रुपए में गिरावट का एनआरआई भारतीयों की बल्ले-बल्ले, प्रॉपर्टी में बढ़ा रुझान


पिछले कई दिनों से जारी डॉलर के मुकाबले रुपए में आई भारी गिरावट का आप्रवासी भारतीय फायदा उठा रहे हैं।

– एनआरआई की तरफ से रियल एस्टेट में पूछताछ में 20 वृद्धि हुई

नई दिल्ली। पिछले कई दिनों से जारी डॉलर के मुकाबले रुपए में आई भारी गिरावट का आप्रवासी भारतीय फायदा उठा रहे हैं। इसके बाद उनका झुकाव खासकर रियल एस्टेट कारोबार की तरफ बढ़ रहा है, जिससे भारत में इस कारोबार के मंदी से निकलने के आसार बन गए हैं। देश का रियल एस्टेट उद्योग करीब 3000 अरब रुपए का है, जिसमें 7.8 प्रतिशत मकानों को एनआरआई खरीदते हैं। इस क्षेत्र में वह हर साल करीब 21,000-30,000 करोड़ रुपए की खरीददारी करते हैं।

पंजाब में एनआरआई जबरदस्त निवेश करते रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ सालों से उनका रुझान वहां कम होने लगा, जिससे वहां प्रॉपर्टी बाजार बिल्कुल निचले स्तर पर पहुंच गया। लेकिन अब डॉलर के मुकाबले रुपए के टूटने के कारण रियल एस्टेट सेक्टर में एनआरआई इन्वेस्टमेंट ग्रोथ साल 2018-19 में 11.0 अरब डॉलर है, जबकि पिछले वित्तवर्ष यह ग्रोथ 9.7 अरब डॉलर थी।

पिछले वर्ष जब अमेरिका में रहने वाले पवन चड्ढा मुंबई पश्चिम (अंधेरी और गोरेगांव) में संपत्ति की खरीद करना चाहते थे तो वहां रियल एस्टेट में मूल्य 220,000 डॉलर (16.1 मिलियन रुपए) था। लेकिन रुपए में गिरावट से वहीं मकान उनके लिए 12 प्रतिशत सस्ते हो गए हैं। इसके साथ ही नियामक माहौल में सुधार होने के बाद एनआरआई अपने देश में निवेश को उत्सुक हो गए हैं।

अधिकांश एनआरआई का विश्वास है कि हाल ही में नियामक बदलावों ने रियल एस्टेट सेक्टर को अधिक प्रभावशाली और पारदर्शी बना दिया है, जिससे निवेश का उचित माहौल बन गया है। यह बात प्रॉपर्टी कंसल्टेंट्स के चेयरमैन अनुज पुरी ने कही। पुरी ने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में इस साल एनआरआई की तरफ से रियल एस्टेट में पूछताछ में 20 वृद्धि हुई है।

संपत्ति खरीदने वाले अधिकांश एनआरआई संयुक्त अरब अमीरात, अमेरिका, सऊदी अरब, सिंगापुर और यूके से हैं। इन देशों की करंसी के मुकाबले रुपए के मूल्य में 9 प्रतिशत कमी आई है। पिछले कुछ वर्षों में एन.आर.आई द्वारा रियल एस्टेट में निवेश का काम ठप्प था। बहुत से एन.आर.आई. मकान खरीदने के लिए उचित समय के इंतजार में बैठे थे। कालियर इंटरनेशनल इंडिया के राष्ट्रीय निदेशक गगन रणदेव ने बताया कि रुपए में भारी गिरावट ने रियल एस्टेट को बढ़ावा दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा समय में मकान और बंगला खरीदने के अच्छे अवसर हैं। भारत ठोस दीर्घकालीन संभावनाओं के साथ तेजी से बढ़ रहा बाजार है। भारतीय रियल एस्टेट में मूल्य वृद्धि विकसित देशों से अधिक है।

– ईएमएस