निर्यात में सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी बढेगी : वाणिज्य मंत्रालय


्ननई दिल्ली। अगले पांच साल में भारत के कुल वस्तु एवं सेवा निर्यात में सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी उल्लेखनीय रूप से बढेगी। सरकार ने वस्तु एवं सेवा निर्यात के लिए हाल ही में घोषित विदेश व्यापार नीति में ९०० अरब डालर का लक्ष्य तय किया गया है। वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारी का कहना है कि अनुमान है कि नयी नीति में सेवा क्षेत्र के प्रोत्साहन के ढांचे में बदलाव के मद्देजर सेवा क्षेत्र का प्रदर्शन बेहतर रहेगा।
गौरतलब है कि वित्त वर्ष २०१३-१४ के दौरान भारत का सेवा निर्यात १५१.५ अरब डालर रहा जबकि वस्तु निर्यात ३१४ अरब डालर रहा। उन्होंने कहा ‘हमने पांच साल की अवधि के लिए वस्तु एवं सेवा निर्यात के लिए ९०० अरब डालर का लक्ष्य रखा है। आज विश्व के कुल सेवा निर्यात में भारतीय सेवा निर्यात की हिस्सेदारी लगतार तेजी से बढती जा रही है जो १९९० में ०.६ प्रतिशत थी और २००० में बढकर एक प्रतिशत और २०१३ में यह ३.३ प्रतिशत हो गयी। देश के सकल घरेलू उत्पाद में सेवा क्षेत्र का योगदान करीब ५८ प्रतिशत और रोजगार में इसकी हिस्सेदारी २८ प्रतिशत है. कुल व्यापार में इसका योगदान २५ प्रतिशत निर्यात में करीब ३५ प्रतिशत और आयात में २० प्रतिशत है।