7 लाख करोड़ का आयकर बकाया


-९० फीसदी राशि की वसूली संभव नहीं
नई दिल्ली। महालेखा परीक्षक (केग) की रिपोर्ट संसद में पेश हुई है। इस रिपोर्ट में आयकर की ७ लाख करोड़ रुपयों की राशि वसूल नहीं करने पर वित्त मंत्रालय की खिंचाई की गई है। यह राशि बड़े-बड़े उद्योगपतियों और कारोबारियों पर बकाया है। आयकर विभाग के अनुसार ९६ फीसदी राशि वसूली योग्य नहीं है। आयकर विभाग बड़े कारपोरेट्स से राशि वसूलने में असफल साबित हुआ। बैंकों का लाखों करोड़ डकारने और आयकर की राशि भी चुकाकर सरकार को तगड़ा चूना लगा रहे हैं।
बैंकों के एनपीए की तरह आयकर का बकाया टैक्स जितना हो गया है। इसकी वसूली १ फीसदी भी नहीं है। केग रिपोर्ट ने महत्वपूर्ण खुलासा करते हुए कहा कि वित्त वर्ष २०१४-१५ में आयकर की बकाया मांग बढ़कर ७.०० १४८ लाख करोड़ हो गई है।
वैâग रिपोर्ट के अनुसार वर्ष २०१३-१४ में आयकर की बकाया मांग ५,७५,३४० करोड़ रुपये थी जो २०१४-१५ में बढ़कर ७,००,१४८ लाख करोड़ रुपये हो गई। साल के अंदर ही इसमें १,३१,४२४ करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है।
वैâग रिपोर्ट में अदालती कार्यवाही के चलते इस भारी कार्यवाही के चलते इस भारी भरकम मात्रा में ९६.१ फीसदी राशि को वसूलना मुश्किल है वैâग ने कहा कि आयकर कानून में कर वसूली और बकाया कर मांग की वसूली के लिए चल और अचल संपत्ति के अटैचमेंट और कारावास जैसी सजा का प्रावधान होने के बावजूद इतनी बड़ी कर मांग बकाया होना चिंता का विषय है।