
<p>उनकी कंपनी ‘स्पेसएक्स’ के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होते ही इसमें भारी उछाल आया, जिससे मस्क की कुल संपत्ति बढ़कर 1.1 ट्रिलियन डॉलर (करीब 92 लाख करोड़ रुपये) हो गई। निवेशकों की भारी मांग के चलते कंपनी के शेयरों में एक ही दिन में 23 फीसदी की जबरदस्त तेजी दर्ज की गई।</p>
<p>टूटे सभी पुराने रिकॉर्ड<br />स्पेसएक्स ने इस आईपीओ के जरिए 75 बिलियन डॉलर जुटाकर ‘सऊदी अरामको’ के वैश्विक रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया है। बाजार में कंपनी का कुल मूल्यांकन 2.1 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच गया है।</p>
<p>कंपनी को हाल के दिनों में घाटा उठाना पड़ा है, इसके बावजूद मस्क के भविष्योन्मुखी विजन और अंतरिक्ष तकनीक में निवेशकों का अटूट विश्वास इस सफलता की बड़ी वजह बना है।</p>
<p>मंगल मिशन और भविष्य की राह<br />एलन मस्क ने स्पष्ट किया है कि जुटाई गई राशि का उपयोग उनके महत्वाकांक्षी ‘मंगल ग्रह मिशन’ और ‘स्टारलिंक’ सैटेलाइट नेटवर्क के विस्तार में किया जाएगा।</p>
<p>मस्क का लक्ष्य केवल अंतरिक्ष अनुसंधान ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों को चांद और मंगल ग्रह तक पहुँचाना है। साथ ही, यह पूंजी एआई (AI) के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और नई तकनीक विकसित करने में भी निवेश की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 15:27:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>यूपीआई अब नेपाल में भी चालू, भारत-नेपाल के लोगों के बीच मोबाइल ऐप से लेन-देन की सुविधा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 11 जून (वार्ता) भारत और नेपाल ने परस्पर डिजिटल वित्तीय संपर्क और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए लोगों को मोबाइल ऐप के माध्यम से सीमा-पार धन प्रेषण की सुविधा शुरू कर दी है।</p>
<p>वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को जारी एक विज्ञप्ति में बताया कि एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में भारत और नेपाल ने छह जून को आधिकारिक तौर इस सुविधा तंत्र का शुभारंभ किया।</p>
<p>इसके तहत भारत के एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) और नेपाल के राष्ट्रीय भुगतान इंटरफेस (एनपीआई) के बीच एक सीधा समन्वय स्थापित किया गया है।</p>
<p>इससे दोनों देशों के नागरिकों को मोबाइल बैंकिंग</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147601/upi-is-now-operational-in-nepal-also-facility-of-transaction"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-04/d05042024-09-upi.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 11 जून (वार्ता) भारत और नेपाल ने परस्पर डिजिटल वित्तीय संपर्क और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए लोगों को मोबाइल ऐप के माध्यम से सीमा-पार धन प्रेषण की सुविधा शुरू कर दी है।</p>
<p>वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को जारी एक विज्ञप्ति में बताया कि एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में भारत और नेपाल ने छह जून को आधिकारिक तौर इस सुविधा तंत्र का शुभारंभ किया।</p>
<p>इसके तहत भारत के एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) और नेपाल के राष्ट्रीय भुगतान इंटरफेस (एनपीआई) के बीच एक सीधा समन्वय स्थापित किया गया है।</p>
<p>इससे दोनों देशों के नागरिकों को मोबाइल बैंकिंग अनुप्रयोगों और डिजिटल वॉलेट के माध्यम से किसी भी समय, निर्बाध, और सुरक्षित रूप से धन के लेन-देन की सुविधा मिल गई है।</p>
<p>यह तकनीकी समन्वय नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया की अंतरराष्ट्रीय शाखा-एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (एनआईपीएल) और नेपाल क्लियरिंग हाउस लिमिटेड (एनसीएचएल) के बीच सहयोग से किया गया है।</p>
<p>विज्ञप्ति में कहा गया है कि यूपीआई-एनपीआई जुड़ाव वित्तीय समावेशन में एक बडी प्रगति को दर्शाता है, जो भारत और नेपाल के बीच मजबूत आर्थिक और डिजिटल संबंधों को बढ़ावा देता है।</p>
