ओएलएक्स पर अनबॉक्स्ड कारों की मांग 18 फीसदी बढ़ी


(Photo: Twitter/@banijaygroup)

नई दिल्ली। आनलाइन मार्केटप्लेस ओएलएक्स पर अनबॉक्स्ड कारों की मांग तेजी से बढ़ रही है। ओएलएक्स ऑटो नोट के दूसरे संस्करण की रिपोर्ट से यह बात सामने आई है कि ओएलएक्स पर अनबॉक्स्ड कारों ने 2018 में 2017 के मुकाबले वर्ष दर वर्ष 18 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।

इस रिपोर्ट के मुताबिक छोटे कार ओनरशिप चक्र, नई कारों की लॉन्चिंग और बढ़ती हुई आकांक्षाओं ने अनबॉक्स्ड कारों (ऐसी कारें जो 2 साल से कम समय के लिए स्वामित्व में रही हों) की बिक्री को बढ़ावा दिया है और यह प्रक्रिया आने वाले दिनों में और रफ्तार पकड़ेगी।

ओएलएक्स इंडिया के ऑटो कैटेगरी के वीपी सनी कटारिया ने कहा, “अनबॉक्स्ड कार खरीदारों को बेहद आकर्षक कीमतों पर अपने सपने की कार लेने के लिए शानदार अवसर प्रदान करती हैं। अनबॉक्स्ड कारें अपनी नई समकक्ष कारों की तुलना में 30 प्रतिशत सस्ती हैं। इस फेस्टिव सीजन में, हम उम्मीद करते हैं कि इस ट्रेंड में और तेजी आएगी, और बाजार में अधिक अनबॉक्स्ड कारें देखने को मिलेंगी।”

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2017 के मुकाबले 2018 में इस सेगमेंट में 18 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली। जनवरी-अगस्त 2017 के बीच ओएलएक्स पर 1.1 लाख अनबॉक्स्ड कारें सूचीबद्ध थीं और जनवरी-अगस्त 2018 के बीच यह आंकड़ा 1.3 लाख पर पहुंच गया।

दिलचस्प बात यह है कि  ऐसी कारें खरीदने के लिए 2018 में खरीदारों द्वारा की गई पूछताछ में 50 प्रतिशत का उछाल आया। हालांकि फिलहाल यह मुख्य रूप से महानगरों का ट्रेंड है, लेकिन आने वाले महीनों में इसके टियर 2 और टियर 3 शहरों तक पहुंचने की उम्मीद है।

यह ग्रोथ ट्रेंड प्रीमियम कारों की कैटेगरी में दिखता है, जिसके इस फेस्टिव सीजन में प्री-ओन्ड ऑटोमोबाइल सेल्स पर हावी होने की उम्मीद है। ऑडी, बीएमडब्लू और मर्सिडीज बेंज जैसे प्रीमियम ब्रांडों की लिस्टिंग्स 2018 में 49 प्रतिशत बढ़ी है।

एसयूवी ने पूरी तरह से सेडान को पीछे छोड़ दिया है, जो शक्तिशाली वाहनों की तरफ खरीदारों के झुकाव को प्रदर्शित करता है। मारुति, होंडा और महिंद्रा, ओएलएक्स  पर अनबॉक्स्ड कार सेगमेंट में शीर्ष ब्रांड हैं।

कटारिया ने कहा, “प्री-ओन्ड कारों ने हमेशा नई कारों को पछाड़ा है, और अनबॉक्स्ड कारों के बढ़ते ट्रेंड के साथ, ओएलएक्स खरीदारों के लिए अविश्वसनीय मूल्य और बचत ला सकता है। लोग अपने स्मार्टफोन की तरह ही कारों को तेजी से बदल रहे हैं और यह लाइफस्टाइल ट्रेंड संपूर्ण कार बाजार में उत्साह प्रदान करेगा।”

प्रीमियम कारों की कैटेगरी में अनबॉक्स्ड कारों के विक्रेताओं में दिल्लीवाले सबसे आगे हैं, पूरी लिस्टिंग में उनका हिस्सा 30 प्रतिशत है, जबकि मुंबईकर 20 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर हैं। चेन्नई और कोलकाता, प्रीमियम कारों की सूची में क्रमश: 8 प्रतिशत और 5 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ, अगले सबसे बड़े बाजार हैं।

वर्तमान में प्रीओन्ड कारों का सालाना बाजार 38 लाख यूनिट है और 2020 तक इसके 70 लाख से अधिक यूनिट्स तक बढ़ने का अनुमान है। इस वृद्धि को तेजी से होते शहरीकरण, स्मार्टफोन की सर्वव्यापकता, उपभोक्ता की बदलती जरूरतें और मिलेनियल्स की  बढ़ती हुई आबादी मजबूती देगी।

– आईएएनएस