बाजार में मचा कोहराम, मिनटों में निवेशकों के डूबे 7.70 लाख करोड़


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नई दिल्ली (ईएमएस)। अंतर्राष्ट्रीय और एशियाई बाजारों के संकेतों के कारण शेयर बाजार में दिन की शुरूआत भारी गिरावट के साथ हुई। बाजार में चौतरफा बिकवाली की वजह से दोपहर को शेयर बाजार में गिरावट बढ़ गईहै। इसके बाद सेंसेक्स 2366 अंक टूटकर 35,210.36 के स्तर पर आ गया है। वहीं, निफ्टी 662 अंक लुढ़ककर 10,327 के स्तर पर आ गया। शेयर बाजार में एक साल की यह सबसे बड़ी गिरावट है। बाजार में भारी गिरावट से निवेशकों के 7.7 लाख करोड़ रुपए साफ हो गए हैं। सोमवार को बाजार में बड़ी गिरावट से मिनटों में निवेशकों के लाखों करोड़ डूब गए। बीते सप्ताह शुक्रवार को बीएसई पर लिस्टेड कुल कंपनियों का मार्केट कैप 1,44,31,224.41 करोड़ रुपए था, जो सोमवार को बाजार में गिरावट से 7,71,407.18 करोड़ रुपए घटकर 1,36,59,817.23 करोड़ रुपए हो गया।

वहीं अमेरिकी बाजार शुक्रवार को गिरावट पर बंद हुए थे। हालांकि डाऊ निचले स्तरों से करीब 750 अंक उछलकर बंद हुआ था। शुक्रवार के कारोबार में एसएंडपी 500 और नैस्डैक करीब 2 फीसदी गिरे थे। इधर, एशिया में निक्केई 6 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है। एसजीएसक्स निफ्टी में भी 325 अंकों की कमजोरी नजर आ रही है। कोरोना के मोर्चे पर हालात नहीं सुधरने से दबाव बना है। अमेरिका में एनर्जी शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट हुई। अच्छे रोजगार आंकड़े से भी इस गिरावट को रोक नहीं सके। फरवरी में 2.75 लाख नई नौकरियां जुड़ीं। हालांकि सिर्फ 1.75 लाख नई नौकरियां जुड़ने का अनुमान था। बॉन्ड यील्ड में भी गिरावट मिली, यूएस में 10 साल की बॉन्ड यील रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गई। यील्ड पहली बार 0.5 फीसदी के नीचे फिसल गया।

इस बीच ओपेक देशों और रूस के बीच प्राइस वार छिड़ने से क्रूड कीमतों में 30 फीसदी की भारी गिरावट आई है। ब्रेंट 30 डॉलर पर पहुंच गया। गोल्डमैन साक्स ने ब्रेंट का लक्ष्य घटाकर 20 डॉलर किया है। कोरोना के कारण प्रोक्डशन कट डील पर सहमति नहीं बनने से कीमतें गिरी हैं।