बजट से असमंजस में बाजार गिरकर बंद


– सेंसेक्स 58 अंक गिरकर 35,907 पर बंद
– निफ्टी 11 अंक उतरकर 11,017 पर बंद
मुंबई, (ईएमएस)। अमूमन बजट के दिन जैसा देखने को मिलता है बाजार का हाल ठीक वैसा ही रहा। शेयर बाजार पर आज मोदी सरकार के आखिरी पूर्ण बजट का प्रभाव रहा और सुबह तेजी के साथ खुला बाजार पूरे दिन के उतार-चढ़ाव भरे असमंजस के बाजार मामूली गिरावट के साथ बंद हुए है। बैंकिंग, मीडिया, फार्मा, कंज्यूमर ड्युरेबल्स और ऑयल एंड गैस शेयरों में हुई बिकवाली से गुरुवार को कारोबार की समाप्ति पर सेंसेक्स 58 अंक गिरकर 35,907 के स्तर पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 11 अंक की गिरावट के साथ 11,017 के स्तर पर बंद हुआ है। बजट सत्र वाले दिन बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में मिला-जुला रुख रहा। बीएसई का मिडकैप 93 अंकों की गिरावट के साथ 17,271 पर बंद हुआ जबकि स्मॉलकैप 01 अंक की तेजी के साथ 18,717 पर बंद हुआ।
एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच घरेलू बाजार की शुरुआत भी तेजी के साथ हुई। सैंसेक्स सुबह 84 अंकों की तेजी के साथ 36,049 पर खुला। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 36,257 के ऊपरी और 35,502 के निचले स्तर को छुआ। इसी तरह निफ्टी सुबह 17 अंकों की तेजी के साथ 11,045 पर खुला। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 11,117 के ऊपरी और 10,879 के निचले स्तर को छुआ।
गुरुवार के कारोबार में सन फार्मा, ओएनजीसी, डॉ रेड्डीज, अरविंदो फार्मा, ल्यूपिन, एसबीआई और आईसीआईसीआई बैंक जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयर गिरकर बंद हुए वहीं महिंद्रा एंड महिंद्रा, आयशर मोटर्स, बजाज फाइनेंस, एलएंडटी, इंडसइंड बैंक, बजाज ऑटो और एशियन पेंट्स के शेयर बढ़कर बंद हुए हैं।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आम बजट पर शेयर बाजारों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। शुरू में बाजारों में तेजी थी, लेकिन दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (एलटीसीजी) कर की घोषणा के बाद से इसमें गिरावट होने लगी। अब एक साल बाद शेयर बेचने पर अगर एक लाख रुपये का मुनाफा होता है तो इस पर 10 फीसदी कर चुकाना होगा। अभी एक साल से कम समय में शेयर बेचने पर 15 फीसदी का अल्पकालिक पूंजी लाभ कर देना होता है। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। नए कर से सरकार को 36,000 करोड़ रुपये की आय होगी।