कॉरपोरेट जासूसी की सेबी भी कर रहा है पड़ताल


मुंबई। वंâपनियों के इशारों पर गोपनीय सरकारी दस्तावेज लीक किये जाने के मामले में कड़ी कार्रवाई के बीच सेबी इस बात का पता लगा रहा है कि क्या इस प्रकार की जानकारी का सूचीबद्ध वंâपनियों के शेयरों के मूल्य को चढ़ाने में या गिराने में तो नहीं किया गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यहां कहा कि यह जांच की प्रगति पर निर्भर है। जांच में निजी एवं सरकारी क्षेत्र की बड़ी वंâपनियों समेत ऊर्जा वंâपनियों के शेयरों के मूल्य तथा कारोबार की प्रवृत्ति का विश्लेषण शामिल है। उसके बाद पूंजी बाजार नियामक आगे की कार्रवाई शुरू करेगा। उसके अनुसार अगर यह पाया जाता है कि सरकारी दफ्तरों से चुरायी गयी सूचना के आधार पर कारोबार किया गया, तो भेदिया कारोबार के साथ-साथ धोखाधड़ी एचं अनुचित व्यापार निरोधक नियमन के तहत जांच की जा सकती है और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) कड़ी कार्रवाई करेगा।
सूत्रों के अनुसार इन शेयरों में संदिग्ध गड़बड़ी की जांच पहले से हो रही है। शेयर बाजारों तथा सेबी को कुछ मीडिया रिपोर्टों के आने के साथ उनके शेयर मूल्यों में बड़े पैमाने पर उतार-चढ़ाव दिखने के बाद यह जांच शुरू की गयी थी। अब यह साफ हो गया है कि वे मीडिया रिपोर्ट लीक हुए दस्तावेज पर आधारित थीं। पेट्रोलियम मंत्रालय से गोपनीय दस्तावेज चुराने से संबद्ध वंâपनी जासूसी के इस मामले में दिल्ली पुलिस ने अब तक कम-से-कम १२ लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें दो मंत्रालय के कर्मचारी तथा बुछ बिचौलिये शामिल हैं।