मजबूत डॉलर से दबी दुनिया भर की मुद्राएं


सिडनी। अमरीका के वेंâद्रीय बैंक पेâडरल रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों को बढ़ाने की संभावना ने दुनिया भर के शेयर मार्कीट में उथल-पुथल मचा दी है। अमरीका में इंट्रेस्ट रेट बढ़ने का खौफ बाजारों में साफ दिखने लगा है। यूरो और येन के मुकाबले १२ सालों की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे अमेरिकी डॉलर ने उभरती इकॉनमी की करंसीज की हालत पतली कर दी है। इस डर के परिणाम एशिया के बाजारों में भी देखने को मिले। दक्षिणी कोरिया का वॉन अगस्त २०१३ के बाद और िंसगापुर का डॉलर २०१० के बाद के अपने निचले स्तर पर पहुंच गया। न्यू जीलैंड का डॉलर अमरीकी डॉलर की मुकाबले ५ सप्ताह के सबसे निचले स्तर ०.७२९३ डॉलर तक पहुंच गया। येन के मूल्य में भी भारी गिरावट देखी गई। डॉलर के मुकाबले येन १२२.०२ पर पहुंच गया। आरंभ में कमजोर येन पर भारी रही जापान की निक्की में निवेशकों के उत्साह में कमी आने के कारण ०.८ फीसदी की गिरावट हुई। आर्थिक जानकारों का कहना है कि दुनिया भर के निवेशकों में यह डर पैदा हो गया कि अमरीकी डॉलर में आई मजबूती और ब्याज दरों में बढ़ौतरी होने से निवेशकों का रुख अमरीकी की तरफ हो जाएगा।