पहली बार सेंसेक्स 36 और निफ्टी 11 हजार के पार


कच्चे तेल और रुपये ने दिखाई शानदार तेजी

(ईएमएस)। वैश्विक शेयर बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत, डॉलर के मुकाबले रुपये में रही तेजी और कच्चे तेल की कीमतों के 71 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच जाने के साथ साथ इस सप्ताह आए कंपनियों के बेहतर नतीजों से उत्साहित निवेशकों की भारी लिबाली के चलते घरेलू शेयर बाजार ने नई ऊंचाईयां छुई और सेंसेक्स पहली बार 36,000 के और निफ्टी 11,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर बंद हुआ। शुक्रवार को गणतंत्र दिवस के दिन छुट्टी के कारण चार कारोबारी सत्र वाले सप्ताह में सेंसेक्स 539 अंकों की साप्ताहिक तेजी के साथ 36,050 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 171 अंकों की बढ़ोतरी के साथ 11,070 पर बंद हुआ। सप्ताह के दौरान बीएसई के मिडकैप सूचकांक में 0.43 फीसदी तथा स्मॉलकैप सूचकांक में 0.59 फीसदी की तेजी दर्ज की गई।
घरेलू बाजार में सोमवार को सेंसेक्स में 286 अंकों की तेजी के साथ 35,798 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 71.5 अंक उछलकर 10,966 पर बंद। मंगलवार को सेंसेक्स ने 342 अंकों की तेजी दिखाई जबकि निफ्टी 117.50 अंक अंक उछला। बुधवार को बाजार में हल्की तेजी रही, सेंसेक्स 22 अंक और निफ्टी 02 अंक चढ़े । गुरुवार को बाजार में गिरावट रही, और सेंसेक्स 111 अंकों की गिरावट के साथ 36,050 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 16 अंक उतरकर 11,086 पर बंद।
इस सप्ताह सेंसेक्स में डॉ. रेड्डी, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, यस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, इंडसइंड बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, ओएनजीसी, एलएंडटी, इंफोसिस, टीसीएस, कोल इंडिया, बजाज ऑटो और आईटीसी के शेयरों में तेजी रही जबकि
भारती एयरटेल, विप्रो, एशियन पेंट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, हीरो मोटोकॉर्प और मारुति सुजुकी इंडिया के शेयरों में गिरावट रही।
आर्थिक जानकारों का कहना है कि शेयर बाजारों की इस तेजी में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की उस रिपोर्ट का प्रमुख योगदान रहा, जिसमें वित्त वर्ष 2018-19 में भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी आने का अनुमान लगाया गया है। आईएमएफ ने कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेजी से बढ़नेवाली अर्थव्यवस्था होगी। आईएमएफ ने अपने जनवरी के अपडेट में कहा कि भारत की वृद्धि दर वित्त वर्ष 2018-19 में 7.4 फीसदी रहेगी, जबकि पहले के अनुमान में इसे 6.7 फीसदी बताया गया था और वित्त वर्ष 2019-20 में भारत की वृद्धि दर 7.8 फीसदी रहेगी।