गुब्बारे की तरह फटा भारतीय शेयर बाजार


(File Photo: IANS)

कोरोना, लॉकडाउन से शेयर बाजार में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट , 3935 अंक गिरा सेंसेक्स

मुंबई (ईएमएस)। मुम्बई शेयर बाजार में सोमवार को अब तक की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गयी है। इसका कारण बाजार में भारी बिकवाली होना है। सप्ताह के पहले ही कारोबारी दिन कोरोना महामारी के कारण देश भर में लॉकडाउन होने से बाजार में यह अब तक की सबसे बड़ी गिरावट आई है। इससे डरे निवेशकों का धैर्य अब टूटने लगा है।

पिछले कई दिनों से बाजार से पूंजी निकालने की होड़ में लगे निवेशकों की सबसे बड़ी बिकवाली से बाजार में यह गिरावट आई है। इसी के साथ ही बीएसई का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स तथा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी ऐतिहासिक गिरावट के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स के इतिहास में यह पहली बार है जब 3934.72 अंकों (13.15 फीसदी) की गिरावट दर्ज की गई है और यह 25,981.24 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी भी 1,135.20 अंकों (12.98 फीसदी) की बड़ी गिरावट के साथ 7,610.25 पर बंद हुआ।

दिनभर के कारोबार के दौरान सेंसेक्स 27,900.83 के ऊपरी स्तर तथा 25,880.83 के निचला स्तर तक पहुंचा। वहीं, निफ्टी भी 8,159.25 का उच्च स्तर और 7,583.60 के निम्न स्तर तक पहुंचा। बीएसई पर सभी 30 कंपनियों के शेयर नुकसान के साथ ही लाल निशान पर बंद हुए, जबकि एनएसई पर भी सभी 50 कंपनियों के शेयरों में बिकवाली दर्ज की गई। वहीं निफ्टी के मिड कैप तथा स्मॉल कैप शेयरों में गिरावट आई है।

लॉकडाउन के बीच शेयर बाजार का कारोबार फिर इतना प्रभावित हुआ कि शुरुआती घंटे में ही बेंचमार्क इंडेक्स पर लोअर सर्किट लग गया। सर्किट लगने के बाद रुका कारोबार फिर शुरू हो गया। कारोबार दोबारा शुरू होने के बाद गिरावट ओर बढ़ती गयी। शेयर बाजार का कारोबार 45 मिनटों के लिए रोकना पड़ गया। कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों से अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को लेकर ग्लोबल रेटिंग एजेंसी एसऐंडपी ने सोमवार को अगले वित्त वर्ष के लिए भारत के आर्थिक विकास दर अनुमान को 6.5 फीसदी से घटाकर 5.2 फीसदी कर दिया।

बीएसई पर एक्सिस बैंक के शेयर में सबसे अधिक 28.01 फीसदी, बजाज फाइनैंस में 23.57फीसदी, इंडसइंड बैंक में 23.05फीसदी, आईसीआईसीआई बैंक में 17.88फीसदी तथा मारुति में 17.02फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई। वहीं, एनएसई पर भी एक्सिस बैंक के शेयर में सर्वाधिक 27.60फीसदी, बजाज फाइनैंस में 27.48फीसदी, इंडसइंड बैंक में 23.92फीसदी तथा जी लिमिटेड में 19.98 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

जीवन बीमा निगम और म्यूचल फंड कंपनियों का भारी नुकसान

गिरावट से सबसे बड़ा असर भारतीय बैंकों जीवन बीमा निगम और म्यूचल फंड की कंपनियों का अरबों रूपया डूब गया है। शेयर बाजार की पिछले 2 सप्ताह की गिरावट से दर्जनों बैकों का निवेश डूबने से बैंक एवं निवेशक घाटे में चले गए हैं। 2019-20 की अंतिम तिमाही की इस भारी गिरावट से बैंकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

