यस बैंक की बदहाली के ये रहे कारण


सीसीडी से जेट एयरवेज तक, कभी किसी को न नहीं बोला एस बैंक

नई दिल्ली (ईएमएस)। वित्तीय संकट से जूझ रहे यस बैंक के शेयरों में शुरु हुआ गिरावट का क्रम थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को मॉर्निंग सेशन के दौरान ही यस बैंक के शेयर करीब 80 फीसदी तक टूट गए। वैसे देखा जाए, तो अपनी हालत के लिए यस बैंक खुद ही जिम्मेदार है। इसकी बड़ी वजह पारिवारिक कलह तो है ही, साथ ही बैंक ने जिन लोगों पर भरोसा कर लोन दिया, वे कसौटी पर खरे नहीं उतरे।

जेट एयरवेज, सीसीडी और दीवान हाउसिंग, यस बैंक ने हर किसी को लोन देने में संकोच नहीं किया। ये इकाइयां डूबीं तो बैंक का आधार भी हिलने लगा। भारत में बैंकिंग सेक्टर में आईएलएंडएफसी, दीवान हाउसिंग, जेट एयरवेज, कॉक्स एंड किंग्स, सीजी पावर, कैफे कॉफी डे, एल्टिको के नाम बैड ब्वायज़ की लिस्ट में शामिल हैं। अगर इन्हें कर्ज देने वाले बैंकों पर नजर डालेंगे तो उसमें आपको यस बैंक एक प्रमुख कर्जदाता के तौर पर दिखेगा। ये सभी वो कंपनियां हैं, जिन्हें कर्ज देकर बैंकों को पछताना पड़ा। यस बैंक ने लगभग हर उस कंपनी को कर्ज दिया, जो बाद में दिवालिया हो गई या उसकी हालत बेहद खराब हो गई।

ऐसा नहीं है कि यस बैंक ने बिना सोचे-समझे ही लोन दिए। अपना रिस्क कैल्कुलेट करते हुए बैंक ने उन कर्जदारों से अधिक ब्याज वसूला, जहां पैसे डूबने का खतरा था। यही वजह है कि करीब एक दशक में ही यस बैंक लगभग 3 लाख करोड़ के एसेट वाला बैंक बन गया। शेयर बाजार ने भी यस बैंक की ग्रोथ को खूब नवाजा और एक वक्त था जब यस बैंक का शेयर 1400 रुपए से भी अधिक का हो गया था। आज हालत यह है कि बैंक के शेयर ने 5.55 रुपए का लेवल भी छू लिया है।

बैंक की इतनी तगड़ी ग्रोथ की असल वजह यस बैंक के एमडी राना कपूर थे, जो लगभग हर डील क्रैक कर लिया करते थे। शुरू में जो यस बैंक का मास्टर स्ट्रोक लग रहा था। यही स्थिति बैंक के लिए मुसीबत बनती चली गई। 3-4 साल में बैंक का आर्थिक ढ़ांचा लगभग पूरी तरह से चरमरा गया।