पेटीएम मामला : आठ सालों में सात लाख से 70 लाख हो गई थी सोनिया की सेलरी


महज 8 सालों में सोनिया धवन की सैलरी 7 लाख से बढ़कर 70 लाख तक पहुंच गई थी। लेकिन लालच ने उनका तेजी से विकसित हो रहा कैरियर डुबो दिया।

नई दिल्ली (ईएमएस)। डिजिटल लेनदेन की अग्रणी कंपनी पेटीएम में वाइस प्रेजिडेंट द्वारा डेटा चोरी और ब्लैकमेलिंग केस ने कॉर्पोरेट जगत को हिला कर रख दिया है। पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा से 30 करोड़ रुपए फिरौती मांगने के आरोप में गिरफ्तार की गई उनकी सेक्रटरी और वाइस प्रेसिडेंट (कम्युनिकेशंस) सोनिया धवन की कंपनी में हैसियत काफी अच्छी थी।

मोटा सैलरी पैकेज, करोड़ों के शेयर और कंपनी के मालिक के साथ काम करने का मौका, सब था उसके पास। महज 8 सालों में धवन की सैलरी 7 लाख से बढ़कर 70 लाख तक पहुंच गई थी। उनका कैरियर जिस तेजी से आगे बढ़ रहा था, वह उन्हें अगले दिनों में कारपोरेट जगत में स्थापित कर देता, लेकिन लालच ने उनका तेजी से विकसित हो रहा कैरियर डुबो दिया।

डेटा चोरी के बाद पेटीएम के संस्थापक के पास जब फिरौती के लिए कॉल आया तो वह धवन रकम देने की सलाह देने लगी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इसी से शर्मा का शक बढ़ा था। शर्मा को वॉट्सऐप पर फिरौती देने के लिए लगातार मैसेज मिल रहे थे। रिपोर्ट है कि पेटीएम की वाइस प्रेसिडेंट (कम्युनिकेशंस) और शर्मा की पर्सनल सेक्रटरी, सोनिया धवन की ओर से शर्मा को एक ही सलाह दी जा रही थी, ‘पेमेंट कर दें।’ धवन, उनके पति रूपक जैन और पेटीएम के एक अन्य कर्मचारी देवेन्द्र कुमार की सोमवार को गिरफ्तारी के बाद इस मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी है।

इन तीनों पर पर्सनल डेटा लीक करने की धमकी देकर पेटीएम के फाउंडर से 30 करोड़ रुपए की फिरौती वसूलने की कोशिश करने का आरोप है। एक जांच अधिकारी ने कहा कि सोनिया धवन ‘भेदिए’ के तौर पर सामने आई हैं। वह कोलकाता में मौजूद चौथे व्यक्ति की ओर से की जा रही फिरौती की कॉल्स को कंट्रोल करने के साथ ही अपने बॉस को भी पेमेंट करने के लिए मना रही थीं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि वह दोनों पक्षों के संपर्क में थीं। वह जानती थीं कि कॉल्स आ रही हैं। शिकायतकर्ता (पेटीएम के शर्मा) ने हमें बताया है कि सोनिया धवन ने उन्हें कहा था ‘अभी पेमेंट कर दीजिए आप, क्या पता कैसा डेटा हो।’

नोएडा के एसएसपी अजय पाल शर्मा ने कहा धवन के लगातार जोर देने से शर्मा का शक बढ़ गया और उन्होंने पुलिस को कुछ नाम बताए जिन पर उन्हें शक था।

अदालत ने मंगलवार को तीनों आरोपियों को 14 दिन की जेल में भेज दिया है। नोएडा पुलिस ने एक बयान में कहा कि आरोपियों के पास पर्सनल डेटा और पेटीएम की गोपनीय जानकारी थी, क्योंकि शर्मा की प्राइवेट सेक्रटरी के तौर पर धवन यह सभी जानकारी रखती थी। पेटीएम के पास बिलियनेयर वॉरेन बफेट की बर्कशायर हैथवे, जापान के सॉफ्टबैंक और चीन की ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा जैसे दुनिया से बड़े इनवेस्टर्स की फंडिंग है।

पेटीएम ने एक बयान में कहा था कि यह विजय शेखर शर्मा के पर्सनल डेटा की चोरी का मामला है। इसके साथ ही कंपनी ने यह आश्वासन दिया था कि उसके सभी कस्टमर्स का डेटा सुरक्षित है। पुलिस ने बताया कि उन्हें पर्सनल डेटा और गोपनीय डेटा वाली एक हार्ड डिस्क और एक पेन ड्राइव मिली है। एसएसपी शर्मा ने बताया कि उन्हें पेटीएम के एग्जिक्यूटिव्स से जानकारी मिली है कि सोनिया धवन को सालाना 70 लाख रुपए की सैलरी मिलती थी और उनके पास कंपनी में 10 करोड़ रुपए की इक्विटी थी। सोनिया धवन ने 2010 में पेटीएम में 7 लाख रुपए के सालाना पैकेज पर जॉब शुरू की थी।