फास्टटैंग से लेकर बैंक के एटीएम से पैसे निकालने तक – बहुत कुछ बदल रहा है मार्च महीने के प्रारंभ से


नई दिल्ली (ईएमएस)। आज से ना सिर्फ महीना बदल रहा है बल्कि कई नियम भी बदलने जा रहे है। महीने के शुरु होने के साथ ही आपको आपको कई बातों का ध्यान रखना होगा। क्योंकि, ये नियम आपकी रोजमर्रा के जीवन से जुड़े हुए हैं। बता दें कि इन नियमों से अपडेट कर देते हैं।

दरअसल, एक मार्च से फास्टैग के शुल्क से लेकर बैंकिग सर्विसेस तक के नियम बदलने डा रहा है। गौरतलब है कि देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई, निजी सेक्टर के बड़े एचडीएफसी और इंडियन बैंक से जुड़े नियम है। बता दें कि 1 मार्च से फास्टैग के लिए आपको भुगतान करना पड़ेगा। सरकार ने नेशनल हाइवे के टोल से जाने के लिए फास्टैग जरुरी कर दिया है। 29 फरवरी तक लोगों को फास्टैग मुफ्त मिल रहे थे। लेकिन एक मार्च यानी से आपको इसके लिए पैसे देने हंगों। आपको 100 रु का शुल्क चुकाने के बाद ही फास्टैग मिलेगा।

एसबीआई के खाता धारकों ने यदि केवाईसी पूरी नहीं की है तो इसके बाद बैंक से निकासी नहीं कर सकेंगे। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपने खाताधारकों को मैसेज, सोशल मीडिया, ईमेल वेबसाइट और सोशल मीडिया के जरिए बताया था कि वह 28 फरवरी तक अपनी केवाइसी पूरी कर लें। यदि आपने ऐसा नहीं किया है तो आपके लिए दिक्कत हो सकती है, क्योंकि ऐसा ना करने वाले ग्राहकों का बैंक खाता ब्लॉक कर दिया जाएगा। इसके बाद आप अपने खाते से किसी भी तरह का लेन देन नहीं कर पाएंगे।

निजी सेक्टर के बड़े बैंकों में से एक एचडीएफसी के खाताधारक 29 फरवरी के बाद से पुराना मोबाइल ऐप का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। 1 मार्च से ग्राहक इस ऐप के जरिए कोई लेन देन नहीं कर पाएंगे। बैंक ने ग्राहकों से अपील की है कि वह पुराने ऐप को अपडेट करें। इसलिए आप अपने ऐप को जल्द से जल्द अपडेट कर लें।

एक मार्च से आपको इंडिया बैंक के एटीएम से 2000 रुपए का नोट नहीं निकलेगा। इंडियन बैंक ने इसे लेकर सूचना भी जारी कर दी है। अगर किसी को 2000 रुपए की जरुरत है तो वह बैंक की शाखा में जाकर ले सकते हैं। एक मार्च से लॉटरी सिस्टम पर जीएसटी का नया नियम लागू होगा। नए नियम के मुताबिक अब लॉटरी पर 28 फीसदी की दर से माल व सेवा कर लगाया जाएगा। दिसंबर 2019 में जीएसटी काउंसिल ने फैसला किया था कि सभी राज्यों में सरकार से मान्यता प्राप्त जो लॉटरी चलाई जा रही है उन पर 28 फीसदी जीएसटी लगाया जाएगा।