सराफा कारोबारियों को मिल रहा अन्य संगठनों का साथ


नई दिल्ली। उत्पाद शुल्क के विरोध में ज्वैलरों की एक माह से भी ज्यादा समय से जारी हड़ताल के बावजूद वेंâद्र सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी है, इसलिए सरकार पर और दबाव बनाने के लिए अन्य क्षेत्रों के बड़े कारोबारी संगठन भी सराफा कारोबारियों केसमर्थन में लामबंद होने लगे हैं। सूत्रों के अनुसार सराफा कारोबारी इन संगठनों के साथ मिलकर सरकार पर दबाव बनाने के लिए ये संगठन भारत व्यापार बंद करने की तैयारी कर रहे हैं। कई राज्यों में इस सप्ताह से राज्य व्यापार बंद का पैâसला हो चुका है।
भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्यामबिहारी मिश्र ने कहा कि सराफा कारोबारी उत्पाद शुल्क के विरोध में २ मार्च से राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्या पर ध्यान नहीं दे रही है। उत्पाद शुल्क के विरोध में ४ अप्रैल को संपूर्ण उत्तर प्रदेश व झारखंड का व्यापार पूर्ण रूप से बंद रहेगा। यदि सरकार ११ अप्रैल तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाती है तो नवरात्र के बाद भारत व्यापार बंद कराया जाएगा। कन्पेâडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (वैâट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा हम भी ज्वैलरों की मांगों का समर्थन करते हैं और उनके समर्थन के लिए भारत व्यापार बंद करने को तैयार हैं। हालांकि इसका आखिरी निर्णय ४-६ अप्रैल को हो रहे वैâट के राष्ट्रीय महाधिवेशन में लिया जाएगा। इस महाधिवेशन में विभिन्न ज्वलंत मुद्दों मसलन ई-कॉमर्स में एफ डीआई, खुदरा में एफ डीआई, नकद रहित अर्थव्यवस्था, व्यापारियों का मुद्रा बैंक द्वारा वित्तीय समावेशन, ज्वैलरी कारोबारियों की चल रही हड़ताल व अन्य विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी।