कोरोना संकट : जानिये किस विकट घड़ी से गुजर रहा है भारत का ऑटो उद्योग


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कोरोना संकट ने ऑटो कंपनियों की तोड़ी कमर, हर दिन हो रहा 2300 करोड़ का नुकसान

नई दिल्ली (ईएमएस)। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सरकार ने 21 दिन के लॉकडाउन का ऐलान किया है। इस वजह से ऑटो इंडस्ट्री की अधिकतर कंपनियों ने अपने प्लांट अस्थाई तौर पर बंद कर दिए हैं। ऐसे में कंपनियों को हर दिन 2300 करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान है।

ऑटो मैन्युफैक्चरर्स कंपनियों के संगठन सियाम के अध्यक्ष राजन वाढेरा ने कहा हमारे अनुमान के मुताबिक वाहन कंपनियों और कलपुर्जा विनिर्माताओं के कारखानों के बंद होने से प्रत्येक दिन 2,300 करोड़ रुपए के कारोबार का नुकसान होगा। मारुति सुजुकी इंडिया, हुंडई, होंडा, महिन्द्रा, टोयोटा किरलोस्कर मोटर, टाटा मोटर्स, कियामोटर्स और एम जी मोटर इंडिया ने अपने अपने कारखानों को अस्थाई तौर पर बंद करने की घोषणा की है।

इसके साथ ही हीरो मोटो कार्प, होंडा मोटरसाइकिल एण्ड स्कूटर्स इंडिया, टीवीएस मोटर कंपनी, बजाज आटो, यामहा और सुजुकी मोटरसाकिल जैसी दोपहिया वाहन बनाने वाली कंपनियों ने भी उत्पादन स्थगित कर दिया है। इसके अलावा टायर मैन्युफैक्चरर्स और अन्य प्रमुख वाहन कलपुर्जे बनानी वाली कंपनियों ने भी कारोना वायरस की वजह से अपनी गतिविधियां बंद कर दी हैं।

इस बीच, जेके टायर एंड इंडस्ट्रीज के निदेशक मंडल के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी 25 प्रतिशत तक कम वेतन लेंगे। कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक रघुपति सिंघानिया ने एक बयान में कहा कोरोना वायरस संकट की वजह से मौजूदा वक्त में हम बिक्री और लाभ दोनों स्तर पर अभूतपूर्व संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा इस मुश्किल समय में सहृदयता दिखाते हुए हमारा प्रबंधन और वरिष्ठ अधिकारी आगे आए हैं और उन्होंने अपना 25 प्रतिशत तक कम वेतन लेने का निर्णय किया है। सिंघानिया ने कहा कंपनी के चेयरमैन और पूर्णकालिक निदेशक अपने वेतन से 25 प्रतिशत कम वेतन लेंगे जबकि वरिष्ठ प्रबंधन अधिकारी भी अपने वेतन से 15 से 20 प्रतिशत कम वेतन लेंगे।