स्पेक्ट्रम नीलामी को कैबिनेट ने दी मंजूरी


– नीलामी २३ फरवरी को शुरू होगी
नई दिल्ली। वेंâद्रीय मंत्रिमंडल ने अब तक की सबसे बड़ी दूरसंचार स्पेक्ट्रम नीलामी को मंजूरी दे दी है। यह नीलामी अगले माह शुरू होगी और इस नीलामी से सरकारी खजाने को ६४,८४० करोड़ रुपए की आय होने का अनुमान है। सरकार को पिछले साल फरवरी में हुई नीलामी से लगभग ६२,१६२ करोड़ रुपए मिले थे। इस नीलामी से सरकार को अपने राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी। आधिकारिक बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में वेंâद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इसे स्वीकृति दे दी गई। इसके अनुसार मंत्रिमंडल ने २जी बैंड के अखिल भारतीय स्तर के लिए आरक्षित मूल्य ८०० मेगाहट्र्ज बैंड में ३६४६ करोड़ रुपए प्रति मेगाहट्र्ज, ९०० मेगाहट्र्ज बैंड में ३९८० करोड़ रुपए (दिल्ली, मुंबई, कोलकाता व जम्मू कश्मीर के अलावा शेष भारत के लिए) तथा १८०० मेगाहट्र्ज बैंड में २१९१ करोड़ रुपए (महाराष्ट्र व पश्चिम बंगाल को छोड़कर) को मंजूरी दी है। सरकार ने २१०० मेगाहट्र्ज बैंड के लिए आरक्षित मूल्य का ऐलान अभी नहीं किया है।
दूरसंचार विभाग के अनुमानित काय्र्रकम के अनुसार नीलामी २३ फरवरी को शुरू होगी। दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि सरकार २१०० मेगाहट्र्ज में थ्रीजी की नीलामी भी साथ ही करना चाहती है। उन्होंने कहा कि पिछले कई सालों से रक्षा क्षेत्र से मिला पांच मेगाहट्र्ज (२१०० मेगाहट्र्ज) लंबित था। हम इसे पाने में सफल रहे हैं। बयान में कहा गया है कि इस नीलामी से सरकारी को ६४,८४० करोड़ रुपए हासिल होंगे। इसमें २१०० मेगाहट्र्ज स्पेक्ट्रम से होने वाली आय शामिल नहीं है। इसमें से इस वित्त वर्ष में १६ हजार करोड़ रुपए की प्रााqप्त होने की उम्मीद है।