`इंटरनेट डेटा पैक’ बना कमाई का स्रोत, प्राइस वार पर टेलीकॉम कंपनियों में छिड़ी जंग


– स्पेक्ट्रम नीलामी के समय रखी गई थी नींव
मुंबई। स्मार्टफोन पर इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल के चलते वर्तमान में `इंटरनेट डेटा पैक’ से बड़े पैमाने पर होने वाली कमाई को देखते हुए कई टेलीकॉम वंâपनियां इस कमाई के हिस्से तक अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए प्राइसवार में वूâद गई हैं। वित्त वर्ष २०१४-१५ के दौरान एयरटेल, वोडाफोन, आइडिया के डाटा कारोबार में १०० फीसदी से ज्यादा हुए मुनापेâ को देखते हुए डाटा र्सिवस और डाटा चार्ज को लेकर वंâपनियों के बीच जंग छिड़ गई है। एक और इन वंâपनियों का कहना है कि वाइबर, स्काइप और वॉट्सएप के जरिए प्रâी कॉल र्सिवस उसने कारोबार को नुकसान पहुंचा रहे हैं। जबकि, इन्हीं एप्लीकेशंस की वजह से टेलीकॉम ऑपरेटर्स का इंटरनेट डाटा रेवेन्यू कलेक्शन तेजी से बढ़ा है। जिसके चलते वंâपनियों ने ‘इंटरनेट डेटा पैक’ को कमाई का नया स्रोत बना लिया है।
उल्लेखनीय है कि भारत में ८३ फीसदी इंटरनेट का इस्तेमाल फोन के जरिए हो रहा है। देश में दूरसंचार सेवा उद्योग १०० करोड़ कनेक्शनों के करीब पहुंच रहा है। ऐसे में अब उद्योग के लिए रेवेन्यू कलेक्शन का प्रमुख स्रोत इंटरनेट डेटा के रूप में उभरकर सामने आया है। हालांकि, २०१४ में इस तरह की सेवाओं के शुल्क में १०० फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। पीडब्ल्यूसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल ऑपरेटर्स के डेटा राजस्व में करीब १०० फीसदी का इजाफा हुआ। व्हाट्सएप व पेâसबुक जैसी ओवर द टॉप एाqप्लकेशंस की वजह से ऑपरेटर्स को फायदा हुआ। २०१४-१५ के दौरान एयरटेल के मोबाइल डेटा ट्रैफिक में ९४.६ फीसदी का इजाफा हुआ और उसके कुल राजस्व में इसकी हिस्सेदारी ११.१ फीसदी रही। वित्त वर्ष १५ में एयरटेल का डेटा रेवेन्यू ७५ फीसदी बढ़ा है। इसी अवधि में आइडिया सेल्युलर के मोबाइल डेटा में १२५ फीसदी का इजाफा हुआ। जबकि समान अवधि की पहली छमाही में वोडाफोन का डेटा राजस्व २,५५२.५ करोड़ रुपए रहा।
नेट न्यूट्रिलिटी और `इंटरनेट डेटा पैक’ पर छिड़ी बहस के बीच बाजार के विशेषज्ञों का कहना है कि टेलीकॉम ऑपरेटर्स सोशल ऐप के इस्तेमाल पर भी शुल्क वसूली करना चाहते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि स्पेक्ट्रम नीलामी के दौरान एयरटेल, रिलायंस कम्युनिकेशन, आइडिया और इस क्षेत्र में हाल ही कदम रखने वाली रिलायंस जियो इंफोकॉम ने ८०० और १८०० मेगाहट्र्ज के लिए जिस आक्रमक तरीके से १३ र्सिकल में स्पेक्ट्रम खरीदे थे ये आने वाले समय में डेटा के क्षेत्र में प्राइस वार की नींव तैयार करेगी।