जूनागढ़ के किसान का अनोखा विरोध, प्याज के उचित दाम न मिलने पर फसल भेड़-बकरियों को खिलाई


(PC: abplive.in)

किसानों की कस्तूरी माने जाने वाले प्याज अब गुजरात के किसानों को रुला रहे हैं। किसानों द्वारा कड़ी मेहनत से उपजाई गई प्याज की फसल के दाम धरातल पर पहुंच जाने से किसानों की हालत खस्ता हो गई हैं। किसान जब अपनी मेहनत की प्याज की फसल बाजार में बेचने पहुंचता है तो उसे उसके द्वारा की गई बुबाई तक के पैसे नहीं मिलते। किसानों ने प्याज की अपनी फसल के पीछे यदि लाख रुपये निवेश किये होते हैं, जबकि बदले में उन्हें केवल २५ से ३० हजार रुपये ही मिल पाते हैं। जिस कारण उन्हें ७० से ७५ हजार रुपये का घाटा उठाना पड़ता है। प्याज के दाम घटने से गुजरात के जूनागढ़ के किसानों ने थक हार कर प्याज की अपनी फसल ऊंट, भेड़ व बकरियों को खिला देना तय किया है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, जूनागढ़ जिले के ओधमपुर गांव के किसान अल्पेश वघा‌सिया ने अपने दस बीघा खेत में प्याज की बुआई की थी। अब तक फसल के बिकने का समय आया है तो बाजार में प्रति किलो प्याज का दाम एक या दो रुपये चल रहा है। अल्पेश को प्याज की बुलाई से लेकर कटाई तक लगभग डेढ़ लाख रुपये का खर्च हुआ है। डेढ़ लाख रुपये के सामने उसे अपनी फसल बेचने पर ३० हजार रुपये ही मिल रहे हैं। इस कारण अल्पेश ने नुकसान करके प्याज बेचने से बेहतर पशुओं को सारी फसल खिला देना तय किया है और गांव की भेड़-बकरियों व ऊंटों को खेत में चरने के लिये छोड़ दिया।

अल्पेश वघासिया ने मीडिया के साथ बातचीत में कहा कि किसानों को अपनी फसल के उचित दाम नहीं मिलने से उनकी स्थिति दिन-प्रतिदिन खस्ताहाल होती जा रही है।