मारुति की किफायती सीएनजी और हाईब्रिड कार लाने की योजना


नई दिल्ली (ईएमएस)। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया किफायती सीएनजी और हाईब्रिड कार लाने की योजना बना रही है। इसके लिए वह किफायती कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) और हाईब्रिड टेक्नोलॉजी पर चलने वाली गाड़ियों सहित ग्रीन वीइकल्स पर दांव लगाएगी।

भारत की यह सबसे बड़ी कार कंपनी अप्रैल 2020 से डीजल कारों की बिक्री बंद कर देगी। सूत्रों ने बताया कि कंपनी मिड-टर्म में 10 लाख ग्रीन वीइकल्स बेचने पर फोकस कर रही है। इसमें लगभग आधा हिस्सा सीएनजी गाड़ियों का होगा। कंपनी 48 वोल्ट वाली स्मार्ट हाइब्रिड गाड़ियों की ढाई से तीन लाख अतिरिक्त यूनिट्स बेचने की उम्मीद कर रही है। यह सेगमेंट डीजल गाड़ियों के विकल्प के रूप में उभरेगा। बाकी वॉल्यूम ज्यादा दमदार हाईब्रिड और इलेक्ट्रिक गाड़ियों से आएगा।

मारुति सुजुकी के मैनेजिंग डायरेक्टर केनिची आयुकावा ने बताया था कि इलेक्ट्रिफिकेशन में अभी समय लगेगा। तब तक कंपनी के पास कस्टमर्स को ऑफर करने के लिए ऐसी कई टेक्नोलॉजीज हैं जिनसे तेल के आयात पर निर्भरता और गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण को कम किया जा सकता है। आयुकावा ने कहा था, ‘हमारे पास सीएनजी है, हमारे पास मजबूत और हल्के हाईब्रिड व्हीकल हैं। प्रोडक्ट के आधार पर हमें टेक्नोलॉजी का चयन करना होगा।’ कंपनी के पास फिलहाल आठ सीएनजी मॉडल हैं। वह पहले से ही भविष्य में बने रहने वाले फ्यूल ऑप्शन वाले पोर्टफोलियो में सभी छोटी कारों की मैन्युफैक्चरिंग का काम शुरू कर चुकी है।

मारुति सुजुकी पैरेलल हाईब्रिड टेक्नोलॉजी को भी मार्केट में लाने की प्लानिंग कर रही है। इसे उसकी पैरेंट कंपनी सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन (एसएमसी) ने डिवेलप किया है। कंपनी ने हाल में हैचबैक स्विफ्ट में पैरेलल हाईब्रिड सिस्टम का प्रदर्शन किया था। इस मॉडल की अधिकतम फ्यूल एफिशिएंसी 32 किमी प्रति लीटर है। आयुकावा ने कहा, ‘हम पैरेलल हाइब्रिड्स को भारत में लाने की योजना बना रहे हैं। हमारे पास हाईब्रिड सिस्टम तो है लेकिन समस्या लोकलाइजेशन की है।’ फिलहाल मारुति सुजुकी के पास स्मार्ट हाईब्रिड टेक्नोलॉजी से लैस पांच गाड़ियां हैं।