ट्रिना सोलर ने भारत में पेश किए ट्रिनाहोम


नई दिल्ली । भारत में सौर ऊर्जा समाधान पेश करने वाली चीनी कंपनी ट्रिना सोलर ने शुक्रवार को ट्रिनाहोम पेश करने की घोषणा की। इसके साथ ही यह हाउसहोल्ड और स्मॉल टू मीडियम एंटरप्राइज (एसएमई) क्षेत्र में कदम रख रही है। इससे स्कूलों, अस्पतालों, आवासों और अन्य छोटे उद्यमों में रूफटॉप सोलर पैनल लगाने में मदद मिलेगी।

यह खबर अगले हफ्ते होने जा रही रीन्यूएबल एनर्जी इंडिया एक्सपो के मौके पर आई है, जिसका आयोजन नोएडा में 18-20 सितंबर के बीच किया जाएगा। इस साल के आयोजन में ट्रिना सोलर प्रमुख एक्जिबिटर है।

ट्रिना सोलर के ग्लोबल सेल्स और ओवरसीज कमर्शियल एंड रेसीडेंशियल सोल्यूशंस के अध्यक्ष, यिन रोंग फैंग ने कहा, “भारत के सौर ऊर्जा बाजार में ट्रिना सोलर पहले से नंबर वन है। ऐसा बड़े पैमाने पर इसकी यूटिलिटी परियोजनाओं के कारण है, जिसका नाम सोलर फॉर्म्स है और जो पहले ही पूरा हो चुका है। हमने भारत में कई डेवलपर्स को सोलर सेल्स और मोड्यूल्स मुहैया कराए हैं।”

भारत के नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक, इस साल की 31 जुलाई की स्थिति के अनुसार देश में सौर ऊर्जा की स्थापित क्षमता 23.1 जीडब्ल्यू है।

यिन ने कहा, “ट्रिना सोलर ने 3.5 जीडब्ल्यू की आपूर्ति की, इसलिए हमारा हिस्सा कुल का 15 फीसदी हुआ।”

एशिया प्रशांत में चीन के बाद भारत ट्रिना सोलर का दूसरा सबसे बड़ा बाजार भी है। यिन कहते हैं, “ट्रिना सोलर की स्थापना चीन में 1997 में की गई थी और यह भारत में 2010 से मौजूद है। यूटिलिटी वर्ग में मजबूत स्थिति के बाद हम हाउसहोल्ड और एसएमई क्षेत्र की ओर बढ़ रहे हैं और आज भारत में ट्रिनाहोम से इसकी शुरुआत हो रही है।”

ट्रिना सोलर इंडिया के निदेशक, गौरव माथुर ने कहा, “भारत सरकार ने 2022 तक 100 जीडब्ल्यू सौर ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य रखा है। इसमें से 60 जीडब्ल्यू सौर ऊर्जा यूटिलिटी प्रोजेक्ट से आना है और 40 जीडब्ल्यू छत पर लगने वाले सौर ऊर्जा से।”

उन्होंने कहा, “भारत ने 2022 तक 60 जीडब्ल्यू सौर ऊर्जा यूटिलिटी क्षमता का सरकार का लक्ष्य पाने की दिशा में अच्छी प्रगति की है। लेकिन छत की सौर ऊर्जा के मामले में 40 जीडब्ल्यू क्षमता हासिल करने के मामले में यह पीछे है।”

भारत के नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक, इस साल जुलाई के अंत तक की स्थिति के अनुसार भारत की सौर उर्जा क्षमता यूटिलिटी से 21.9 जीडब्ल्यू और छत से सिर्फ 1.2 जीडब्ल्यू थी।

माथुर ने कहा, “ट्रिनाहोम बाजार में रूफटॉप (छत) की मांग बढ़ाने में सहायता करेगा और इसके लिए एसएमई तथा परिवारों को एक आसान और किफायती समाधान देगा।”

-आईएएनएस