बैंकों को 10 से 12 हजार करोड़ अतिरिक्त पूंजी देगी सरकार


– बजट में तय किए गए २५ हजार करोड़ के अलावा होगी यह राशि
नई दिल्ली। सरकारी बैंकों पर पंâसे ऋण के बढ़ते बोझ के बाद भी उनकी मदद करने के लिए वेंâद्र सरकार चालू वित्त वर्ष में १० हजार से १२ हजार करोड़ रुपए की अतिरिक्त पूंजी दे सकती है। सूत्रों के मुताबिक यह पूंजीगत मदद बजट में तय किए गए २५,००० करोड़ रुपए के अलावा होगी। सरकारी अधिकारियों और शीर्ष नीति-निर्माताओं के साथ बैठक में सरकारी बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी कहते रहे हैं कि पूंजी पर्याप्तता की जरूरतें पूरी करने के लिए उन्हें बजट में घोषित रकम से भी ज्यादा पूंजी चाहिए। वित्त मंत्री अरुण जेटली भी सार्वजनिक तौर पर कहते रहे हैं कि बैंकों को जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त पूंजी दी जाएगी। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर कहा कि हमने बैंकों की अतिरिक्त पूंजी की जरूरत पर विचार किया है। इससे चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे को जीडीपी के ३.५ फीसदी रखने के लक्ष्य पर भी असर नहीं होगा। अतिरिक्त पूंजी मिली तो बैंकों में सरकार का पूंजी निवेश ३५ से ३७ हजार करोड़ रुपए हो सकता है, जो पिछले साल २५,००० करोड़ रुपए ही था। लेकिन अगर राजस्व और व्यय बजट की योजना के मुताबिक ही रहते हैं तो अतिरिक्त रकम खर्च करने से राजकोषीय घाटा ५.४५ लाख करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगा। लेकिन यह नहीं बताया गया कि अतिरिक्त रकम निकालने के लिए खर्चों में पेâरबदल वैâसे किया जाएगा।