2016 में 6.3 फीसद रहेगी भारत की आर्थिक वृद्धि दर


जिनेवा। संयुक्तराष्ट्र ने कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि में धीरे-धीरे तेजी आएगी और इस साल यह ५.९ प्रतिशत तथा २०१६ में ६.३ प्रतिशत हो सकती है। संगठन ने भारत में नई सरकार के सत्ता में आने तथा प्रमुख सुधारों की घोषणा के बाद बाजार धारणा में सुधार को वृद्धि की संभावनाओं में सुधार का श्रेय दिया है।
संयुक्त राष्ट्र विश्व र्आिथक ाqस्थति और संभावना २०१५ (डब्ल्यूईएसपी) रिपोर्ट के अनुसार, भारत की र्आिथक वृद्धि २०१४ में ५.४ प्रतिशत रहने का अनुमान है जो २०१३ के ५.० प्रतिशत से अधिक है। लेकिन अभी भी संकट पूर्व ८.० प्रतिशत की वृद्धि से कम है। रिपोर्ट आज यहां पेश की गयी। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की र्आिथक वृद्धि में धीरे-धीरे तेजी आएगी और इस साल यह ५.९ प्रतिशत तथा अगले साल २०१६ में ६.३ प्रतिशत हो जाएगी। इसके अनुसार, इस पुनरूत्थनन का श्रेय २०१४ की दूसरी तिमाही में नई सरकार के सत्ता में आने तथा प्रशासन, श्रम कानून था साqब्सडी में सुधारों की घोषणा से बाजार धारणा में सुधार को जाता है। संयुक्त राष्ट्र र्आिथक एवं सामाजिक मामलों का विभाग, व्यापार और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (अंकटाडा), संयुक्त राष्ट्र के पांच क्षेत्रीय आयोग तथा विश्व पर्यटन संगठन (यूएनडब्ल्यूटीओ) हर साल की शुरूआत में डब्ल्यूईएसीपी रिपोर्ट पेश करते हैं।
संयुक्त राष्ट्र रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण एशिया की र्आिथक वृद्धि में धीरे-धीरे तेजी आने की उम्मीद है। वर्ष २०१४ में इसके ४.९ प्रतिशत रहने का अनुमान है जबकि २०१५ में ५.७ प्रतिशत तथा २०१६ में ५.७ प्रतिशत रहने की संभावना है। रिपोर्ट के अनुसार, पुनरूत्थान की अगुवाई भारत करेगा जिसकी क्षेत्रीय उत्पादन में करीब ७० प्रतिशत हिस्सेदारी है। बांग्लादेश तथा ईरान में भी इस दौरान अच्छी वृद्धि का अनुमान है। इसमें कहा गया है कि वैश्विक र्आिथक वृद्धि दर २०१५ में ३.१ प्रतिशत तथा २०१६ में ३.३ प्रतिशत रहने की संभावना है। वहीं २०१४ में इसके २.६ प्रतिशत रहने का अनुमान है।