बैकों में फंसे कर्ज की समस्या एक साल में दूर हो : राजन  


नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने अर्थव्यवस्था को वापस पटरी पर लाने के लिए बैंकों के पंâसे कर्ज की समस्या और दूसरे संभावित एन.पी.ए. खातों को एक साल में पुनर्गठित करने की जरूरत पर जोर दिया। वहीं सारी घरेलू बचतों को वित्तीय प्रणाली में लाने का पक्ष लिया है ताकि वृद्धि के लिए जरूरी वित्तीय संसाधन उपलब्ध हो सवेंâ और अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाया जा सके। सार्वजनिक बैंकों का कुल पंâसा कर्ज यानी गैर-निष्पादित आाqस्तयां (एन.पी.ए.) सितम्बर २०१४ आखिर में २.४३ लाख करोड़ रुपए से अधिक थीं।
वहीं राजन ने कहा कि बैंकरों द्वारा व्यवसायिक पैâसले करके दौरान नेक मंशा में हुई गलतियों को सरकार को बचाव करना चाहिए न कि िंखचाई।