नाइजीरिया से कच्चे तेल की दोगुनी खरीद कर रही है इंडियन ऑयल


नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल वंâपनी इंडियन ऑयल कापरेरेशन (आईओसी) ने कच्चे तेल आर्पूित के स्रोत में विविधता लाने के लिये नाइजीरिया से तेल खरीद करीब दोगुनी की है। (आईओसी) का कहना है कि यह खरीद तय सरकारी मूल्य पर आधारित होगी। देश की यह सबसे बड़ी रिफाइनरी वंâपनी नाइजीरिया से हर साल करीब ८० लाख टन कच्चे तेल की खरीद करती है। इसमें से ज्यादातर तेल की खरीद हाजिर अथवा बाजार में उपलब्ध माल से की जाती रही है। इस तरह की खरीद में दाम में अक्सर काफी उतार चढाव होता रहा है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धमेर्ंन्द्र प्रधान ने कहा, “नाईजीरिया २०१६ में सशर्त अनुबंध को १७ लाख टन से बढ़ाकर ३० लाख टन तक करने पर सहमत हुआ है।” सशर्त अनुबंध में न केवल सुनिाqश्चत आर्पूित का वादा किया जाता है बाqल्क इसमें निर्यातक देश अपने आधिकारिक बिक्री मूल्य के आधार पर दाम भी सस्ता रखता है।
नाइजीरिया की नई सरकार के आने बाद आईओसी एकमात्र एशियाई वंâपनी है जिसे सशर्त अनुबंध के आधार पर तेल बिक्री की पेशकश की गई है। नाइजीरिया की नई सरकार ने पिछले महीने ही तेल अनुबंधों की शतोर्ं में बदलाव किया है। इसके तहत वह तेल की बिक्री सीधे अंतरराष्ट्रीय रिफाइनरियों, व्यापार घरानों और स्थानीय रिफाइनरी फमोर्ं को करती है। इस बीच पारादीप से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार देश की इस प्रमुख सार्वजनिक वंâपनी ने उम्मीद जताई है कि वह अब अपनी इंडमैक्स प्रौद्योगिकी के लिये लाइसेंसप्रदाता भी होगी।
आईओसी के निदेशक :रिफाइनरी: संजीव िंसह ने संवाददाताओं से कहा, “आईओसी की शोध एवं विकास टीम ने सात, आठ साल पहले इंडमैक्स प्रौद्योगिकी विकसित की थी। इस तकनीक के जरिये एलपीजी उत्पादन अधिक से अधिक किया जा सकता है। इस नई तकनीक को वंâपनी की पारादीप रिफाइनरी में इस्तेमाल किया जा रहा है।”