उल्लेखनीय है कि बैंकों का शेयर बाजार और कारपोरेट पर सबसे ज्यादा निवेश पिछले 10 वर्षों में हुआ है। भारतीय बैंक पहले ही एनपीए की समस्या से जूझ रहे थे। बैंकों ने जो कर्ज़ कारपोरेट जगत एवं अन्य सेक्टर में बांटा था। उसकी वसूली पिछले 3 वर्षों से काफी कम हो गई है। बैंकों का एनपीए 10 लाख करोड़ के आसपास पहुंच गया है इसी समय शेयर बाजार की भारी गिरावट से अब बैंकको भारी नुकसान होने से कई बैंक दिवालिया होने की कगार में पहुंच गए हैं।

2008 में अमेरिका की आर्थिक मंदी के कारण लेहमेन ब्रदर्श की गलत नीतियों के कारण आई थी। 2008 में अमेरिका के सैकड़ों बैंक एक ही झटके में दिवालिया हो गए थे। कुछ इसी तरह की स्थिति अब भारतीय बैंकों और वित्तीय संस्थानों के बन गए हैं । अमेरिका की आर्थिक मंदी के बाद दुलिया के देशों में भारतीय शेयर बाजार पिछले 10 साल में सबसे ज्यादा मुनाफा देने वाला बाजार माना जाता रहा है भारतीय शेयर बाजार को तेजडियों और सटोरियों ने हवा भर के फुग्गे की तरह फुला कर रखा था। कोरोना वायरस के कारण वैश्विक स्तर पर आर्थिक मंदी का जो वातावरण बना। उससे दुनिया भर के शेयर बाजारों में गिरावट देखने को मिली। उससे भारतीय शेयर बाजार भी अलग नहीं रह सका भारतीय शेयर बाजार को सटोरियों ने जिस तरह से फुला रखा था। वह कोरोनावायरस के एक ही झटके में फट गया।

भारत की आर्थिक व्यवस्था शेयर बाजार के कारण चरमरा गई है। पिछले एक दशक में भारतीय अर्थव्यवस्था मैं सबसे ज्यादा निवेश शेयर बाजार और कारपोरेट जगत पर किया गया है। दुनिया भर के शेयर बाजारो में गिरावट तो है किंतु जिस तरह की गिरावट भारतीय शेयर बाजारों में है वह विश्व के किसी अन्य शेयर बाजार में नहीं है । पिछले 15 वर्षों में भारती शेयर बाजार से देसी और विदेशी निवेशकों ने भारी मुनाफा वसूली की है।

अर्थशास्त्रियों का कहना है कि भारतीय शेयर बाजार के जरिए पिछले 15 वर्षों में सारी दुनिया की दो नंबर की कमाई को एक नंबर में करने का काम किया गया है। शुरुआती दौर में भारत को इसका फायदा मिला किंतु बाद में मुनाफावसूली के कारण शेयर बाजार अंदर से खोखला होता चला गया। शेयर बाजार जब-जब गिरने को हुआ। उसी समय केंद्र सरकार के दबाव पर बैंकों और भारतीय वित्तीय संस्थानों ने शेयर बाजार में निवेश करके शेयर बाजार को गिरने से रोका जिसके कारण शेयर बाजार बिना किसी कारण के उच्चतम 2011 से बढ़कर 42059 के अंको को छूने में सफल रहा अब यह गुब्बारा फट गया है।

हर्षद मेहता का टाईम याद आ गया

1993 में हर्षद मेहता के समय शेयर बाजार इसी तरह की तेजी के बाद जब बाजार गिरा था। उस समय निवेशकों और भारतीय वित्तीय संस्थानों को अरबों रूपयों का जो नुकसान हुआ था। उस समय सारा पैसा देश के अंदर ही था। जिसके कारण भारतीय अर्थ व्यवस्था में कोई अन्तर नहीं पड़ा था।