<p>यह सुलभ, सुरक्षित और किफायती सीमा पार भुगतानों के क्षेत्रीय लक्ष्यों के साथ पूरी तरह मेल खाता है, जिससे दीर्घकालिक सामाजिक और आर्थिक संबंध मजबूत होते हैं।</p>
<p>इसके साथ ही भारत का यूपीआई अब नौ देशों- सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, भूटान, कतर, श्रीलंका और कंबोडिया में काम करने लगा है। इन देशों में भारतीय यात्री अपने परिचित यूपीआई प्लेटफार्मों के माध्यम से आसानी से डिजिटल भुगतान कर सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 15:02:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेट्रोल पर केंद्र का बड़ा निर्णय: 30% तक इथेनॉल मिश्रण पर एक्साइज ड्यूटी शून्य</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 11 जून (वेब वार्ता)। केंद्र सरकार ने पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण को बढ़ावा देने हेतु एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, 22 से 30 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल (E22 से E30) पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क पूरी तरह से हटाकर शून्य कर दिया गया है।</p>
<p>यह छूट भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तैयार किए गए ईंधन पर प्रभावी होगी, जिससे भविष्य में उपभोक्ताओं को स्वच्छ और किफायती ईंधन मिल सकेगा।</p>
<p>विदेशी मुद्रा और किसानों को लाभ<br />भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, जिससे विदेशी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147585/centres-big-decision-on-petrol-zero-excise-duty-on-ethanol"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-04/petrol-diesel-petrol-pump1.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 11 जून (वेब वार्ता)। केंद्र सरकार ने पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण को बढ़ावा देने हेतु एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, 22 से 30 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल (E22 से E30) पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क पूरी तरह से हटाकर शून्य कर दिया गया है।</p>
<p>यह छूट भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तैयार किए गए ईंधन पर प्रभावी होगी, जिससे भविष्य में उपभोक्ताओं को स्वच्छ और किफायती ईंधन मिल सकेगा।</p>
<p>विदेशी मुद्रा और किसानों को लाभ<br />भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बना रहता है। इस नई नीति का मुख्य उद्देश्य आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करना और घरेलू स्तर पर उत्पादित बायोफ्यूल को प्राथमिकता देना है।</p>
<p>इथेनॉल मुख्य रूप से गन्ने और मक्के जैसे कृषि उत्पादों से तैयार होता है, इसलिए इस निर्णय से न केवल तेल आयात का खर्च घटेगा, बल्कि भारत के करोड़ों किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।</p>
<p>बायोफ्यूल में भारत की बड़ी प्रगति<br />भारत ने बायोफ्यूल क्रांति की दिशा में तीव्र गति से सफलता प्राप्त की है। वर्ष 2014 में जहाँ इथेनॉल मिश्रण मात्र 1.5 प्रतिशत था, वहीं सरकार ने 20 प्रतिशत मिश्रण (E20) का लक्ष्य निर्धारित समय से पहले ही 2024 में हासिल कर लिया है।</p>
<p>अब फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों और E85 जैसे उन्नत ईंधन की दिशा में बढ़ते कदम भारत को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर और पर्यावरण के प्रति अधिक संवेदनशील राष्ट्र बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 15:28:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाफले ने इन्फिनिटी डिजिटल लॉक लॉन्च किया: बेहतरीन सुरक्षा और स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल का संगम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 9 जून: आर्किटेक्चरल हार्डवेयर और इंटीरियर सॉल्यूशंस के लिए मशहूर जर्मन ब्रांड हाफले ने अपनी इवॉल्व रेंज के डिजिटल डोर लॉक में एक प्रीमियम प्रोडक्ट, इन्फिनिटी डिजिटल लॉक पेश किया है।</p>
