2016 में सर्वोत्तम आईपीओ बाजार साबित होगा चीन : पीडब्ल्यूसी


बीिंजग। शेयर बाजारों में वंâपनियों के सूचीबद्ध होने की प्रक्रिया में सुधार और नए बोर्ड की संभावित लांिंचग के कारण इस साल शंघाई और शेंझेन स्टॉक एक्सचेंज में आने वाले प्रथम सार्वजनिक निर्गमों (आईपीओ) की संख्या दुनिया के किसी भी अन्य शेयर बाजारों के मुकाबले अधिक रह सकती है।
पीडब्ल्यूसी के चीन और हांगकांग बाजार प्रमुख प्रैंâक लिन ने कहा कि चीन के ए-श्रेणी के शेयर बाजार में आईपीओ की संख्या ४०० हो सकती है और इससे २५०-३०० अरब युआन (३८.४४-४६.१३ अरब डॉलर) जुटाए जा सकते हैं। इससे २०१६ में चीन दुनिया का अव्वल आईपीओ बाजार साबित हो सकता है। २०१५ में २१९ आईपीओ और २०१४ में १२५ आईपीओ जारी हुए थे।
पीडब्ल्यूसी हांगकांग के एश्योरेंस पार्टनर बेंसन वोंग ने कहा, आईपीओ पर बाजार के उतार-चढ़ाव का सीमित असर होगा। पीडब्ल्यूसी ने कहा कि पंजीकरण आधार पर बाजार सूचीबद्ध होने की नई प्रक्रिया के लिए किए गए सुधार और नवाचार युक्त वंâपनियों के लिए नए बोर्ड की संभावित लांिंचग की वजह से २०१६ में आईपीओ की संख्या में वृद्धि दर्ज की जाएगी।
विश्लेषकों के मुताबिक, मंजूरी आधारित आईपीओ की जगह पंजीकरण आधारित आईपीओ प्रणाली लागू करने से शेयर बाजार की वंâपनियों के मूल्यांकन में अधिक भूमिका हो जाएगी, जिससे आईपीओ की संख्या बढ़ेगी। पीडब्ल्यूसी ने २९० नई वंâपनियों से बात की, जिसमें से ८० फीसदी ने कहा कि वे शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने पर विचार कर रही हैं। अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए २०१५ में हांगकांग दुनिया का सबसे बड़ा आईपीओ बाजार बन गया और आईपीओ के जरिए वंâपनियों ने २१५.७ अरब युआन (३३.१७ अरब डॉलर) जुटाए।