सीबीआई करे िंकगफिशर के कर्ज की जांच : यूनियन


– १५ से अधिक बैंकों ने उन्हें किस आधार पर इतना बड़ा कर्ज दिया
चेन्नई। ऑल इंडिया बैंक एंप्लाइज यूनियन (एआईबीईए) के महासचिव सीएच वेंकटाचलम ने कहा कि िंकगफिशर एयरलाइंस को दिए गए ऋण के तौर तरीकों की वेंâद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि विजय माल्या का यह कहना सही है कि वह और िंकगफिशर एयरलाइंस दो अलग वैधानिक इकाई हैं और उनकी देनदारी उनकी शेयर पूंजी तक ही सीमित है, तो वंâपनी को जिस तरीके से ७,००० करोड़ का ऋण दिया गया, उसकी सीबीआई से जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह देखने के बाद कि किस आधार पर इतना बड़ा ऋण दिया गया है, ऋण जारी करने की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। आखिरकार बैंक सरकारी संस्थान है और उसे करदाताओं का पैसा मिलता है।
वेंकटाचलम ने कहा, १५ से अधिक बैंकों ने उन्हें ऋण दिया। वह जानबूझ कर ऋण वापस नहीं कर रहे हैं। यह स्पष्ट रूप से जानबूझ कर ऋण वापस नहीं करने का मामला है और इतने साल बाद भी बैंक उन्हें विलपुâल डिफाउल्टर घोषित करने से हिचकिचा रहे हैं।
एआईबीईए ने अपने सदस्यों को एक परिपत्र जारी कर कहा है कि वे वेंâद्रीय वित्त मंत्री को टेलीग्राम और ईमेल भेजकर उन्हें तत्काल ऋण वसूली करने के लिए कदम उठाने के लिए कहें।