200 देशों को दवा निर्यात कर रहा भारत : महानियंत्रक


नई दिल्ली। देश के औषधि महानियंत्रक डॉ. जी. एन. िंसह ने रविवार को कहा कि भारत २०० देशों को दवाइयां निर्यात कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश में र्नििमत दवाइयों का ४० प्रतिशत देश में ही उपयोग हो रहा है, बाकी का ६० फीसदी निर्यात कर दिया जाता है। िंसह ने आईआईएचएमआर विश्वविद्यालय द्वारा दवा उद्योग और फार्मा में विकास की संभावनाओं पर ‘इंडस्ट्री एकेडेमिया इंटरेक्शन’ संगोष्ठी में कहा, देश में हमें लगातार बहुत-सी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जो केवल टेक्नोलाजी द्वारा दूर की जा सकती हैं। सबसे पहले हमें सुविधाओं की गुणवत्ता और सुविधा प्रदाता की गुणवत्ता में सुधार लाना होगा। दूसरा हमें विद्र्यािथयों को भी वैश्विक स्वास्थ्य में परिवर्तन लाने के लिए वैश्विक स्तर पर प्रशिक्षण और शिक्षा प्रदान करनी होगी।
सिंह ने कहा, दवा उद्योग में विकास के और भी कई कारक नजर आते हैं। जनसंख्या वृद्धि की दर एक प्रतिशत पर ाqस्थर है। लोगों की दवा खरीदने की सामथ्र्य बढ़ती जा रही है, बीमा कवरेज में भी वृद्धि हुई है और इलाज की सुविधाओं में वृद्धि होने से स्वास्थ्य और चिकित्सा सुविधाएं अब लोगों की पहुंच में हो गई हैं।
आईआईएचएमआर विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. एस. डी. गुप्ता ने कहा, भारत कौशल रिपोर्ट, २०१६ के अनुसार १.३ अरब की कुल भारतीय आबादी में से ०.८ अरब लोग कामकाजी उम्र में हैं और वर्ष २०२२ तक भारत दुनिया में सबसे बड़ी युवा आबादी वाला देश होगा। अगर फार्मा उद्योग की बात करें तो भारतीय फार्मा उद्योग मात्रा के लिहाज से दुनिया भर में तीसरे और मूल्य के लिहाज से १३वें स्थान पर है और वर्ष २०१६ में फार्मा उद्योग में १.३० लाख रोजगार के अवसर उपलब्ध होने की संभावना है।