चहुं ओर से घिरी पेप्सिको ने गुजरात के किसानों के सामने टेके घूटने


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पेप्सिको गुजरात के किसानों से कोर्ट से बाहर समझौते को तैयार

भाजपा नेता ने दिया था 72 घंटे का अल्टीमेटम, पेप्सिको के उत्पादों के बहिष्कार की दी थी धमकी

अहमदाबाद (ईएमएस)| मल्टीनेशनल कंपनी पेप्सिको ने आखिर गुजरात के किसानों के साथ अदालत के बाहर समझौता करने की तैयारी दर्शाई है और इसके लिए कंपनी ने भारत स्थित अपनी शाखा को आदेश भी दे दिया है|

बता दें कि पेप्सिको का आरोप था कि उत्तरी गुजरात के किसानों ने कंपनी की रजिस्टर्ड वैरायटी वाले आलू उगाए| इस मामले में पेप्सिको ने चार किसानों पर एक-एक करोड़ का दावा किया है|

पेप्सिको की हेड ऑफीस ने अपनी शाखा की किसानों के खिलाफ की गई कार्यवाही पर चिंता व्यक्त की है| कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि कंपनी ने भारत से इस मामले का जल्द से जल्द समाधान करने की अपील की है| कंपनी कानूनी प्रक्रिया और उसकी वजह से हो रही आलोचना व नकारात्मक प्रचार को लेकर चिंतित है|

दरअसल पेप्सिको लेज नामक से आलू वेफर बनाती है और इसके लिए खास प्रकार के आलू उगाए जाते हैं| गुजरात के किसानों द्वारा कंपनी की मंजूरी के बगैर आलू उगाए जाने पर पेप्सिको की ओर से उनकी खिलाफ कानूनी कार्यवाही की गई थी| गुजरात के किसानों के खिलाफ किए गए केस का विरोध करते हुए भाजपा नेता ट्वीट कर पेप्सिको को 72 घंटे में मुकद्दमा वापस लेने का अल्टीमेटम दिया था| ऐसा नहीं करने पर पेप्सिको के सभी प्रकार के उत्पादों का बहिष्कार किया जाएगा| इस ट्वीट को बड़ी संख्या में समर्थन मिला| देखें ये ट्वीट।

 

गौरतलब है पेप्सिको का अमेरिका जैसे मार्केट में डिमांड कम होने के बाद भारत ही उसका महत्वपूर्ण मार्केट है| विशेषज्ञों का कहना है कि कंपनी किसान विरोधी होने का संदेश नहीं देना चाहती| चारों ओर से घिरने के बाद पेप्सिको को आखिरकार गुजरात के किसानों के आगे घुटने टेकने पड़े हैं|