32 फीसदी गिरा मूंगफली का निर्यात


अहमदाबाद। मूंगफली के सबसे बड़े आयातक देश वियतनाम द्वारा रोक लगाने के बाद से देश के बाजारों में दाम बढ़ने की वजह से वर्ष २०१५-१६ में मूंगफली के निर्यात में ३२ फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई है। उत्पादन कम रहने के कारण सालभर दाम उच्च स्तर पर बने रहे। भारतीय तिलहन एवं उत्पादन निर्यात संवर्धन परिषद (आईओपीईपीसी) के अनुसार भारत ने वर्ष २०१४-१५ के ७८८.३०७ टन मूंगफली निर्यात की तुलना में २०१५-१६ में ५३६.९२९ टन मूंगफली का निर्यात किया गया है। आईओपीईपीसी के अनुसार गुणवत्ता के मामले को लेकर वियतनाम ने अप्रैल २०१५ से जनवरी २०१६ तक मूंगफली निर्यात पर रोक लगा दी गई थी। इसका परिणाम यह हुआ कि निर्यात में ३२ प्रतिशत तक की गिरावट आ गई। वर्ष २०१५-१६ में वियतनाम ने भारत से १८३.७७१ टन मूंगफली का निर्यात किया था लेकिन रोक लगने की वजह से २०१५-१६ ममें ंदेश का निर्यात घटकर १८.४१८ टन रह गया। आईओपीईपीसी के आंकड़ों के अनुसार इंडोनेशिया को किकए जाने वाले निर्यात में भी गिरावट आई और यह १८३.३५५ टन की अपेक्षा १७३.९६६ टन रह गया। पिछले साल खराब मानसून की वजह से मूंगफली के उत्पादन में गिरावट आई थी। व्यापार के अनुमान यह बताते हैं कि वर्ष २०१५ के खरीफ सीजन के दौरान मूंगफली के उत्पादन में कमी आई और यह ३२ लाख टन रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ३५ लाख टन था।