जनवरी तक 6 फीसदी के दायरे में रहेगी खुदरा मुद्रास्फीति : रिजर्व बैंक


मुंबई । भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को विश्वास है कि जनवरी २०१६ तक खुदरा मुद्रास्फीति छह प्रतिशत के दायरे में सीमित रखने का लक्ष्य प्राप्त हो जाएगा, बैंक चालू वित्त वर्ष की र्आिथक वृद्धि दर के अनुमान को लेकर सावधानी बरत रहा है और इसके ७.८ प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। जीडीपी का यह अनुमान सरकारी अनुमानों से कम है। रिजर्व बैंक गवर्नर रघुराम राजन ने २०१५-१६ की पहली द्वैमासिक मौद्रिक समीक्षा में कहा है कि खुदरा मुद्रास्फीति जनवरी २०१६ के लिए तय ६ प्रतिशत के लक्ष्य से कम रहेगी, यह २०१५-१६ की पहली छमाही में ५ प्रतिशत के आसपास रहेगी और दूसरी छमाही में यह ५.५ प्रतिशत से कुछ ऊपर रह सकती है।
आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के दौरान सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि ७.८ प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। आरबीआई का यह अनुमान २०१५-१६ के लिए सरकार द्वारा तय ८ से ८.५ प्रतिशत के अनुमान से कम है। मार्च में बेमौसमी वर्षा और ओलावृाqष्ट के बारे में रिजर्व बैंक ने समीक्षा में कहा है कि यह अभी समाप्त नहीं हुआ है। बैंक ने कहा है कि शुरूआती अनुमानों से संकेत मिलता है कि रबी के कुल बुआई क्षेत्रफल का १७ प्रतिशत क्षेत्र संभवत: इससे प्रभावित हुआ है, हालांकि समग्र नुकसान का अनुमान लगना अभी बाकी है। खुदरा मुद्रास्फीति में सितंबर २०१४ से व्यापक और धीमी गिरावट के चलते आरबीआई को मुद्रास्फीति लक्ष्य प्राप्त होने की उम्मीद है। बहरहाल, अर्थव्यवस्था में लगातार कमजोरी, उत्पादन में काम आने वाले कच्चे माल की दबी लागत, विश्व बाजार में उपभोक्ता वस्तुओं विशेषतौर पर कच्चे तेल की कीमतों में अचानक तेजी आने और मानसून चाल बिगड़ने से इसमें खतरा की संभावना बनी रहेगी।