दोगुनी हुई विदेशों से धन भेजने की सीमा


– सवा लाख डॉलर से बढ़ाकर ढाई लाख डॉलर प्रति व्यक्ति
मुंबई। विदेशों में काम कर रहे लोगों के लिए अपने परिवार के पास पैसा भेजना और आसान बनाने के साथ साथ तरलता प्रवाह बढाने के उद्देश्य से रिजर्व बैंक ने लिबरलाइज्ड रिमिटेंस स्कीम (एलआरएस) के तहत विदेशों से भारत में धन भेजने की सीमा को दोगुना कर दिया है। आरबीआई ने मौजूदा सालाना सवा लाख डॉलर प्रति व्यक्ति से बढ़ाकर ढाई लाख डॉलर प्रति व्यक्ति कर दी है। विदित हो कि आर.बी.आई. ने २०१३ में एलआरएस के तहत विदेशी मुद्रा भेजने की सीमा घटाकर ७५ हजार डॉलर प्रति व्यक्ति कर दी थी। मुद्रा बाजार की ाqस्थरता को ध्यान में रखते हुए जून २०१४ में यह सीमा बढ़ाकर १.२५ लाख डॉलर कर की गई थी।
रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने चालू वित्त वर्ष की छठी द्विमासिक ऋण एवं मौद्रिक नीति समीक्षा में कहा, बाह्य क्षेत्र के परिदृश्यों और मुद्रा बाजार की ाqस्थरता को ध्यान में रखते हुए एलआरएस की सीमा बढ़ाकर २.५ लाख डॉलर प्रति व्यक्ति करने का पैâसला किया गया है। उन्होंने कहा कि लेनदेन को आसान बनाने के उद्देश्य से सरकार से संपर्वâ करने के बाद विदेशी मुद्रा प्रबंधन नियम २००० के तहत चालू खाता से लेनदेन करने वाले सभी लोगों को यह सुविधा प्राप्त है। इस नियम के तहत ही एलआरएस की सीमा में बढ़ौतरी की गई है।