जनता को नहीं मिला ५.७५ रुपये प्रति लीटर पेट्रोल का फायदा 


– प्रति लीटर दो रुपये एक्साइज डयूटी बढ़ाई
– देश के विकास में लगाया जायेगा ये पैसा
नई दिल्ली। वर्ष २०१४ में कच्चेतेल की कीमतों के आधे स्तर तक उतर आने से दुनिया भर में पेट्रोल डीजल की कीमतों में गिरावट आई है। भारत में कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में भारी कमी के बाद भी नए साल में ग्राहकों को सस्ते पेट्रोल-डीजल का तोहफा देने की बजाय वेंâद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर प्रति लीटर एक्साइज डयूटी में दो रुपये की वृद्धी कर दी। मोदी सरकार ने डेढ़ माह में पेट्रोल और डीजल पर तीसरी बार एक्साइज डयूटी को बढ़ाकर हैट्रिक लगाई है। अगर इस एक्साइज डयूटी को हटा दिया जाए तो ग्राहकों को पेट्रोल से ५.७५ रुपये और डीजल से ४.५ रुपये का फायदा होता।
गौरतलब है कि तमाम विश्लेषकों ने अनुमान लगाया था कि कच्चे तेल की वैश्विक कीमत के ५४ डॉलर प्रति बैरल से नीचे चले जाने के कारण तेल विपणन वंâपनियां नए साल का तोहफा देते हुए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में प्रति लीटर दो रुपये की कटौती कर सकती है। बाजार विशेषज्ञों के अनुमानों को धता बताते हुए सरकार ने साफ कहा है कि एक्साइज डयूटी से होने वाले फायदे को देश के विकास में लगाया जाएगा और इसका असर पेट्रोल-डीजलों की कीमतों पर नहीं होगा।