`बहुत भ्रामक’ है भारत की वास्तविक वृद्धि : स्टैनचार्ट


मुंबई। ब्रिटेन के बैंिंकग क्षेत्र की दिग्गज स्टैंडर्ड चार्टर्ड ने कहा है कि भारत की वास्तविक वृद्धि `बहुत कठिन’ बनी हुई है और बाजार ने मान लिया है कि उसे र्आिथक हालत में धीमीगति से सुधार होगा लेकिन विदेशी निवेशक, विकल्प की कमी के चलते अब भी भारत को लेकर आशावादी बने हुए हैं।
स्टैंडर्ड चार्टर्ड के प्रबंध निदेशक व क्षेत्रीय अनुसंधान प्रमुख (दक्षिण एशिया) समिरन चक्रवर्ती ने बताया, `निाqश्चत तौर पर कई वृहद र्आिथक मानकों में सुधार आया है, लेकिन वृद्धि अब भी बहुत कठिन बनी हुई है। ऊंचे नए जीडीपी आंकड़े चक्कर में डालने वाले हैं। लेकिन अन्य सक्रिय मानकों पर चीजें चुनौतीपूर्ण दिख रही हैं।’ उन्होंने कहा, `जिस ढंग से हमने सोचा कि वृद्धि में सुधार आएगा, अब ऐसा लगता है कि बाजार और विश्लेषकों यह मान कर चल रहे हैं कि ाqस्थति में सुधार की दर अनुमान से काफी धीमी रहेगी।’ चक्रवर्ती ने कहा, `विदेशी निवेशक अब भी बहुत आशावादी हैं। इसकी वजह उनके सामाने विकल्पों की कमी है।’