स्मार्टफोन फ्रीडम 251 की दूसरे दिन भी सुस्त बुिंकग


नईदिल्ली। भारतीय वंâपनी िंरिंगग बेल्स के सबसे सस्ते स्मार्टफोन प्रâीडम २५१ उपलब्ध कराने के लिए गुरुवार सुबह से घोषित इसकी बुिंकग शुरू नहीं हो पाई। बेचने की तैयारी में भारी चूक और तकनीकी खामियों के चलते वंâपनी की साइट ठप पड़ गई थी। घंटों परेशान होने के बाद जब लोगों ने वंâपनी से संपर्वâ किया तो वंâपनी की ओर सफाई में कहा गया कि अगले २४ घंटों में बुिंकग फिर चालू हो जाएगी और लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा।
वहीं, शुक्रवार की सुबह करीब ८ बजे कुछ लोगों ने फोन बुक कर लिए। लोगों का कहना है कि कई बार की कोशिशों के बाद यह संभव हो पाया। हां, इतना जरूर है कि फोन बुिंकग के लिए अभी पैसे नहीं देने पड़ रहे हैं। ऑर्डर बुक होने के बाद वंâपनी कह रही है कि ४८ घंटे के भीतर आपके पास एक मेल आएगा, जिसके जरिये आप पहले रुपयों का भुगतान करेंगे और आपका ऑर्डर तब कनफर्म समझा जाएगा। इस बारे में वंâपनी ने पहले किसी प्रकार की आधिकारिक घोषणा नहीं की थी। वहीं देखा गया है कि कुछ लोगों के ऑर्डर बुक हो रहे हैं तो मैसेज पूरा आ रहा है, लेकिन फोन की कीमत में ०, शििंपग चार्जेज ०, टोटल भी ० लिखा आ रहा है। वहीं कुछ अन्य के ऑर्डर बुक होने पर सभी जगह फोन की कीमत के कॉलम में २५१, शििंपग चार्जेज में ४० रुपये और टोटल के कॉलम में २९१ रुपये लिखा आ रहा है। नीचे दोनों स्क्रीनशॉट लगाए गए हैं।

बिना प्लांट के २५१ में स्मार्टफोन दे पाएगी िंरगिग बेल!
– विरोध में उतरीइंडियन सेल्युलर एसोसिएशन और मोबाइल वंâपनियां
नई दिल्ली। दुनिया के सबसे सस्ते फोन का दावा करने वाली वंâपनी िंरगिग बेल का प्रâीडम २५१ फोन लॉन्च होने से पहले ही विवादों में आ गया। इसकी लांचिंग के साथ ही इंडियन सेल्युलर एसोसिएशन और अन्य मोबाइल वंâपनियां इसके विरोध में उतर आई हैं। विदित हो कि िंरगिग बेल की वेबसाइट बुिंकग के पहले ही दिन बुरी तरह व्रैâश हो गई। वंâपनी ने दावा किया कि २५१ रुपये में फोन खरीदने के लिए वेबसाइट पर ट्रैफिक बढ़ गया। फोन के लिए हर सेवेंâड में उसकी वेबसाइट पर ६ लाख लोग मौजूद थे। इसके बाद बुिंकग बंद हो गई और वंâपनी ने यूजर्स को मैसेज पोस्ट किया कि हम र्सिवस अपग्रेड कर रहे हैं और २४ घंटे बाद बुिंकग दोबारा शुरू होगी।
प्रâीडम २५१ की लांचिंग के साथ ही इंडियन सेल्युलर एसोसिएशन ने इस फोन का विरोध करते हुए कहा कि ऐसे प्रोडक्ट की बिल ऑफ मटीरियल वैल्यू २७०० रुपये है। तैयार स्मार्टफोन की रिटेल कॉस्ट ४१०० रुपये होती है और ये भी तब, जब इसे सस्ते सप्लाई चेन से खरीदा जाए। अगर बेहद साqब्सडाइज्ड बेचें तो भी इसकी प्रति यूनिट कॉस्ट ३५-३८ सौ रुपये के आसपास आती है। इन्हीं तर्कों के आधार पर इंडियन सेल्युलर एसोसिएशन ने टेलिकॉम मंत्री से जांच की मांग की है। दूसरी ओर बीओएम का कहना है कि इस स्मार्टफोन की कीमत २००० रुपये तक है। अगर इसे भारत में बनाया जाये तो ४०० रुपये बचाए जा सकते हैं और इसको अगर ऑनलाइन बेचा जाये तो ४०० रुपये और बचाए जा सवेंâगे। अगर प्री-ऑर्डर नंबर बढ़ेगा तो ४०० रुपये और बचेंगे। फिर जब प्लेटफार्म बड़ा हो जाएगा तो और प्रोडक्ट लाएंगे। नोएडा और उत्तराखंड में दो प्लांट लगाएगें।
जानकारों का कहना है कि िंरगग बेल के पास इस वक्त कोई प्लांट नहीं है लेकिन वंâपनी दावे बड़े-बड़े कर रही है। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी द्वारा अनावरित ये स्मार्टफोन भारत की विशाल जनता को इस कीमत पर कब तक मिल पाता है। हालांकि वंâपनी के एमडी का कहना है कि वो आगे चलकर ४ नए प्लांट लाएंगे।