सेबी ने दो अमेरिकी कंपनियों पर लगाया 25 लाख का जुर्माना


45 दिन के भीतर भुगतान करने का आदेश
मुंबई । शेयर धारकों से महत्वपूर्ण जानकारियां छुपाने के आरोप में पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने तेल एवं गैस खनन और उत्पादन के उपकरणों की आर्पूित करने वाली नेशनल ऑयलवेल वार्को समेत दो अमेरिकी वंâपनियों पर संयुक्त रूप से २५ लाख रुपए का जुर्माना लगाया है, जिसका भुगतान ४५ दिन के भीतर करने का आदेश दिया गया है।
सेबी के मुताबिक ८ अगस्त २०१२ को रॉबिन्स एंड मेयर्स और इसकी पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई रैवेन प्रोसेस और नेशनल ऑयलवेल वार्को के बीच विलय का समझौता हुआ था। रॉबिन्स एंड मेयर्स के पास रॉबिन्स एंड मेयर्स होिंल्डग्स (आरएम होिंल्डग्स) की शत-प्रतिशत शेयर पूंजी है और आरएम होिंल्डग्स के पास शीशे की परत वाले स्टील बनाने वाली अमेरिकी वंâपनी फॉड्लर के शत प्रतिशत शेयर थे। इस प्रकार एक तरह से यह नेशनल ऑयलवेल वार्को और फॉड्लर का विलय हुआ। लेकिन दोनों में से किसी वंâपनी ने विलय के बारे में शेयरधारकों को जानकारी नहीं दी। नियामक ने अपने पैâसले में कहा कि दोनों वंâपनियों ने शेयरधारकों को अंधेरे में रखा और जानकारी नियमानुसार चार दिन के अंदर सार्वजनिक करने की बजाय छह महीने से भी ज्यादा की देरी की।