वर्तमान शेयर बाजार की जो गिरावट है। उसमें भारतीय अर्थव्यवस्था को सबसे बड़ा नुकसान हो रहा है। अर्थशास्त्रियों का यह मानना है, भारतीय अर्थव्यवस्था के लाखों करोड़ों रुपए मुनाफावसूली में देशी- विदेशी निवेशकों के पास पहुंच गए। भारतीय निवेशकों ने भी पिछले वर्षों में विदेश में भारी निवेश करके अपने आपको आर्थिक रूप से सुरक्षित कर लिया है।  भारतीय अर्थ व्यवस्था का खरबो रुपया विदेश चला गया है। भारतीय खजाना खाली हो चुका है। वर्तमान की गिरावट से सबसे ज्यादा नुकसान बैंकों और भारतीय वित्तीय संस्थानों को हो रहा है। शेयर बाजार में आई इस गिरावट से भारतीय बैंक अब डूबने की कगार पर खड़े हैं।

रेटिंग एजेंसी एस एण्ड पी ने 2020-21 के लिये भारत की जीडीपी अनुमान घटाकर 5.2 फीसदी किया

कोरोना वायरस के संकट के चलते वैश्विक रेटिंग एजेंसी स्टैण्डर्ड एण्ड पूअर्स (एस एण्ड पी) ने सोमवार को भारत के वर्ष 2020-21 के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के वृद्धि के पूर्वानुमान को घटाकर 5.2 फीसदी कर दिया है। इससे पहले एजेंसी ने 6.5 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान व्यक्त किया था। कोरोना वायरस से अर्थव्यवस्थाओं में भारी गिरावट के बीच उसने अनुमान घटाया है।

मिंडा इंडस्ट्रीज, भारत फोर्ज बंद करेंगे कामकाज

जानलेवा कोरोना वायरस के चलते ऑटो कलपुर्जे बनाने वाली कंपनी मिंडा इंडस्ट्रीज और भारत फोर्ज ने संक्रमण की रोकथाम के उपायों के अंतर्गत अपने कारखानों में कामकाज रोकने की सोमवार को घोषणा की।

मिंडा इंडस्ट्रीज ने शेयर बाजार को बताया, “भारत के कुछ जिलों में कोविड-19 के फैलने का खतरा बढ़ने से उपजी चिंताओं और सरकार के निर्देशों के मद्देनजर, कुछ ओईएम (मूल उपकरण निर्माताओं) ने उत्पादन बंद करने की घोषणा की है। इसे देखते हुए उत्तर भारत, राजस्थान और महाराष्ट्र में अगले आदेश तक विनिर्माण कार्यों को बंद करने का निर्णय लिया गया है।”

इसी तरह भारत फोर्ज ने बीएसई को बताया, “कंपनी ने कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए 23 मार्च 2020 से 31 मार्च 2020 तक भारत में अपने सभी कार्यालयों और विनिर्माण संयंत्रों में कामकाम बंद करने का निर्णय लिया है।”

फैशन रिटेल कंपनी एबीएफआरएल ने 31 मार्च तक बंद किए अपने स्टोर और कारखानें

कोरोना वायरस के साइड इफेक्ट कारोबार जगत के लिए काफी नुकसानदेह होने वाले हैं। फैशन के कपड़े आदि का खुदरा कारोबार करने वाले कंपनी आदित्य बिड़ला एंड रिटेल लि (एबीएफआरएल) ने कोराना वायरस संक्रमण के खतरे के बीच देश भर में अपने सभी स्टोर 31 मार्च तक के लिए बंद करने की घोषणा की है। कंपनी ने सोमवार को शेयर बाजारों को बताया कि उसने कर्मचारियों के स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रख कर यह निर्णय लिया है। कंपनी 2700 से अधिक स्टोर चला रही है। कंपनी ने बताया है कि उसने कर्नाटक, तमिलनाडु और ओडिसा में अपने कारखानों का काम भी 31 मार्च तक रोक दिया है।