<p>मॉडर्न लुक और बेहतरीन सिक्योरिटी टेक्नोलॉजी का मेल, इन्फिनिटी डिजिटल लॉक घर के मालिकों को उनके घर की सुरक्षा के लिए एक आसान और भरोसेमंद समाधान देता है, साथ ही यह मॉडर्न इंटीरियर के साथ भी खूब जंचता है।</p>
<p>सुविधा और फ्लेक्सिबिलिटी को ध्यान में रखकर बनाया गया इन्फिनिटी डिजिटल लॉक कई तरह के एक्सेस मोड देता है, जिनमें पाम वेन स्कैनर, फेस रिकग्निशन, कैपेसिटिव फिंगरप्रिंट, पासवर्ड</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147575/hafley-launches-infinity-digital-lock-a-combination-of-superior-security"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/b10062026-04.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 9 जून: आर्किटेक्चरल हार्डवेयर और इंटीरियर सॉल्यूशंस के लिए मशहूर जर्मन ब्रांड हाफले ने अपनी इवॉल्व रेंज के डिजिटल डोर लॉक में एक प्रीमियम प्रोडक्ट, इन्फिनिटी डिजिटल लॉक पेश किया है।</p>
<p>मॉडर्न लुक और बेहतरीन सिक्योरिटी टेक्नोलॉजी का मेल, इन्फिनिटी डिजिटल लॉक घर के मालिकों को उनके घर की सुरक्षा के लिए एक आसान और भरोसेमंद समाधान देता है, साथ ही यह मॉडर्न इंटीरियर के साथ भी खूब जंचता है।</p>
<p>सुविधा और फ्लेक्सिबिलिटी को ध्यान में रखकर बनाया गया इन्फिनिटी डिजिटल लॉक कई तरह के एक्सेस मोड देता है, जिनमें पाम वेन स्कैनर, फेस रिकग्निशन, कैपेसिटिव फिंगरप्रिंट, पासवर्ड एक्सेस, आरएफआईडी, बिल्ट-इन वाई-फाई की, मैकेनिकल की एक्सेस, तथा अतिरिक्त I/O मॉड्यूल के माध्यम से वायर्ड वीडियो डोर फोन के साथ कम्पैटिबिलिटी शामिल है।</p>
<p>अलग-अलग एक्सेस तरीकों से 100 यूनीक यूज़र्स तक का डेटा स्टोर करने की क्षमता के साथ, यह लॉक घर के हर सदस्य के लिए सुरक्षित और आसान एंट्री सुनिश्चित करता है।</p>
<p>इसमें मौजूद वाई-फाई सुविधा यूज़र्स को दूर से ही एक्सेस मैनेज करने, यूज़र्स को जोड़ने या हटाने और ऑडिट ट्रेल्स को मॉनिटर करने की सुविधा देती है, जिससे घर से दूर होने पर भी बेहतर कंट्रोल और मन की शांति मिलती है।</p>
<p>बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन और स्मार्ट कनेक्टिविटी को मिलाकर इन्फिनिटी डिजिटल लॉक मॉडर्न लाइफस्टाइल के हिसाब से भविष्य के लिए तैयार एक्सेस सॉल्यूशन देता है।</p>
<p>सुरक्षा को और बेहतर बनाने के लिए, इस लॉक में कई लॉकिंग मोड हैं, जैसे ऑटो लॉकिंग, पैसेज लॉकिंग, प्राइवेसी लॉकिंग और डबल ऑथेंटिकेशन मोड। ये स्मार्ट फीचर्स मिलकर सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत देते हैं और साथ ही सुविधा भी सुनिश्चित करते हैं, जिससे हाफले इन्फिनिटी डिजिटल लॉक उन घर के मालिकों के लिए एक भरोसेमंद विकल्प बन जाता है जो डिज़ाइन, टेक्नोलॉजी और सुरक्षा का बेहतरीन मेल चाहते हैं।हाफले ग्लोबल नेटवर्क की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कम्पनी के रूप में स्थापित हाफले इण्डिया वर्ष 2003 से भारत में काम कर रही है।</p>
<p>आर्किटेक्चरल हार्डवेयर, फर्नीचर और किचन फिटिंग और एक्सेसरीज के क्षेत्र में एक प्राधिकरण, कम्पनी के पास होम अप्लायंस, इंटीरियर और फर्नीचर लाइटिंग, सैनिटरी सॉल्यूशंस और सरफेस जैसी समन्वित उत्पाद श्रेणियों में भी मजबूत उपस्थिति है, जो खुद को भारत और दक्षिण एशिया में इंटीरियर समाधानों के लिए एक पूर्ण समाधान प्रदाता के रूप में स्थापित करती है।</p>
<p>हाफले इंडिया की देश भर में फैले अपने कार्यालयों और डिज़ाइन शोरूम के माध्यम से एक मजबूत राष्ट्रव्यापी उपस्थिति है। ये शोरूम घर के सभी इंटीरियर और सुधार से जुड़ी सभी ज़रूरतों के लिए 'वन-स्टॉप-शॉप' के तौर पर काम करते हैं, यहाँ विशेषज्ञों की टीम से लेकर किचन और वॉर्डरोब डिज़ाइनिंग की सेवाओं तक, हर तरह की गहरी तकनीकी सलाह मिलती है।</p>
<p>अपने नज़दीकी हाफले शोरूम या डिज़ाइन सेंटर का पता लगाने के लिए https://www.hafeleindia.com/en/info/service/contact-us/410/ पर जाएं।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 20:19:21 +0530</pubDate>
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