बैंकिंग सेक्टर में भारी गिरावट


नई दिल्ली, (ईएमएस)। वेंâद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा वर्ष २०१६-१७ के बजट में बैंकों के पुनर्गठन हेतु २५ हजार करोड़ रुपयों की राशि का प्रावधान किया है। बैंकों की आवश्यकता १ लाख ७० हजार करोड़ की तुलना में २५ हजार करोड़ ऊंट के मुंह में जीरे के समान होने से बैंविंâग और उद्योग क्षेत्र में भारी निराशा देखने को मिली।
इसके तुरंत बाद बैंक इंडेक्स में बिकवाली के दबाव से शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। सरकारी क्षेत्र के बैंकों तथा उनके निवेशको में भारी निराशा छा गई। बैंक ऑफ बड़ोदा तथा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के शेयरों में ८ से ६ फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली।