ई-कामर्स क्षेत्र में एफडीआई के लिए भारत पर दबाव बनने की संभावना


नई दिल्ली । ऑनलाइन खुदरा कारोबार (ई-कामर्स) क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की ढील देने लिए भारत पर दबाव बन सकता है, क्योंकि जापान इस संबंध में क्षेत्रीय व्यापक र्आिथक भागीदारी (आरसीईपी) मंच में प्रस्ताव पेश कर रहा है। आरसीईपी के सदस्यों में दस आसियान देशों व इसके छह मुक्त व्यापार समझौता भागीदार -भारत, चीन, जापान, कोरिया, आस्ट्रेलिया व न्यूजीलैंड- शामिल हैं। वे एक बड़े व्यापार सौदे पर पर बातचीत कर रहे हैं।
सूत्रों ने कहा कि जापान ने ई-कामर्स क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नियमों में ढील देने के लिए एक प्रस्ताव पेश किया है। उन्होंने कहा कि अगली बैठक क्योतो (जापान) में होनी है जिसमें इस परिपत्र पर सदस्यों के बीच चर्चा होगी और भारत को अपनी ाqस्थति स्पष्ट करनी होगी। भारत की खुदरा क्षेत्र में एफडीआई नीति के तहत ई-कामर्स वंâपनियों को सीधे खुदरा ग्राहकों को वस्तुओं की पेशकश की अनुमति नहीं है। हालांकि वंâपनियों के बीच या बिजनेस टु बिजनेस के लिए ई-कामर्स उद्यम में १०० प्रतिशत एफडीआई की अनुमति है। यूनिकलो सहित अनेक जापानी वंâपनियां इस क्षेत्र में विदेशी निवेश नियमों में ढील देने की मांग कर रही है।